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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - कभी पुजारीवर्ग दलित समाज को देवी देवताओ से डराता था अगर ऐसा करोगे तो देवी नाराज होे जायेगी गांव का देवता नाराज हो जायेगा बड़ा ही अनिष्ट हो जायेगा सूखा पड़ जायेगी बाड़ आ जायेगी आग लग जायेगी तुम्हारा लड़का मर जायेगा बीमार हो जायेगा नाराज करके गलती की है इन्हें शांत करनें के নুসন लिये ये पूजा करनी होगी दान देना होगा सेवा करनी होगी यज्ञ करना होगा परंतु बाबासाहब डा.भीमराव अंबेडकर जी नें दलित समाज के जहन से सारा डर एक झटके में निकाल दिया। आज वो इन देवी देवताओं से बिल्कुल नही डरता है। लेकिन एक आश्चर्य लगती है कि जो को डराकर दूसरों gst जनक बात अपना जीवनयापन करते थे वो स्वंम कभी पुजारीवर्ग दलित समाज को देवी देवताओ से डराता था अगर ऐसा करोगे तो देवी नाराज होे जायेगी गांव का देवता नाराज हो जायेगा बड़ा ही अनिष्ट हो जायेगा सूखा पड़ जायेगी बाड़ आ जायेगी आग लग जायेगी तुम्हारा लड़का मर जायेगा बीमार हो जायेगा नाराज करके गलती की है इन्हें शांत करनें के নুসন लिये ये पूजा करनी होगी दान देना होगा सेवा करनी होगी यज्ञ करना होगा परंतु बाबासाहब डा.भीमराव अंबेडकर जी नें दलित समाज के जहन से सारा डर एक झटके में निकाल दिया। आज वो इन देवी देवताओं से बिल्कुल नही डरता है। लेकिन एक आश्चर्य लगती है कि जो को डराकर दूसरों gst जनक बात अपना जीवनयापन करते थे वो स्वंम - ShareChat
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - कटा हुआ प्याज (Onion ) १० मिनट बाद ही 'चुंबक' बन मौजूद जाता है! यह हवा में सारे बैक्टीरिया और वायरस को अपने अंदर सोख लेता है। अगर प्याज काट दिया है तो तुरंत पकाएं या खाएं, बासी प्याज बीमारी का घर है! कटा हुआ प्याज (Onion ) १० मिनट बाद ही 'चुंबक' बन मौजूद जाता है! यह हवा में सारे बैक्टीरिया और वायरस को अपने अंदर सोख लेता है। अगर प्याज काट दिया है तो तुरंत पकाएं या खाएं, बासी प्याज बीमारी का घर है! - ShareChat
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - मरने वाले के लिए रोने वाले हज़ार मिल जायेंगे , मगर जो ज़िंदा है 3 समझने वाला एक भी नहीं मिलता..! 3il9i F मरने वाले के लिए रोने वाले हज़ार मिल जायेंगे , मगर जो ज़िंदा है 3 समझने वाला एक भी नहीं मिलता..! 3il9i F - ShareChat
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - '1 राष्ट्रपिता ज्योतिबा फूले एवं भारत की प्रथम शिक्षिका माता सावित्री बाई फूले '1 राष्ट्रपिता ज्योतिबा फूले एवं भारत की प्रथम शिक्षिका माता सावित्री बाई फूले - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #❤️जीवन की सीख
🙏गुरु महिमा😇 - शेरबनी ಆರ್ತಣg यही है बाबासाहेब की असली सीख। शेरबनी ಆರ್ತಣg यही है बाबासाहेब की असली सीख। - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - जय 4x संविधान जय 4x संविधान - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #🙏गुरु महिमा😇
🌞 Good Morning🌞 - धम्म प्रभत जैसे पक्षी निर्भय होकर उड़ते हैं, वैसे ही मनुष्य को आसक्ति छोड़कर स्वतंत्र मन से जीना सीखना चाहिए। @vaastviktathy सबका कुशल हो। धम्म प्रभत जैसे पक्षी निर्भय होकर उड़ते हैं, वैसे ही मनुष्य को आसक्ति छोड़कर स्वतंत्र मन से जीना सीखना चाहिए। @vaastviktathy सबका कुशल हो। - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - good Morning 4 good Morning 4 - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #🙏गुरु महिमा😇
❤️जीवन की सीख - संत रविदास का जीवन परिचय संत रविदास  +04 गुरु रविदास जी পুবা নাস रेटास  3uam = गोवर्चनपुरा (वाराणसी) সখোন  जन्म = १३७७ ई वाराणसी (उत्तर प्रदेश) जःपख्थयान [న]= 1528 కీ  याराणसी  मृत्युस्थान  এিনা सतोरय दास "  कलसा देवी IHl  న शिप्या < मीरावई  निर्गुण बह्या की Mfh = লানি = বসায (আাবে) १ फ़रवरी २०२६ | रविदास जयंती  लोना देवी पत्नी న  हार्दिक शुभकामनाएँ -=1 येटा = यिजय टासजी गुर = रामानद ओर कवीर साहेद  दार्शनिक, समाज सुधारक॰ मोची ओर भगवान " पेशा = মন भाषाशेली = अवधी, राजस्थानी, खड़ीतोती उ्दू फारसी  समकालीन - झवीरदास फे समकालीन भापाशेली = अवधी, राजस्थानी खहीवोली उर्दू॰ फारसी  सामान्यपरिचय संत रविदास के जन्म के वियपरमे विभिन्न भांतिया हे। fazn रुनका जन्म १३७७ ्॰ तथा कुण १३८८ ईः तथा कुण विद्वान  ச १३९८ २. मानते हे। रेदास ने साथु संर्तों की संगनति से पर्याप्त व्यवहारिक   निर्गुण संप्रदाय के बढ्नत प्रसिद्ध संत तथा कबीर  ज्ञान प्राप्त किया था।ये के समकालीन थे। रविदास की बाणी भक्तिकी सच्ची भावना समाज के च्यापक रितकारी तथा मानय प्रेम से ओतःप्रोत थी। मूर्तिपूजा, तीर्थपात्रा  fরিeকe  जेसे दिखार्या में रथिदास का भी थिश्वास न था। यह य्यक्ति की आतरिक भायनाओं ओरआप्सी भाईचारे को ठी सच्चा वर्म मानते थे। रेदास ने अपनी काय्य रचना मे सरत च्ययहारिक भावा का प्रचोग किया ह। रेदास को उप्मा ओररूपक अलकार यिशेव प्रिय रहे ६। सीधे॰ सादे 184u fq' এeী ম মন ২রূ১ি के भावयड़ी सफा्ई से प्रकट ह। @Ambedkareducationstudy संत रविदास का जीवन परिचय संत रविदास  +04 गुरु रविदास जी পুবা নাস रेटास  3uam = गोवर्चनपुरा (वाराणसी) সখোন  जन्म = १३७७ ई वाराणसी (उत्तर प्रदेश) जःपख्थयान [న]= 1528 కీ  याराणसी  मृत्युस्थान  এিনা सतोरय दास "  कलसा देवी IHl  న शिप्या < मीरावई  निर्गुण बह्या की Mfh = লানি = বসায (আাবে) १ फ़रवरी २०२६ | रविदास जयंती  लोना देवी पत्नी న  हार्दिक शुभकामनाएँ -=1 येटा = यिजय टासजी गुर = रामानद ओर कवीर साहेद  दार्शनिक, समाज सुधारक॰ मोची ओर भगवान " पेशा = মন भाषाशेली = अवधी, राजस्थानी, खड़ीतोती उ्दू फारसी  समकालीन - झवीरदास फे समकालीन भापाशेली = अवधी, राजस्थानी खहीवोली उर्दू॰ फारसी  सामान्यपरिचय संत रविदास के जन्म के वियपरमे विभिन्न भांतिया हे। fazn रुनका जन्म १३७७ ्॰ तथा कुण १३८८ ईः तथा कुण विद्वान  ச १३९८ २. मानते हे। रेदास ने साथु संर्तों की संगनति से पर्याप्त व्यवहारिक   निर्गुण संप्रदाय के बढ्नत प्रसिद्ध संत तथा कबीर  ज्ञान प्राप्त किया था।ये के समकालीन थे। रविदास की बाणी भक्तिकी सच्ची भावना समाज के च्यापक रितकारी तथा मानय प्रेम से ओतःप्रोत थी। मूर्तिपूजा, तीर्थपात्रा  fরিeকe  जेसे दिखार्या में रथिदास का भी थिश्वास न था। यह य्यक्ति की आतरिक भायनाओं ओरआप्सी भाईचारे को ठी सच्चा वर्म मानते थे। रेदास ने अपनी काय्य रचना मे सरत च्ययहारिक भावा का प्रचोग किया ह। रेदास को उप्मा ओररूपक अलकार यिशेव प्रिय रहे ६। सीधे॰ सादे 184u fq' এeী ম মন ২রূ১ি के भावयड़ी सफा्ई से प्रकट ह। @Ambedkareducationstudy - ShareChat
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - हम भी चाम के, तुम भी चाम के कौन चाम से न्यारा ? बिना चाम का कौन पुरुष है, जो दिखत परै संसारा !! हम भी चाम के, तुम भी चाम के कौन चाम से न्यारा ? बिना चाम का कौन पुरुष है, जो दिखत परै संसारा !! - ShareChat