Harish Prajapati
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श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #✍️ जीवन में बदलाव #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " अज्ञानता और अविवेक तथा कुतर्कों के कारण कुछ युवक और युवतियां समाज में ऐसे रिश्ते स्थापित कर लेते हैं जो उनका गले का फंदा बन जाता है, ईश्वर के दिए हुए जीवन रूपी वरदान को व्यर्थ कर देते हैं ऐसे समझों कि आये थे दर्द निवारण को उल्टा अधिक दर्द देकर चले गये। तो ऐसे रिश्ते मत बनाओ जिनका पैर कुछ भी स्पष्ट और कल्याण हेतु दिखाई नहीं दे॰ सिर पर और समाज के सुलभ तथा निषेध तथ्यों पर विचार करो क्योंकि आपको रहना तो इसी समाज में है आप कोई नभचर जलचर प्राणी तो नहीं कि कहीं निवास कर लेंगे। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " अज्ञानता और अविवेक तथा कुतर्कों के कारण कुछ युवक और युवतियां समाज में ऐसे रिश्ते स्थापित कर लेते हैं जो उनका गले का फंदा बन जाता है, ईश्वर के दिए हुए जीवन रूपी वरदान को व्यर्थ कर देते हैं ऐसे समझों कि आये थे दर्द निवारण को उल्टा अधिक दर्द देकर चले गये। तो ऐसे रिश्ते मत बनाओ जिनका पैर कुछ भी स्पष्ट और कल्याण हेतु दिखाई नहीं दे॰ सिर पर और समाज के सुलभ तथा निषेध तथ्यों पर विचार करो क्योंकि आपको रहना तो इसी समाज में है आप कोई नभचर जलचर प्राणी तो नहीं कि कहीं निवास कर लेंगे। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏सुविचार📿 #✍️ जीवन में बदलाव
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " ৯ লি-: युवाओं व जो फल वृक्ष से गिरकर धरती की गन्दगी के सम्पर्क में आ जाते हैं उनको बाग का माली भी बाजार में बेचने के लिए नहीं ले जाता है क्योंकि वो फल अब गन्दे हो चुकें हैं!क़ पेड़ से सीधे तोड़कर फल बाजार जाते हैं और उनका ही मूल्य होता है, जमीन पर गिरे फल या तो सड़-्गल जाते हैं या फिर कीड़े मकोड़े उन्हें खाते हैंयदि आप किसी फलदार वृक्ष के पास जाते हो तब आप भी वृक्ष की ऊंचाई पर लगे फलों की तरफ देखते हो न कि नीचे गिरे फल तथा धरती की तरफ़ा अतः अब आप विचार करो कि आपको कैसा बनना है, और अपने आप को कैसा मूल्यवान बनाना है। हरीश प्रजापति. "सांब सदाशिव " ৯ লি-: युवाओं व जो फल वृक्ष से गिरकर धरती की गन्दगी के सम्पर्क में आ जाते हैं उनको बाग का माली भी बाजार में बेचने के लिए नहीं ले जाता है क्योंकि वो फल अब गन्दे हो चुकें हैं!क़ पेड़ से सीधे तोड़कर फल बाजार जाते हैं और उनका ही मूल्य होता है, जमीन पर गिरे फल या तो सड़-्गल जाते हैं या फिर कीड़े मकोड़े उन्हें खाते हैंयदि आप किसी फलदार वृक्ष के पास जाते हो तब आप भी वृक्ष की ऊंचाई पर लगे फलों की तरफ देखते हो न कि नीचे गिरे फल तथा धरती की तरफ़ा अतः अब आप विचार करो कि आपको कैसा बनना है, और अपने आप को कैसा मूल्यवान बनाना है। हरीश प्रजापति. - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #✍️ जीवन में बदलाव #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव" किसी पेड़ का पका हुआ फल जो अब आकार और गुणों में पूर्ण हो चुका है जिसे कोई भी उसके आकार. गुणों में और वापस कच्चा नहीं कर सकता अब वह तैयारहै मानव के उपयोग के लिए ! इसी तरह होताहै हमारा प्रारब्ध  उसे बदला नहीं जा सकता भोगना ही পউনা हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव" किसी पेड़ का पका हुआ फल जो अब आकार और गुणों में पूर्ण हो चुका है जिसे कोई भी उसके आकार. गुणों में और वापस कच्चा नहीं कर सकता अब वह तैयारहै मानव के उपयोग के लिए ! इसी तरह होताहै हमारा प्रारब्ध  उसे बदला नहीं जा सकता भोगना ही পউনা हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏सुविचार📿 #✍️ जीवन में बदलाव
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " परिस्थितियां मनुष्य को कमजोर नहीं करती कमजोर करता है परिस्थितियों में अपनो का साथ न मिल पाना। परिस्थितियां तो मनुष्य को कुछ न कुछ सिखा कर जाती हैं। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " परिस्थितियां मनुष्य को कमजोर नहीं करती कमजोर करता है परिस्थितियों में अपनो का साथ न मिल पाना। परिस्थितियां तो मनुष्य को कुछ न कुछ सिखा कर जाती हैं। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #✍️ जीवन में बदलाव #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव" पेड़ पौधे पशु-पक्षी   स्त्री-पुरूष कीट-्पतंग और सभी पृथ्वी पर विद्यमान जीव इन सभी को परमपिता परमात्मा ने किसी विशेष उद्देश्य तथा योग्यता के साथ धरती पर भेजा है इसलिए इन सबका अपना -अपना महत्व है कोई निर्थक नहीं अतः किसी को भी अपनी योग्यता पर घमंड नहीं करना चाहिए। गुलाब का और सबका प्रिय होता है पूजा -अर्चना ক্ুাঁিনও फ़ूल बहुत सुन्दर में. प्रेम आनन्द में इसका बहुत महत्व होता है लेकिन सूर्य के तेज से मुरझा जाता है वहीं कैक्टस का पौधा देखने में कितना अप्रिय लगता है लेकिन रेगिस्तान और तेज धूप से मुरझाता नहीं बल्कि जल को अपनी जड़ और तना में संचित कर लेता है इसी कारण கதக रेगिस्तान क पक्षी कैक्टस के तने से अपनी चोंच द्वारा अपनी प्यास बझाते हैं। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव" पेड़ पौधे पशु-पक्षी   स्त्री-पुरूष कीट-्पतंग और सभी पृथ्वी पर विद्यमान जीव इन सभी को परमपिता परमात्मा ने किसी विशेष उद्देश्य तथा योग्यता के साथ धरती पर भेजा है इसलिए इन सबका अपना -अपना महत्व है कोई निर्थक नहीं अतः किसी को भी अपनी योग्यता पर घमंड नहीं करना चाहिए। गुलाब का और सबका प्रिय होता है पूजा -अर्चना ক্ুাঁিনও फ़ूल बहुत सुन्दर में. प्रेम आनन्द में इसका बहुत महत्व होता है लेकिन सूर्य के तेज से मुरझा जाता है वहीं कैक्टस का पौधा देखने में कितना अप्रिय लगता है लेकिन रेगिस्तान और तेज धूप से मुरझाता नहीं बल्कि जल को अपनी जड़ और तना में संचित कर लेता है इसी कारण கதக रेगिस्तान क पक्षी कैक्टस के तने से अपनी चोंच द्वारा अपनी प्यास बझाते हैं। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏सुविचार📿 #✍️ जीवन में बदलाव
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " लक्ष्य प्राप्ति में 'भय' का कोई स्थान नहींहो। 'भय' का कारण विश्वास में कमी तथा असफलता काहो सकता है ध्यान खखें भय परविजय प्राप्त करली तो लक्ष्य अब दूर नहीं। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " लक्ष्य प्राप्ति में 'भय' का कोई स्थान नहींहो। 'भय' का कारण विश्वास में कमी तथा असफलता काहो सकता है ध्यान खखें भय परविजय प्राप्त करली तो लक्ष्य अब दूर नहीं। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #✍️ जीवन में बदलाव #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव" अत्यधिक महत्वकांक्षाओं से बड़ी कोई विपत्ति नही है असंतोष से बड़ा अपराध बोध नहीं है और लालच से दीर्घ कोई अनिष्ट नहीं तथा अहंकार से बड़ा कोई आवरण नहीं। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव" अत्यधिक महत्वकांक्षाओं से बड़ी कोई विपत्ति नही है असंतोष से बड़ा अपराध बोध नहीं है और लालच से दीर्घ कोई अनिष्ट नहीं तथा अहंकार से बड़ा कोई आवरण नहीं। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏सुविचार📿 #✍️ जीवन में बदलाव
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव" दाम्पत्य जीवन में प्रेम एक से होता है अनेक से नहीं, यही हमारी सामाजिक और न्यायपूर्ण व्यवस्था है याद रखें जो दो या अधिक नावों में पैर रखने की कोशिश करते हैं वे अक्सर डूब जाया करते हैं। हरीश प्रजापति. "सांब सदाशिव" दाम्पत्य जीवन में प्रेम एक से होता है अनेक से नहीं, यही हमारी सामाजिक और न्यायपूर्ण व्यवस्था है याद रखें जो दो या अधिक नावों में पैर रखने की कोशिश करते हैं वे अक्सर डूब जाया करते हैं। हरीश प्रजापति. - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #✍️ जीवन में बदलाव #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " बज्चे कल के भविष्य होते हैं मां -बाप के अधूरे सपनों को पूरा करने के माध्यम होते हैं परिवार की आशा होते है! और हों भी क्यों न मां बाप बच्चों को बड़े लाड प्यार से दिन रात मेहनत करके बच्चों की भविष्य की योजना बनाते हैं और अपना सब कुछ उन पर निछावर कर देते हैं! अब इन बज्चों का फर्ज है कि इस दुनियां की चकाचौंध से प्रभावित न होकर मां बाप की इच्चत और उनकी समस्याओं का ध्यान रखें! कुछ कम उम्र की  असामाजिक लड़की तत्वों से तथा उनकी चकाचौंध और दिखावे से प्रभावित होकर अपना जीवन और मां बाप का जिन्दगी भर का रोना बना देते हैं हमारा उनसे कहना है कि यह उम्र जीवन को प्रतिभाओं शिक्षा से लक्ष्य हासिल करने का है बिगाड़ने का नहीं जरा सोचे। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " बज्चे कल के भविष्य होते हैं मां -बाप के अधूरे सपनों को पूरा करने के माध्यम होते हैं परिवार की आशा होते है! और हों भी क्यों न मां बाप बच्चों को बड़े लाड प्यार से दिन रात मेहनत करके बच्चों की भविष्य की योजना बनाते हैं और अपना सब कुछ उन पर निछावर कर देते हैं! अब इन बज्चों का फर्ज है कि इस दुनियां की चकाचौंध से प्रभावित न होकर मां बाप की इच्चत और उनकी समस्याओं का ध्यान रखें! कुछ कम उम्र की  असामाजिक लड़की तत्वों से तथा उनकी चकाचौंध और दिखावे से प्रभावित होकर अपना जीवन और मां बाप का जिन्दगी भर का रोना बना देते हैं हमारा उनसे कहना है कि यह उम्र जीवन को प्रतिभाओं शिक्षा से लक्ष्य हासिल करने का है बिगाड़ने का नहीं जरा सोचे। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #👌 अच्छी सोच👍 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏सुविचार📿 #✍️ जीवन में बदलाव
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " कोई रहस्य जब तक मनुष्य के भीतर है तब तक ही वह रहस्य है यदि एक भी व्यक्तिको बताया तोए वह रहस्य नहीं रह जाता वो में फुसफुसाया बन जाता है एक एसा लोकगीत जो सिर्फ कानों - जाता है और नुक्ताचीनी का प्रदर्शन भी। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " कोई रहस्य जब तक मनुष्य के भीतर है तब तक ही वह रहस्य है यदि एक भी व्यक्तिको बताया तोए वह रहस्य नहीं रह जाता वो में फुसफुसाया बन जाता है एक एसा लोकगीत जो सिर्फ कानों - जाता है और नुक्ताचीनी का प्रदर्शन भी। हरीश प्रजापति - ShareChat