Manish
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🙏🙏 jay mahamaya bhadva mata 🙏🙏 #jay mata di #bhadva mata
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Andra pradesh me ab bache peida krne pr milege pese #Andra pradesh government #total fertility rate
total fertility rate - सवाल १: आंध्र प्रदेश में बच्चे पैदा होने पर पैसा मिलने की नई पॉलिसी क्या है? ম বব্ধ जवाबः १६ मई को CM नायडू ने श्रीकाकुलम जिले जनसभा के दौरान बच्चे पैदा करने पर पैसे देने की योजना की घोषणा करते हुए कहा, 'बच्चों को बोझ नहीं , बल्कि देश की संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। जनसंख्या ही भविष्य की असली दौलत है। जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों में घटती आबादी और बुजुर्ग होती जनसंख्या का इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ा है। इसीलिए मैं लंबे समय से जनसंख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा हूं। ' में एक दरअसल , आंध्र प्रदेश सरकार ने 5 मार्च को विधानसभा नई पॉलिसी पेश की थी। इसे ' जनसंख्या प्रबंधन नीति' कहा गया इसमें प्रस्ताव दिया था कि दूसरा बच्चा पैदा होने पर परिवार को २५ हजार रुपए मिलेंगे। अब तीसरे और चौथे बच्चे के पैदा होने पर पैसे की घोषणा को इसी नीति का विस्तार बताया जा रहा है। यानी अब ४ बच्चे पैदा होने पर कुल ९५ हजार रुपए मिलेंगे। नायडू ने अप्रैल २०२५ में भी महिलाओं से ज्यादा बच्चों को जन्म देने की अपील की थी। साथ ही घोषणा की थी कि सरकारी महिला कर्मचारियों के बच्चों की संख्या चाहे जितनी हो, हर बच्चे पर २६ यानी 6 महीने की मैटरनिटी लीव मिलेगी। ' हफ्ते इसके पहले तक 6 महीने का मातृत्व अवकाश सिर्फ पहले दो बच्चों मिलता था। दो से ज्यादा होने पर 3 महीने की छुट्टी का नियम था। सवाल १: आंध्र प्रदेश में बच्चे पैदा होने पर पैसा मिलने की नई पॉलिसी क्या है? ম বব্ধ जवाबः १६ मई को CM नायडू ने श्रीकाकुलम जिले जनसभा के दौरान बच्चे पैदा करने पर पैसे देने की योजना की घोषणा करते हुए कहा, 'बच्चों को बोझ नहीं , बल्कि देश की संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। जनसंख्या ही भविष्य की असली दौलत है। जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों में घटती आबादी और बुजुर्ग होती जनसंख्या का इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ा है। इसीलिए मैं लंबे समय से जनसंख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा हूं। ' में एक दरअसल , आंध्र प्रदेश सरकार ने 5 मार्च को विधानसभा नई पॉलिसी पेश की थी। इसे ' जनसंख्या प्रबंधन नीति' कहा गया इसमें प्रस्ताव दिया था कि दूसरा बच्चा पैदा होने पर परिवार को २५ हजार रुपए मिलेंगे। अब तीसरे और चौथे बच्चे के पैदा होने पर पैसे की घोषणा को इसी नीति का विस्तार बताया जा रहा है। यानी अब ४ बच्चे पैदा होने पर कुल ९५ हजार रुपए मिलेंगे। नायडू ने अप्रैल २०२५ में भी महिलाओं से ज्यादा बच्चों को जन्म देने की अपील की थी। साथ ही घोषणा की थी कि सरकारी महिला कर्मचारियों के बच्चों की संख्या चाहे जितनी हो, हर बच्चे पर २६ यानी 6 महीने की मैटरनिटी लीव मिलेगी। ' हफ्ते इसके पहले तक 6 महीने का मातृत्व अवकाश सिर्फ पहले दो बच्चों मिलता था। दो से ज्यादा होने पर 3 महीने की छुट्टी का नियम था। - ShareChat
Desh me total fertility rate #total fertility rate
total fertility rate - देश के सिर्फ 5 राज्यों में भैर्क प्रजनन दर सामान्य से ज्यादा प्रजनन दर (TFR) 5 নিমা২ 3.0 मेघालय 2.91 ওলং সউহা 235 झारखंड 2.26 मणिपुर 2.17 अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और इनके नोट : प्रजनन दर असम में TFR १.८ से २.१ के बीच है। यानी एक महिला आंध्र प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु अपने जीवनकाल में औसतन कितने बच्चों और कर्नाटक में TFR १.५ या उससे नीचे है। की मां बनती हैं। सिक्किम की प्रजनन दर १.१ देश में सबसे कम है। National Family Health Survey 2019-21 Source देश के सिर्फ 5 राज्यों में भैर्क प्रजनन दर सामान्य से ज्यादा प्रजनन दर (TFR) 5 নিমা২ 3.0 मेघालय 2.91 ওলং সউহা 235 झारखंड 2.26 मणिपुर 2.17 अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और इनके नोट : प्रजनन दर असम में TFR १.८ से २.१ के बीच है। यानी एक महिला आंध्र प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु अपने जीवनकाल में औसतन कितने बच्चों और कर्नाटक में TFR १.५ या उससे नीचे है। की मां बनती हैं। सिक्किम की प्रजनन दर १.१ देश में सबसे कम है। National Family Health Survey 2019-21 Source - ShareChat
Mp - history of bhojhshala #bhojshala #Raja Bhoj
bhojshala - भोजशाला विवाद GAld अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रमण a कर इस्लामी राज्य की स्थापना की भोजशाला की स्थापना (११वीं सदी ) ११वीं सदी में परमार राजा भोज द्वारा " वाग्देवी ( सरस्वती ) मंदिर/ भोजशाला " की स्थापना का दावा। कमाल मौला मस्जिद की नींच ( १३०५ ईस्वी ) १३०५ ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा भोजशाला का विध्वंस और कमाल मौला मस्जिद बनाए जाने का दावा। १२६९ में अरब मूल के विवाद की शुरुआत (१९३५) कमाल मौलाना योजनाबद्ध में हिंदुओं को मंगलवार को तरीके से धार आकर बसे। धार रियासत (ब्रिटिश काल) पूजा, मुसलमानों को शुक्रवार को नमाज की अनुमति दी।  1305ச33சஎ ASI के अधीन भोजशाला (१९५२) खिलजी ने परमारों के अभेद्य भोजशाला परिसर एक संरक्षित स्मारक के रूप में भारतीय माने जाने वाले मालवा पर पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नियंत्रण में आ गया। आक्रमण कर इस्लामी राज्य की स्थापना की। ASI ने नई व्यवस्था (२00३) विवाद बढ़ने पर हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार को पूजा और भोजशाला सहित अनेक ऐतिहासिक एवं धार्मिक वसंत पंचमी पर विशेष पूजा की मुस्लिम समुदाय अनुमति।  महत्व के स्थलों को ध्वस्त किया। 3নুমনি] को शुक्रवार 1 बजे से 3 बजे तक नमाज की १४०१ में दिलावर खां गौरी ने मालवा पर अपना न्यायिक हस्तक्षेप और सर्वे (२०२४ ) आधिपत्य घोषित कर विजय मंदिर को नष्ट किया। हिंदू पक्ष ने पूरे परिसर को मंदिर घोषित करने और ASI सर्वे " में मेहमूद शाह खिलजी द्वितीय ने आक्रमण की मांग करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की।  মন 1514 कर भोजशाला को मस्जिद में परिवर्तित करने का ने नई व्यवस्था (२००३) ASI प्रयत्न किया। कोर्ट के आदेश पर ASI ने करीब ९८ दिनों तक वैज्ञानिक खिलजी ने ही कमाल मौलाना की याद में सर्वेक्षण किया। सर्वे में पुरातात्विक, स्थापत्य और वैज्ञानिक  तकनीकों का उपयोग किया गया। भोजशाला के बाहर एक मकबरा उसकी मृत्यु के 204 aqf: बनवाया , जबकि कमाल मौलाना की ব্রাৎ कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला (१५ मई २०२६) मृत्यु सन १३१० में अहमदाबाद में हुई थी।  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विवादित भोजशाला परिसर को मां वाग्देवी ( सरस्वती ) का मंदिर माना। भोजशाला विवाद GAld अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रमण a कर इस्लामी राज्य की स्थापना की भोजशाला की स्थापना (११वीं सदी ) ११वीं सदी में परमार राजा भोज द्वारा " वाग्देवी ( सरस्वती ) मंदिर/ भोजशाला " की स्थापना का दावा। कमाल मौला मस्जिद की नींच ( १३०५ ईस्वी ) १३०५ ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा भोजशाला का विध्वंस और कमाल मौला मस्जिद बनाए जाने का दावा। १२६९ में अरब मूल के विवाद की शुरुआत (१९३५) कमाल मौलाना योजनाबद्ध में हिंदुओं को मंगलवार को तरीके से धार आकर बसे। धार रियासत (ब्रिटिश काल) पूजा, मुसलमानों को शुक्रवार को नमाज की अनुमति दी।  1305ச33சஎ ASI के अधीन भोजशाला (१९५२) खिलजी ने परमारों के अभेद्य भोजशाला परिसर एक संरक्षित स्मारक के रूप में भारतीय माने जाने वाले मालवा पर पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नियंत्रण में आ गया। आक्रमण कर इस्लामी राज्य की स्थापना की। ASI ने नई व्यवस्था (२00३) विवाद बढ़ने पर हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार को पूजा और भोजशाला सहित अनेक ऐतिहासिक एवं धार्मिक वसंत पंचमी पर विशेष पूजा की मुस्लिम समुदाय अनुमति।  महत्व के स्थलों को ध्वस्त किया। 3নুমনি] को शुक्रवार 1 बजे से 3 बजे तक नमाज की १४०१ में दिलावर खां गौरी ने मालवा पर अपना न्यायिक हस्तक्षेप और सर्वे (२०२४ ) आधिपत्य घोषित कर विजय मंदिर को नष्ट किया। हिंदू पक्ष ने पूरे परिसर को मंदिर घोषित करने और ASI सर्वे " में मेहमूद शाह खिलजी द्वितीय ने आक्रमण की मांग करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की।  মন 1514 कर भोजशाला को मस्जिद में परिवर्तित करने का ने नई व्यवस्था (२००३) ASI प्रयत्न किया। कोर्ट के आदेश पर ASI ने करीब ९८ दिनों तक वैज्ञानिक खिलजी ने ही कमाल मौलाना की याद में सर्वेक्षण किया। सर्वे में पुरातात्विक, स्थापत्य और वैज्ञानिक  तकनीकों का उपयोग किया गया। भोजशाला के बाहर एक मकबरा उसकी मृत्यु के 204 aqf: बनवाया , जबकि कमाल मौलाना की ব্রাৎ कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला (१५ मई २०२६) मृत्यु सन १३१० में अहमदाबाद में हुई थी।  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विवादित भोजशाला परिसर को मां वाग्देवी ( सरस्वती ) का मंदिर माना। - ShareChat
Mp bhojshala vivad - Hindu & other Samudaya ke tark #bhojshala #👨‍⚖️ भोजशाला केस में कोर्ट का बड़ा फैसला🗞️
bhojshala - 1995 सुनवाई के दौरान uflo dflo    किस पक्ष ने से शुरू हुई क्या तर्क दिए प्रशासनिक लडाई हिद्न पक्ष होता, भोजशाला पर प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 7P[76 1995 क्योंकि यह एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक है। हिंदू पक्ष  भोजशाला में दो पक्षों की बीच मामूली विवाद हुआ।  ने दलील दी कि भोजशाला का नाम प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम की सूची में  इसके बाद प्रशासन में मंगलवार को पूजा और | अनुमति दी।  दर्ज है। वर्ष २०२४ में अश्विनी उपाध्याय केस में दिए गए शुक्रवार को नमाज पढ़ने की तर्क भोजशाला मामले में लागू नहीं किए जा सकते। 1997 साथ ही 7 अप्रैल २००३ को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण  दिग्विजय सिंह के मई को तत्कालीन मुख्यमंत्री 1 १२ विभाग (ASI) द्वारा जारी आदेश को निरस्त करने की मांग आदेश पर भोजशाला में आम लोगों की एंट्री पर की गई। कोर्ट से आग्रह किया गया कि भोजशाला का प्रतिबंध लगा दिया गया। मंगलवार की पूजा पर रोक रूप से हिंदू समाज को धार्मिक स्वरूप तय कर इसे पूर्ण " लगा दी गई। सौंपा जाए ताकि मां सरस्वती की पूजा और हवन वर्षभर निर्बाध रूप से हो सके। हिंदुओं को बसंत पंचमी और मुस्लिमों को शुक्रवार के दिन 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज पढने की मुस्लिम पक्ष अनुमति दी गई। ये प्रतिबंध ३१ जुलाई १९९७ को हटा वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन ने कोर्ट में कहा कि अभी নিমা যমা] तक यह स्पष्ट नहीं है कि भोजशाला मंदिर है, मस्जिद है या जैनशाला। विवादित स्थल का धार्मिक स्वरूप तय 1998 करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है जबकि हाई कोर्ट ६ फरवरी को केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने आगामी  अनुच्छेद २२६ के तहत रिट अधिकार क्षेत्र में सुनवाई कर आदेश तक आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रहा है। दिया। ने एएसआई सर्वे खुर्शीद  वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान 2003 हुए कहा कि उपलब्ध कराई गई ওঠান पर सवाल वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं है और रंगीन तस्वीरें भी पेश नहीं मंगलवार को फिर पूजा की अनुमति दी गई। बगैर की गईं। उन्होंने अयोध्या फैसले का उल्लेख करते हुए फूल-माला के पूजा करने के लिए कहा गया। पर्यटकों  कहा कि वहां रामलला विराजमान की मूर्ति मौजूद थी, के लिए भी भोजशाला को खोला गया। १८ फरवरी को जबकि भोजशाला में कोई स्थापित मूर्ति नहीं है। भोजशाला परिसर में सांप्रदायिक तनाव के बाद हिंसा फैली। जैन समाज 2013 जैन समाज की ओर से कहा गया कि जिसे मां वाग्देवी की वसंत पंचमी और शुक्रवार एक दिन आने पर धार में प्रतिमा बताया जा रहा है, वह जैन समुदाय की आराध्य माहौल बिगड़ गया था। हिंदुओं के जगह छोड़ने से मां अंबिका की प्रतिमा है। सीहोर स्थित मां अंबिका मंदिर মীসুন [ में भी इसी तरह की प्रतिमा  है, जैसी भोजशाला में इनकार करने पर पुलिस को हवाई फायरिंग और मिली थी। जैन समाज ने भोजशाला को जैन तीर्थ घोषित लाठीचार्ज करना पड़ा था। करने की मांग की। 2016 शुक्रवार के दिन वसंत पंचमी पड़ने से यहां तनाव  কা মামীল নন যমা থাI নন ম লকয সন নক भोजशाला में कई बार अघोषित कर्फ्यू लग चुका है। 1995 सुनवाई के दौरान uflo dflo    किस पक्ष ने से शुरू हुई क्या तर्क दिए प्रशासनिक लडाई हिद्न पक्ष होता, भोजशाला पर प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 7P[76 1995 क्योंकि यह एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक है। हिंदू पक्ष  भोजशाला में दो पक्षों की बीच मामूली विवाद हुआ।  ने दलील दी कि भोजशाला का नाम प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम की सूची में  इसके बाद प्रशासन में मंगलवार को पूजा और | अनुमति दी।  दर्ज है। वर्ष २०२४ में अश्विनी उपाध्याय केस में दिए गए शुक्रवार को नमाज पढ़ने की तर्क भोजशाला मामले में लागू नहीं किए जा सकते। 1997 साथ ही 7 अप्रैल २००३ को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण  दिग्विजय सिंह के मई को तत्कालीन मुख्यमंत्री 1 १२ विभाग (ASI) द्वारा जारी आदेश को निरस्त करने की मांग आदेश पर भोजशाला में आम लोगों की एंट्री पर की गई। कोर्ट से आग्रह किया गया कि भोजशाला का प्रतिबंध लगा दिया गया। मंगलवार की पूजा पर रोक रूप से हिंदू समाज को धार्मिक स्वरूप तय कर इसे पूर्ण " लगा दी गई। सौंपा जाए ताकि मां सरस्वती की पूजा और हवन वर्षभर निर्बाध रूप से हो सके। हिंदुओं को बसंत पंचमी और मुस्लिमों को शुक्रवार के दिन 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज पढने की मुस्लिम पक्ष अनुमति दी गई। ये प्रतिबंध ३१ जुलाई १९९७ को हटा वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन ने कोर्ट में कहा कि अभी নিমা যমা] तक यह स्पष्ट नहीं है कि भोजशाला मंदिर है, मस्जिद है या जैनशाला। विवादित स्थल का धार्मिक स्वरूप तय 1998 करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है जबकि हाई कोर्ट ६ फरवरी को केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने आगामी  अनुच्छेद २२६ के तहत रिट अधिकार क्षेत्र में सुनवाई कर आदेश तक आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रहा है। दिया। ने एएसआई सर्वे खुर्शीद  वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान 2003 हुए कहा कि उपलब्ध कराई गई ওঠান पर सवाल वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं है और रंगीन तस्वीरें भी पेश नहीं मंगलवार को फिर पूजा की अनुमति दी गई। बगैर की गईं। उन्होंने अयोध्या फैसले का उल्लेख करते हुए फूल-माला के पूजा करने के लिए कहा गया। पर्यटकों  कहा कि वहां रामलला विराजमान की मूर्ति मौजूद थी, के लिए भी भोजशाला को खोला गया। १८ फरवरी को जबकि भोजशाला में कोई स्थापित मूर्ति नहीं है। भोजशाला परिसर में सांप्रदायिक तनाव के बाद हिंसा फैली। जैन समाज 2013 जैन समाज की ओर से कहा गया कि जिसे मां वाग्देवी की वसंत पंचमी और शुक्रवार एक दिन आने पर धार में प्रतिमा बताया जा रहा है, वह जैन समुदाय की आराध्य माहौल बिगड़ गया था। हिंदुओं के जगह छोड़ने से मां अंबिका की प्रतिमा है। सीहोर स्थित मां अंबिका मंदिर মীসুন [ में भी इसी तरह की प्रतिमा  है, जैसी भोजशाला में इनकार करने पर पुलिस को हवाई फायरिंग और मिली थी। जैन समाज ने भोजशाला को जैन तीर्थ घोषित लाठीचार्ज करना पड़ा था। करने की मांग की। 2016 शुक्रवार के दिन वसंत पंचमी पड़ने से यहां तनाव  কা মামীল নন যমা থাI নন ম লকয সন নক भोजशाला में कई बार अघोषित कर्फ्यू लग चुका है। - ShareChat
Mp - Janiye raja bhojh ke bare me #bhojshala
bhojshala - महाराजा भोज ३६ तरह के # आयुधविज्ञान के ज्ञाता थे महाराजा भोज स्वयं ७२ कलाओं और ३६ तरह के आयुध विज्ञान के ज्ञाता थे। 3নক্া কাযকাল মন १०६५ तक रहा, उन्होंने अनेक मंदिरों, घाटों  तालाबों एवं विद्यालयों का निर्माण करवाया। राजा भोज स्वयं विद्वान होने के साथ ही विद्वानों के संरक्षक भी थे। जैन सम्प्रदाय के अभयदेवजी ने सूरी पद प्राप्त किया। काशी के महान पंडित भाव बृहस्पति ने शैव संप्रदाय के सिद्धांतों का अध्ययन एवं प्रतिपादन किया। स्थापना से लगातार २७१ वर्ष तक भोजशाला केंद्र बनी रही। ज्ञान का महाराजा भोज ३६ तरह के # आयुधविज्ञान के ज्ञाता थे महाराजा भोज स्वयं ७२ कलाओं और ३६ तरह के आयुध विज्ञान के ज्ञाता थे। 3নক্া কাযকাল মন १०६५ तक रहा, उन्होंने अनेक मंदिरों, घाटों  तालाबों एवं विद्यालयों का निर्माण करवाया। राजा भोज स्वयं विद्वान होने के साथ ही विद्वानों के संरक्षक भी थे। जैन सम्प्रदाय के अभयदेवजी ने सूरी पद प्राप्त किया। काशी के महान पंडित भाव बृहस्पति ने शैव संप्रदाय के सिद्धांतों का अध्ययन एवं प्रतिपादन किया। स्थापना से लगातार २७१ वर्ष तक भोजशाला केंद्र बनी रही। ज्ञान का - ShareChat
Mp - bhojshala vivad pr high court ka fesla #bhojshala #👨‍⚖️ भोजशाला केस में कोर्ट का बड़ा फैसला🗞️
bhojshala - मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों , एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना। न्यूज वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, हाईकोर्ट ने कहा- ऐतिहासिक और संरक्षित जगह देवी सरस्वती का मंदिर है। केंद्र  सरकार और ASI यह फैसला लेें कि भोजशाला मंदिर का मैनेजमेंट कैसा रहेगा| भी रद्द कर दिया, अदालत ने ASI का २००३ का वह आदेश जिसमें ASI ने भोजशाला में हिंदुओं को पूजा का अधिकार नहीं दिया था। उस आदेश को भी खारिज कर दिया, जिसमें मुस्लिमों को नमाज पढ़ने का अधिकार दिया गया था। भोजशाला को कमाल मौला मस्जिद बताते रहे मुस्लिम पक्ष को लिए कोर्ट ने सरकार से मस्जिद के अलग जमीन मांगने को कहा है। हाईकोर्ट के फैसले के पॉइंट्स हाईकोर्ट ने कहा कि भोजशाला में सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र के साक्ष्य पाए गए हैं। कोर्ट ने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों , एएसआई सर्वे के साथ अयोध्या केस को भी आधार माना। कोर्ट ने कहा- हर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले प्राचीन स्मारकों और मंदिरों की सुरक्षा निश्चित करे। साथ ही गर्भगृह और धार्मिक आस्था से जुड़ी देव प्रतिमाओं का भी संरक्षण करे। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों , एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना। न्यूज वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, हाईकोर्ट ने कहा- ऐतिहासिक और संरक्षित जगह देवी सरस्वती का मंदिर है। केंद्र  सरकार और ASI यह फैसला लेें कि भोजशाला मंदिर का मैनेजमेंट कैसा रहेगा| भी रद्द कर दिया, अदालत ने ASI का २००३ का वह आदेश जिसमें ASI ने भोजशाला में हिंदुओं को पूजा का अधिकार नहीं दिया था। उस आदेश को भी खारिज कर दिया, जिसमें मुस्लिमों को नमाज पढ़ने का अधिकार दिया गया था। भोजशाला को कमाल मौला मस्जिद बताते रहे मुस्लिम पक्ष को लिए कोर्ट ने सरकार से मस्जिद के अलग जमीन मांगने को कहा है। हाईकोर्ट के फैसले के पॉइंट्स हाईकोर्ट ने कहा कि भोजशाला में सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र के साक्ष्य पाए गए हैं। कोर्ट ने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों , एएसआई सर्वे के साथ अयोध्या केस को भी आधार माना। कोर्ट ने कहा- हर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले प्राचीन स्मारकों और मंदिरों की सुरक्षा निश्चित करे। साथ ही गर्भगृह और धार्मिक आस्था से जुड़ी देव प्रतिमाओं का भी संरक्षण करे। - ShareChat
Mp - maa vag devi ki Pratima #bhojshala #👨‍⚖️ भोजशाला केस में कोर्ट का बड़ा फैसला🗞️
bhojshala - लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में है वाग्देवी की प्रतिमा के आक्रमण के बाद खंडित हुई मां वाग्देवी की प्रतिमा को मुगलों अंग्रेजों ने खुदाई कर १८७५ में निकाला था। इसके बाद ११७ साल से प्रतिमा लंदन के में ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में रखी है। 7 से 8 फीट ऊंचे कांच के बॉक्स में मां की 4 से 5 फीट ऊंची प्रतिमा के पास ही पूरी प्रतिमा रखी हुई थी। इस बॉक्स को टच में पूरा  करने की अनुमति नहीं है। इस पर प्रतिमा के बारे उल्लेख चस्पा है। म्यूजियम में यूएस, अफ्रीका, चीन समेत एशिया के कई देशों की प्रतिमाएं रखी हुई हैं। भोज की नगरी नरेशचंद्र नगरी विद्याधरी अर्थात राजा भोज की नगरी की विद्या की देवी। सफेद शांभरी. पत्थर की चार भुजा वाली सुंदर प्रतिमा के नीचे लिखे १०३४ ईस्वी के शिलालेख पर यह पंक्तियां अंकित हैं। हालांकि, हिंदूवादी संगठन भले ही इसे वाग्देवी की प्रतिमा बताते हों, लेकिन मूर्ति की पहचान म्यूजियम में जो जानकारी दी गई है, उसमें इसे जैन देवी लिए  چ अम्बिका बताया गया है। यह प्रतिमा १९०९ में लंदन लाई गई थी। लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में है वाग्देवी की प्रतिमा के आक्रमण के बाद खंडित हुई मां वाग्देवी की प्रतिमा को मुगलों अंग्रेजों ने खुदाई कर १८७५ में निकाला था। इसके बाद ११७ साल से प्रतिमा लंदन के में ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में रखी है। 7 से 8 फीट ऊंचे कांच के बॉक्स में मां की 4 से 5 फीट ऊंची प्रतिमा के पास ही पूरी प्रतिमा रखी हुई थी। इस बॉक्स को टच में पूरा  करने की अनुमति नहीं है। इस पर प्रतिमा के बारे उल्लेख चस्पा है। म्यूजियम में यूएस, अफ्रीका, चीन समेत एशिया के कई देशों की प्रतिमाएं रखी हुई हैं। भोज की नगरी नरेशचंद्र नगरी विद्याधरी अर्थात राजा भोज की नगरी की विद्या की देवी। सफेद शांभरी. पत्थर की चार भुजा वाली सुंदर प्रतिमा के नीचे लिखे १०३४ ईस्वी के शिलालेख पर यह पंक्तियां अंकित हैं। हालांकि, हिंदूवादी संगठन भले ही इसे वाग्देवी की प्रतिमा बताते हों, लेकिन मूर्ति की पहचान म्यूजियम में जो जानकारी दी गई है, उसमें इसे जैन देवी लिए  چ अम्बिका बताया गया है। यह प्रतिमा १९०९ में लंदन लाई गई थी। - ShareChat
Mp - bhojshala mep #bhojshala
bhojshala - भोजशाला का एरियल व्यू दैनिळ  ঝাময वाग्दैवीकागर्भगृह 2016 यहीहुईनमाज Erತs दरगाह मस्जिद प्रवेशद्वार कैंपस की पहचान को लेकर विवाद ने ज्ञान- भोजशाला ११वीं - कैंपस अभी राजा भोज १२वीं सदी का पुरातत्व विभाग के कला के अध्ययन संरक्षण में है ऐतिहासिक स्थल के लिए बनाया धार्मिक दावे हिंदू पक्षः देवी सरस्वती का मुस्लिम पक्षः कमाल मंदिर और शिक्षा केंद्र সীলা মসিন भोजशाला का एरियल व्यू दैनिळ  ঝাময वाग्दैवीकागर्भगृह 2016 यहीहुईनमाज Erತs दरगाह मस्जिद प्रवेशद्वार कैंपस की पहचान को लेकर विवाद ने ज्ञान- भोजशाला ११वीं - कैंपस अभी राजा भोज १२वीं सदी का पुरातत्व विभाग के कला के अध्ययन संरक्षण में है ऐतिहासिक स्थल के लिए बनाया धार्मिक दावे हिंदू पक्षः देवी सरस्वती का मुस्लिम पक्षः कमाल मंदिर और शिक्षा केंद्र সীলা মসিন - ShareChat
Savdhan india #girlfriend
girlfriend - दैनिक भास्कर आज काटिन 4Iಯ-ನ| Mul( -_I enw सच्ची बात, बेधड़क 'RYCnB lry 1lಕ सच है না ಐ: 1   م 0 प्लास्टिक की बॉटल में फंसी युवक की लूलीअस्पताल में भर्ती सतना. नागौद कस्बे के एक युवककी गंभीर हालत समाधान नहा हुआ ता युवक दद स कहरान लगा, वहीं लोक॰लज्जा के कारण दोनों ने १२ से १४ घंटे थी, उससे मिलने आई गर्लफ्रेंड ने बुधवार की तक किसी को जानकारी नहीं दी। जब उसकी रात निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। मिलने तकलीफ * असहनीय हो गयी और आई गर्लफ्रेंड युवक के प्राइवेट पार्ट को मज़ाक प्राइवेट पार्ट में सूजन आ गई तब उसने दोस्तों मज़ाक में सहला रही थी आधे लीटर की को जानकारी दी। दोस्त पीड़ित युवक को गुरुवार पेप्सी की बोतल लाए थे खाली होने के बाद दोपहर निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे। युवक की उसकी लूली से मजाक करने लगी , रोमांस युवती  हालत देख निजी क्लीनिक के चिकित्सकों के स्थिति में युवक की लूली के साथ बोतल से की भी होश उड़ गए। चिकित्सकों ने प्राइवेट पार्ट को छेड़छाड़ कर रही थी, लुलि को बोतल में अंदर बॉटल से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।  लिया तो अचानक लूली फूल गई, युवक युवती की घंटों मशक्त के बाद सफलता मिल पाई। घटना का गलती से प्राइवेट पार्ट प्लास्टिक की बॉटल में फंसा सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, रह गया, कई घंटो तक दोनों ने कोशिश की लेकिन जिसकी दिनभर चर्चा रही 0 DA दैनिक भास्कर आज काटिन 4Iಯ-ನ| Mul( -_I enw सच्ची बात, बेधड़क 'RYCnB lry 1lಕ सच है না ಐ: 1   م 0 प्लास्टिक की बॉटल में फंसी युवक की लूलीअस्पताल में भर्ती सतना. नागौद कस्बे के एक युवककी गंभीर हालत समाधान नहा हुआ ता युवक दद स कहरान लगा, वहीं लोक॰लज्जा के कारण दोनों ने १२ से १४ घंटे थी, उससे मिलने आई गर्लफ्रेंड ने बुधवार की तक किसी को जानकारी नहीं दी। जब उसकी रात निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। मिलने तकलीफ * असहनीय हो गयी और आई गर्लफ्रेंड युवक के प्राइवेट पार्ट को मज़ाक प्राइवेट पार्ट में सूजन आ गई तब उसने दोस्तों मज़ाक में सहला रही थी आधे लीटर की को जानकारी दी। दोस्त पीड़ित युवक को गुरुवार पेप्सी की बोतल लाए थे खाली होने के बाद दोपहर निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे। युवक की उसकी लूली से मजाक करने लगी , रोमांस युवती  हालत देख निजी क्लीनिक के चिकित्सकों के स्थिति में युवक की लूली के साथ बोतल से की भी होश उड़ गए। चिकित्सकों ने प्राइवेट पार्ट को छेड़छाड़ कर रही थी, लुलि को बोतल में अंदर बॉटल से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।  लिया तो अचानक लूली फूल गई, युवक युवती की घंटों मशक्त के बाद सफलता मिल पाई। घटना का गलती से प्राइवेट पार्ट प्लास्टिक की बॉटल में फंसा सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, रह गया, कई घंटो तक दोनों ने कोशिश की लेकिन जिसकी दिनभर चर्चा रही 0 DA - ShareChat