😍😘 AkhiLJHA 😍😘😍💖💖💫
ShareChat
click to see wallet page
@441074022
441074022
😍😘 AkhiLJHA 😍😘😍💖💖💫
@441074022
Chess Champion 10&12Topper - 96&92% Jay Mahakal
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🎄हरे पेड़
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - आपदा प्रबंधन पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन दीपक कुमार पटना । जोखिम आकलन , आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया रणनीतियों को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कि गैर - सरकारी संगठन / नागरिक समाज संगठन / सामुदायिक संगठन संसाधनों को शीघ्रता से जुटा सकें और सरकारी एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर सकें , विश्व युवक केंद्र , प्रेम यूथ फाउंडेशन , एवं श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र पटना के सहयोग से शुक्रवार को श्री कृष्णा विज्ञान केंद्र में आपदा प्रबंधन पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा एवं बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया । अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आपदा के समय एनजीओ की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है । राहत सामग्री से Kendri लेकर आपदा पीड़ितों को मदद पहुचाने में स्वयंसेवक का उल्लेखनीय योगदान रहता है । उन्होंने देश भर से आये एनजीओ के प्रतिनिधियों को आह्वान किया कि आपदा के समय सभी को मिलकर काम करना है । वही आपदा मंत्री नारायण प्रसाद ने कहा कि हम आपदा पीड़ितों को हर तरह से मदद के लिए सरकार प्रतिबद्ध है । सर्प दंश से मृत्यु पर भी मुआवजा का प्रावधान किया है । दस हजार से अधिक आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है । श्री शिशिर बजाज , अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी , विश्व युवक केंद्र , ने कहा कि विश्व युवक केंद्र देशभर में आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों का सक्रिय रूप से संचालन कर रहा है वही पूर्व कुलपति व प्राचार्य डॉ तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि आपदा के जोखिम को कम करने में पूर्व निर्धारित सूचना काफी असरदार है और इससे बचा जा सकता है इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मोहम्मद वारिस खान ने विस्तार से आपदा के बचाव का उपाय बताया । उन्होंने एनजीओ के कार्यों की काफी सराहना किया कार्यक्रम में यूनिसेफ इंडिया की राज्य सलाहकार पल्लवी कुमारी प्रख्यात विशेषज्ञों ने भी भाग लिया , जिन्होंने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए । उनके विचार - विमर्श का मुख्य केंद्र आपदा की तैयारी के लिए गैर सरकारी संगठनों की क्षमता निर्माण , सामुदायिक लचीलेपन को मजबूत करना और आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन में सामाजिक कार्य और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को उजागर करना था , जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रमुख स्तंभ हैं । श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र पटना के परियोजना समन्वयक श्रीनू अप्पिकोंडा ने आपदा में विज्ञान एवं तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुये कहा कि हम पूर्व तैयारी कर बहुत हद तक आपदा के जोखिम को कम कर सकते है । - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🎄हरे पेड़
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ADITYA - L1 प्र - ShareChat