Priyanka Tiwary
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#🙏शाम की आरती🪔 #🙏🏻सीता राम #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺
🙏शाम की आरती🪔 - JP TECHWALA समय के साथ समझ आता है कि भगवान ने जो दिया , वह भी कृपा थी और जो नहीं दिया, वह भी कृपा थी। क्योंकि कई बार हमारी नजर सिर्फ इच्छा पर होती है, जबकि उनकी नजर हमारे पूरे जीवन पर होती है। हरे कृष्ण ।। || JP TECHWALA समय के साथ समझ आता है कि भगवान ने जो दिया , वह भी कृपा थी और जो नहीं दिया, वह भी कृपा थी। क्योंकि कई बार हमारी नजर सिर्फ इच्छा पर होती है, जबकि उनकी नजर हमारे पूरे जीवन पर होती है। हरे कृष्ण ।। || - ShareChat
#🙏शाम की आरती🪔 #📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺 #🙏🏻सीता राम #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🙏शाम की आरती🪔 - P9 colection माता पार्वती और्भोलेनाथ अपनी कृपा दृष्टि आप आपके एव परिवार परसंदा बनाए खखें शुभ सोमवार ऊँ नमः शिवाय P9 colection माता पार्वती और्भोलेनाथ अपनी कृपा दृष्टि आप आपके एव परिवार परसंदा बनाए खखें शुभ सोमवार ऊँ नमः शिवाय - ShareChat
#🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺 #🙏🏻सीता राम
🙏 माँ वैष्णो देवी - !! ऊँ नमः शिवाय !! ऊँ आदि देव शकराय नमः 00 ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनानत् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।। !! ऊँ नमः शिवाय !! ऊँ आदि देव शकराय नमः 00 ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनानत् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।। - ShareChat
#🙏 माँ वैष्णो देवी #📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺 #🙏शाम की आरती🪔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🙏🏻सीता राम
🙏 माँ वैष्णो देवी - जय जय श्री राधे 6 @ राधा नाम प्रताप ते, मिटहिं हृदय के दाग। ज्यों रवि उदिते एक क्षण, भागे तम अनुराग।I जय जय श्री राधे 6 @ राधा नाम प्रताप ते, मिटहिं हृदय के दाग। ज्यों रवि उदिते एक क्षण, भागे तम अनुराग।I - ShareChat
#🙏शाम की आरती🪔 #🙏🏻सीता राम #📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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🙏शाम की आरती🪔 - शक्तिशाली शाबर मंत्र मंत्र शंकर शंकर काशी के वाशी अरज हमारी दरश दिखाओ गौरा संग आओ दोनो सुत संग लाओ दलिद्र काटो रोग काटो शत्रु नाशो भण्डार भरो, न करो तो तोको राजा राम की दुहाई यह मंत्र अत्यंत प्रचंड और चमत्कारी है जो पल भर में किसी भी काम को संपन्न कर देता है यह आपको कोई नहीं देगा क्योंकि यह क्योकि यह गुरुमुखी है लेकिन गुरु आज्ञा से हम सीखा रहे हैं। अगर आप भी सबर मंत्र में आगे बढ़ना चाहते तो गंवाए बिना। आज ही ज्वॉइन करें। 33 शक्तिशाली शाबर मंत्र मंत्र शंकर शंकर काशी के वाशी अरज हमारी दरश दिखाओ गौरा संग आओ दोनो सुत संग लाओ दलिद्र काटो रोग काटो शत्रु नाशो भण्डार भरो, न करो तो तोको राजा राम की दुहाई यह मंत्र अत्यंत प्रचंड और चमत्कारी है जो पल भर में किसी भी काम को संपन्न कर देता है यह आपको कोई नहीं देगा क्योंकि यह क्योकि यह गुरुमुखी है लेकिन गुरु आज्ञा से हम सीखा रहे हैं। अगर आप भी सबर मंत्र में आगे बढ़ना चाहते तो गंवाए बिना। आज ही ज्वॉइन करें। 33 - ShareChat
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🙏शाम की आरती🪔 - पुरुषोत्तम मास में दीपदान कैसे करें ३३ बत्तियों का दीपक अधिक मास में ३३ ( तैंतीस ) की संख्या का 553 महत्व है आप रुई की ३३ बत्तियां बनाकर एक मिट्टी के दीपक में घी डालकर प्रज्वलित कर सकतें हैं यदि यह संभव न हो, तो आप ३३ छोटे दीपक भी जला सकते हैं स्थान सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार की चौखट पर, নুলমী ক पौधें के पास या किँसी पवित्र नदी, तालाब या मंदिर में दीपदान करें तुलसी के पास 9 बत्तियों का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है मंत्र और प्रार्थना विष्णु  और माता लक्ष्मी दीपक जलाते समय भगवान ऊँ नमो भगवँते वासुदेवाय " मंत्र का ध्यान करें आप I7 का जाप भी कर सकते हैं। पुरुषोत्तम मास में दीपदान कैसे करें ३३ बत्तियों का दीपक अधिक मास में ३३ ( तैंतीस ) की संख्या का 553 महत्व है आप रुई की ३३ बत्तियां बनाकर एक मिट्टी के दीपक में घी डालकर प्रज्वलित कर सकतें हैं यदि यह संभव न हो, तो आप ३३ छोटे दीपक भी जला सकते हैं स्थान सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार की चौखट पर, নুলমী ক पौधें के पास या किँसी पवित्र नदी, तालाब या मंदिर में दीपदान करें तुलसी के पास 9 बत्तियों का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है मंत्र और प्रार्थना विष्णु  और माता लक्ष्मी दीपक जलाते समय भगवान ऊँ नमो भगवँते वासुदेवाय " मंत्र का ध्यान करें आप I7 का जाप भी कर सकते हैं। - ShareChat
#🙏 माँ वैष्णो देवी #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🙏शाम की आरती🪔 #📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺 #🙏🏻सीता राम
🙏 माँ वैष्णो देवी - पांडवोंजे केदाखाथ मंदिर क्योंबनवाया्थ? महाभारत के युद्ध के बाद, पांडवों पर अपने ही रिश्तेदारों की हत्या ( गोत्र हत्या) का पाप लगा था। इस पाप से मुक्ति fag पाने के वे शिवजी की शरण में गए थे। लेकिन शिव जी उनसे नाराज थे और बैेल का रूप लेकर हिमालय में छिप गए थे। परन्तु भीम ने उस बेल के रूप को पहचान लिया, इसलिए भगवान शिव जमीन में समाने लगे। तो भीम ने उनकी पीठ का कूबड़ वाला हिस्सा पकड़ा लिया। इसके बाद यहीं पर पांडवों ने केदारनाथ मंदिर बनाया था। इसके बाद 8वीं शताब्दी में आदि गुरुशंकराचार्य ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण करवाया था। पांडवोंजे केदाखाथ मंदिर क्योंबनवाया्थ? महाभारत के युद्ध के बाद, पांडवों पर अपने ही रिश्तेदारों की हत्या ( गोत्र हत्या) का पाप लगा था। इस पाप से मुक्ति fag पाने के वे शिवजी की शरण में गए थे। लेकिन शिव जी उनसे नाराज थे और बैेल का रूप लेकर हिमालय में छिप गए थे। परन्तु भीम ने उस बेल के रूप को पहचान लिया, इसलिए भगवान शिव जमीन में समाने लगे। तो भीम ने उनकी पीठ का कूबड़ वाला हिस्सा पकड़ा लिया। इसके बाद यहीं पर पांडवों ने केदारनाथ मंदिर बनाया था। इसके बाद 8वीं शताब्दी में आदि गुरुशंकराचार्य ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण करवाया था। - ShareChat
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🙏शाम की आरती🪔 - I३० नमः शिवाय।। श्री शिव पुराण महात्म्य भगवान व्यास जी के प्रिय शिष्य से शौनकादि सूतजी की प्रार्थना की ऋषियों ने आग्रह पूर्वक शिव पुराण  सुनाने तो सर्वप्रथम सूत जी बोले- हे ऋषियो! आप सब लोग आप में शिवजी की उत्तम कथा రగౌ धन्य हैं। जो सुनने प्रीति हुई है। आपके सामने उत्तम शिव भक्ति எ वाला तथा शिव को प्रसन्न करने वाला कालरूप सर्प का नाश करने वाला रसायन रूप शास्त्र सुनाता हूँ। इस शास्त्र का वर्णन श्री शिवजी ने स्वयं अपने श्रीमुख से श्रीसनत्कुमारजी  कहा   है। किया। इसलिए इसे शिव महापुराण  इसके जीवों का मन शुद्ध पठन और मनन से कलयुगी  4UT होता है तथा शिव में भक्ति दृढ़ होकर शिवपद की प्राप्ति दान एवं यज्ञों के होती है। हे महर्षियो। सर्व प्रकार के करने से जिस फल की प्राप्ति होती है, वह फल शिवपुराण  के श्रोता को अनायास ही मिल जाता है। संहितायें हैं और ग्रन्थ  की इसमें कुल इस सात चौबीस हजार श्लोक हैं। संहितायें इस प्रकार हैं- विद्येश्वर संहिता , शतरुद्री , कोटिरुद्री  Hfe संहिता , চৎ कैलाश संहिता तथा सातवीं वायु संहिता वाला यह शिवपुराण  महान् तथा दिव्य है। सर्वोपरि ब्रह्म तुल्य है तथा शुभगति देने वाला है। आत्मवेत्ता पुरुष को इस   पुराण  का सदा सेवन ননো মাটিব] I३० नमः शिवाय।। श्री शिव पुराण महात्म्य भगवान व्यास जी के प्रिय शिष्य से शौनकादि सूतजी की प्रार्थना की ऋषियों ने आग्रह पूर्वक शिव पुराण  सुनाने तो सर्वप्रथम सूत जी बोले- हे ऋषियो! आप सब लोग आप में शिवजी की उत्तम कथा రగౌ धन्य हैं। जो सुनने प्रीति हुई है। आपके सामने उत्तम शिव भक्ति எ वाला तथा शिव को प्रसन्न करने वाला कालरूप सर्प का नाश करने वाला रसायन रूप शास्त्र सुनाता हूँ। इस शास्त्र का वर्णन श्री शिवजी ने स्वयं अपने श्रीमुख से श्रीसनत्कुमारजी  कहा   है। किया। इसलिए इसे शिव महापुराण  इसके जीवों का मन शुद्ध पठन और मनन से कलयुगी  4UT होता है तथा शिव में भक्ति दृढ़ होकर शिवपद की प्राप्ति दान एवं यज्ञों के होती है। हे महर्षियो। सर्व प्रकार के करने से जिस फल की प्राप्ति होती है, वह फल शिवपुराण  के श्रोता को अनायास ही मिल जाता है। संहितायें हैं और ग्रन्थ  की इसमें कुल इस सात चौबीस हजार श्लोक हैं। संहितायें इस प्रकार हैं- विद्येश्वर संहिता , शतरुद्री , कोटिरुद्री  Hfe संहिता , চৎ कैलाश संहिता तथा सातवीं वायु संहिता वाला यह शिवपुराण  महान् तथा दिव्य है। सर्वोपरि ब्रह्म तुल्य है तथा शुभगति देने वाला है। आत्मवेत्ता पुरुष को इस   पुराण  का सदा सेवन ননো মাটিব] - ShareChat