संसार की प्राप्ति की इच्छा ही भगवत्प्राप्ति में बाधक है । हमारे हृदय में अनंत इच्छाएं व्याप्त हैं, एक समाप्त होती है हम दूसरे की प्राप्ति के पीछे लग जाते हैं । यह इच्छाएं जब तक रहेंगी, तब तक ईश्वर प्राप्ति, सुख, आनंद, पीस नहीं प्राप्त हो सकता ।
श्रीजी महाराज #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕