Ashok Anand Kanoujia
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#🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏कर्म क्या है❓ - मेरी मुस्कराहटों पे ना जाओ दिलो मै मैने गमों के समुद्र को छुपा रखा है, ना कुरेदो मेरे जख्मों को मैने सुनामी से खतरनाक तूफान को अपने ज़हन में दबा रखा है, मेरी मुस्कराहटों पे ना जाओ दिलो मै मैने गमों के समुद्र को छुपा रखा है, ना कुरेदो मेरे जख्मों को मैने सुनामी से खतरनाक तूफान को अपने ज़हन में दबा रखा है, - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓
🙏कर्म क्या है❓ - पैरों के कदम तो ना ठहरे 0 आपसी प्यार और इंसानियत जरूर ठहर गई है, नजदीक होते हुऐ भी दिलो में दूरियां बढ गई है, पैरों के कदम तो ना ठहरे 0 आपसी प्यार और इंसानियत जरूर ठहर गई है, नजदीक होते हुऐ भी दिलो में दूरियां बढ गई है, - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏कर्म क्या है❓ - कभी बातें करने की कोई वजह नहीं होती, अब वजह भी है तो किसी को किसी से करने की दो पल की फुर्सत तलक नहीं होती , बात पहले दूरियां थी तो दिल मे नजदीकियां थी, अब नजदिकियां भी है तो दिलों में दूरियां होती, कभी कभी सोचता हूं कि वक्त बदला हैं या आज के दौर का इंसान? कभी बातें करने की कोई वजह नहीं होती, अब वजह भी है तो किसी को किसी से करने की दो पल की फुर्सत तलक नहीं होती , बात पहले दूरियां थी तो दिल मे नजदीकियां थी, अब नजदिकियां भी है तो दिलों में दूरियां होती, कभी कभी सोचता हूं कि वक्त बदला हैं या आज के दौर का इंसान? - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏कर्म क्या है❓ - जो कहते फिरते है ज़माने में लोगों से, हम सबको जानते और पहचानते हैं, कभी उन्होंने अपने खुद के ज़हन मे झांक कर खुद को जाना या पहचानने की कोशिश भी की है, कि वो खुद क्या चीज़ है, जो हो खुद की फितरतों से अंजान वो क्या करेगा लोगो की पहचान , दावा और वादा करना जितना आसान है, उतना ही किसी इल्ज़ाम लगाना आसान है, जो कहते फिरते है ज़माने में लोगों से, हम सबको जानते और पहचानते हैं, कभी उन्होंने अपने खुद के ज़हन मे झांक कर खुद को जाना या पहचानने की कोशिश भी की है, कि वो खुद क्या चीज़ है, जो हो खुद की फितरतों से अंजान वो क्या करेगा लोगो की पहचान , दावा और वादा करना जितना आसान है, उतना ही किसी इल्ज़ाम लगाना आसान है, - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓
🙏कर्म क्या है❓ - जिद्दी और वेबकूफ कोई खास फर्क नहीं होता जो जिद्दी होता है, वह अपने अहम में अपनी अक्ल को खो 8, और अक्लमंद होते हुऐ भी बेवकूफी भरे काम को अंजाम दिया करता है, जिद्दी और वेबकूफ कोई खास फर्क नहीं होता जो जिद्दी होता है, वह अपने अहम में अपनी अक्ल को खो 8, और अक्लमंद होते हुऐ भी बेवकूफी भरे काम को अंजाम दिया करता है, - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - सुरक्षित रखना चाहते हो अपना सम्मान अगर आपको तो आप कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें , तकिसी को मुफ्त में सलाह ना दे, १-आप बिन मांगे २-जहा आपको नज़रंदाज़ किया जाये वहा से आप पलायन जाते, कर ३-बार-बार किसी के घर ना जाये , जब कोई की बार आमन्त्रित करे तो पहले विचार करे फिर जाने के लिये सोचें, ४-जहा आपकी बातों को महत्व ना दिया जाये और सुना ना जाऐ वहा आप अपने विचारों को विराम देवें,  सुरक्षित रखना चाहते हो अपना सम्मान अगर आपको तो आप कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें , तकिसी को मुफ्त में सलाह ना दे, १-आप बिन मांगे २-जहा आपको नज़रंदाज़ किया जाये वहा से आप पलायन जाते, कर ३-बार-बार किसी के घर ना जाये , जब कोई की बार आमन्त्रित करे तो पहले विचार करे फिर जाने के लिये सोचें, ४-जहा आपकी बातों को महत्व ना दिया जाये और सुना ना जाऐ वहा आप अपने विचारों को विराम देवें, - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - जो इंसान खुद को जरूरत से ज्यादा होशियार अक्लमंद और चतुर समझता है वह इंसान वहम और गलतफहमियों मे अपनी जिंदगी को जीया करता है, जो इंसान खुद को जरूरत से ज्यादा होशियार अक्लमंद और चतुर समझता है वह इंसान वहम और गलतफहमियों मे अपनी जिंदगी को जीया करता है, - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - रास्ते कही नहीं जातेरास्ते तो वहां लें जाते जहां दिल की भी चाह नहीं होती, होती है कुछ मजबूरियां जिस काम को ना करने चाह होती, फिर भी करना पड़ता है, यही मजबूरियों की असल वजह होती , इल्ज़ाम लगा देते है नसीबों पे क्योंकि जिंदगी की सबसे कमजोर कडी वही होती, अशोक कुमार कनौजिया रास्ते कही नहीं जातेरास्ते तो वहां लें जाते जहां दिल की भी चाह नहीं होती, होती है कुछ मजबूरियां जिस काम को ना करने चाह होती, फिर भी करना पड़ता है, यही मजबूरियों की असल वजह होती , इल्ज़ाम लगा देते है नसीबों पे क्योंकि जिंदगी की सबसे कमजोर कडी वही होती, अशोक कुमार कनौजिया - ShareChat
#🙏🏻गुरबानी
🙏🏻गुरबानी - मुझे कागज के फूलो से, और दिखावटी उसूलों से चिढ़ नहीं, कागज के फूल जैसे खूशबू नही दे सकते , वैसे ही दिखावटी और बनावटी उसूल इंसानियत और इंसानी रिश्ता नहीं निभा सकते , मुझे कागज के फूलो से, और दिखावटी उसूलों से चिढ़ नहीं, कागज के फूल जैसे खूशबू नही दे सकते , वैसे ही दिखावटी और बनावटी उसूल इंसानियत और इंसानी रिश्ता नहीं निभा सकते , - ShareChat
#🙏🏻गुरबानी
🙏🏻गुरबानी - एक दीवार वो जो आशियाना बन जिंदगी को सहारा देती है, एक दीवार वो जो बंटवारा करके एक को हदों मे बांटती है, दूसरे ' ೫su7 riais-urim#r 8 एक दीवार वो जो आशियाना बन जिंदगी को सहारा देती है, एक दीवार वो जो बंटवारा करके एक को हदों मे बांटती है, दूसरे ' ೫su7 riais-urim#r 8 - ShareChat