Manvendra Kumar
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#🌼 मेरा बगीचा 🌸
🌼 मेरा बगीचा 🌸 - पल पल चढ़ता उपर नभ॰काला बादल कहीं न दिखता समस्या का कोई हल। हर झोंके से बढ़ता जाता है और गरल प्रति उत्तर से चढ़ता है और प्रतिगरल। ओझल कहीं खड़ी है महाविनाश भले अभी क्या निदान, युग विषपान ही,है अंतिम हल। LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI पल पल चढ़ता उपर नभ॰काला बादल कहीं न दिखता समस्या का कोई हल। हर झोंके से बढ़ता जाता है और गरल प्रति उत्तर से चढ़ता है और प्रतिगरल। ओझल कहीं खड़ी है महाविनाश भले अभी क्या निदान, युग विषपान ही,है अंतिम हल। LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI - ShareChat
#🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🎄हरे पेड़ #🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - आशाओं के कोण वृत पर ढूढ़ रहा हूँ नाच रहा परीधि पर सदियों से घुम रहा हूँ। आशाओं के कोण वृत पर ढूढ़ रहा हूँ नाच रहा परीधि पर सदियों से घुम रहा हूँ। - ShareChat
#😇 चाणक्य नीति #🎄हरे पेड़ #🌼 मेरा बगीचा 🌸
😇 चाणक्य नीति - ಶಶ೯ अब उस विनाश ओर जा रही है जल मे उसी दमक की झलक आ रही है। पल पल भीषणतर उष्णता बढ़ी जा रही है बरस न पड़े पिण्ड उल्का दहक आ रही है। रोक इस महाविनाश को पहर आ रही है जल रही देश देश शहर शहर जा रही है। लपट अग्नि दाह की बढ़ती ही जा रही है शांति मूल्य कीमत सबको समझ आ रही है ಶಶ೯ अब उस विनाश ओर जा रही है जल मे उसी दमक की झलक आ रही है। पल पल भीषणतर उष्णता बढ़ी जा रही है बरस न पड़े पिण्ड उल्का दहक आ रही है। रोक इस महाविनाश को पहर आ रही है जल रही देश देश शहर शहर जा रही है। लपट अग्नि दाह की बढ़ती ही जा रही है शांति मूल्य कीमत सबको समझ आ रही है - ShareChat
#😇 चाणक्य नीति #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🎄हरे पेड़
😇 चाणक्य नीति - #8, आजकल हम लहरों - H6RI लेकिन हम तो समंदर किनारों में हैं। लोगों को लगा कि हम डूब जाएँगे , देखा नहीं, कि हम चाँद तारों में हैं। #8, आजकल हम लहरों - H6RI लेकिन हम तो समंदर किनारों में हैं। लोगों को लगा कि हम डूब जाएँगे , देखा नहीं, कि हम चाँद तारों में हैं। - ShareChat
#😇 चाणक्य नीति #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🎄हरे पेड़
😇 चाणक्य नीति - लगता है कि,हम बिखराव के दौर में है पर्वत पानी बर्फ सब आग के दौर में है। क्या बंधन था,लगता था गाँव के जैसा आज हर कबीला टकराव के दौर में है। पाँच जने आते थे,एक सरपंच हुआ करता था जो खींची लकीरें लगता था छाँव के दौर में है। कौन सुने किसकी कहने वाला भी नहीं रहा सबको अपनी अपनी, अलगाव के दौर में हैं। LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI लगता है कि,हम बिखराव के दौर में है पर्वत पानी बर्फ सब आग के दौर में है। क्या बंधन था,लगता था गाँव के जैसा आज हर कबीला टकराव के दौर में है। पाँच जने आते थे,एक सरपंच हुआ करता था जो खींची लकीरें लगता था छाँव के दौर में है। कौन सुने किसकी कहने वाला भी नहीं रहा सबको अपनी अपनी, अलगाव के दौर में हैं। LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI - ShareChat
#🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🎄हरे पेड़
🌼 मेरा बगीचा 🌸 - बिना चल सकती है दुनियाँ 5R जमी बर्फ चोटी से पिघल सकती है। हुआ क्या मुख्यधारा जो सूखी नदी नयी तो निकल सकती है। कितना धमंड इन लहरों में देखो किनारो पर चढ़ी उतर सकती है। वैशाखी बिन चल सकती है dr आगे भी निकल सकती है। तुमसे ये उबलना या कपकपी जो भी हो कोई हवा कितनी देर चल सकती है। बिना चल सकती है दुनियाँ 5R जमी बर्फ चोटी से पिघल सकती है। हुआ क्या मुख्यधारा जो सूखी नदी नयी तो निकल सकती है। कितना धमंड इन लहरों में देखो किनारो पर चढ़ी उतर सकती है। वैशाखी बिन चल सकती है dr आगे भी निकल सकती है। तुमसे ये उबलना या कपकपी जो भी हो कोई हवा कितनी देर चल सकती है। - ShareChat
#🌼 मेरा बगीचा 🌸 #😇 चाणक्य नीति #🎄हरे पेड़
🌼 मेरा बगीचा 🌸 - तुम्हारा मिजाज है एकदम बच्चों की तरह चाहिए हर देश 34} एक खिलौने की तरह। मरती रहे शांति पैरों तले उबल आये नोबेल की तरह कहीं हलचल समुद्र में खदोरे प्रस्तर लहर की तरह। भीत पर खड़ी महल है रेत की तरह ढ़हती ये कोहराम मचा है जंगल की आग की तरह। तुम्हारा मिजाज है एकदम बच्चों की तरह चाहिए हर देश 34} एक खिलौने की तरह। मरती रहे शांति पैरों तले उबल आये नोबेल की तरह कहीं हलचल समुद्र में खदोरे प्रस्तर लहर की तरह। भीत पर खड़ी महल है रेत की तरह ढ़हती ये कोहराम मचा है जंगल की आग की तरह। - ShareChat
#🎄हरे पेड़ #😇 चाणक्य नीति
🎄हरे पेड़ - किसी को हरित भूमि किसी को गेहूँ कटोरा चाहिए किसी को सिल्क वन हमको कटे दोनों बाजू चाहिए। उसी का दिन उसी वार उसे युद्धरत संसार चाहिए झोँक को आग दुनियाँ बिके रथियार नरसंहार चाहिए। अबती अति हुग बहुत बड़ा क्षति हुः्षा समस्त शूखडशरधस उठी हलचल डोल गयीःघरा इस बढ रही विद्रूपता का अब तो उपचार चाहिए। किसी को हरित भूमि किसी को गेहूँ कटोरा चाहिए किसी को सिल्क वन हमको कटे दोनों बाजू चाहिए। उसी का दिन उसी वार उसे युद्धरत संसार चाहिए झोँक को आग दुनियाँ बिके रथियार नरसंहार चाहिए। अबती अति हुग बहुत बड़ा क्षति हुः्षा समस्त शूखडशरधस उठी हलचल डोल गयीःघरा इस बढ रही विद्रूपता का अब तो उपचार चाहिए। - ShareChat
#🎄हरे पेड़ #नीला आसमान 🌌 #🌼 मेरा बगीचा 🌸
🎄हरे पेड़ - ये टैंक पनडुब्बी परमाणु बम से दुनियाँ का भारी नुकसान हुआ है। ये सब खोज प्रगति के लिए थी पर,धरती का अपमान हुआ है। मानव ने खोजी मानवता हित मानवता का अपमान हुआ है। जिस हाथ लगी जितनी तकनीकें वो इस धरती पर भगवान हुआ है। कहाँ लोक और उसका तंत्र खडा पुर्जा लहूलुहान हुआ है। पुर्जा ' दुनियाँ,एक गाँव बनाने वालों से शहर को बड़ा नुकसान हुआ है। ये टैंक पनडुब्बी परमाणु बम से दुनियाँ का भारी नुकसान हुआ है। ये सब खोज प्रगति के लिए थी पर,धरती का अपमान हुआ है। मानव ने खोजी मानवता हित मानवता का अपमान हुआ है। जिस हाथ लगी जितनी तकनीकें वो इस धरती पर भगवान हुआ है। कहाँ लोक और उसका तंत्र खडा पुर्जा लहूलुहान हुआ है। पुर्जा ' दुनियाँ,एक गाँव बनाने वालों से शहर को बड़ा नुकसान हुआ है। - ShareChat