Swami ji Manny Baba
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#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - साथी विपत्ति के, विद्या विनय विवेक तुलसी ا सुकृति सुसत्यव्रत, राम भरोसे एक II साहस 3i7 # 3II कठिन समय में सात गुण मनुष्य का साथ देते हैं ज्ञान (विद्या ) , विनम्रता, बुद्धि (विवेक ) , साहस, अच्छे कर्म, सत्य का पालन और भगवान राम पर अटूट विश्वास। साथी विपत्ति के, विद्या विनय विवेक तुलसी ا सुकृति सुसत्यव्रत, राम भरोसे एक II साहस 3i7 # 3II कठिन समय में सात गुण मनुष्य का साथ देते हैं ज्ञान (विद्या ) , विनम्रता, बुद्धि (विवेक ) , साहस, अच्छे कर्म, सत्य का पालन और भगवान राम पर अटूट विश्वास। - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - जद्यपि जग बुरा, तद्यपि राम सों प्रीति। तुलसी तौ ही भली है, यहै सयानी रीति।। নুলমী आचार्य   मैनी तुलसीदास जी कहते हैं कि भले ही यह संसार बुराइयों से भरा हो, लेकिन बुद्धिमान वही है जो इन सब के बीच रहकर भी केवल भगवान राम से प्रेम करे। यही जीवन जीने का सबसे चतुर और सही तरीका है। जद्यपि जग बुरा, तद्यपि राम सों प्रीति। तुलसी तौ ही भली है, यहै सयानी रीति।। নুলমী आचार्य   मैनी तुलसीदास जी कहते हैं कि भले ही यह संसार बुराइयों से भरा हो, लेकिन बुद्धिमान वही है जो इन सब के बीच रहकर भी केवल भगवान राम से प्रेम करे। यही जीवन जीने का सबसे चतुर और सही तरीका है। - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - जद्यपि जग बुरा, तद्यपि राम सों प्रीति। तुलसी तौ ही भली है, यहै सयानी रीति।। নুলমী आचार्य   मैनी तुलसीदास जी कहते हैं कि भले ही यह संसार बुराइयों से भरा हो, लेकिन बुद्धिमान वही है जो इन सब के बीच रहकर भी केवल भगवान राम से प्रेम करे। यही जीवन जीने का सबसे चतुर और सही तरीका है। जद्यपि जग बुरा, तद्यपि राम सों प्रीति। तुलसी तौ ही भली है, यहै सयानी रीति।। নুলমী आचार्य   मैनी तुलसीदास जी कहते हैं कि भले ही यह संसार बुराइयों से भरा हो, लेकिन बुद्धिमान वही है जो इन सब के बीच रहकर भी केवल भगवान राम से प्रेम करे। यही जीवन जीने का सबसे चतुर और सही तरीका है। - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - प्रीति प्रतीति सों, राम नाम जप जाइ। तुलसी किए  पया पय पान ज्यों, कालकूट न खाइ।। ओम  मैनी ओम यदि प्रेम और विश्वास के साथ राम नाम का जप किया जाए, तो वह साधक की वैसे ही रक्षा करता है जैसे दूध पीने वाले को विष (कालकूट) नहीं मार सकता। भक्ति में विश्वास ही सबसे बड़ी शक्ति है। जय सियाराम प्रीति प्रतीति सों, राम नाम जप जाइ। तुलसी किए  पया पय पान ज्यों, कालकूट न खाइ।। ओम  मैनी ओम यदि प्रेम और विश्वास के साथ राम नाम का जप किया जाए, तो वह साधक की वैसे ही रक्षा करता है जैसे दूध पीने वाले को विष (कालकूट) नहीं मार सकता। भक्ति में विश्वास ही सबसे बड़ी शक्ति है। जय सियाराम - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - संगत साधु की, हरे और की व्याधि। तुलसी संगत बुरी असाधु की, आठों पहर उपाधि Il mainய Acharya | सज्जन पुरुष की संगति मानसिक और विकारों को दूर दुखों कर देती है, जबकि दुष्ट व्यक्ति की संगति आठों पहर (पूरे दिन) नई विपत्तियाँ और कलेश ही पैदा करती है। जय सियाराम संगत साधु की, हरे और की व्याधि। तुलसी संगत बुरी असाधु की, आठों पहर उपाधि Il mainய Acharya | सज्जन पुरुष की संगति मानसिक और विकारों को दूर दुखों कर देती है, जबकि दुष्ट व्यक्ति की संगति आठों पहर (पूरे दिन) नई विपत्तियाँ और कलेश ही पैदा करती है। जय सियाराम - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - मज्जन फल पेखिअ ततकाला। काक होहिं पिक बक मराला।। सुनि आदरहिं जो होहिं सयाने। तिन्ह के हृदयँ न कवनहुँ पाने।l  राम राम मैनी तुलसीदास जी का मानना था कि इंसान जैसी संगति में रहता है, वैसा ही बन जाता है। यहाँ तक कि निर्जीव वस्तुएँ भी संगति से अपना गुण बदल लेती हैं।सत्संगति का प्रभाव तत्काल दिखता है। कौआ कोयल बन जाता है और बगुला बुद्धिमान लोग इसे और अपनाते हैं, उनका हंस। जो सुनते जीवन संवर जाता है। जय सियाराम मज्जन फल पेखिअ ततकाला। काक होहिं पिक बक मराला।। सुनि आदरहिं जो होहिं सयाने। तिन्ह के हृदयँ न कवनहुँ पाने।l  राम राम मैनी तुलसीदास जी का मानना था कि इंसान जैसी संगति में रहता है, वैसा ही बन जाता है। यहाँ तक कि निर्जीव वस्तुएँ भी संगति से अपना गुण बदल लेती हैं।सत्संगति का प्रभाव तत्काल दिखता है। कौआ कोयल बन जाता है और बगुला बुद्धिमान लोग इसे और अपनाते हैं, उनका हंस। जो सुनते जीवन संवर जाता है। जय सियाराम - ShareChat
#🛕बाबा केदारनाथ📿 ओम मैनी ओम
🛕बाबा केदारनाथ📿 - ShareChat
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#🛕बाबा केदारनाथ📿 ओम मैनी ओम
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00:20
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - {3 নিন্তু बिस्वास भगति नहिं तेहि द्रवहिं न रामु। নিন্তু ] सपनेहुँ जीव न लह बिश्रामु II राम कृपा ओम मैनी ओम  विश्वास  के भक्ति नहीं और भक्ति के बिना भगवान होती बिना राम (ईश्वर) का प्रेम प्राप्त नहीं होता। और ईश्वर की कृपा के बिना मनुष्य को सपने में भी शांति नहीं मिल सकती। {3 নিন্তু बिस्वास भगति नहिं तेहि द्रवहिं न रामु। নিন্তু ] सपनेहुँ जीव न लह बिश्रामु II राम कृपा ओम मैनी ओम  विश्वास  के भक्ति नहीं और भक्ति के बिना भगवान होती बिना राम (ईश्वर) का प्रेम प्राप्त नहीं होता। और ईश्वर की कृपा के बिना मनुष्य को सपने में भी शांति नहीं मिल सकती। - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - जहाँ श्रीराम का स्मरण होता है, वहाँ मंगल ही मंगल होता है। यह चौपाई हमें याद दिलाती है कि प्रभु श्रीराम केवल नाम ही नहीं - वे जीवन के सभी अमंगलों को हरने वाले हैं। मंगल भवन अमंगल हारी ओम मैनी ओम अर्थात जो जीवन के दुख, भय और बाधाओं को दूर कर सुख, शांति और शुभता का प्रकाश फैलाते हैं। जब मन सच्चे भाव से प्रभु को पुकारता है, तो उनके चरणों की हर कठिनाई सरल हो जाती है। ؟٦77 आज हम भी अपने हृदय में राम नाम का दीप आइए ೆ जलाएँ और उनके चरणों में समर्पित हों। चौपाईः मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजर बिहारी II जहाँ श्रीराम का स्मरण होता है, वहाँ मंगल ही मंगल होता है। यह चौपाई हमें याद दिलाती है कि प्रभु श्रीराम केवल नाम ही नहीं - वे जीवन के सभी अमंगलों को हरने वाले हैं। मंगल भवन अमंगल हारी ओम मैनी ओम अर्थात जो जीवन के दुख, भय और बाधाओं को दूर कर सुख, शांति और शुभता का प्रकाश फैलाते हैं। जब मन सच्चे भाव से प्रभु को पुकारता है, तो उनके चरणों की हर कठिनाई सरल हो जाती है। ؟٦77 आज हम भी अपने हृदय में राम नाम का दीप आइए ೆ जलाएँ और उनके चरणों में समर्पित हों। चौपाईः मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजर बिहारी II - ShareChat