-Different colors
ShareChat
click to see wallet page
@533890179
533890179
-Different colors
@533890179
Different colors Muzaffar nagar Uttar pradesh
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - जीवन में जहां सकून मिले নিনাৎ ' यह कभी ना देखो कि वो वहां समय जरूर अपना है या पराया. . 600D MORNING जीवन में जहां सकून मिले নিনাৎ ' यह कभी ना देखो कि वो वहां समय जरूर अपना है या पराया. . 600D MORNING - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 नमन
🌞 Good Morning🌞 - सबसे उच्च कोटि की सेवा ऐसे व्यक्ति मदद करना है ओश जो बदले में आपको धन्यवाद कहने में असमर्थ होे। মব্রামী दयानंद   सरस्वती जी को जन्मदिवस पर सादर नमन सबसे उच्च कोटि की सेवा ऐसे व्यक्ति मदद करना है ओश जो बदले में आपको धन्यवाद कहने में असमर्थ होे। মব্রামী दयानंद   सरस्वती जी को जन्मदिवस पर सादर नमन - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 रेडियो डे पर विशेष
🌞 Good Morning🌞 - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 व्यंग लेख
🌞 Good Morning🌞 - आदत है मुझको की मुस्कुराने [ छले दिनों चांदी ने चांदी काट रखी थी। सोना सुहागे पर चढ़ रखा है अभी भी। दोनों इतनी तेजी से बढ़़े क्यों॰ इसका जवाब किसी पर नहीं। हां, कायसों का बाजार अवश्य गर्म रहा। कोई कहता मिला कि चांदी इसलिए चढ़ी क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अचानक से इसकी डिमांड बहुत बढ़ गई। कोई कहता मिला कि अंशुमाली रस्तोगी सोना इसलिए बढा क्योंकि लोग शेयर बाजार से उकता कर पीली धातु की तरफ शिद्दत से तीखी नजर देखने लगे। अब इनमें कौन कितना सही या मौजूद  हकीकत यही है कि चांदी सोना गलत रहा ऊपर वाला जाने। घट-बढ़ रहे हैं । लगभग हर रोज पांच लोग ऐसे जरूर मिलते हैं साथझसाथ जो मुझे चांदी - सोना खरीदने की सलाह देते हैं। भविष्य के फायदे गिनाते हैं। निवेश का खूबसूरत मार्ग बताते हैं। बच्चों की पढ़ाई एवं शादी का हिसाब- समझाते हैं। उनकी सलाह को इग्नोर नहीं करता | सबको मन लगाकर fa  बैलन्स का सुनता हूं| साथ-साथ खुद के बैंक  भी ध्यान कर लेता हूं। बाद में चचा गालिब का ये शेर ह्लदिल के खुश रखने को गालिब ये ख्याल अच्छा हैह्व गुनगुनाकर खुद को बहला भी लेता हूं। घर में प्रायः हल्ला-सा मचा रहता है। बीवी को शिकायत है, मैंने जीवन लेखन में गंवा दिया। चांदी-सोने की तरफ कभी ध्यान ही नहीं दिया। लेखन से न जीवन चलता है न घर-परिवार। बीवी की शिकायत यकीनन वाजिब है। पर मेरा दिमाग इधर कभी लगा ही नहीं। चांदी सोना , रुपया-पैसा सब ' हाथ का मैल' लगा। ' हाथ का मैल' ही आज  झोली भर रहा है। यही झोली ही तो बीवी को अक्सर अर्श पर ले जाती है। सहेलियों के चांदी सोना खरीदते व्हाट्सएप स्टेट्स। आए-दिन आने वाली फोन कॉल्स घर में बमचक मचाए रखती हैं। अपनी हालत- मरता क्या न करता | सबकुछ सुनना पड़ता है, खामोशी के साथ ।बीवी की शिकायत से दिल और दिमाग हटाने को अक्सर मैं बाजार के विशेषज्ञों को सुनने बैठ जाता हूं। चांदी सोने की बढ़त के प्रति अपना सामान्य ज्ञान दुरुस्त कर लेता हूं| हालांकि अधिक कुछ समझने की कोशिश करने के बावजूद समझ रत्तीभर नहीं आता।  फिर भी, ज्ञान लेने में क्या हरज। सभी बहुत ऊंची ऊंची खींचते हैं । चांदी - सोने में निवेश का मंत्र बताते हैं। पर जोर देते हैं। मैं बेचारा दिल ही दिल मुनाफे " मुस्कुरा कर रह जाता हूं। मुस्कुराना जरूरी है ताकि मन में कोई रिग्रेट न रहे। चांदी सोना बेशक जमीन से आसमान परजा टिके हों मगर आम आदमी आज भी वहीं है, जहां कल था। उसकी किस्मत का सितारा आसमान पर कभी टिक ही नहीं पाता। शेयर बाजार, चांदी सोना, म्यूचुअल फंड आदिआदि सब उसके सर के ऊपर से निकल जाते हैं। नंगा क्या नहाय, क्या निचोड़े। अपनी भी कुछ-कुछ ऐसी ही है। चलिए खाक डाली जाए चांदी-सोने की  हालत ।जिंदगी में बहुत  जलवागिरी पर। अपना वर्तमान ही ढंग से संवर जाए, काफी है पास न हुआ तो क्या ] कुछ हासिल हुआ| चांदी -सोना  THI बकौल अब्दुल हमीद अदम ऐ गम-ए-जिंदगी न हो नाराज आदत है ক্ষী 5ர मुझको आदत है मुझको की मुस्कुराने [ छले दिनों चांदी ने चांदी काट रखी थी। सोना सुहागे पर चढ़ रखा है अभी भी। दोनों इतनी तेजी से बढ़़े क्यों॰ इसका जवाब किसी पर नहीं। हां, कायसों का बाजार अवश्य गर्म रहा। कोई कहता मिला कि चांदी इसलिए चढ़ी क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अचानक से इसकी डिमांड बहुत बढ़ गई। कोई कहता मिला कि अंशुमाली रस्तोगी सोना इसलिए बढा क्योंकि लोग शेयर बाजार से उकता कर पीली धातु की तरफ शिद्दत से तीखी नजर देखने लगे। अब इनमें कौन कितना सही या मौजूद  हकीकत यही है कि चांदी सोना गलत रहा ऊपर वाला जाने। घट-बढ़ रहे हैं । लगभग हर रोज पांच लोग ऐसे जरूर मिलते हैं साथझसाथ जो मुझे चांदी - सोना खरीदने की सलाह देते हैं। भविष्य के फायदे गिनाते हैं। निवेश का खूबसूरत मार्ग बताते हैं। बच्चों की पढ़ाई एवं शादी का हिसाब- समझाते हैं। उनकी सलाह को इग्नोर नहीं करता | सबको मन लगाकर fa  बैलन्स का सुनता हूं| साथ-साथ खुद के बैंक  भी ध्यान कर लेता हूं। बाद में चचा गालिब का ये शेर ह्लदिल के खुश रखने को गालिब ये ख्याल अच्छा हैह्व गुनगुनाकर खुद को बहला भी लेता हूं। घर में प्रायः हल्ला-सा मचा रहता है। बीवी को शिकायत है, मैंने जीवन लेखन में गंवा दिया। चांदी-सोने की तरफ कभी ध्यान ही नहीं दिया। लेखन से न जीवन चलता है न घर-परिवार। बीवी की शिकायत यकीनन वाजिब है। पर मेरा दिमाग इधर कभी लगा ही नहीं। चांदी सोना , रुपया-पैसा सब ' हाथ का मैल' लगा। ' हाथ का मैल' ही आज  झोली भर रहा है। यही झोली ही तो बीवी को अक्सर अर्श पर ले जाती है। सहेलियों के चांदी सोना खरीदते व्हाट्सएप स्टेट्स। आए-दिन आने वाली फोन कॉल्स घर में बमचक मचाए रखती हैं। अपनी हालत- मरता क्या न करता | सबकुछ सुनना पड़ता है, खामोशी के साथ ।बीवी की शिकायत से दिल और दिमाग हटाने को अक्सर मैं बाजार के विशेषज्ञों को सुनने बैठ जाता हूं। चांदी सोने की बढ़त के प्रति अपना सामान्य ज्ञान दुरुस्त कर लेता हूं| हालांकि अधिक कुछ समझने की कोशिश करने के बावजूद समझ रत्तीभर नहीं आता।  फिर भी, ज्ञान लेने में क्या हरज। सभी बहुत ऊंची ऊंची खींचते हैं । चांदी - सोने में निवेश का मंत्र बताते हैं। पर जोर देते हैं। मैं बेचारा दिल ही दिल मुनाफे " मुस्कुरा कर रह जाता हूं। मुस्कुराना जरूरी है ताकि मन में कोई रिग्रेट न रहे। चांदी सोना बेशक जमीन से आसमान परजा टिके हों मगर आम आदमी आज भी वहीं है, जहां कल था। उसकी किस्मत का सितारा आसमान पर कभी टिक ही नहीं पाता। शेयर बाजार, चांदी सोना, म्यूचुअल फंड आदिआदि सब उसके सर के ऊपर से निकल जाते हैं। नंगा क्या नहाय, क्या निचोड़े। अपनी भी कुछ-कुछ ऐसी ही है। चलिए खाक डाली जाए चांदी-सोने की  हालत ।जिंदगी में बहुत  जलवागिरी पर। अपना वर्तमान ही ढंग से संवर जाए, काफी है पास न हुआ तो क्या ] कुछ हासिल हुआ| चांदी -सोना  THI बकौल अब्दुल हमीद अदम ऐ गम-ए-जिंदगी न हो नाराज आदत है ক্ষী 5ர मुझको - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 व्यवसाय आज कल
🌞 Good Morning🌞 - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 अखबारों में प्रकाशित कालम
🌞 Good Morning🌞 - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 वैलेंटाइन
🌞 Good Morning🌞 - हिन्दुस्तान तब प्रेम काइजहार फूलों से नहीं, बालों के गुच्छे से होताथा डबलिन , एजेंसी | १८वीं और १९वीं  को दोस्ती का प्रतीक माना जाता था 18 वींऔर १९वींसदीके सदी के आयरलैंड में प्रेमी एक-दूसरे  और दस्तानों को शादी के वादेसे आयरलैंड मेंप्यारजताने फूलों के गुलदस्ते के बजाय अपने  जोड़कर  दखा जाता था। यादों का गुच्छा : बालों का हर  बालों का गुच्छा देते थे, ताकि उनका " कायह तरीका था गुच्छा या चोटी उस व्यक्ति को याद  प्यार हमशा ्हमशा क लिए यादगार रॉबर्ट टेनेंटकी कहानी और व्यक्तिगत कहानी को दज  वनजाए। TT इतिहासकारों के अनुसार, उस  लोगइन बालों को करता था।कई बार जेम्स  बेलफास्ट कै रॉबर्ट टेनेंट का एक ' हेयर  समय बालों को खास और कभीन कलेक्शन की तरह इकट्ठा करते  आर्काइव ' मिला हः जिसने इतिहासकारों को  ताकि चे अपने पुराने रिश्तों की  खत्म होने वाली ' निशानी गाना जाता हेरान कर दिया| उसके संग्रह मे बालों की १४ हिस्सा मृत्यु के बाद महत्वपूर्ण घटनाओं को याद रख सकें था।शरोर का यह अलग-् अलग लटे रथीः जिनमें सै हर एक पर  सुरक्षित रहता है, भौ लंबे समय तक " भले हौ हम वैलेंटाइन डे पर आज उस महिला का नाम ओर तारीख लिखी थी। इसलिए बालों का एक गुच्छा देने का  टेडी बियर या कार्ड देते हों, लेकिन १ पुरानी यादों " उसने अपनी शादी के बादभी इन इतिहास हमें याद दिलाता है कि प्यार  मतलवथा " हमेशा रहने वाला प्यार  को संजाकर रखा हुआ था।  जाहिर करने के तरीके समय के साथ  आजस अलग दार 34744 बदलते रहते हें।ये निशानियां आज आज को तरह फोटो या डिजिटल यह तस्वीर १८वी सदी के उन चालों के गरच्छा की मैसेज नहीं होते थे।ऐसे में बालों को है जिन्हेॅ तव खत कै साथ प्रियजनों को भेजा  हमं भले ही अजीब लगें, लेकिन उस था। इन्हें आयरलेंड के एक म्यूजियम मॅ दौर मेंये गहरे लगाव का सबसे बड़ा  নানা  लटा का सहलाकरया सूंघकर लाग सुरक्षित रखा गया ह।  अपने साथी को कमी को महसूस  सवूत मानी जाती थीँ। आजके दौर में करते थे।इन बालों को तकिये केनोचे  हम अपनी यादें क्लाउड या गैलरी में जीवनसाथी को देतो थीं। कई बार इन अपने दिल के करोब पहना नहों रखा जाता था। महिलाएं अवसर  सेव करते हैं॰ पर तब लोग इन्हें अपनी  Ha41 TICC? సార]ా गहनों में सजावट और रिवाज : बालों को लॉकेट, अंगूठो या ब्रोच के  अपने बालों को सुंदर चोटियां गूंथकर  जेब या तकिये के पास रखकर महसूस जा सके । उपहारा केइस लेनन्देनका पीछे जड़वा दिया जाता था, ताकि उन्हें  एक सामाजिक नियम था, जैसे कपड़े और उन्हें रिचनसे सजाकर अपने কনেথ | वाला को कवल कागज म लपटकर हिन्दुस्तान तब प्रेम काइजहार फूलों से नहीं, बालों के गुच्छे से होताथा डबलिन , एजेंसी | १८वीं और १९वीं  को दोस्ती का प्रतीक माना जाता था 18 वींऔर १९वींसदीके सदी के आयरलैंड में प्रेमी एक-दूसरे  और दस्तानों को शादी के वादेसे आयरलैंड मेंप्यारजताने फूलों के गुलदस्ते के बजाय अपने  जोड़कर  दखा जाता था। यादों का गुच्छा : बालों का हर  बालों का गुच्छा देते थे, ताकि उनका " कायह तरीका था गुच्छा या चोटी उस व्यक्ति को याद  प्यार हमशा ्हमशा क लिए यादगार रॉबर्ट टेनेंटकी कहानी और व्यक्तिगत कहानी को दज  वनजाए। TT इतिहासकारों के अनुसार, उस  लोगइन बालों को करता था।कई बार जेम्स  बेलफास्ट कै रॉबर्ट टेनेंट का एक ' हेयर  समय बालों को खास और कभीन कलेक्शन की तरह इकट्ठा करते  आर्काइव ' मिला हः जिसने इतिहासकारों को  ताकि चे अपने पुराने रिश्तों की  खत्म होने वाली ' निशानी गाना जाता हेरान कर दिया| उसके संग्रह मे बालों की १४ हिस्सा मृत्यु के बाद महत्वपूर्ण घटनाओं को याद रख सकें था।शरोर का यह अलग-् अलग लटे रथीः जिनमें सै हर एक पर  सुरक्षित रहता है, भौ लंबे समय तक " भले हौ हम वैलेंटाइन डे पर आज उस महिला का नाम ओर तारीख लिखी थी। इसलिए बालों का एक गुच्छा देने का  टेडी बियर या कार्ड देते हों, लेकिन १ पुरानी यादों " उसने अपनी शादी के बादभी इन इतिहास हमें याद दिलाता है कि प्यार  मतलवथा " हमेशा रहने वाला प्यार  को संजाकर रखा हुआ था।  जाहिर करने के तरीके समय के साथ  आजस अलग दार 34744 बदलते रहते हें।ये निशानियां आज आज को तरह फोटो या डिजिटल यह तस्वीर १८वी सदी के उन चालों के गरच्छा की मैसेज नहीं होते थे।ऐसे में बालों को है जिन्हेॅ तव खत कै साथ प्रियजनों को भेजा  हमं भले ही अजीब लगें, लेकिन उस था। इन्हें आयरलेंड के एक म्यूजियम मॅ दौर मेंये गहरे लगाव का सबसे बड़ा  নানা  लटा का सहलाकरया सूंघकर लाग सुरक्षित रखा गया ह।  अपने साथी को कमी को महसूस  सवूत मानी जाती थीँ। आजके दौर में करते थे।इन बालों को तकिये केनोचे  हम अपनी यादें क्लाउड या गैलरी में जीवनसाथी को देतो थीं। कई बार इन अपने दिल के करोब पहना नहों रखा जाता था। महिलाएं अवसर  सेव करते हैं॰ पर तब लोग इन्हें अपनी  Ha41 TICC? సార]ా गहनों में सजावट और रिवाज : बालों को लॉकेट, अंगूठो या ब्रोच के  अपने बालों को सुंदर चोटियां गूंथकर  जेब या तकिये के पास रखकर महसूस जा सके । उपहारा केइस लेनन्देनका पीछे जड़वा दिया जाता था, ताकि उन्हें  एक सामाजिक नियम था, जैसे कपड़े और उन्हें रिचनसे सजाकर अपने কনেথ | वाला को कवल कागज म लपटकर - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 यह भी जाने
🌞 Good Morning🌞 - हिन्दुस्तान बीमानियामक बीमा झांसा देकर गलत तरीके से पॉलिसी बेचने पर सख्ती करेगा तैयारी : बीमा कंपनियां एजेंट के कमीशन पर लगाम लगाएंगी 2025 बदलावकीजरूरतक्यों नई दिल्ली, एजेंसी | बीमा नियामक  इरडा ने बोमा कंपनियों के के एजेट को पहले साल ही बहत ज्यादा  प्रमुखों  सामने गलत तरीके, झूठे वायदों के कमीशन मिल जाता ह। इसी कारण से में जीवनबीमा कंपनियों कई बार गलत पोलिसी बेच दी जाती हे आधारपरबीमा पालिसी बेचनेपरचचा के कमीशन भुगतान इससे बीमा कंपनियों का खर्च भी बढ की।सूत्रों के मुताबिक, उनकी बैठक में  ६० ८०० करोड़से जाता हे। कई पोलिसिया बीच में ही बंद जीवन बोमा   कंपनियों ने स्थगित अधिक रहना था।जबकि हो जाती ह। इरडा कमीशन को पॉलिसी कमीशन भुगतान माडल का सुझाव साधारण बीमा कंपनियों की उम्र से जोडना चाहता है ताकि एजेॅट दिया है।इसमें एजेंट को पूरा कमोशन जिम्मेदार बर्ने और ग्राहक को सस्ता, केमामलेमें यहआंकड़ा एक साथ नहीं, बल्कि पॉलिसी को पूरी टिकाऊ बीमा मिले  ४७,००० करोड़ है अवधि के दौरानदिया जाएगा | 677 4 सुझावों बताया जा रहा कमीशनपर सख्ती केसंभावित खतरे क्याहैस्थगित कमीशन कॉरपोरेट एजेंट्स के लिए पांच साल और व्यक्तिगत एजेंट्स के लिए तीन कमीशन भुगतान में यह अप्रत्याशित उछाल इस सेक्टर के लिए बडे  डिफर्ड कमीशन का मतलव ये हे कि बीमा एजेंट को पूरा कमीशन एक साथ नहीं मिलता, जोखिम पदा कर रहा है। कंपनियों का यह तर्क कि डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल साल का प्रस्ताव दिया गया हे। इसका  कमीशन पॉलिसी के साथ  के विकास के लिए उच्च कमीशन आवश्यक हे। कमीशन पर कडे और मकसद साफहै बीमा पालिसी केगलत মালী ৭ साथ किरतों मॅ दिया जाता ह। इससे एजेट पॉलिसी एकसमान सीमा लगाने से एजेसी - आधारित नेटवर्क ओर बेकएश्योरेॅस  बिक्री रोकना, कंपनियोंकाखर्चघटाना पार्टनरशिप जसे स्थापित डिस्ट्रीब्यूशन चनलों को गंभीर झटका लग  को चालू रखने ओर ग्राहक की सेवा करने मे और ग्राहकों को सस्ता. टिकाऊ चीमा ज्यादा रुचि लेता ह। पॉलिसी जितने लबे समय  सकता ह, जो बाजार तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण हॅ। इससे वितरकों देना | वैसे खास बात यह हैकि हालहो तक चलेगी . एजॅट को उतना ही कमीशन ओर बीमाकर्ताओं दोनों के लिए बिजनेस की मात्रा कम हो सकती ह, जो में भारतीय रिजर्व बैंक और आर्थिक मिलता रहेगा | शुरुआती सालो मे थोडा ज्यादा  बाजार को प्रभावित कर सकता ह। इसके अलावा  पारपरिक उत्पादों पर सर्वेक्षण मेंभी ऊंचे कमीशन पर सवाल ओर बाद के साला मे थोडा कम लेकिन ६० - ७०% तक पहुंचने वाले अग्रिम कमीशन , गलत बिक्री ओर उठाए गए थे। लगातार मिलता रहेगा | पौलिसीधारकों के मूल्य के कमी की चिंताएं बढा रहे हे। दरअसल , इरडा और बोमा कंपनियों  २०२५ में॰ जीवन बीमा कंपनियों के अगले कुछ महोनों में जारी किए जा बीमा  के प्रमुखों को यह मुलाकात चला गया। इन बढते के चलते ٩ ٩٢ कंपनियों के कमीशन भुगतान से जुड़े सकते हे कमीशन भुगतान ६०,८०० करोड़रुपये  कई कंपनियां अपने प्रबंधन खर्च को सोमा को पार कर चुको हैं । इस स्थिति बढ़ते खर्चों और नियामिकीय सीमाओं  पिछले एक दशक में पॉलिसी को से अधिक रहना था। जबकि साधारण  को लेकर हो हुई थी। बताया जा रहा है बीमा कंपनियों के मामले में यह भुगतान  को देखतेहुएबोमा नियामकनएनियमों  संख्या में ठहराव के बावजूद खर्चो में कि इस बैठक का आधार वित्त वर्ष आंकड़ा ४७ ००० करोड़ रुपये के पार लाने पर विचार कर रहा है।ये नियम लगभग 9 ४% सालानाकी वृद्धिहुईहै हिन्दुस्तान बीमानियामक बीमा झांसा देकर गलत तरीके से पॉलिसी बेचने पर सख्ती करेगा तैयारी : बीमा कंपनियां एजेंट के कमीशन पर लगाम लगाएंगी 2025 बदलावकीजरूरतक्यों नई दिल्ली, एजेंसी | बीमा नियामक  इरडा ने बोमा कंपनियों के के एजेट को पहले साल ही बहत ज्यादा  प्रमुखों  सामने गलत तरीके, झूठे वायदों के कमीशन मिल जाता ह। इसी कारण से में जीवनबीमा कंपनियों कई बार गलत पोलिसी बेच दी जाती हे आधारपरबीमा पालिसी बेचनेपरचचा के कमीशन भुगतान इससे बीमा कंपनियों का खर्च भी बढ की।सूत्रों के मुताबिक, उनकी बैठक में  ६० ८०० करोड़से जाता हे। कई पोलिसिया बीच में ही बंद जीवन बोमा   कंपनियों ने स्थगित अधिक रहना था।जबकि हो जाती ह। इरडा कमीशन को पॉलिसी कमीशन भुगतान माडल का सुझाव साधारण बीमा कंपनियों की उम्र से जोडना चाहता है ताकि एजेॅट दिया है।इसमें एजेंट को पूरा कमोशन जिम्मेदार बर्ने और ग्राहक को सस्ता, केमामलेमें यहआंकड़ा एक साथ नहीं, बल्कि पॉलिसी को पूरी टिकाऊ बीमा मिले  ४७,००० करोड़ है अवधि के दौरानदिया जाएगा | 677 4 सुझावों बताया जा रहा कमीशनपर सख्ती केसंभावित खतरे क्याहैस्थगित कमीशन कॉरपोरेट एजेंट्स के लिए पांच साल और व्यक्तिगत एजेंट्स के लिए तीन कमीशन भुगतान में यह अप्रत्याशित उछाल इस सेक्टर के लिए बडे  डिफर्ड कमीशन का मतलव ये हे कि बीमा एजेंट को पूरा कमीशन एक साथ नहीं मिलता, जोखिम पदा कर रहा है। कंपनियों का यह तर्क कि डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल साल का प्रस्ताव दिया गया हे। इसका  कमीशन पॉलिसी के साथ  के विकास के लिए उच्च कमीशन आवश्यक हे। कमीशन पर कडे और मकसद साफहै बीमा पालिसी केगलत মালী ৭ साथ किरतों मॅ दिया जाता ह। इससे एजेट पॉलिसी एकसमान सीमा लगाने से एजेसी - आधारित नेटवर्क ओर बेकएश्योरेॅस  बिक्री रोकना, कंपनियोंकाखर्चघटाना पार्टनरशिप जसे स्थापित डिस्ट्रीब्यूशन चनलों को गंभीर झटका लग  को चालू रखने ओर ग्राहक की सेवा करने मे और ग्राहकों को सस्ता. टिकाऊ चीमा ज्यादा रुचि लेता ह। पॉलिसी जितने लबे समय  सकता ह, जो बाजार तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण हॅ। इससे वितरकों देना | वैसे खास बात यह हैकि हालहो तक चलेगी . एजॅट को उतना ही कमीशन ओर बीमाकर्ताओं दोनों के लिए बिजनेस की मात्रा कम हो सकती ह, जो में भारतीय रिजर्व बैंक और आर्थिक मिलता रहेगा | शुरुआती सालो मे थोडा ज्यादा  बाजार को प्रभावित कर सकता ह। इसके अलावा  पारपरिक उत्पादों पर सर्वेक्षण मेंभी ऊंचे कमीशन पर सवाल ओर बाद के साला मे थोडा कम लेकिन ६० - ७०% तक पहुंचने वाले अग्रिम कमीशन , गलत बिक्री ओर उठाए गए थे। लगातार मिलता रहेगा | पौलिसीधारकों के मूल्य के कमी की चिंताएं बढा रहे हे। दरअसल , इरडा और बोमा कंपनियों  २०२५ में॰ जीवन बीमा कंपनियों के अगले कुछ महोनों में जारी किए जा बीमा  के प्रमुखों को यह मुलाकात चला गया। इन बढते के चलते ٩ ٩٢ कंपनियों के कमीशन भुगतान से जुड़े सकते हे कमीशन भुगतान ६०,८०० करोड़रुपये  कई कंपनियां अपने प्रबंधन खर्च को सोमा को पार कर चुको हैं । इस स्थिति बढ़ते खर्चों और नियामिकीय सीमाओं  पिछले एक दशक में पॉलिसी को से अधिक रहना था। जबकि साधारण  को लेकर हो हुई थी। बताया जा रहा है बीमा कंपनियों के मामले में यह भुगतान  को देखतेहुएबोमा नियामकनएनियमों  संख्या में ठहराव के बावजूद खर्चो में कि इस बैठक का आधार वित्त वर्ष आंकड़ा ४७ ००० करोड़ रुपये के पार लाने पर विचार कर रहा है।ये नियम लगभग 9 ४% सालानाकी वृद्धिहुईहै - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 आज का सम्पादकीय
🌞 Good Morning🌞 - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 ज्ञान गंगा
🌞 Good Morning🌞 - feogedlo मनसा वाचा कर्मणा सुविधा और ಶಗಿ मिलने के बाद भी खुशी मनाने का हुनर न जानकर तड़प  बाजार, बस अड्डे, कॉलेज, मंदिर. चाहे किसी भी थोड़ी देर खड़े हो जाइए। सामने से गुजरने वाले रहे हैं।इस तरहकाएकबंगला चाहिए उस तरहकोएक जगह लोगों पर गौर कीजिए।ध्यानसेदेखिए, कितने चेहरों पर तरहसुखमय जीवन।इस बात की परवाह  कार.. उनकी खुशी नाच रही है। सौ लोग निकल गए॰ तो उनमें से नहींकोकि वह आप पर जंचेगा या नहीं आपके लायक केवल चार-पांच चेहरों परहंसी दिखेगी । ऐसे चेहरे वाले है भी कि नहीं; बस उसे अपनी प्रकृति बनाना चाहते हैं। लोग २०-२५ साल से कम उम्र के होते हैं। ३० के पार किसी नेसलाहदी किइनदिनों सॉफ्टवेयर बिजनेस पहुंचे लोग यूंदिखते हैं, मानो उनका सब कुछ लुट गया  , হ্রম মুনন্ষয जोरों पर है॰ आप उसके लिए तैयार होे रहे है।रुखी नजर से देखते हुए, उदासी और मायूसी से भरी  हैं।एक सज्जन आपको दयनीय दृष्टि से देखते हैं और मुद्रा में चलते मिलते हैं, मानो गमी के घर से गंभीर मुख चंदसौ साल पहले, सारेजहानको लौट रहे हों। তরনা  है? खुद अपने किसलिए बाहर जाकर  जीतने का दम भरने वाले शहंशाहों को आपको आईने गें देखिए न ! पांच साल को उम्र में आप भी इतनी सारी सुविधाएं मयस्सर नहीं बगीचे मं तितलो के पोछे भाग रहे थे. उस समय आपके थीं जितनी आज आपको हैं। क्या चेहरे परजो उल्लास नाच रहा था, क्या वह अब दिखाई देरहा है ? पांच साल की उम्रमेंतितलो को छूतेहो उसके आपकी खुशी उसी अनुपात में बढ़़ी है? मोहक रंग आपके हाथ पर झिलमिलाते हुए चिपक गए।  उस वक्त आपको यही महसूस हुआ था कि दुनिया में इससे बढ़कर कोई आनंद है ही नहीं | आपके अंदर से छलक छलककर बिखर रही थी, हैन? ్రా9T" कहते हैं, वह देखिए बदरंग कमीज पहने जो आदमी घूम  पांच वर्ष को आयु में आपके पास ಞ 9? 31 उसको सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप गें अमेरिका  ಫಡ್ಕಾ; आपकेपासक्या-्क्याहै ? ऊंची पढ़ाई, , मकान गाड़ी, पहली तारीख आते ही बैंक खाते में जमा हो रही में बड़ी धाक थी। मंदी आई और उसे वापस भारत भेज का संघ बनाने के बारे में तनख्वाह, सोते समय भी साथ रहता सेलफोन... आपने दिया गया। अब वह भुखमरों  कितना कुछइकट्ठा कर रखा है ! चंद सदियों पहले, सारे  सोच रहा है, इसलिए मेरी मानें , तो शेयर बिजनेस शुरू जहान को जीतने का दम भरने वाले शहंशाहों को भो दोजिए। शेयर बिजनेस तो सांप बिच्छ हैं॰ क्या वे कर इतनी सारी सुविधाएं मयस्सर नहीं थीं। फिर भी क्या आपको छोड़ देंगे ? उसी अनुपात में बढ़ी है ? साफहै अपनी प्रकृतिकोपहचानेबिना उल्टी दिशा आपको  खुशी  इसलिए इच्छित वस्तु न मिलने पर यदि आप मुंह  में पतवार चलाते जाएंगे , तो जिंदगी तबाह ही होगी।  लटकाएं फिर रहे हैं, तो यह मूर्खता ही है। वांछित वस्तु  सद्गुरु जग्गी वासुदेव feogedlo मनसा वाचा कर्मणा सुविधा और ಶಗಿ मिलने के बाद भी खुशी मनाने का हुनर न जानकर तड़प  बाजार, बस अड्डे, कॉलेज, मंदिर. चाहे किसी भी थोड़ी देर खड़े हो जाइए। सामने से गुजरने वाले रहे हैं।इस तरहकाएकबंगला चाहिए उस तरहकोएक जगह लोगों पर गौर कीजिए।ध्यानसेदेखिए, कितने चेहरों पर तरहसुखमय जीवन।इस बात की परवाह  कार.. उनकी खुशी नाच रही है। सौ लोग निकल गए॰ तो उनमें से नहींकोकि वह आप पर जंचेगा या नहीं आपके लायक केवल चार-पांच चेहरों परहंसी दिखेगी । ऐसे चेहरे वाले है भी कि नहीं; बस उसे अपनी प्रकृति बनाना चाहते हैं। लोग २०-२५ साल से कम उम्र के होते हैं। ३० के पार किसी नेसलाहदी किइनदिनों सॉफ्टवेयर बिजनेस पहुंचे लोग यूंदिखते हैं, मानो उनका सब कुछ लुट गया  , হ্রম মুনন্ষয जोरों पर है॰ आप उसके लिए तैयार होे रहे है।रुखी नजर से देखते हुए, उदासी और मायूसी से भरी  हैं।एक सज्जन आपको दयनीय दृष्टि से देखते हैं और मुद्रा में चलते मिलते हैं, मानो गमी के घर से गंभीर मुख चंदसौ साल पहले, सारेजहानको लौट रहे हों। তরনা  है? खुद अपने किसलिए बाहर जाकर  जीतने का दम भरने वाले शहंशाहों को आपको आईने गें देखिए न ! पांच साल को उम्र में आप भी इतनी सारी सुविधाएं मयस्सर नहीं बगीचे मं तितलो के पोछे भाग रहे थे. उस समय आपके थीं जितनी आज आपको हैं। क्या चेहरे परजो उल्लास नाच रहा था, क्या वह अब दिखाई देरहा है ? पांच साल की उम्रमेंतितलो को छूतेहो उसके आपकी खुशी उसी अनुपात में बढ़़ी है? मोहक रंग आपके हाथ पर झिलमिलाते हुए चिपक गए।  उस वक्त आपको यही महसूस हुआ था कि दुनिया में इससे बढ़कर कोई आनंद है ही नहीं | आपके अंदर से छलक छलककर बिखर रही थी, हैन? ్రా9T" कहते हैं, वह देखिए बदरंग कमीज पहने जो आदमी घूम  पांच वर्ष को आयु में आपके पास ಞ 9? 31 उसको सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप गें अमेरिका  ಫಡ್ಕಾ; आपकेपासक्या-्क्याहै ? ऊंची पढ़ाई, , मकान गाड़ी, पहली तारीख आते ही बैंक खाते में जमा हो रही में बड़ी धाक थी। मंदी आई और उसे वापस भारत भेज का संघ बनाने के बारे में तनख्वाह, सोते समय भी साथ रहता सेलफोन... आपने दिया गया। अब वह भुखमरों  कितना कुछइकट्ठा कर रखा है ! चंद सदियों पहले, सारे  सोच रहा है, इसलिए मेरी मानें , तो शेयर बिजनेस शुरू जहान को जीतने का दम भरने वाले शहंशाहों को भो दोजिए। शेयर बिजनेस तो सांप बिच्छ हैं॰ क्या वे कर इतनी सारी सुविधाएं मयस्सर नहीं थीं। फिर भी क्या आपको छोड़ देंगे ? उसी अनुपात में बढ़ी है ? साफहै अपनी प्रकृतिकोपहचानेबिना उल्टी दिशा आपको  खुशी  इसलिए इच्छित वस्तु न मिलने पर यदि आप मुंह  में पतवार चलाते जाएंगे , तो जिंदगी तबाह ही होगी।  लटकाएं फिर रहे हैं, तो यह मूर्खता ही है। वांछित वस्तु  सद्गुरु जग्गी वासुदेव - ShareChat