#तुम शिव बने रहना मेरे भीतर सदा,
मैं भस्म सी तुम्हारी रूह में मिलती रहूं...
कभी रुद्राक्ष बन तुम्हारी गर्दन से लग जाऊँ,
कभी दीपक बन तुम्हारे आगे जलती रहूं...
तुम शिव बने सामने बैठे रहो,
मैं जल सी हर रोज तुम पर चढ़ती रहूं...
और इस जन्म क्या, हर जन्म में
मैं पार्वती बन बस तुम्हें ही देखती रहूं...# #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार