Ashok Anand Kanoujia
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#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - नशा भी दो तरह का होता है, एक अंहकार का, दूसरा शराब का, शराब के नशें इंसान बेपरवाह हो जाता 8, अंहकार के नशें इंसान अपनी इंसानियत भूल जाता है, नशा भी दो तरह का होता है, एक अंहकार का, दूसरा शराब का, शराब के नशें इंसान बेपरवाह हो जाता 8, अंहकार के नशें इंसान अपनी इंसानियत भूल जाता है, - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
🙏गीता ज्ञान🛕 - कलम के सिकन्दर बाबा भीमराव अम्बेडकर भाखतको संविधान देकर देश्को कोनून व्यवस्था और न्याय पालिका को उच्च स्थान दिलाया, laidg Wod aiddlll कलम के सिकन्दर बाबा भीमराव अम्बेडकर भाखतको संविधान देकर देश्को कोनून व्यवस्था और न्याय पालिका को उच्च स्थान दिलाया, laidg Wod aiddlll - ShareChat
#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🙏गीता ज्ञान🛕
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - आज के समय मे सबसे बडा जादूगर उधार मांगने वाला होता है, जो उधार लेने के बाद गायब हो जाता हैं, और वह ऐसा गायब होता है कि उसे गूगल भी नहीं ढूंढ पाता है, आज के समय मे सबसे बडा जादूगर उधार मांगने वाला होता है, जो उधार लेने के बाद गायब हो जाता हैं, और वह ऐसा गायब होता है कि उसे गूगल भी नहीं ढूंढ पाता है, - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
💝 शायराना इश्क़ - जब तक उत्तर प्रदेश मे योगी है, तब तक उत्तर प्रदेश मे अपराध और अपराधी दंड का भोगी है, जब तक उत्तर प्रदेश मे योगी है, तब तक उत्तर प्रदेश मे अपराध और अपराधी दंड का भोगी है, - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - पार्ट -२ मानव से मानवता घटती और मिटती जा रही है, प्रेम ्भाव की बलि चढ़ती जा रही हैं, ईर्ष्या, क्रोध , अंहकार और हीन-भावना प्रवल प्रचंड होती जा रही है, पार्ट -२ मानव से मानवता घटती और मिटती जा रही है, प्रेम ्भाव की बलि चढ़ती जा रही हैं, ईर्ष्या, क्रोध , अंहकार और हीन-भावना प्रवल प्रचंड होती जा रही है, - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - संस्कारों की बाट लगतीं जा रही है, रील के ज़रिए नाच और फैशन से अश्लीलता बंटती जा रही है, समझ नही आता लोग और ये दुनिया कहां जा रही है, शिष्टाचार और भाषा सबकी बदलती जा रही है, संस्कृति और संस्कारों की सभ्यता की हवा दिनों दिन बदलती जा रही है, सोशल मीडिया सबको अपनी गिरफ्त मे लेती जा रही है, हर एक की ज़ुबान बिन जहर के कड़वी होती जा रही है, मानव से मानवता घटती औ संस्कारों की बाट लगतीं जा रही है, रील के ज़रिए नाच और फैशन से अश्लीलता बंटती जा रही है, समझ नही आता लोग और ये दुनिया कहां जा रही है, शिष्टाचार और भाषा सबकी बदलती जा रही है, संस्कृति और संस्कारों की सभ्यता की हवा दिनों दिन बदलती जा रही है, सोशल मीडिया सबको अपनी गिरफ्त मे लेती जा रही है, हर एक की ज़ुबान बिन जहर के कड़वी होती जा रही है, मानव से मानवता घटती औ - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #💝 शायराना इश्क़
🙏गीता ज्ञान🛕 - दशहरे में राम से अधिक महत्व रावण का होता है, क्योंकि जलते रावण के पुतले को हर कोई देखना चहता है, वहा पुतले का नही अंहकार का दहन होता है! दशहरे में राम से अधिक महत्व रावण का होता है, क्योंकि जलते रावण के पुतले को हर कोई देखना चहता है, वहा पुतले का नही अंहकार का दहन होता है! - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - क्या हमे इस बात का भी जरा सा भी आभास है, कि हम बुरा करते करते या सोचनें मात्र से अपनी अच्छाईयां खो देते हैं एक बदला लेने चक्कर में, मे हम  फिर क्या फर्क है उसमें और हममें फिर तो बुराईयों उसी के समान हो गये, समान होते ्होते खुद का सम्मान गंवा गये, क्या हमे इस बात का भी जरा सा भी आभास है, कि हम बुरा करते करते या सोचनें मात्र से अपनी अच्छाईयां खो देते हैं एक बदला लेने चक्कर में, मे हम  फिर क्या फर्क है उसमें और हममें फिर तो बुराईयों उसी के समान हो गये, समान होते ्होते खुद का सम्मान गंवा गये, - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - है तो सूरज और चांद बनों , बनना दिन में भी चमको रात में पूर्णिमा का चांद बनों , लोगों की प्रेरणा का स्रोत बनों खुद भी बढ़ो आगे लोगों को भी लेकर साथ चलो, बनो अपने कारंवा के सार्थी, ना तुम बनो स्वार्थी, ना व्यक्तिगत वाद विवाद में उलझो उससे पहले एक अच्छा इंसान बनो,  है तो सूरज और चांद बनों , बनना दिन में भी चमको रात में पूर्णिमा का चांद बनों , लोगों की प्रेरणा का स्रोत बनों खुद भी बढ़ो आगे लोगों को भी लेकर साथ चलो, बनो अपने कारंवा के सार्थी, ना तुम बनो स्वार्थी, ना व्यक्तिगत वाद विवाद में उलझो उससे पहले एक अच्छा इंसान बनो, - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - चिन्तन करे उज्ज्वल भविष्य की,  सुविधाओं और आलस्य का, बलिदान करे सुख त्याग करे फालतु मित्रता और तर्कनवितर्क की, और मनोज्ञान बढ़ानें के लिये मित्रता और प्रेम करे अच्छी पुस्तको से, ना समय से आगे चलें ना समय से पीछे प्रयास करे सदैव समय के साथनसाथ कदम मिलाकर चलने की, चिन्तन करे उज्ज्वल भविष्य की,  सुविधाओं और आलस्य का, बलिदान करे सुख त्याग करे फालतु मित्रता और तर्कनवितर्क की, और मनोज्ञान बढ़ानें के लिये मित्रता और प्रेम करे अच्छी पुस्तको से, ना समय से आगे चलें ना समय से पीछे प्रयास करे सदैव समय के साथनसाथ कदम मिलाकर चलने की, - ShareChat