aashiqrabdaa
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@393640616
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मकसद।भलि गल्लां नाल जोडन दा जे भाईकिसी बोडी नालन्ई
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 "ॐ श्री कृष्णाय नमः" श्री कृष्णाय (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:53
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 ॐ साई राम। साईराम (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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01:10
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 वाहेगुरु जी। वाहेगुरु (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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01:32
Playing from 0:00 https://open.spotify.com/episode/3tJA8Rbx1TPRX6lS4c7PP9?si=RsFb96z6Qd6Tr6FXjv4ZKw&context=spotify%3Ashow%3A7IGZYc1tHqoas2lk6kXNvS&t=0 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 10. सदा तेरी रहणी ना जवानी रंगली। जमदूत खिच्च लैण पा के संगली। देवें की ज़वाब जद लेखे मंगले। छड्ड जावें ... 11. सदा नहीं चरनी अंगूरी हरना। काल रूपी शेर ने तुसां नूं चरना। भज्जेंगा कित्थों दी पासे रुक्कजाणगे। कर लै भजन ...
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00:47
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 0 33% 12:57 4 0 41-60 रूहानी सवाल जवाब प्र॰ ५६ लोगों को आप इतना समझाते हैं इससे आप को क्या मिलता है? उत्तर प्रभु। प्र॰ ५७  हर धर्म ने अपने अपने मसीहा को ही सही और असली मसीहा बताया है आपका इसके बारे में क्या नजरिया है? उत्तर बिना गर्ज प्रभु से जोड़ने वाले सभी संत मसीहा सही हैं। में नफरत बढ़ने का दुनिया प्र॰ ५८क्या कारण धर्म नहीं है? उत्तर नहीं, अज्ञानता है। प्र॰ ५१ क्या आत्मा के पता लगने का कोई वैज्ञानिक तरीका है? उत्तर शायद नहीं| आप समलैंगिकता को गलत क्यों q 60 बताते है जबकि वैज्ञानिकों ने ऐसा नहीं कहा? धर्मानुसार यह गलत है और इसके उत्तर नतीजे भी गलत होंगे। A 0 0 33% 12:57 4 0 41-60 रूहानी सवाल जवाब प्र॰ ५६ लोगों को आप इतना समझाते हैं इससे आप को क्या मिलता है? उत्तर प्रभु। प्र॰ ५७  हर धर्म ने अपने अपने मसीहा को ही सही और असली मसीहा बताया है आपका इसके बारे में क्या नजरिया है? उत्तर बिना गर्ज प्रभु से जोड़ने वाले सभी संत मसीहा सही हैं। में नफरत बढ़ने का दुनिया प्र॰ ५८क्या कारण धर्म नहीं है? उत्तर नहीं, अज्ञानता है। प्र॰ ५१ क्या आत्मा के पता लगने का कोई वैज्ञानिक तरीका है? उत्तर शायद नहीं| आप समलैंगिकता को गलत क्यों q 60 बताते है जबकि वैज्ञानिकों ने ऐसा नहीं कहा? धर्मानुसार यह गलत है और इसके उत्तर नतीजे भी गलत होंगे। A 0 - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:59
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - सुमिरन से कटते हैं बुरे कर्मः पूज्य गुरुजी पूज्य गुरु संत डॉ॰ गुरमीत राम अनमोल वचन रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि भगवान ने सब जीवों में को   बिल्कुल  मनुष्य अलग है। इसके अंदर जितना ননাযা दिमाग , सोचने समझने की शक्ति है किसीो और प्राणी में नरहीं। आत्मा को मनुष्य जन्म भगवान को पाने के लिए॰ आत्मा को चाहिए आवागमन से आजाद करवाने बल्कि करना 5 के लिए मिला। मनुष्य शरीर में से बुराइयों अपन-आपका चाहिए। 3T =பH 4IH बचाना chl पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि॰ নাস ল भक्ति इबादत  प्रभु को फकीरों के बचनों पर चलना करे तो बहत से भयानक कर्म बड़ा मुश्किल भी है, क्योंकि कट जाते हें। इन्सान सफलता मन बडे रोडे अटकाता   है। की सीढ़ियां चढ़ता चला जाता ऐसे ऐसे लोग जो भक्ति में लगे है। सफलता इन्सान के कदम रहते हैं॰ बड़े भक्त लगते थे ಞಾಸೆ ಕ लेकिन यह   तभी लेकिन जब मन दांव चलाता है संभव है अगर इन्सान सत्संग में तो भक्ति धरी धराई रह जाती आकर अमल कर। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि॰ है । क्योंकि निंदा- चुगली, व्यर्थ फिजूल की बातें इन्सान को निंदा, टांग इन्सान को चुगली, कहीं का नहीं छोड़ती| ऐसा जो खिंचाई , किसी का बुरा सोचने करते हैं वो कभी भी रूहानियत  या बुरा करने में समय बर्बाद में मालिक, सतगुरु की दया- नहीं चाहिए। करना काम मेहर के काबिल नहीं बन पाते। मोह लोभ H বাঘ तो मन से लड़ो और सेवा- अहंकार , मन-्माया में पड़कर तबाह   नहों मनुष्य जन्म को सुमिरन करो। सुमिरन से कटते हैं बुरे कर्मः पूज्य गुरुजी पूज्य गुरु संत डॉ॰ गुरमीत राम अनमोल वचन रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि भगवान ने सब जीवों में को   बिल्कुल  मनुष्य अलग है। इसके अंदर जितना ননাযা दिमाग , सोचने समझने की शक्ति है किसीो और प्राणी में नरहीं। आत्मा को मनुष्य जन्म भगवान को पाने के लिए॰ आत्मा को चाहिए आवागमन से आजाद करवाने बल्कि करना 5 के लिए मिला। मनुष्य शरीर में से बुराइयों अपन-आपका चाहिए। 3T =பH 4IH बचाना chl पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि॰ নাস ল भक्ति इबादत  प्रभु को फकीरों के बचनों पर चलना करे तो बहत से भयानक कर्म बड़ा मुश्किल भी है, क्योंकि कट जाते हें। इन्सान सफलता मन बडे रोडे अटकाता   है। की सीढ़ियां चढ़ता चला जाता ऐसे ऐसे लोग जो भक्ति में लगे है। सफलता इन्सान के कदम रहते हैं॰ बड़े भक्त लगते थे ಞಾಸೆ ಕ लेकिन यह   तभी लेकिन जब मन दांव चलाता है संभव है अगर इन्सान सत्संग में तो भक्ति धरी धराई रह जाती आकर अमल कर। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि॰ है । क्योंकि निंदा- चुगली, व्यर्थ फिजूल की बातें इन्सान को निंदा, टांग इन्सान को चुगली, कहीं का नहीं छोड़ती| ऐसा जो खिंचाई , किसी का बुरा सोचने करते हैं वो कभी भी रूहानियत  या बुरा करने में समय बर्बाद में मालिक, सतगुरु की दया- नहीं चाहिए। करना काम मेहर के काबिल नहीं बन पाते। मोह लोभ H বাঘ तो मन से लड़ो और सेवा- अहंकार , मन-्माया में पड़कर तबाह   नहों मनुष्य जन्म को सुमिरन करो। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 वाहेगुरु जी। वाहेगुरु (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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01:07
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं, बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। - ShareChat