aashiqrabdaa
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मकसद।भलि गल्लां नाल जोडन दा जे भाईकिसी बोडी नालन्ई
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 67% 7:31 00 ೧ 81-100 रूहानी सवाल जवाब प्र.॰ १०० चौरासी लाख की थ्यौरी का सबूत है? किसी धर्म में इसकी पूरी I तरह से लिस्ट भी नहीं लिखी? उत्तर आप जंगलात में जाइए व समाज में रहते धरती पर लाखों जूनें देख सकते हैं। ೯ ಿ ೯ : - वनस्पति ३० लाख प्रकार की 5 वनस्पति की जूनियां कीड़े-मकौड़े २७ लाख प्रकार की कीड़े मकौड़े की जूनियां १४ लाख प्रकार के पक्षियों पशु-पक्षी F की जूनियां १ लाख प्रकार की पानी के qa 7 जीवों की जूनियां ४ लाख प्रकार के आदमी, किन्नर, &, Td, आदि। भूत-प्रेत Al 0 67% 7:31 00 ೧ 81-100 रूहानी सवाल जवाब प्र.॰ १०० चौरासी लाख की थ्यौरी का सबूत है? किसी धर्म में इसकी पूरी I तरह से लिस्ट भी नहीं लिखी? उत्तर आप जंगलात में जाइए व समाज में रहते धरती पर लाखों जूनें देख सकते हैं। ೯ ಿ ೯ : - वनस्पति ३० लाख प्रकार की 5 वनस्पति की जूनियां कीड़े-मकौड़े २७ लाख प्रकार की कीड़े मकौड़े की जूनियां १४ लाख प्रकार के पक्षियों पशु-पक्षी F की जूनियां १ लाख प्रकार की पानी के qa 7 जीवों की जूनियां ४ लाख प्रकार के आदमी, किन्नर, &, Td, आदि। भूत-प्रेत Al 0 - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
00:56
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - মালিক কর নাম মী' 8 छुपी तमाम बरकतें : पूज्य गुरु जी सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु अनमोल वचन गुरमीत राम रहोम सिंह  মন ভাঁ जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक के नाम में तमाम   खुशियां बरकतें हैं । सच्ची भावना सेजो मालिक का नाम लिया करते हैं॰ उन्हें अंदर-बाहर किसी भी॰ चीज की कोई कमी नहीं रहती। जे प्रभु का नाम ऐसी शक्ति है, आगे बढ़ता है और बुरे कर्म  s41 ೯ जन्मों जन्मों चला जाता है। लोग करता पापन्कर्म काट देती है।जो भी॰ ठग्गी मारते हैं॰ बेइमानी करते लोग प्रभु का नाम लेते हैं, उनके हैं,   दूसरों  का हक मारकर अंदर  की दर्द 3 गम खाते हैं, चोरी निंदा-चुगली चिंता,   परेशानियां खत्म होती करते हैं , इस बुराई के युग में पहाड़़   जैसे हैं, आने   वाले ये सब चलता है और जो लोग भयानक रोग और पाप-्कर्म इन बुराइयों से जुड़े होते हैं॰ কাানান   কষী रहते   हैं। वो कटकर इन्सान अति दुःखी বমো-সঙ্য ক কানিল লননা इसलिए इन्सान को मेहनत, चला जाता है। इसलिए प्रभु के हक-हलाल की॰ रोजी- रोटी नाम को कभी न छोड़ो, सुमिरन खानी चाहिए और परमात्मा करते रहो।ये घोर कलियुग है ক नाम কনো का जाप मन इद्रियां बड़े फैलाव में हैं। चाहिए। इससे उस कमाई में मन-इद्रियां जब जीव पर हावी  बरकत पड़ेगी, थोड़े से पैसे हो जाती हैं तो कोई गुरु, पीर- ही बहुत ज्यादा पैसों का काम  फकीर अच्छा   नहीं मे 3 लगता | करेंगे अतःकरण बुरे कर्म करता हुआ शांति बनी रहेगी। इन्सान মালিক কর নাম মী' 8 छुपी तमाम बरकतें : पूज्य गुरु जी सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु अनमोल वचन गुरमीत राम रहोम सिंह  মন ভাঁ जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक के नाम में तमाम   खुशियां बरकतें हैं । सच्ची भावना सेजो मालिक का नाम लिया करते हैं॰ उन्हें अंदर-बाहर किसी भी॰ चीज की कोई कमी नहीं रहती। जे प्रभु का नाम ऐसी शक्ति है, आगे बढ़ता है और बुरे कर्म  s41 ೯ जन्मों जन्मों चला जाता है। लोग करता पापन्कर्म काट देती है।जो भी॰ ठग्गी मारते हैं॰ बेइमानी करते लोग प्रभु का नाम लेते हैं, उनके हैं,   दूसरों  का हक मारकर अंदर  की दर्द 3 गम खाते हैं, चोरी निंदा-चुगली चिंता,   परेशानियां खत्म होती करते हैं , इस बुराई के युग में पहाड़़   जैसे हैं, आने   वाले ये सब चलता है और जो लोग भयानक रोग और पाप-्कर्म इन बुराइयों से जुड़े होते हैं॰ কাানান   কষী रहते   हैं। वो कटकर इन्सान अति दुःखी বমো-সঙ্য ক কানিল লননা इसलिए इन्सान को मेहनत, चला जाता है। इसलिए प्रभु के हक-हलाल की॰ रोजी- रोटी नाम को कभी न छोड़ो, सुमिरन खानी चाहिए और परमात्मा करते रहो।ये घोर कलियुग है ক नाम কনো का जाप मन इद्रियां बड़े फैलाव में हैं। चाहिए। इससे उस कमाई में मन-इद्रियां जब जीव पर हावी  बरकत पड़ेगी, थोड़े से पैसे हो जाती हैं तो कोई गुरु, पीर- ही बहुत ज्यादा पैसों का काम  फकीर अच्छा   नहीं मे 3 लगता | करेंगे अतःकरण बुरे कर्म करता हुआ शांति बनी रहेगी। इन्सान - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धर आवे मेरा गुरू प्यारा। मेरी जिन्द नूं उसे दा सहारा।
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00:57
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 किते बोल वे झलेया कावां । मेरे गुरू ने कद धर आवना।
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00:50
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 ॐ साई राम। साईराम (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:40
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:57
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 7:31 00 6% ೧ 81-100 रूहानी सवाल जवाब प्र. १३ भक्ति का कौन-सा साधन श्रेष्ठ है और क्यों? नाम का सुमिरन क्योंकि इसमें कुछ देना नहीं पड़ता তনয और न ही कोई कष्ट उठाना पड़ता है। होते हुए भी इन्सान बार-बार गलती क्यों करता স 94 সান గే? उत्तर मन की वजह से। प्र. १५क्या सर्वधर्म को मानने से अपना धर्म खराब नहीं हो जाता? उत्तर नहीं, बल्कि अच्छा होता है। प्र. १६क्या बुरे आदमी की भी निंदा नहीं करनी चाहिए? बुराई से बचो। उत्तर नहीं, प्र. १७ परलोक है या नहीं , इसका क्या सबूत है? उत्तर जीते-जीअ आप देख सकते हैं सुमिरन के द्वारा। प्र. १८क्या अलग-्अलग जाति-वर्ण बनाना गलत नहीं था? g उत्तर कार्य के अनुसार वर्ण बने, लड़ने के  या नफरत के लिए नहीं| प्र. ११ जब आदमी कि किस्मत पहले से ही तय है तो मेहनत करने का क्या फायदा? उत्तर आदमी को अधिकार है कि वो ज्ञान योगी , कर्म योगी अपनी किस्मत बदल सकता है। TTr A 0 7:31 00 6% ೧ 81-100 रूहानी सवाल जवाब प्र. १३ भक्ति का कौन-सा साधन श्रेष्ठ है और क्यों? नाम का सुमिरन क्योंकि इसमें कुछ देना नहीं पड़ता তনয और न ही कोई कष्ट उठाना पड़ता है। होते हुए भी इन्सान बार-बार गलती क्यों करता স 94 সান గే? उत्तर मन की वजह से। प्र. १५क्या सर्वधर्म को मानने से अपना धर्म खराब नहीं हो जाता? उत्तर नहीं, बल्कि अच्छा होता है। प्र. १६क्या बुरे आदमी की भी निंदा नहीं करनी चाहिए? बुराई से बचो। उत्तर नहीं, प्र. १७ परलोक है या नहीं , इसका क्या सबूत है? उत्तर जीते-जीअ आप देख सकते हैं सुमिरन के द्वारा। प्र. १८क्या अलग-्अलग जाति-वर्ण बनाना गलत नहीं था? g उत्तर कार्य के अनुसार वर्ण बने, लड़ने के  या नफरत के लिए नहीं| प्र. ११ जब आदमी कि किस्मत पहले से ही तय है तो मेहनत करने का क्या फायदा? उत्तर आदमी को अधिकार है कि वो ज्ञान योगी , कर्म योगी अपनी किस्मत बदल सकता है। TTr A 0 - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 वाहेगुरु जी। वाहेगुरु (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
01:07
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं, बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। - ShareChat