My Bite
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The Fun's Fire For Love Life & Lolmati. 😉😍
-: कुछ बातें ठेठ देहाती अंदाज़ में :- •••••••••••••••••••••••••••••••••••• 🌹🌱🌾 :- दिमाग तो डरे हुए और शौखिन लोग रखा करते हैं, दिलों में उतरने के लिए तो बस इश्क में डूबना भर ही काफी है!🤩 :- वो मंज़िल ही बेलगाम है, जो सरककर पा नहीं सकते.... इश्क की भी विसात पगली जो दिल-ए-नयाब को ठुकरा दे।😉 :- चाहे अकल कितनी भी तेज ह़ो, नसीब के बिना नही जीत सकते। दिमागी अकलमंद होने के बावजूद.. लोल दिलों पे राज नही कर पाते हैं।😋 :- बस लफ्जों से न कर किसी के किरदार का फैसला, गाढ़े वजूद मिटते बनते जाऍंगे बस दिल-ए-हकीकत ढूंढते ढूंढते!😎 :- दिल में कुछ है तो अब भी बता दे पगली, इश्क बुढ़ापे में कर लेंगे कुछ और इंतजार ही सही!!😍 :- अब जनाब मत पूछिए, हद अनोखे गुस्ताखियों की। आईना ज़मीं पर रखकर, आसमां चूमने का हुनर रखते हैं।।😌 :- मुस्कान अभी वो ही है "हंसी का गोलगप्पा" ही फोड़ा है हमने। सारे शिकयत छोड़ दिए, कुछ इस तरह से दिल को मोड़ा है हमने!😴 :- यूँ अपने तरीके से जिन्दगी में आ तो गये, मगर जरा ख्याल रखना। भले याद चले जाएँगे.. पर जिंदगी से कभी जा नही पाओगे।🙃 :- सोचते हैं जान अपना दिल बस मुफ्त में ही दे दें, लोल इतने मासूम खरीददार से मोलभाव क्या करना !!😇 :- लोल तेरी कलाकारीयों ने ले लिए शरारतें मेरी, और कम्बख्त लोग समझते हैं कि, सुधर गया हूँ मैं...!!😉😍🤩 .....✍️Mgr. Er साह-जू-चेरूआ("मोर्गन")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #i miss you 💞 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
💝 शायराना इश्क़ - ज़िन्दगी की दौड़ में , तजुर्बा कच्चा ही रह गया! हम न सीख सके तुमसा, और ये दिल बच्चा ही रह गया! है प्पी बे लन्टाइन डें ज़िन्दगी की दौड़ में , तजुर्बा कच्चा ही रह गया! हम न सीख सके तुमसा, और ये दिल बच्चा ही रह गया! है प्पी बे लन्टाइन डें - ShareChat
"अर्पण" ●●●●● 🌹🌱🌾 अब खाली होकर भी हम, भला खाली कैसे रह पाएँगे! एक-एक होकर के एक जब, फिर से कहकर हमको तड़पाएँगे! अब कहाँ प्रेम को ढूँढो तुम, कहाँ किधर को जाएँ हम! सरकती हुई नजरों में भला, कहो कैसे डूब जाएँ हम! घबराती हुए धड़कन से, दिल कैसे भला ये साथ करे! सामने दिखे जो नयन ही फिरे, अनजाने बन कैसे बात करें! जान निकल रहे जान देखकर, कुछ गलती जैसे कर बैठा हूँ! लगा ऐसे जैसे कि हूँ दोषी मैं, जबरन ही मन में घूँस बैठा हूँ! फलक आंखों के सोंझे हो, जब खुद ही कोई कतराने लगे! सिमट कर अपने ही छाया में, विवश होकर यूँ ही मुर्झाने लगे! समझता है दिल भी अपना, मर्यादाओं के शिखरों को भी! प्रेम दर्पण के समक्ष जो कोई, विह्वलता के कर अर्पण को भी! भले कुछ मद्धिम है चाहत में, जो अनुशासन के हैं भय-प्रीत! पर उससे भी जो अच्छा है, विरल सरल तुम हृदयी विनीत! अधरों से अंजुलों से ख्यालों से, हो आसपास उपकार जो यूँ करती हो! यही बहुत है जीने को हँसकर, जो सबकुछ देकर भी आहें भरती हो! सबकुछ पाया है मैन पल में, बस तुम्हरा ही मुझको पता नही! है बेदर्दी ये उद्वेलित धड़कन, किसी के बस में भी कभी ये हुआ नही! बहुत दिनों ही बाद आज फिर, किसी को देखदेख मुस्कुराया हूँ मैं! बवाले हुए पाँव घूम-घूम कर, पर हाँथों दिल बटोर कर लाया हूँ मैं! सरल चित हो जबजब भी यूँ, दिल को तुम कभी भी परेशान करो! बस साँस लेकर गहरी-गहरी सी, हमपर भी तनिक वहीं उपकार करो! समय अवकाश के दर्पण को, कह कुछ फिर से इतराएँगे! पगपग बढ़कर फिर से कभी, जब कहीं दूर भीड़ से पाएँगे! खिले बसंत फिर पूछेंगे जब भी, अधरों को हो अधरें टकराएँगे! सकुचाते शर्माते मौशम भी, आँखों के पानी पी मुस्काएँगे! फिर से कभी... कहीं किसी ख्वाबों में मुस्कुराएँगे!!!🌹 ...........✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #i miss you 💞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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"अंदाज" ●●●●● 🌹🌱🌾 बिन दिल को समझे बरसना मत, हरकोई तब सपना नही रहता! किसी भी आईने मे कभी भी, हरदम एकसा चेहरा नही रहता! जब भी दो मनों के बीच, बैठ जाते हैं कभी कोई कहीं! दिल-दिल के दरम्यान फिर, सबकुछ अच्छा-सच्चा नही रहता! सुना है तुम्हारे शहर में भी, बिलकुल नए अंदाज बने हुए हैं! हमारे शहर मे भी अब, कोई रुनझुन हमसा नही रहता! इश्क मे एक खूबसूरत खुशबू है, बस हमेशा जो साथ चलती है! इसी से तो आजकल तन्हाई मे भी, अब दिल ये भी तन्हा नही रहता! बस खिलाखिला हँसता हुआ चेहरा, और मन मे पँखुरियों के रंग होते हैं! सबकुछ लूटकर कोई मुस्कुराए जब, फिर अपन दिल भी अपना नही रहता! कोई करे इंतजार फिर दिल जारजार, ख्वाहीसे हर दिखते लबों को चूमते हैं! बिना इस दिल से पूछे कहीं बरसना मत, यहाँ हरचीज तब यूँ भी सपना नही रहता! खिखिलाते दिल के लोगों से मिलने मे, बस मीठा सा ही तुम फासला रखना! हाँ जब दरिया खुद समुंदर से मिले बैठे, पगली वहाँ दरिया भी दरिया नही रहता!💕💞 ........✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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"सोहर छंद" ●●●●●●● 🌹🌱🌾 कहीं मुस्कुराओ तुम अपने, सोहर के छंदों पे.... और फिर रूठकर ही, कोई महकता गुलाब कह दो! न उलझाओ तुम भी अपने, सावन को इस माघ में.. दो शब्द कहो और फिर, कहकर दसबार कह दो! कर लो बंद आँखे अपने, यादों के पर्दों से... आँखों मे डूबकर ही, यूँ दो को चार कह दो! क्या फिक्र है तुम्हे भी, दिल ये समझ जाए... और कुछ नही तो बस, अपना ही हाल कह दो! बस छमककर कभी तुम, यूँ पायल सी होके... घुँघरुओं से थिरकते, दिल के यूँ चाल कह दो! मौशम के अंगराइयों पे मन, बस मचल ही बैठे.... कभी बरसकर बादलों सी, झमाझम कोई ताल कह दो! छेड़कर कोई इतराए और, यूँ शर्माओ जो तुम... लाल होकर ही यूँ, महकता हुआ साल कह दो! कहो प्यार है हमे पंछी से, फूलों से हर अपनों से... और इसी बहाने यूँ इश्क, हमें भी सौ दो सौ बार कह दो!!💕💞 .....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💝 शायराना इश्क़
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"दो-चार" ●●●●●● 🌹🌱🌾 उठ-उठके किसी का कहीं, इंतज़ार करके देखना! हद से ज्यादा कभी, किसी-से प्यार करके देखना !! सच कैसे छूट जाते हैं, यूँ ही महोब्बत मे दिल... जनाब गलतियाँ कभी, बस दो-चार करके देखना !! अगर समझना हो कभी, जिंदगी का हर फ़साना... तो बारिश में कभी यूँ भी, कच्ची दिवार बनकर देखना !! बहुत कुछ सिखोगे साहब, यूँ ही आप भी दुनिया से... महोब्बत किसी-से कभी, बस बेशुमार करके देखना !!💕💞 .....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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"सरगर्मी" ●●●●●● 🌹🌱🌾 बात बिते हरबार बिते, फिर तुम्हारी याद आइ है! पता नही अब क्या हुआ जो, मन मे सरगर्मी सी है छाइ है! मित्र सहपाठी संग हैं मेरे, रंगे हैं आज चहक के रंग मे... हँसी ठिठोली भी भाई है। मेरी नजर तुम्हे ढूँढती, बस तुम्हारी याद ही आई है! वो सुरत जो तुम्हरी भोली सी, और थोड़ी-थोड़ी तुम गोली सी! सतरंगी सी हर चुंदरी तुम्हरी, तुम्हरी मुस्कान ही यूँ छाई है! तिरछी नजर जो दिल को छू गइ, फिर तुम्हारी याद ही आई है! दिल के मेरे हर भाव समझना, नजर मिले तब छन मे मुड़ना! तितली की तरह बलखाकर, पलट के भी जो शरमाई है! पता नही अब क्या हुआ जो, फिर तुम्हरी याद ही आई है! बस तुम्हरी याद ही आई है......💕💞 ....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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00:17
🌹🌱🌾 ●●●●●● रात गुज़र गई तेरी यादों के साये में, सुबह से तेरे ख्वाब में उलझा बैठा हूँ! अब और मत कर सवाल ऐ जिंदगी, मैं पिछले जवाब में उलझा बैठा हूँ! दिखे मिले व कैसे सामने से गुजर गए, उन्हीं लम्हों के हिसाब में उलझा बैठा हूँ! गजब बढ़ गए दो सफेद इश्क लिखकर, और मैं उसी खाली किताब में उलझा बैठा हूँ!💕💞 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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"अबूझ " ●●●●●● 🌹🌱🌾 कभी कोमल पंखुरियों सी सब कुर्क तो, तो कहीं दिल को अपने से ही लाल भी कर दे! अजीब है ये जिंदगी कुछ न कहे और, पता नही किधर से फिर सवाल भी कर दे! तिनको के जोर पे लचककर ही अक्सर, सरककर कहीं से बड़बस ख्याल भी कर दे! सफर जिंदगी ही हमसफ़र सी हुई है, कभी शान्त दिखे तो फिर बेकरार भी कर दे! एक सोंच है जो थामे हुए है दिल को, खनक चाहतों के ही इजहार भी कर दे! क्या खोया क्या पाया सब कमसिन ही लगे, जब जब हमारे हसरतों पे यायूँ जो इकरार भी कर दे! चल रही जैसी भी चलने दे ऐ जिंदगी, कभी फलसफॉ तो कभी गुमनाम भी कर दे! भले कहे यूँ ही जो कुछ बार-बार ही हमसे, पर हसीन छूकर लबों को पूरे हमरे अरमान भी कर दे!💕💞 .......✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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"कसमकस" ●●●●●●● 🌹🌱🌾 थोड़ी हँसी फिर थोड़ी ठिठोली, और थोड़ी प्यारी सी मुस्कान... एक डाल और दो फूल, इस हसीन जिंदगी मे रखा क्या है? थोड़ा सा गुस्सा और थोड़ा सा प्यार, तुम्हारे नखरे अदाएँ और तुम... सब दिलों के अलबेले से खेल, बाकी अब जहाँ मे बचा ही क्या है? उतरते हुए हरएक ही फ़साने, और चढ़ते हुए प्यारे से अफ़साने.. तुम्हारे दिलों के बूँदीयों के लड्डू, और दिनभर में भला दिखा क्या है? एक कसमकस भरी ठंढी बर्फ़ी, पराठे साम्भर चटनी पकौड़ी... प्यारी सी चाय की चुस्कियों संग, अब आखिर उसने हमसे कहा क्या है? बारबार बहकते हुए ये बेजुबान लब, आसमान में धड़कते हुए दो दिल... वैसे तो और कुछ भी सुना नही है, वैसे भी खुद को बहलाने को चखा क्या है? चलें उतर कर उनके खेतों में हम भी, अपने कुछ शब्दों को चमका लें... कहीं कोई फुर्सत में ही दिख जाए, बाकी हसीन वादियों में खिला क्या है? सुबह से शाम हुए और शाम से रात, गुजरती शमाँ फिर बैठी है प्याला लिए... चलो तस्वीरों के सहारे ही नजरों से पी लें, और वैसे भी जिंदगी में इश्क की दवा क्या है?💕💞 .............✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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