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#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #✍️ जीवन में बदलाव गोंदवलेधाम इंदौर🙏
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - -074 IFRE WITTWIR  8 [ जन्मदिवस १९ फरवरी उत्सव दिवस २२ फरवरी २०२६ रविवार सद्गुरु संत श्री गोंदवलेकर महाराज के १८१ वे जन्मदिवस पर.॰ [ पूज्यनीय श्री श्री राम कोकजे गुरूजी की प्रेरणा से .०! परम उत्सव रुपरेखा पालकी यात्रा नियमित उपासना भजन ्कीर्तन महाप्रसादी पलना झूलन सांय ०४ बजे से प्रातः ०८ बजे से दो. ०२ बजे से प्रातः ०९ बजे से गोंदवले धाम परिवार की और से सभी गुरु भक्तो को मंगल बधाई FB/IGIYT @GondawaledhamIndore -074 IFRE WITTWIR  8 [ जन्मदिवस १९ फरवरी उत्सव दिवस २२ फरवरी २०२६ रविवार सद्गुरु संत श्री गोंदवलेकर महाराज के १८१ वे जन्मदिवस पर.॰ [ पूज्यनीय श्री श्री राम कोकजे गुरूजी की प्रेरणा से .०! परम उत्सव रुपरेखा पालकी यात्रा नियमित उपासना भजन ्कीर्तन महाप्रसादी पलना झूलन सांय ०४ बजे से प्रातः ०८ बजे से दो. ०२ बजे से प्रातः ०९ बजे से गोंदवले धाम परिवार की और से सभी गुरु भक्तो को मंगल बधाई FB/IGIYT @GondawaledhamIndore - ShareChat
#✍️ जीवन में बदलाव #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 गोंदवलेधाम इंदौर🙏
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01:00
#🙏सुविचार📿 #🌸पॉजिटिव मंत्र #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #✍️ जीवन में बदलाव #❤️जीवन की सीख गोंदवलेधाम इंदौर🙏
🙏सुविचार📿 - ShareChat
01:38
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🌸पॉजिटिव मंत्र #🙏सुविचार📿गोंदवलेधाम इंदौर🙏
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
01:11
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️जीवन की सीख #🙏सुविचार📿 #🌸पॉजिटिव मंत्र #✍️ जीवन में बदलाव 🌸🌼🙏गोंदवलेधाम इंदौर 🙏🌼🌸
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00:26
#व्हाट्सएप्प स्टेटस #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स 🌸🌼🙏गोंदवलेधाम इंदौर🙏🌼🌸
व्हाट्सएप्प स्टेटस - सतगुरूु नाथ महाराज की जय Il गोंदवले धाम इंदौर !! उत्तर दायित्व 66 से यदि हम अपने  हैँतो हमारे ಸi೧೩೯೫೯ಕ; उत्तरदायित्व उनका समाप्त हो जाता है नियमित सद्गरु शरण रहने से और गुँरु आज्ञा पालन से ही हमारा जीवन सुख में होता है श्री कोकजे गुरूजी 1896 ` आध्यात्मिक चितक समाज सुधारक प.पू॰श्नी श्रीराम कोकजे " गुरूजी गोंदवले धाम प्रजापत नगर इंदौर सतगुरूु नाथ महाराज की जय Il गोंदवले धाम इंदौर !! उत्तर दायित्व 66 से यदि हम अपने  हैँतो हमारे ಸi೧೩೯೫೯ಕ; उत्तरदायित्व उनका समाप्त हो जाता है नियमित सद्गरु शरण रहने से और गुँरु आज्ञा पालन से ही हमारा जीवन सुख में होता है श्री कोकजे गुरूजी 1896 ` आध्यात्मिक चितक समाज सुधारक प.पू॰श्नी श्रीराम कोकजे " गुरूजी गोंदवले धाम प्रजापत नगर इंदौर - ShareChat
#🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #व्हाट्सएप्प स्टेटस गोंदवलेधाम इंदौर🙏
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01:23
#I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 #🕯️14 फरवरी ब्लैक डे⚫ #🇮🇳 देशभक्ति गीत 🎶 #🕯️पुलवामा हमले के 7 साल🙏
I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 - ShareChat
00:15
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #व्हाट्सएप्प स्टेटस #🤟 सुपर स्टेटस गोंदवलेधाम इंदौर🙏 🌸🌼🙏
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ೪ प्रकार योग विद्या अथवा मंत्रविद्या का ज्ञान कहाँ तक ठोक है? थवा  ೧ स्वप् लोग योगविद्या अथवा मंत्रविद्या जैसो विद्याओं को | बहुत से a- को ओर मोड़ते हैं। उसमें निहित शक्ति पर्याप्त अभ्यास 0 प्राप्त किए गई शक्ति साधना हुए लोग भी मिलते हैं। किन्तु १ ) उन शक्तियों को जितने प्रमाण में उपयोग  11 शक्ति में लाएंगे , वह क्षीण होती है और २ ) इससे भी बड़ी नीति है, जब ऐहिक अथवा उद्देश्य के लिए उनका उपयोग करने का मोह हुए बिना नहों रहता। कभो कभी अथवा ऐसी सिद्धि प्राप्त व्यक्ति, परहित के लिए परोपकार हेतु उनका उपयोग करने अथवा f3 लगता हे। यह भावना अंत तक बनाए रखना असंभव रहता है और mಣ वास्तविक वासना नाश न होने के कारण कभी न कभी वह शक्तियाँ {ಫ स्वार्थ লিব  777 55 मलने प्रयुक्त करने का मोह उत्पन्न होता है। वहों अनाचार का प्रारंभ हाकर अततः उस व्यक्ति का आध्यात्मिक पतन होता है। योग सामर्थ्य से कुण्डलिनी जागृत कर उसे ब्रह्मरंध्र तक ಬ जाना संभव है और उसका अमृतस्त्राव होता है, शरीर को हुई विषबाधा किन्तु  अथवा अन्य व्याधियाँ उसके कारण दूर नहों हो सकतो। वैसे ही योग बल से 57 7 समाधि लगाना संभव हुआ, तो भी देह- दोष समाधि रहने तक स्थगित करते ননণা; उसका अंतिम निराकरण नहीं होता। देह को प्राप्त विषबाधा  ক্িল্লু ؛+٦٢٩ राम ' के जप से ही दूर हुई। इसलिए शंकरजी अविरत रामनाम जपते  ओर इसी रामनाम के साधन का सभी को उपदेश देते हैं।  पुरुष अपनी शिक्षा को योग  महाराजश्री ॰  बडे॰बड़े ज्ञानी प्रश्न ४९ : योग தரி योग कहते हैं। उदा॰ कर्म योग॰ प्रेम पूर्ण योग॰ महायोग इ॰ आपका कौनसा योग है? f49 बड़ा क बाबत क्या कहे / योग का उमारा 'सहजयोग  होता ह। समाधि सहज होनी चाहिए। जिसम कष्ट नहीं पर्यवसान स्माधि ( ٧ ٥ ) ೪ प्रकार योग विद्या अथवा मंत्रविद्या का ज्ञान कहाँ तक ठोक है? थवा  ೧ स्वप् लोग योगविद्या अथवा मंत्रविद्या जैसो विद्याओं को | बहुत से a- को ओर मोड़ते हैं। उसमें निहित शक्ति पर्याप्त अभ्यास 0 प्राप्त किए गई शक्ति साधना हुए लोग भी मिलते हैं। किन्तु १ ) उन शक्तियों को जितने प्रमाण में उपयोग  11 शक्ति में लाएंगे , वह क्षीण होती है और २ ) इससे भी बड़ी नीति है, जब ऐहिक अथवा उद्देश्य के लिए उनका उपयोग करने का मोह हुए बिना नहों रहता। कभो कभी अथवा ऐसी सिद्धि प्राप्त व्यक्ति, परहित के लिए परोपकार हेतु उनका उपयोग करने अथवा f3 लगता हे। यह भावना अंत तक बनाए रखना असंभव रहता है और mಣ वास्तविक वासना नाश न होने के कारण कभी न कभी वह शक्तियाँ {ಫ स्वार्थ লিব  777 55 मलने प्रयुक्त करने का मोह उत्पन्न होता है। वहों अनाचार का प्रारंभ हाकर अततः उस व्यक्ति का आध्यात्मिक पतन होता है। योग सामर्थ्य से कुण्डलिनी जागृत कर उसे ब्रह्मरंध्र तक ಬ जाना संभव है और उसका अमृतस्त्राव होता है, शरीर को हुई विषबाधा किन्तु  अथवा अन्य व्याधियाँ उसके कारण दूर नहों हो सकतो। वैसे ही योग बल से 57 7 समाधि लगाना संभव हुआ, तो भी देह- दोष समाधि रहने तक स्थगित करते ননণা; उसका अंतिम निराकरण नहीं होता। देह को प्राप्त विषबाधा  ক্িল্লু ؛+٦٢٩ राम ' के जप से ही दूर हुई। इसलिए शंकरजी अविरत रामनाम जपते  ओर इसी रामनाम के साधन का सभी को उपदेश देते हैं।  पुरुष अपनी शिक्षा को योग  महाराजश्री ॰  बडे॰बड़े ज्ञानी प्रश्न ४९ : योग தரி योग कहते हैं। उदा॰ कर्म योग॰ प्रेम पूर्ण योग॰ महायोग इ॰ आपका कौनसा योग है? f49 बड़ा क बाबत क्या कहे / योग का उमारा 'सहजयोग  होता ह। समाधि सहज होनी चाहिए। जिसम कष्ट नहीं पर्यवसान स्माधि ( ٧ ٥ ) - ShareChat
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00:23