Harish Prajapati
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Harish Prajapati
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श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्
#🌺 श्री गणेश #✍️ जीवन में बदलाव #👌 अच्छी सोच👍 #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव" ईश्वर को धरती पर अवतरित होने के लिए जन्म नहीं लेना पड़ता जैसे कि मनुष्य का जन्म होता है!़ ईश्वर योगमाया को अपने अधीन करके प्रकट होते हैं न कि जन्म लेते हैं क्योंकि वो अजन्मे होते हैंऔर धरती पर अवतरित होने के मुख्य तीन कारण होते हैं पहला यह कि आताताईयों से परेशान साधू महात्मा आत्माओं कारण दुष्टों का समूल नाश करना और का उद्धार करना दूसरा तीसरा धरती लोक पर पुनः धर्म की स्थापना करना। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव" ईश्वर को धरती पर अवतरित होने के लिए जन्म नहीं लेना पड़ता जैसे कि मनुष्य का जन्म होता है!़ ईश्वर योगमाया को अपने अधीन करके प्रकट होते हैं न कि जन्म लेते हैं क्योंकि वो अजन्मे होते हैंऔर धरती पर अवतरित होने के मुख्य तीन कारण होते हैं पहला यह कि आताताईयों से परेशान साधू महात्मा आत्माओं कारण दुष्टों का समूल नाश करना और का उद्धार करना दूसरा तीसरा धरती लोक पर पुनः धर्म की स्थापना करना। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #✍️ जीवन में बदलाव #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏सुविचार📿 #👌 अच्छी सोच👍
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " शिक्षित होकर डिग्री. डिप्लोमा प्राप्त करके अच्छा व्यवहार भाषा में मधुरता सहयोग की भावना , बड़ों को सम्मान , पहनावे में लिए विनम्रता का विकास हो रहाहै तो स्वच्छता निर्बल के समझो आप वास्तविकता में शिक्षित हो गये हैं। हरीश प्रजापति. "सांब सदाशिव " शिक्षित होकर डिग्री. डिप्लोमा प्राप्त करके अच्छा व्यवहार भाषा में मधुरता सहयोग की भावना , बड़ों को सम्मान , पहनावे में लिए विनम्रता का विकास हो रहाहै तो स्वच्छता निर्बल के समझो आप वास्तविकता में शिक्षित हो गये हैं। हरीश प्रजापति. - ShareChat
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🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " अद्भुत पूर्ण भण्डार था। जहां नालन्दा विश्वविद्यालय ज्ञान का ' लेकिन कुछ देश विदेश के विधार्थी अध्ययन के लिए आते थे!़ पापीयों ने उस ज्ञान के भण्डार को जला दिया जिससे हमारी संस्कृति को शिक्षा और विद्या के सन्दर्भ में काफी क्षति हुई! परन्तु ज्ञान कभी मरता नहीं कागज के अविष्कार से पहले ज्ञान को गुरुकुलों में विद्यार्थीयों को कण्ठस्थ स्मरण कराया जाता था तो परमात्मा की कृपा से ज्ञान के बीज अवश्य ही सुरक्षित रहते है! क्योंकि "कागज तो जल जाते हैं शब्द उड़ जाते हैं" शब्द @Rగ' नहीं जलते। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " अद्भुत पूर्ण भण्डार था। जहां नालन्दा विश्वविद्यालय ज्ञान का ' लेकिन कुछ देश विदेश के विधार्थी अध्ययन के लिए आते थे!़ पापीयों ने उस ज्ञान के भण्डार को जला दिया जिससे हमारी संस्कृति को शिक्षा और विद्या के सन्दर्भ में काफी क्षति हुई! परन्तु ज्ञान कभी मरता नहीं कागज के अविष्कार से पहले ज्ञान को गुरुकुलों में विद्यार्थीयों को कण्ठस्थ स्मरण कराया जाता था तो परमात्मा की कृपा से ज्ञान के बीज अवश्य ही सुरक्षित रहते है! क्योंकि "कागज तो जल जाते हैं शब्द उड़ जाते हैं" शब्द @Rగ' नहीं जलते। हरीश प्रजापति - ShareChat
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🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव" गीता का गुप्त रहस्य दिव्य ज्ञान भगवान श्री हरि ने कल्प के आदि में सूर्यदेव को दिया और सूर्यदेव ने महाराज मनु को दिया मनु महाराज ने इक्ष्वाकु महाराज को यह अद्भुत ज्ञान दिया और ज्ञान की इस विस्तार परंपरा अनुसार सातों राजऋषियों को प्राप्त हुआ जिनके द्वारा यह संसार ग्रन्थों के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करता है ज्ञान किसी न किसी रूप में सुरक्षित और विद्यमान रहता है चाहे सृष्टि में प्रलय ही क्यों न आ जाए। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव" गीता का गुप्त रहस्य दिव्य ज्ञान भगवान श्री हरि ने कल्प के आदि में सूर्यदेव को दिया और सूर्यदेव ने महाराज मनु को दिया मनु महाराज ने इक्ष्वाकु महाराज को यह अद्भुत ज्ञान दिया और ज्ञान की इस विस्तार परंपरा अनुसार सातों राजऋषियों को प्राप्त हुआ जिनके द्वारा यह संसार ग्रन्थों के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करता है ज्ञान किसी न किसी रूप में सुरक्षित और विद्यमान रहता है चाहे सृष्टि में प्रलय ही क्यों न आ जाए। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #✍️ जीवन में बदलाव #👌 अच्छी सोच👍 #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " यदि सकाम कर्म है तो निश्चित है कि कर्मफल अवश्य होगा और कर्मफल है तो निश्चित है कि कर्मबन्धन जरूरहोगा, कर्मबन्धन है तो जीवन मरण का चक्र अवश्य ही है अर्थात अशान्ति! लेकिन यदि निष्काम कर्म है तो न कर्मफल और न ही कोई कर्म ஒ@ परमात्मा के चरणों में बन्धन और न ही जीवन मरण चक्र परमशान्ति ही प्राप्त होगी। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " यदि सकाम कर्म है तो निश्चित है कि कर्मफल अवश्य होगा और कर्मफल है तो निश्चित है कि कर्मबन्धन जरूरहोगा, कर्मबन्धन है तो जीवन मरण का चक्र अवश्य ही है अर्थात अशान्ति! लेकिन यदि निष्काम कर्म है तो न कर्मफल और न ही कोई कर्म ஒ@ परमात्मा के चरणों में बन्धन और न ही जीवन मरण चक्र परमशान्ति ही प्राप्त होगी। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #✍️ जीवन में बदलाव #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏सुविचार📿 #👌 अच्छी सोच👍
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " पुस्तकें ज्ञान अथाह भण्डार होती है! बुद्धजीवियों के सभी अनुभव तथा सभी प्रकार की समस्याओं के हल तथा विशिष्ट ज्ञान पुस्तकों के माध्यम से प्राप्त होती है! मनुष्यों का कर्तव्य है इनकी सुरक्षा करना और अध्ययन के लिए अच्छी ज्ञानवर्धक पुस्तकों भी अध्ययन और चयन के लिए का चयन करें तथा ` दूसरों को प्रेरित करे जिससे सभी का आत्मविकास हो। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " पुस्तकें ज्ञान अथाह भण्डार होती है! बुद्धजीवियों के सभी अनुभव तथा सभी प्रकार की समस्याओं के हल तथा विशिष्ट ज्ञान पुस्तकों के माध्यम से प्राप्त होती है! मनुष्यों का कर्तव्य है इनकी सुरक्षा करना और अध्ययन के लिए अच्छी ज्ञानवर्धक पुस्तकों भी अध्ययन और चयन के लिए का चयन करें तथा ` दूसरों को प्रेरित करे जिससे सभी का आत्मविकास हो। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #✍️ जीवन में बदलाव #👌 अच्छी सोच👍 #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " ज्ञान के द्वारा ही मनुष्य पूरी सृष्टि को अपने भीतर देख पाता है और फिर मनुष्य को यह परमात्मा में विलीन होती दिखाई देती है यह सृष्टि,!यही ज्ञान की महिमा हैग़वह जान जाता है कि यह सृष्टि भिन्न ` परमात्मा की माया रुप है न कि लेकिन अज्ञान के कारण मनुष्य को यह भिन्न दिखाई देती है और इसी भिन्नता में मनुष्य उलझा रहता है! मनुष्य जब ज्ञान प्राप्त कर लेता है उससे पहले चाहे वह कितना भी बुरे आचरण वाला क्यों न हो ज्ञान रूपी नौका में बैठकर संसार के पाप सागर को आसानी से पार करके परमात्मा की शरण में पहुंच सकता है। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " ज्ञान के द्वारा ही मनुष्य पूरी सृष्टि को अपने भीतर देख पाता है और फिर मनुष्य को यह परमात्मा में विलीन होती दिखाई देती है यह सृष्टि,!यही ज्ञान की महिमा हैग़वह जान जाता है कि यह सृष्टि भिन्न ` परमात्मा की माया रुप है न कि लेकिन अज्ञान के कारण मनुष्य को यह भिन्न दिखाई देती है और इसी भिन्नता में मनुष्य उलझा रहता है! मनुष्य जब ज्ञान प्राप्त कर लेता है उससे पहले चाहे वह कितना भी बुरे आचरण वाला क्यों न हो ज्ञान रूपी नौका में बैठकर संसार के पाप सागर को आसानी से पार करके परमात्मा की शरण में पहुंच सकता है। हरीश प्रजापति - ShareChat
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🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " ज्ञान की अन्तिम सीढ़ी पर चढ़कर ही श्रद्धा का उद्गम होता है और यह श्रद्धा मनुष्य के लिए परमात्मा तक पहुंचने के लिए पंख भांति सहयोग करते हैं अतः ज्ञानयोग सब योगों का मूल है। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " ज्ञान की अन्तिम सीढ़ी पर चढ़कर ही श्रद्धा का उद्गम होता है और यह श्रद्धा मनुष्य के लिए परमात्मा तक पहुंचने के लिए पंख भांति सहयोग करते हैं अतः ज्ञानयोग सब योगों का मूल है। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #✍️ जीवन में बदलाव #👌 अच्छी सोच👍 #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव " मनुष्य यदि संसार की भौतिकता के सहारे रहेगा तो वह अवश्य ही एक दिन संसार सागर में डूब जायेगा लेकिन जो परमात्मा के सहारे रहता है उसका आत्म उद्धार होकर परमगति . परमशान्ति की प्राप्ति होती है। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव " मनुष्य यदि संसार की भौतिकता के सहारे रहेगा तो वह अवश्य ही एक दिन संसार सागर में डूब जायेगा लेकिन जो परमात्मा के सहारे रहता है उसका आत्म उद्धार होकर परमगति . परमशान्ति की प्राप्ति होती है। हरीश प्रजापति - ShareChat
#🌺 श्री गणेश #✍️ जीवन में बदलाव #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏सुविचार📿 #👌 अच्छी सोच👍
🌺 श्री गणेश - "सांब सदाशिव" ज्ञान के पर्वत की चोटी पर पहुंच कर अर्थात शिखर पर पहुंच कर मनुष्य को यह ज्ञान प्राप्त होता है कि ज्ञान पर्वत की चोटी से बहुत ऊपर निर्मल आकाश है जहां भक्तिका साम्राज्य है और जब प्राणी उस भक्तिके आकाश में पहुंचता है तब परमात्मा उसका हाथ थाम लेते हैं और अन्त समय में अपने श्रीचरणों में स्थान देते हैं। हरीश प्रजापति "सांब सदाशिव" ज्ञान के पर्वत की चोटी पर पहुंच कर अर्थात शिखर पर पहुंच कर मनुष्य को यह ज्ञान प्राप्त होता है कि ज्ञान पर्वत की चोटी से बहुत ऊपर निर्मल आकाश है जहां भक्तिका साम्राज्य है और जब प्राणी उस भक्तिके आकाश में पहुंचता है तब परमात्मा उसका हाथ थाम लेते हैं और अन्त समय में अपने श्रीचरणों में स्थान देते हैं। हरीश प्रजापति - ShareChat