Tiwari__sakshi__26
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#🌸❤️ “तुमसे मुझे न आलीशान मकान चाहिए, न कोई बड़ी गाड़ी चाहिए, न सोना-चांदी, न हीरे-जवाहरात चाहिए। मेरे हिस्से का सुकून तुम बस समेट लाना, और कभी-कभी मेरे लिए तुम कुछ फूल लेते आना। हाँ, एक बात और... मुझे समोसे वाली चाट बहुत पसंद है 😁, तो आते वक्त मेरे लिए वो भी लेते आना। तुम मुझे अपना वक्त और अपनी वफादारी देना, हर सुख-दुख में मेरा साथ निभाना। एक पिता की तरह तुम मेरा ख्याल रखना, और एक दोस्त की तरह मेरी हर बात सुनना। लेते आना मेरे लिए तुम ढेर सारा प्यार, बस देना मुझे खुशियों से भरा एक प्यारा सा परिवार। करना सदा मेरे माँ-बाप का सम्मान, बस इतने से हैं मेरे अरमान। ❤️🌸🥰” #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - "तुमसे  न आलीशान मकान चाहिए, मुझे चाहिए, न कोई बड़ी गाडी न सोना चांदी, न हीरे ्जवाहरात चाहिए। मेरे हिस्से का सुकून तुम बस समेट लाना, लिए और कभी कभी मेरे तुम कुछ फूल लेते आना। हाँ, एक बात और... मुझे समोसे वाली चाट बहुत पसंद है, तो आते वक्त मेरे लिए वो भी लेते आना। तुम मुझे अपना वक्त और अपनी वफादारी देना, एक पिता की तरह तुम मेरा ख्याल रखना। मेरे लिए तुम ढेर सारा प्यार, लेते आना बस देना मुझे खुशियों से भरा एक प्यारा सा परिवार। करना सदा मेरे माँ-बाप का सम्मान, बस इतने से हैं मेरे अरमान। " Sakshi "तुमसे  न आलीशान मकान चाहिए, मुझे चाहिए, न कोई बड़ी गाडी न सोना चांदी, न हीरे ्जवाहरात चाहिए। मेरे हिस्से का सुकून तुम बस समेट लाना, लिए और कभी कभी मेरे तुम कुछ फूल लेते आना। हाँ, एक बात और... मुझे समोसे वाली चाट बहुत पसंद है, तो आते वक्त मेरे लिए वो भी लेते आना। तुम मुझे अपना वक्त और अपनी वफादारी देना, एक पिता की तरह तुम मेरा ख्याल रखना। मेरे लिए तुम ढेर सारा प्यार, लेते आना बस देना मुझे खुशियों से भरा एक प्यारा सा परिवार। करना सदा मेरे माँ-बाप का सम्मान, बस इतने से हैं मेरे अरमान। " Sakshi - ShareChat
#पेड़ों की शाखों से छनकर आई ये धूप, जैसे जिंदगी कह रही हो— हर अंधेरी रात के बाद एक खूबसूरत सुबह जरूर होती है। ☀️🍃 सड़कें खामोश हैं, मगर कहानियाँ बहुत कुछ कह रही हैं। कुछ सफर मंजिल तक पहुँचाते हैं, और कुछ खुद से मिला देते हैं। 🌿✨ धूप भी आज बड़ी नर्म सी लगी, हवा भी कोई पैगाम लाई है। शायद प्रकृति ने फिर याद दिलाया है कि सुकून दौड़ने में नहीं ठहरने में है। 🌳🤍 किसी का इंतज़ार हो या कोई अधूरा सपना, ये रास्ते सब जानते हैं। क्योंकि हर सुबह की धूप उम्मीद लेकर ही आती है। 🌅🍂 धूप पेड़ों से पूछ रही थी रास्ता, और मैं जिंदगी से... कि मंजिल कितनी दूर है अभी। #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - Prega News HARIUL "Prega News | VEDmns J   ت Prega News HARIUL "Prega News | VEDmns J   ت - ShareChat
#**"कभी-कभी सोचती हूँ, जब तुम मेरी ज़िंदगी में आओगे, तो शायद मैं बहुत कुछ न कह पाऊँ। क्योंकि कुछ एहसास शब्दों में नहीं, बस आँखों की खामोशी में समझे जाते हैं। मैं बस मुस्कुराकर तुम्हें देखूँगी और मन ही मन शुक्रिया कहूँगी— उस इंतज़ार के लिए, जिसने मुझे मजबूत बनाया। उस विश्वास के लिए, जिसने मुझे यकीन दिलाया कि हर सच्चा रिश्ता सही समय पर आता है। और फिर कहूँगी— शुक्रिया, मेरी अधूरी दुआओं का जवाब बनकर मेरी ज़िंदगी में आने के लिए।"** ❤️ #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - **"कभी-कभी सोचती हूँ, जब तुम मेरी ज़िंदगी में आओगे , तो शायद मैं बहुत कुछ न कह पाऊँ। क्योंकि कुछ एहसास शब्दों में नहीं, बस आँखों की खामोशी में समझे जाते हैं। मैं बस मुस्कुराकर तुम्हें देखूँगी और मन ही मन शुक्रिया ` कहूँगी - लिए उस इंतज़ार के जिसने मुझे मजबूत बनाया। लिए उस विश्वास के जिसने मुझे यकीन दिलाया कि हर सच्चा रिश्ता सही समय पर आता है। और फिर कहूँगी - शुक्रिया, मेरी अधूरी दुआओं का जवाब बनकर मेरी ज़िंदगी में आने के लिए।"** Sakshi **"कभी-कभी सोचती हूँ, जब तुम मेरी ज़िंदगी में आओगे , तो शायद मैं बहुत कुछ न कह पाऊँ। क्योंकि कुछ एहसास शब्दों में नहीं, बस आँखों की खामोशी में समझे जाते हैं। मैं बस मुस्कुराकर तुम्हें देखूँगी और मन ही मन शुक्रिया ` कहूँगी - लिए उस इंतज़ार के जिसने मुझे मजबूत बनाया। लिए उस विश्वास के जिसने मुझे यकीन दिलाया कि हर सच्चा रिश्ता सही समय पर आता है। और फिर कहूँगी - शुक्रिया, मेरी अधूरी दुआओं का जवाब बनकर मेरी ज़िंदगी में आने के लिए।"** Sakshi - ShareChat
#All boys are not dog 🐶 गलती पर दो नामर्दों की सब मर्द गालियां खाते हैं। इन 370 वालों के चक्कर में लड़के बदनाम हो जाते हैं। हर लड़का रावण नहीं होता कुछ लड़के राम भी होते हैं। कुछ कृष्ण सरीखे मर्द भी हैं जो राधा की खातिर रोते हैं। कुछ रांझा पत्थर खाकर भी हीर अपनी खो देते हैं। जो रखे मान एक नारी का वो ही मर्द कहा ते हैं। बिरयानी में स्त्री का मोल करे वो नामर्दों में आते हैं। कवि प्रशान्त शर्मा। #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - dog boys All are not गलती पर दो नामर्दों की सब मर्द गालियां खाते हैं। इन ३७० वालों के चक्कर में लड़के बदनाम हो जाते हैं। हर लड़का रावण नहीं होता कुछ लड़के राम भी होते हैं। कुछ कृष्ण सरीखे मर्द भी हैं जो राधा की खातिर रोते हैं। कुछ रांझा पत्थर खाकर भी हीर अपनी खो देते हैं। जो रखे मान एक नारी का वो ही मर्द कहा ते हैं। बिरयानी में स्त्री का मोल करे वो नामर्दों में आते हैं। कवि प्रशान्त शर्मा। dog boys All are not गलती पर दो नामर्दों की सब मर्द गालियां खाते हैं। इन ३७० वालों के चक्कर में लड़के बदनाम हो जाते हैं। हर लड़का रावण नहीं होता कुछ लड़के राम भी होते हैं। कुछ कृष्ण सरीखे मर्द भी हैं जो राधा की खातिर रोते हैं। कुछ रांझा पत्थर खाकर भी हीर अपनी खो देते हैं। जो रखे मान एक नारी का वो ही मर्द कहा ते हैं। बिरयानी में स्त्री का मोल करे वो नामर्दों में आते हैं। कवि प्रशान्त शर्मा। - ShareChat
#🌼🕉️ शुभ बृहस्पतिवार की हार्दिक शुभकामनाएँ 🕉️🌼 भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की कृपा आप पर सदैव बनी रहे। आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता का वास हो। हर चिंता दूर हो, हर मनोकामना पूर्ण हो, और आपके घर-परिवार में खुशियों का आगमन हो। 🙏 भगवान विष्णु से प्रार्थना है कि वे आपके जीवन को प्रेम, विश्वास और सौभाग्य से भर दें। 🙏 🌿 "नारायण की कृपा जिस पर होती है, उसके जीवन में कभी अभाव नहीं रहता।" 🌿 ✨ शुभ बृहस्पतिवार! जय श्री हरि विष्णु! ✨ #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
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#तुम अपने होने वाले पसंदीदा जीवनसाथी के लिए कुछ ऐसा लिख सकती हो: "मुझे नहीं पता तुम अभी कहाँ हो, कैसे हो, या मेरी दुनिया में कब आओगे... पर इतना ज़रूर जानती हूँ कि जब भी आओगे, मेरी ज़िंदगी की अधूरी कहानी पूरी हो जाएगी। शायद अभी हम अजनबी हैं, शायद तुम मुझे जानते भी नहीं, लेकिन दिल के किसी कोने में मैंने तुम्हारे लिए एक जगह संभाल कर रखी है। दुनिया में लाखों लोग होंगे, मगर मेरा इंतज़ार सिर्फ तुम्हारे लिए है। क्योंकि मुझे यकीन है कि मेरी किस्मत में जो लिखा है, वो एक दिन मुझे ज़रूर मिलेगा। जब तुम मेरी ज़िंदगी में आओगे, तो शायद तुम्हें एहसास हो कि कोई था जो तुम्हारे आने से पहले भी तुम्हारी खुशी की दुआ करता था। मैं तुम्हें किसी मिसाल में नहीं बाँधना चाहती, बस इतना चाहती हूँ कि तुम वैसे ही रहना जैसे हो, क्योंकि मेरे लिए तुम्हारा होना ही सबसे खूबसूरत बात होगी। और जिस दिन तुम ये पढ़ोगे, उम्मीद है तुम्हारे चेहरे पर एक मुस्कान होगी, क्योंकि ये शब्द उसी इंसान के लिए लिखे गए हैं, जिसे मैंने देखा नहीं, पर दिल से अपना मान लिया है..."** — साक्षी 🌸 #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - "मुझे नहीं पता तुम अभी कहाँ हो, कैसे हो, या मेरी दुनिया में कब आओगे. पर इतना जरूर जानती हूँ कि जब भी आओगे , मेरी ज़िंदगी की अधूरी कहानी पूरी हो जाएगी। शायद अभी हम अजनबी हैं, शायद तुम मुझे जानते भी नहीं, लेकिन दिल के किसी लिए कोने में मैंने तुम्हारे  एक जगह संभाल कर रखी है। दुनिया में लाखों लोग होंगे , मगर मेरा लिए इंतज़ार सिर्फ तुम्हारे | है। क्योंकि मुझे यकीन है कि मेरी किस्मत में जो लिखा है, वो एक दिन मुझे ज़रूर मिलेगा। जब तुम मेरी ज़िंदगी में आओगे , तो शायद तुम्हें एहसास हो कि कोई था जो तुम्हारे आने से पहले भी तुम्हारी  की दुआ खुशी करता था। मैं तुम्हें किसी मिसाल में नहीं बाँधना ٨؟ चाहती , बस इतना चाहती तुम वैसे ही रहना जैसे हो, क्योंकि तुम्हारा होना ही सबसे खूबसूरत बात होगी। और जिस दिन तुम ये पढ़ोगे , उम्मीद है चेहरे पर एक मुस्कान होगी, 5R क्योंकि ये शब्द उसी इंसान के लिए लिखे गए हैं, जिसे मैंने देखा नहीं, पर दिल से अपना मान लिया है. साक्षी "मुझे नहीं पता तुम अभी कहाँ हो, कैसे हो, या मेरी दुनिया में कब आओगे. पर इतना जरूर जानती हूँ कि जब भी आओगे , मेरी ज़िंदगी की अधूरी कहानी पूरी हो जाएगी। शायद अभी हम अजनबी हैं, शायद तुम मुझे जानते भी नहीं, लेकिन दिल के किसी लिए कोने में मैंने तुम्हारे  एक जगह संभाल कर रखी है। दुनिया में लाखों लोग होंगे , मगर मेरा लिए इंतज़ार सिर्फ तुम्हारे | है। क्योंकि मुझे यकीन है कि मेरी किस्मत में जो लिखा है, वो एक दिन मुझे ज़रूर मिलेगा। जब तुम मेरी ज़िंदगी में आओगे , तो शायद तुम्हें एहसास हो कि कोई था जो तुम्हारे आने से पहले भी तुम्हारी  की दुआ खुशी करता था। मैं तुम्हें किसी मिसाल में नहीं बाँधना ٨؟ चाहती , बस इतना चाहती तुम वैसे ही रहना जैसे हो, क्योंकि तुम्हारा होना ही सबसे खूबसूरत बात होगी। और जिस दिन तुम ये पढ़ोगे , उम्मीद है चेहरे पर एक मुस्कान होगी, 5R क्योंकि ये शब्द उसी इंसान के लिए लिखे गए हैं, जिसे मैंने देखा नहीं, पर दिल से अपना मान लिया है. साक्षी - ShareChat
#कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी, उन तमाम ख़्वाहिशों को... जिन्हें जीना चाहा था मैंने, पर वक़्त ने इजाज़त ही ना दी। कुछ सपने थे, जो आँखों में ही रह गए, कुछ रास्ते थे, जो कदमों तक आकर मुड़ गए, मैं चाहती थी खुलकर आसमान छूना, पर ज़िम्मेदारियों के धागों में बंध कर रुक गई। मेरी भी ख़्वाहिश थी बेवजह मुस्कुराने की, बिना डरे, बेपरवाह उड़ जाने की, पर हर बार खुद को ही समझा लिया मैंने, और दिल को चुप कराना सीख लिया मैंने। कभी लिखूँगी उस “मैं” को, जो कहीं भीड़ में खो गई है, जो हँसती तो है हर रोज़, पर अंदर से थोड़ी-सी रो गई है।# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी , उन तमाम ख़्वाहिशों को. जिन्हें जीना चाहा था मैंने, पर वक़्त ने इजाज़त ही ना दी। कुछ सपने थे, जो आँखों में ही रह गए, कुछ रास्ते थे, जो कदमों तक आकर मुड़ 10, मैं चाहती थी खुलकर आसमान छूना, पर ज़िम्मेदारियों के धागों में बंध कर रुक गई। मेरी भी ख़्वाहिश थी बेवजह मुस्कुराने की, बिना डरे, बेपरवाह उड़़ जाने की, पर हर बार खुद को ही समझा लिया मैंने , और दिल को चुप कराना सीख लिया मैंने। कभी लिखूँगी उस " मैं" को, जो कहीं भीड़ में खो गई है, जो हँसती तो है हर रोज़़, पर अंदर से थोड़ी सी रो गई है। कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी. अधूरी सी कहानी को, उस जो मेरी ही थी- पर मैं उसे पूरा जी ना सकी। Sakshi कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी , उन तमाम ख़्वाहिशों को. जिन्हें जीना चाहा था मैंने, पर वक़्त ने इजाज़त ही ना दी। कुछ सपने थे, जो आँखों में ही रह गए, कुछ रास्ते थे, जो कदमों तक आकर मुड़ 10, मैं चाहती थी खुलकर आसमान छूना, पर ज़िम्मेदारियों के धागों में बंध कर रुक गई। मेरी भी ख़्वाहिश थी बेवजह मुस्कुराने की, बिना डरे, बेपरवाह उड़़ जाने की, पर हर बार खुद को ही समझा लिया मैंने , और दिल को चुप कराना सीख लिया मैंने। कभी लिखूँगी उस " मैं" को, जो कहीं भीड़ में खो गई है, जो हँसती तो है हर रोज़़, पर अंदर से थोड़ी सी रो गई है। कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी. अधूरी सी कहानी को, उस जो मेरी ही थी- पर मैं उसे पूरा जी ना सकी। Sakshi - ShareChat
#बड़े होते-होते हम बहुत कुछ सीख लेते हैं... कम बोलना, ज़्यादा समझना, और हर बात पर दिल न लगाना। पर अजीब है, इन्हीं सब के बीच हम कहीं वो इंसान होना भूल जाते हैं, जो छोटी-छोटी बातों पर खुश हो जाता था। समझदार होते-होते, थोड़ा सा मासूम होना छूट जाता है... #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - बड़े होते होते हम बहुत कुछ सीख लेते हैं... कम बोलना, ज़्यादा समझना, और हर बात पर दिल न लगाना। पर अजीब है, इन्हीं सब के बीच हम कहीं वो इंसान होना भूल जाते हैं, जो छोटी छोटी बातों पर खुश हो जाता था। समझदार होते होते, थोड़ा सा मासूम होना छूट जाता है. Sakshi बड़े होते होते हम बहुत कुछ सीख लेते हैं... कम बोलना, ज़्यादा समझना, और हर बात पर दिल न लगाना। पर अजीब है, इन्हीं सब के बीच हम कहीं वो इंसान होना भूल जाते हैं, जो छोटी छोटी बातों पर खुश हो जाता था। समझदार होते होते, थोड़ा सा मासूम होना छूट जाता है. Sakshi - ShareChat
#🌼 सुप्रभात 🌼 आज बुधवार है, जो भगवान गणेश जी और बुध देव को समर्पित माना जाता है। 🙏 विघ्नहर्ता गणेश जी की कृपा से आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हों, बुद्धि, विवेक, सुख और समृद्धि का वास हो। ✨ बुधवार की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपका दिन खुशियों, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे। "गणेश जी का आशीर्वाद आपके हर कार्य को सफल बनाए, और आपके जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि लेकर आए।" 🌿 सुप्रभात! शुभ बुधवार! 🌿 — साक्षी 🌸# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
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#प्रिय स्त्री, तुम मर्द चुनना — जो अमीर हो। इतना अमीर कि तुम्हारी इज़्ज़त करना जाने, तुम्हारे मौन को भी समझे, और तुम्हारे रूठ जाने पर तुम्हें मनाना जाने। जो इतना अमीर हो कि तुम्हें समय देने में कभी कतराए नहीं। वो जो तुम्हारे गुणों और अवगुणों सहित तुम्हें अपनाने में हिचकिचाए नहीं। ना चुनना तुम वो जो कुछ रुपयों का हिसाब रखे, ना चुनना वो जो तुम्हें सिर्फ एक हास्य का विषय समझे। स्त्री, तुम मर्द अमीर चुनना — धन से नहीं, संस्कारों से। #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - प्रिय स्त्री, तुम मर्द चुनना जो अमीर हो। इतना अमीर कि तुम्हारी इज़्ज़त करना जाने , मौन को भी समझे, तुम्हारे और तुम्हारे रूठ जाने पर मनाना जाने। 5 जो इतना अमीर हो कि तुम्हें समय देने में कभी कतराए नहीं। वोजो और अवगुणों सहित गुणों 5R अपनाने में हिचकिचाए नहीं| 5 तुम वो TತTT जो कुछ रुपयों का हिसाब रखे, ना चुनना वो जो 3'8 सिर्फ एक हास्य का विषय समझे। स्त्री, तुम मर्द अमीर चुनना धन से नहीं, संस्कारों से। NS प्रिय स्त्री, तुम मर्द चुनना जो अमीर हो। इतना अमीर कि तुम्हारी इज़्ज़त करना जाने , मौन को भी समझे, तुम्हारे और तुम्हारे रूठ जाने पर मनाना जाने। 5 जो इतना अमीर हो कि तुम्हें समय देने में कभी कतराए नहीं। वोजो और अवगुणों सहित गुणों 5R अपनाने में हिचकिचाए नहीं| 5 तुम वो TತTT जो कुछ रुपयों का हिसाब रखे, ना चुनना वो जो 3'8 सिर्फ एक हास्य का विषय समझे। स्त्री, तुम मर्द अमीर चुनना धन से नहीं, संस्कारों से। NS - ShareChat