Tiwari__sakshi__26
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#जो हूँ, बस वही रहने की आदत है मुझे। अकेले रहना बुरा नहीं लगता, क्योंकि अपनी खामोशी में जो सुकून मिलता है, वो भीड़ में कभी नहीं मिलता।# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - मैं वैसी इंसान हूँ, जो ज़्यादा बोलती नहीं. बोलती हूँ॰ तो दिल से बोलती हूँ। पर जब मुझे दिखावा पसंद नहीं, F ना ही लोगों को खुश करने के बदलना आता है जो हूँ. बस वही रहने की आदत है मुझे। अकेले रहना बुरा नहीं लगता, क्योंकि अपनी खामोशी में जो सुकून मिलता 8 वो भीड़ में कभी नहीं मिलता। लिए मैं हर किसी के खास नही बनना चाहती, पर जो मेरेअपने हैं . लिए उनके हमेशा सच्ची रहना चाहती हूँ। शायद इसी वजह से लोग मुझे समझ नहीं पाते, लेकिन जो समझ लेते है॰. लिए उनके मैं कभी बदलती नहीं| Khamoshsakshi मैं वैसी इंसान हूँ, जो ज़्यादा बोलती नहीं. बोलती हूँ॰ तो दिल से बोलती हूँ। पर जब मुझे दिखावा पसंद नहीं, F ना ही लोगों को खुश करने के बदलना आता है जो हूँ. बस वही रहने की आदत है मुझे। अकेले रहना बुरा नहीं लगता, क्योंकि अपनी खामोशी में जो सुकून मिलता 8 वो भीड़ में कभी नहीं मिलता। लिए मैं हर किसी के खास नही बनना चाहती, पर जो मेरेअपने हैं . लिए उनके हमेशा सच्ची रहना चाहती हूँ। शायद इसी वजह से लोग मुझे समझ नहीं पाते, लेकिन जो समझ लेते है॰. लिए उनके मैं कभी बदलती नहीं| Khamoshsakshi - ShareChat
#"ये स्वर्ग और नरक की कहानियाँ सिर्फ इसलिए बनाई गई हैं ताकि गरीब #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - "ये स्वर्ग और नरक की कहानियाँ सिर्फ इसलिए बनाई गई हैं ताकि गरीब अपनी गरीबी को 'ईश्वर की इच्छा' मानकर चुपचाप सहता रहे और अमीर अपनी अय्याशी को 'पुण्य' का फल IgI" Khamoshsakshi "ये स्वर्ग और नरक की कहानियाँ सिर्फ इसलिए बनाई गई हैं ताकि गरीब अपनी गरीबी को 'ईश्वर की इच्छा' मानकर चुपचाप सहता रहे और अमीर अपनी अय्याशी को 'पुण्य' का फल IgI" Khamoshsakshi - ShareChat
#कभी-कभी ज़िंदगी देरी नहीं करती बस तुम्हें वहाँ रोकती है, जहाँ रुकना ज़रूरी होता है। पतंग जब ऊपर जाती है, लोग आसमान देखते हैं कोई ये नहीं देखता कि उसे पहले खींचा भी गया था। जो खालीपन लग रहा है, हो सकता है वहीं कुछ बेहतर बनने की जगह हो।# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - कभी कभी जिंदगी देरी नहीं करती वहाँ रोकती है, तुम्हें @ जहाँ रुकना ज़रूरी होता है। पतंग जब ऊपर जाती है, लोग आसमान देखते हैं कोई ये नहीं देखता कि उसे पहले खींचा भी गया था। जो खालीपन लग रहा है, हो सकता है वहीं कुछ बेहतर ब्नने की जगह हो। हर चीज़ तुरंत मिल जाए तो इंसान सिर्फ़ पाता है पर कुछ इंतज़ार ऐसे होते हैं, जो इंसान को बनाते हैं। इसलिए बेचैन मत हो, आज रुक गया है, हो सकता है वही कल सबसे ऊँचा दिखे। Khamoshsakshi कभी कभी जिंदगी देरी नहीं करती वहाँ रोकती है, तुम्हें @ जहाँ रुकना ज़रूरी होता है। पतंग जब ऊपर जाती है, लोग आसमान देखते हैं कोई ये नहीं देखता कि उसे पहले खींचा भी गया था। जो खालीपन लग रहा है, हो सकता है वहीं कुछ बेहतर ब्नने की जगह हो। हर चीज़ तुरंत मिल जाए तो इंसान सिर्फ़ पाता है पर कुछ इंतज़ार ऐसे होते हैं, जो इंसान को बनाते हैं। इसलिए बेचैन मत हो, आज रुक गया है, हो सकता है वही कल सबसे ऊँचा दिखे। Khamoshsakshi - ShareChat
#अगर मैं खुद पर कुछ लिखती, तो लिखती कि लाजवाब हूँ मैं... ना किसी से कम, ना किसी से ज़्यादा, बस अपनी ही एक किताब हूँ मैं...# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - मैं खुद पर कुछ लिखती अगर मैं खुद पर कुछ लिखती , अगर तो लिखती कि लाजवाब मैं॰. बिह्ीम # ना किसी से कम, ना ज़्यादा, बस अपनी ही एक किताब हूँ मैं॰ कभी सी मुस्कान हूँ हल्की JEANS कभी खुद सूेही सँवालू हूँ फै॰ T जो सम्रेझ पाए मुझे पूरी तेरहु शायद इतनी भी आसान नहीं క్లీ lu ही धुन में चलती आपनीकही THE EENN नाथमी हूँ फिरमुथ्कुर दे्ती 7 गिरकर भी पौँती क्योंकि खुद की ही कमी मै खुद को लिख ಔತ:್ರಿತ್ತಾಾ खूबसूरत तो एहसास মঁ নমীত্র মালা जो समझे लिए एक राज़ हूँ मैं॰ वरना सबके Khamoshsakshi मैं खुद पर कुछ लिखती अगर मैं खुद पर कुछ लिखती , अगर तो लिखती कि लाजवाब मैं॰. बिह्ीम # ना किसी से कम, ना ज़्यादा, बस अपनी ही एक किताब हूँ मैं॰ कभी सी मुस्कान हूँ हल्की JEANS कभी खुद सूेही सँवालू हूँ फै॰ T जो सम्रेझ पाए मुझे पूरी तेरहु शायद इतनी भी आसान नहीं క్లీ lu ही धुन में चलती आपनीकही THE EENN नाथमी हूँ फिरमुथ्कुर दे्ती 7 गिरकर भी पौँती क्योंकि खुद की ही कमी मै खुद को लिख ಔತ:್ರಿತ್ತಾಾ खूबसूरत तो एहसास মঁ নমীত্র মালা जो समझे लिए एक राज़ हूँ मैं॰ वरना सबके Khamoshsakshi - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
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#तुम शिव बने रहना मेरे भीतर सदा, मैं भस्म सी तुम्हारी रूह में मिलती रहूं... कभी रुद्राक्ष बन तुम्हारी गर्दन से लग जाऊँ, कभी दीपक बन तुम्हारे आगे जलती रहूं... तुम शिव बने सामने बैठे रहो, मैं जल सी हर रोज तुम पर चढ़ती रहूं... और इस जन्म क्या, हर जन्म में मैं पार्वती बन बस तुम्हें ही देखती रहूं...# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - समपण तुम शिव बने मेरे सामने बैठे रहो, मैं पार्वती सी बस तुम्हें निहारती रहूं शोर करती रहे बाहर दुनिया मैं तुम्हारी चौखट पर शांत होती रहूंः कभी गंगाजल बनकर तुम पर बिखर जाऊँ , कभी बेलपत्र सी तुम्हारे चरणों में ठहर जाऊँ. मेरी हर सांस में हर हर महादेव" गूंजे , और मैं धतूरे सी भक्ति में निखर तुम्हारी ಸ3. तुम शिव बने रहना मेरे भीतर सदा, मैं भस्म सी तुम्हारी रूह में मिलती रहूं॰ कभी रुद्राक्ष बन तुम्हारी गर्दन से लग जाऊँ, कभी दीपक बन आगे जलती रहूं॰ 3'67 तुम शिव बने सामने बैठे रहो, मैं जल सी हर रोज तुम पर चढ़ती रहूं 0)% और इस जन्म क्या, हर जन्म में बस तुम्हें ही देखती रहूं॰ ম বাণনী বরন Khamoshsakshi समपण तुम शिव बने मेरे सामने बैठे रहो, मैं पार्वती सी बस तुम्हें निहारती रहूं शोर करती रहे बाहर दुनिया मैं तुम्हारी चौखट पर शांत होती रहूंः कभी गंगाजल बनकर तुम पर बिखर जाऊँ , कभी बेलपत्र सी तुम्हारे चरणों में ठहर जाऊँ. मेरी हर सांस में हर हर महादेव" गूंजे , और मैं धतूरे सी भक्ति में निखर तुम्हारी ಸ3. तुम शिव बने रहना मेरे भीतर सदा, मैं भस्म सी तुम्हारी रूह में मिलती रहूं॰ कभी रुद्राक्ष बन तुम्हारी गर्दन से लग जाऊँ, कभी दीपक बन आगे जलती रहूं॰ 3'67 तुम शिव बने सामने बैठे रहो, मैं जल सी हर रोज तुम पर चढ़ती रहूं 0)% और इस जन्म क्या, हर जन्म में बस तुम्हें ही देखती रहूं॰ ম বাণনী বরন Khamoshsakshi - ShareChat
#“कुछ सोचें इतनी पुरानी हो चुकी हैं कि अब लोग उन्हें संस्कार समझने लगे हैं, जबकि बराबरी में कोई शर्म नहीं, समझदारी होती है।” #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - हमारे समाज में, த, @daT3ta 31న बहनों शर्म आती ्है अगर उनका बेटा या भाई घरकाजूढा 390 बत्न (gুল( ল্যা আৎবরী हनी हैं, अच्छा नही लगता देखने मे लडका पूछता రెన్న?? ٩ , कहती पता नहीं क्यूँ, पर अच्छा नहीं लगता वो रोटियां बनाता है, तो उनको लगता है एहसान; वो हंसती हैं और तारीफ करती हैं, उसकी जली रोटियों की, अब मैं इससे ज्यादा और क्या प्रमाण दूँ ? औरतों के पितृसत्तात्मक होने का, किजो कभी थोपा गया था, आज वो संस्कार बन चुका है. Khamoshsakshi हमारे समाज में, த, @daT3ta 31న बहनों शर्म आती ्है अगर उनका बेटा या भाई घरकाजूढा 390 बत्न (gুল( ল্যা আৎবরী हनी हैं, अच्छा नही लगता देखने मे लडका पूछता రెన్న?? ٩ , कहती पता नहीं क्यूँ, पर अच्छा नहीं लगता वो रोटियां बनाता है, तो उनको लगता है एहसान; वो हंसती हैं और तारीफ करती हैं, उसकी जली रोटियों की, अब मैं इससे ज्यादा और क्या प्रमाण दूँ ? औरतों के पितृसत्तात्मक होने का, किजो कभी थोपा गया था, आज वो संस्कार बन चुका है. Khamoshsakshi - ShareChat
#“ज़िंदगी और रिश्तों का कोई भरोसा नहीं होता, इसलिए अपनों से नाराज़गी कम और प्यार ज़्यादा रखिए।”# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - 0 किसी की जिंदगी छोटी , तो किसी की बड़ी होती मौत किसी के दरवाज़े तो किसी के सिर पर खडी 8! कौन जाने किसी के हिस्से में (# कल का सूरज आएगा कि॰ जिससे मुंह फुलाकर बैठे हो वो क्या पता कल मिल पाएगा कि नहीं! दिल से जुड़े रिश्तों को शिकाकीनाइए गर्लतफहमियों का यूना इस गांठ क मन मुटाव इतना कस करनालगाइए! [@uಕ ये वक्त की रेत 4 पल में फिसल तुम आवाज़ लगाते रहोगे , और वो बहुत दूर निकल जाएगी! Khamoshsakshi 0 किसी की जिंदगी छोटी , तो किसी की बड़ी होती मौत किसी के दरवाज़े तो किसी के सिर पर खडी 8! कौन जाने किसी के हिस्से में (# कल का सूरज आएगा कि॰ जिससे मुंह फुलाकर बैठे हो वो क्या पता कल मिल पाएगा कि नहीं! दिल से जुड़े रिश्तों को शिकाकीनाइए गर्लतफहमियों का यूना इस गांठ क मन मुटाव इतना कस करनालगाइए! [@uಕ ये वक्त की रेत 4 पल में फिसल तुम आवाज़ लगाते रहोगे , और वो बहुत दूर निकल जाएगी! Khamoshsakshi - ShareChat
#“सोना ज़रूरी नहीं, हमारी सोच ने उसे ज़रूरत बना दिया है। रिश्तों की कीमत प्यार से होनी चाहिए, दिखावे और दबाव से नहीं।”# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - सोना महंगा नहीं हुआ है, सोच কমাঠী 00 - महंगी हो गई है।" जब सोना सस्ता था तब ये शौक [, लेकिन आज जब वही सोना आम आदमी के बजट से बाहर जा रहा है, तब भी वो "ज़रूरी" कैसे बना 531 ೯? जिस चीज़ को खरीदने में सांस अटक 8, जिसके लिए लोन लेना पड़ रहा है, ज़मीन गिरवी रखनी पड़ रही है॰वो गिफ्ट 6, सीधा दबाव है। अजीब बात है कि दूध या पेट्रोल महंगे होते हैं तो हम उनका इस्तेमाल कम कर देते हैं , लेकिन सोना महंगा होते ही हम कह देते हैं तो पड़ेगा " क्यों पड़ेगा? किसने बनाया ये नियम? असल समेस्या ये है कि हम समाज के डर से खरीदते हैं। इसलिए सवाल सोने का नहीं, हिम्मत का हैः क्या हम ये कह पाएंगे कि हम उतना ही देंगे जितना हम आराम से दे सकते हैं, दिखावे के लिए नहीं? क्योंकि जिस दिन ये कह दिया, उसी दिन सोना ज़रूरी" रहना बंद हो जाएगा. Khamoshsakshi सोना महंगा नहीं हुआ है, सोच কমাঠী 00 - महंगी हो गई है।" जब सोना सस्ता था तब ये शौक [, लेकिन आज जब वही सोना आम आदमी के बजट से बाहर जा रहा है, तब भी वो "ज़रूरी" कैसे बना 531 ೯? जिस चीज़ को खरीदने में सांस अटक 8, जिसके लिए लोन लेना पड़ रहा है, ज़मीन गिरवी रखनी पड़ रही है॰वो गिफ्ट 6, सीधा दबाव है। अजीब बात है कि दूध या पेट्रोल महंगे होते हैं तो हम उनका इस्तेमाल कम कर देते हैं , लेकिन सोना महंगा होते ही हम कह देते हैं तो पड़ेगा " क्यों पड़ेगा? किसने बनाया ये नियम? असल समेस्या ये है कि हम समाज के डर से खरीदते हैं। इसलिए सवाल सोने का नहीं, हिम्मत का हैः क्या हम ये कह पाएंगे कि हम उतना ही देंगे जितना हम आराम से दे सकते हैं, दिखावे के लिए नहीं? क्योंकि जिस दिन ये कह दिया, उसी दिन सोना ज़रूरी" रहना बंद हो जाएगा. Khamoshsakshi - ShareChat
#लोग कहते हैं ना... बड़ी बेटी बहुत strong होती है... पर सच तो ये है, वो strong होती नहीं... उसे strong बना दिया जाता है... बचपन से ही उसे समझदार होने की सीख दी जाती है,# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - लोग कहते हैं ना बड़़ी बेटी बहुत strong होती : पर सच तो ये है, KAS वो strong होती नहीं... उसे strong बना दिया जाता है. बचपन से ही उसे समझदार होने की सीख 48, अपनी ख्वाहिशों को दबाकर की खुशियों में खुश रहना सिखाया |0 दूसरों  जाता है. रोनां हो, जब कहा जाता है *तुम बड़ी हो, भालो को॰ ९ जबीटूटना हो, NO तोःयाद दिलाया जाता है तुम्हें कमजोर नहीं पडना. घरःकी जिम्मेदारियाँ छोटों की फिक्र माँ-बाप की उम्मीदे सब उसके हिस्से में आ जाता है. वो मुस्कुराती " है रहती ताकि घरवालों को लगे सब ठीक है॰॰ पर अक्सर उसकी अपनी थकान , 3 उसके अपने उसी के तकिए ओें दफन रह जाते हैं. Khamoshsakshi लोग कहते हैं ना बड़़ी बेटी बहुत strong होती : पर सच तो ये है, KAS वो strong होती नहीं... उसे strong बना दिया जाता है. बचपन से ही उसे समझदार होने की सीख 48, अपनी ख्वाहिशों को दबाकर की खुशियों में खुश रहना सिखाया |0 दूसरों  जाता है. रोनां हो, जब कहा जाता है *तुम बड़ी हो, भालो को॰ ९ जबीटूटना हो, NO तोःयाद दिलाया जाता है तुम्हें कमजोर नहीं पडना. घरःकी जिम्मेदारियाँ छोटों की फिक्र माँ-बाप की उम्मीदे सब उसके हिस्से में आ जाता है. वो मुस्कुराती " है रहती ताकि घरवालों को लगे सब ठीक है॰॰ पर अक्सर उसकी अपनी थकान , 3 उसके अपने उसी के तकिए ओें दफन रह जाते हैं. Khamoshsakshi - ShareChat