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ढूंढता रहा दिल के गलियों में
आजकल दर-दर जो,
वो खुद ही आ बैठे
यूँ झिलमिलाने के बाद!
बड़ी कोशिश से मुश्किल से
मिली यूँ भी हमदम,
अपना सब गंवाने
सबकुछ लुटाने के बाद!
पता नही बारबार ही दिल
ये बहके फिर से,
किसी कमसिन कली के
गुनगुनाने मुस्कुराने के बाद।
यों तो ये हँसीं नज़र से
खो भी गए थे कभी,
पर फिर खिलखिलाए
उसके नज़र आने के बाद!
बस समझ न आए ये
खींचतान तरकस कमान,
अदाओं कलाबाजियों के
संग गुजर जाने के बाद!
कमबख्त जिंदगी फिर
जान लेकर ही मानेगी,
उसके प्यार के घी में
यूँ ही लड्डू बनाने के बाद!
पता नही कितनो से
मोहब्बत की रही ख्वाहिश,
इन्तेहाँ बेइन्तहा
और भी क्या-क्या लेकिन...
फलसफा दिल को ऐसे
महसूस हुआ उसके,
गरजकर लरजकर
हमपर ही बरस जाने के बाद!💕💞
...............✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
#🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"बलजोरी"
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बहुत काम से थक गए हैं,
आज नही है कुछ खास प्रिय।
कर लेना बलजोरी पर,
कल लेकिन नही आज प्रिय।
जाने भी दो अब छोरो भी,
अपने दिल की ये मनमानी।
मन नही सब खाली सा है,
आज करो न आनाकानी।
रोज-रोज ये भारी कसरत,
अब हमसे ना होता है।
तुम्हरी इस झकझोर प्रेम पे,
दिल बेदर्दी रोता है।
एक दिन न प्यार करें तो,
कही होती नही बदनामी है।
हार जाते हैं तुम्हरे आगे,
आज दिल से तनिक न हामी है।
पता नही जो ससुरे ने,
ये कौन सा माल मिलाया है।
या ससुरी ने घोंट-घोंट,
बहुत गाढ़ा दूध पिलाया है।
माफ करो अब न्यूट्रल हो जाओ,
आज टॉप गियर को रहने दो।
शान्तचीत हो संग अपने,
हमे नींद आलिंगन को सहने दो।
प्रिय हो तुम न्यारी हो,
तुम तो भोली-भाली हो।
दया करो इस दीन दुखी पर,
सच कहता हूँ तुम बड़ी प्यारी हो।
ये अँगुली ये छेड़खानी,
सब करलेना खुलेआम प्रिय।
बहुत थके हैं सो आज नही,
अब करने दो आराम प्रिय।
कर लेना बलजोरी पर,
कल लेकिन नही आज प्रिय......
कर लेना बलजोरी पर,
कल लेकिन नही आज प्रिय......💕💞
........✍️ Mgr.Er.
शाह-जू -चेरुआ("मोर्गन")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳 मनमोहन 🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #i miss you 💞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"मनप्रीत"
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होगी जब उससे मुलाकात यूँ प्यारी,
तब यूँ दिल खुशियों से भर जाएंगे।।
जब दो अनजाने दिल एकदूजे के,
खिसककर आमने सामने आएँगे।
मिलेंगे फिर नजर से नजर,
मुश्कुरायेंगे गुदगुदाऐंगे कुछ शर्माएँगे।।
होगी जब उससे मुलाकात हर क्यारी,
बस यूँ दिल खुशियों से तर जाएँगे।।
जब लेंगे चाहत के बाहों में,
कुछ मन अपने इठलाएंगे।
जब साथ मिलेंगेे एकदूजे तब,
ये ह्रदय मधुरतम प्रित छलकाऐंगे।।
होगी जब उससे मुलाकात यूँ न्यारी,
सच यूँ दिल खुशियों से फल जाएँगे।।
दूर होंगे हर-पल जुदाई के ,
बस प्यार नजर ही आएंगे।
होंगी बातें अपने इशारों में ,
वो पल कैसे भी ठहर जाएँगे।।
होगी जब उससे मुलाकात यूँ भारी,
चढ़ यूँ दिल खुशियों से उभर जाएँगे।।
चूड़ियाँ खन-खना रही होंगी,
पायल खुशियों के गीत गाएंगे।
धड़कनें अपनेे बज रहे होंगे ,
जबजब झुमके शोर मचाएँगे।।
होगी जब उससे मुलाकात करारी,
पल-पल दिल खुशियों से उमड़ जाएँगे।।
माथे पे बूंदे तो पसीने की ,
जब रह-रह के झिलमिलाएंगे।
अपने मिलते हुए तो मन होंगे ,
सांसे रह-रह के खिल-खिलाएंगे।।
होगी जब उससे मुलाकात अनजानी,
सँवर हर दिल खुशियों से घुमड़ जाएँगे।।
रातें होंगी जैसे दिवाली की,
दिन होली के बन जाएंगे।
भोर होते ही फूलों सी खुशबू ,
शाम दीपों से जगमगाएंगे।।
होगी जब उससे मुलाकात पहचानी,
डूब ही दिल खुशियों से सँवर जाएँगे।।
अंगड़ाइयाँ लेंगे अपनी बाहों में ,
तब पलकों को शरम कुछ आएँगे।
होगी जब उससे मुलाकात दोधारी,
पंछी दिल खुशियों से चहक जाएँगे।।
होगी जब उससे से मुलाकात ये प्यारी
यूँ भी दिल खुशियों से भर-भर जाएँगे।।
हर दिल उछल-कूदकर धूम मचाएँगे।।💕💞
........✍️ रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"उल्फत"
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किसी की याद जब सताने लगे,
कोई आँखों में ख्वाब सजाने लगे।
हरवक्त बसे इन ख्यालों में कोई,
ये दिल बेशुध हो खो जाने लगे।
जब पलकें बिछी रहे राहों पे,
जब चाहत पास बुलाने लगे।
हरपल हंसी बनकर लबों पे रहे,
तववसुर में दिल जब मुस्कुराने लगे।
कोई शामिल रहे गीत हर नगमों में,
दिल तन्हाई में कुछ गुनगुनाने लगे।
और रहने लगे दिल यूँ बेकरार,
शख्स अपना चैन भी गँवाने लगे।
जिससे प्यार हरपल करता रहे,
वो खुद ही इकरार बताने लगे।
जिससे रातें कटें करवट बदल,
जब उन्हें भी नींद न आने लगे।
खूबसूरत दिखने दिखाने को,
सज सँवर कर इठलाने लगे।
हर उल्फत पे ये दिल हो रोशन,
कोई चाहत के दिप जलाने लगे।
दिल बच्चों सा जब सरारत करे,
गलतियों को चुपके से बढ़ानेे लगे।
छेरछेर कर हर छुपती हुई नजर,
ये दिल जब खुद को गुदगुदाने लगे।
शब्दों के बारिश में भीगे दिल,
थोड़ा-थोड़ा जब ये मुस्कुरानेे लगे।
कुछ बात है अब संभल जाईए,
दिल जब जोरों से खिलखिलाने लगे।
जब ये दिल हमें पागल बनाने लगे,
और ये दिल हमें पागल बनाने लगे.!!💕💞
.....✍️ रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"कभी-कभी"
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नयण मिला के अकसर हमसे,
मुस्कुराती हो जो कभी कभी।
ढचक-लचक के जो ऐसे,
बल खाती हो जो कभी कभी।
आँखों के पलकों को तुम ऐसे,
झपकाती हो जो कभी कभी।
चंचल होकर के तुम ऐसे,
शर्माती हो जो कभी कभी।
अपनी अदा के लहरों से,
बहकाती हो जो कभी कभी।
जान निकल जाती है कसम से,
खिलखिलाती हो जो तुम कभी कभी।💕💞
.......✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन 🌳🌳🌳🌳🌳
#🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"एहसास"
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ऐ भोली अब कहदे उससे,
थोड़ा तो अब इकरार करे।
जैसे रूनझुन बजती पायल,
कुछ ऐसे भी हमसे प्यार करे।
ना कुछ तौले ना कुछ बोले,
ना कुछ अब आवाज करे।
जैसे खनके हाथों की कंगना,
खनककर ही दिल पे राज करे।
ओसों के बूँदों के जैसे,
शीतल सा एहसास करे।
हिलते-डुलते ओठ हो जैसे,
बस वैसे ही तकरार करे।
करे सरारत ० थोड़ी सी,
और थोड़ा ही परेशान करे।
लहर मारती नदी हो जैसे,
सिमट-लिपट ही शाम करे।
उड़ते हुए मेघोँ के जैसे,
कुछ हमपे उपकार करे।
जैसे खिलती कली दिखे,
कुछ ऐसे ही श्रृंगार करे।
दमकती हुई चितवन जिसकी,
कुछ चंचल बन बेहाल करे।
मरीज हुए इस प्रेमरोगी का,
कुछ नटखट बन उपचार करे।
कजरारी आँखों से अपने,
कुछ हमपर एहसान करे।
कभी मुस्काय कभी शर्माय,
खिलखिलाकर कभी बेकरार करे।
ना दूर रहे अब पास रहे,
धड़कन से छू यूँ बात करे।
ऐ भोली अब कहदे उससे,
कुछ ऐसे भी हमसे प्यार करे।
कुछ तो अब एहसास करे।
कुछ ऐसे ही हमसे प्यार करे...💕💞
........✍️ रवि प्रताप सिंह"(पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"Naughty Field"
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Heart is so sworn
In increased love,
Cool heart makes it
Jump to jumps!
When there are something
It wishes to fulfill,
Breathe forcibly
Rule the heart beat!
Anywhere when it
Turns upside down,
Mighty chatter,
And do this gossip!
These hours sat for
A clocking run,
And rest somewhere
In the swimming pool!
This is how acrobatics
Slightly sloppy slippy,
Jump out loud and carve
As your wish as your charms!
Sometimes never barked
Madly into the corner,
Make a secret evening
At hight as in a bird's nest!
Sometimes it run away
And feels as die.
Sometimes its name
Itself as lot as can't think!
Just become a noughty
In the streets,
And, even by being
Easy going, discredit !
When it don't ask
Or understand anything,
Just sit and squabble
With itself!
Be heartbells when
Like a small child,
Then how can
The man rest easy!
Then how can someone
Easily relax like this!💕💞
....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳हरिहर🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"TIMELESS LOVE""
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As we ran off.
In to the night.
This beautiful new love.
Began to take flight.
We touched the stars.
And the heavens above.
As we felt the warmth.
Of this amazing love.
There is not a planet.
That is to distant.
We can reach them all.
As this love is persistent.
This endless universe.
So much to explore.
Such intense feelings.
We can not ignore.
As we start to explore.
We begin our joint venture.
The possibilities endless.
Each day an adventure.
The concept of time.
Is non existent.
As the months pass by.
It feels like but a minute.
We stand in aw.
Of all that is.
But we know in our hearts.
The plan was his.
We thank the heavens.
And all that is above.
As we embrace.
This magical new love.💕💞
(Tnx)
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
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"दिल हाँथी
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बढ़ा इश्क में इस
कदर कसमकस,
दिल बेचारा बस
कूद-कूद आवाज करे!
जब पूरी करने को
कुछेक ख्वाहिशें,
साँसें जबरन ही
धड़कन पर यूँ राज करे!
कहीं भी उलट-पलट
चढ़ जाए जब,
छटपटाए बड़बस ही
ये बकवाश करे!
कमबख्त दौड़ लगाए
ये घण्टों बैठे,
और तैर पोखर में
कहीं आराम करे!
यों कलाबाजियाँ है
इसके ऐसे-ऐसे,
जोरों से उछले खुदे
और धूमधाम करे!
और कभी दुबककर
कोने में पागल,
पंछी सा घोंसले में
चुपके से शाम करें!
बेदर्दी कभी भागे तो
कभी ये छिटके,
कभी-कभी तो
खुद बहुत ही नाम करें!
आँवारा होकर बस
हुल्लड़ बन जाए,
और अल्हड़ बनकर भी
ये खुदको बदनाम करे!
जब ना कुछ पूछे
और ना कुछ समझे,
बस बैठे-बैठे
खुद से ही तकरार करे!
हो दिल बेदर्दी जब
छोटे से बच्चे सा ही,
तब आदमी कैसे
आसानी आराम करे!
जब की पंखुरी ही,
सामने से दिख जाए!
तब कैसे दिल हाथी भी
बरबस यूँ ही आराम करे!💕💞
....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳
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