aashiqrabdaa
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मकसद।भलि गल्लां नाल जोडन दा जे भाईकिसी बोडी नालन्ई
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 वाहेगुरु जी। वाहेगुरु (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
01:07
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं, बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 ओम शांति। ओम (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:58
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 ओम शांति। ओम (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:58
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
00:47
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 0 33% 12:56 4 0 41-60 रूहानी सवाल जवाब प्र॰ ४८ क्या सच्चे संत को छोड़कर अन्य संत काल के दायरे और उसके कहे अनुसार ही काम करते हैं? కెగౌ గTI प्र॰ ४१ संत महापुरुष तो महाविज्ञान (धर्म) के ज्ञाता होते हैं। उन्होंने ऐसा क्या खोजा कि लोगों को मूलभूत মিলী? सुविधा आज जो कुछ भी अच्छा बचा है, दुनिया 3 बची है, यह सब हमारे पूर्वज संत महापुरुषों की देन है। प्र. ५० संत को ग्लोबल वार्मिंग की चिंता क्यों? ग्लोबल वार्मिंग के कारण जल्दी विनाश हो और से जीवन समाप्त हो और रूहें प्रभु से जा पृथ्वी मिलें। संत ऐसा क्यों नहीं चाहते? उत्तर जब तक जीव आत्मा , प्रभु का नाम नहीं लेगी , प्रभु से नहीं मिलेगी , संत जीवोद्धार के লিৎ आते हैं वो जीवों को बीमारियों , गमों व चिन्ता में तड़पता नहीं देख सकते, उससे बचाने के लिए ग्लोबल वार्मिंग रोकते हैं। Al 0 0 33% 12:56 4 0 41-60 रूहानी सवाल जवाब प्र॰ ४८ क्या सच्चे संत को छोड़कर अन्य संत काल के दायरे और उसके कहे अनुसार ही काम करते हैं? కెగౌ గTI प्र॰ ४१ संत महापुरुष तो महाविज्ञान (धर्म) के ज्ञाता होते हैं। उन्होंने ऐसा क्या खोजा कि लोगों को मूलभूत মিলী? सुविधा आज जो कुछ भी अच्छा बचा है, दुनिया 3 बची है, यह सब हमारे पूर्वज संत महापुरुषों की देन है। प्र. ५० संत को ग्लोबल वार्मिंग की चिंता क्यों? ग्लोबल वार्मिंग के कारण जल्दी विनाश हो और से जीवन समाप्त हो और रूहें प्रभु से जा पृथ्वी मिलें। संत ऐसा क्यों नहीं चाहते? उत्तर जब तक जीव आत्मा , प्रभु का नाम नहीं लेगी , प्रभु से नहीं मिलेगी , संत जीवोद्धार के লিৎ आते हैं वो जीवों को बीमारियों , गमों व चिन्ता में तड़पता नहीं देख सकते, उससे बचाने के लिए ग्लोबल वार्मिंग रोकते हैं। Al 0 - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं। बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
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