aashiqrabdaa
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मकसद।भलि गल्लां नाल जोडन दा जे भाईकिसी बोडी नालन्ई
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 वाहेगुरु जी। वाहेगुरु (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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01:07
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं, बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं। बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:59
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
00:56
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 ॐ नमः शिवाय। शिवाय (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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01:28
ओम शांति। ओम (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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00:57
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 ऊँ हनुमते नमः हनुमते (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:55
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 टेक:- रहिंदा प्रीतम दस्स कदे-केहड़ी शान विच तूं। हिंदू याद करदे तैनूं मुस्लमान विच्च तूं ।। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
01:00
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
00:57
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 0 661-680 रूहानी सवाल जवाब प्र. ६६१ देश-विदेश में जगह जगह आश्रम बनाने के पीछे क्या कारण हैं? उत्तरजीवोंद्धार, नशा छुड़वाना, बुराईयां छुड़वाना, बीमारियां दूर करना व प्रभु से जोड़ना। धर्म जैसे दलाई लामा से क्यों স 662 সাণ মুসই नहीं मिलते? उत्तरहमें किसी से भी मिलने में परहेज नहीं। प्र. ६६३ क्या आप विरक्त संत हैं? उत्तरसतगुरू जी ने घर-गृहस्थी में ही संत बनाया। प्र॰ ६६४ क्या आपको आपके गुरु कोई विशेष दिशा-निर्देश देकर गए थे? उत्तररामन्नाम व इंसानियत का प्रचार करना। प्र. ६६५ ऐसी क्या खास बात है कि आपने अपने छोटे से गांव में दो विद्यालय , महाविद्यालय और विश्वास अस्पताल बनाए? क्या यह ग्रामीणों का जीतने के लिए है? उत्तरयह इलाका पिछड़ा था व साध-संगत का ख्याल भी था। డి 0 661-680 रूहानी सवाल जवाब प्र. ६६१ देश-विदेश में जगह जगह आश्रम बनाने के पीछे क्या कारण हैं? उत्तरजीवोंद्धार, नशा छुड़वाना, बुराईयां छुड़वाना, बीमारियां दूर करना व प्रभु से जोड़ना। धर्म जैसे दलाई लामा से क्यों স 662 সাণ মুসই नहीं मिलते? उत्तरहमें किसी से भी मिलने में परहेज नहीं। प्र. ६६३ क्या आप विरक्त संत हैं? उत्तरसतगुरू जी ने घर-गृहस्थी में ही संत बनाया। प्र॰ ६६४ क्या आपको आपके गुरु कोई विशेष दिशा-निर्देश देकर गए थे? उत्तररामन्नाम व इंसानियत का प्रचार करना। प्र. ६६५ ऐसी क्या खास बात है कि आपने अपने छोटे से गांव में दो विद्यालय , महाविद्यालय और विश्वास अस्पताल बनाए? क्या यह ग्रामीणों का जीतने के लिए है? उत्तरयह इलाका पिछड़ा था व साध-संगत का ख्याल भी था। డి - ShareChat