प्यार में सबसे ख़तरनाक चीज़ बेवफ़ाई नहीं होती,
ख़ामोशी होती है…
वो ख़ामोशी,
जो धीरे-धीरे दो लोगों के बीच
एक दीवार उगा देती है।
शुरुआत में तो मोहब्बत बड़ी बातूनी होती है…
सुबह की पहली “Good Morning” से लेकर
रात की आख़िरी “सो गए क्या?” तक…
हर छोटी बात में एक-दूसरे का ज़िक्र होता है।
फिर एक दिन…
बातें छोटी होने लगती हैं,
और चुप्पियाँ लंबी।
लोग समझते हैं
“इतनी भी क्या ज़रूरत है रोज़ बात करने की…”
मगर सच तो ये है,
रिश्ते बातें माँगते हैं…
ठीक वैसे ही
जैसे साँसें हवा। #🖋कहानी: टूटे दिल की💔