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#🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - बहेड़ा + आंवला हरड़ + त्रिफला उपचौर त्रिफला चूर्ण में लौह भस्म मिलाकर সাল: Tল মারয মনন ন্ংনে ম নাল झडना बंद हो जाते हैं तथा बालों में चमक और मजबूत हो जाते हैं | बहेड़ा + आंवला हरड़ + त्रिफला उपचौर त्रिफला चूर्ण में लौह भस्म मिलाकर সাল: Tল মারয মনন ন্ংনে ম নাল झडना बंद हो जाते हैं तथा बालों में चमक और मजबूत हो जाते हैं | - ShareChat
#🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - हरड़ + बहेड़ा + आंवला त्रिफला उपचार हरड़ + बहेड़ा + आंवला फल के समभाग मिश्रण को त्रिफला कहते हैं | त्रिफला को आयुर्वेद में रसायन माना गया है | इसकी विधिपूर्वक सेवन से रोगों का शमन तथा शरीर में बाल की वृद्धि होती है । हरड़ + बहेड़ा + आंवला त्रिफला उपचार हरड़ + बहेड़ा + आंवला फल के समभाग मिश्रण को त्रिफला कहते हैं | त्रिफला को आयुर्वेद में रसायन माना गया है | इसकी विधिपूर्वक सेवन से रोगों का शमन तथा शरीर में बाल की वृद्धि होती है । - ShareChat
#🎄हरे पेड़
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#🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - ೦ 3் k मृत्यु के बाद न हो 'तेरहवीं' तो क्या होता है? गरुड़ पुराण के अनुसार बिना इसके यमलोक नहीं जा पाती आत्मा @theunknownworld9g हिंदू धर्म में १६ संस्कारों में अंतिम मृत्यु के बाद 'तेरहवीं' का महत्व भी मृत्यु के १३वें दिन संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, 5## किए जाने वाले विधानों का अपना विशेष स्थान है, धार्मिक ग्रंथों और गरुड़ पुराण के अनुसार, जब तक तेरहवीं का संस्कार संपन्न नहीं होता, जीवात्मा प्रेत योनि में ही भटकती रहती है, माना जाता है कि मृत्यु के बाद १२ दिनों तक आत्मा अपने परिवार के बीच ही रहती है और पिंडदान व तर्पण स्वीकार करती है, १३वें दिन जब तेरहवीं का संस्कार होता है, तब उसे यमलोक की यात्रा के लिए जरूरी ऊर्जा प्राप्त होती है। तेरहवीं न हो तो क्या होगा - गरुड़ पुराण में स्पष्ट उल्लेख है कि 3বা यदि किसी मृतक का तेरहवीं संस्कार शास्त्रोक्त विधि से नहीं किया जाता, तो उस आत्मा को यमलोक की यात्रा शुरू करने की अनुमति नहीं मिलती, शास्त्रों में वर्णित कथाओं के मुताबिक, बिना तेरहवीं के आत्मा न तो स्वर्ग जा पाती है और न ही नरक। वह एक अधर की स्थिति में अटक जाती है॰ ऐसी आत्माएं 'प्रेत' बनकर अपने ही घर या परिजनों के भटकती रहती हैं, गरुड़ पुराण की मान्यताओं के अनुसार, आसपास उचित तर्पण और तेरहवीं के अभाव में आत्मा को बहुत कष्ट और प्यास का सामना करना पडता है, साथ ही, परिवार में भी अशांति या 'पितृ दोष' की स्थिति पैदा हो सकती है। पिंडदान और दान का महत्व - तेरहवीं के दिन को भोजन ब्राह्मणों कराना और दान-पुण्य करना केवल एक सामाजिक परंपरा नहीं है, इस में सुख- दिन किया गया दान सीधे तौर पर उस आत्मा को परलोक सुविधाएं प्रदान करता है, कहा ये भी जाता है कि १३वें दिन का पिंडदान आत्मा को यमलोक की ८६ हजार योजन लंबी कठिन यात्रा को सहने की शक्ति देता है, बिना इस संस्कार के, आत्मा वायु के झोंकों की तरह भटकती है और उसे मोक्ष का मार्ग नहीं मिलता।  ೦ 3் k मृत्यु के बाद न हो 'तेरहवीं' तो क्या होता है? गरुड़ पुराण के अनुसार बिना इसके यमलोक नहीं जा पाती आत्मा @theunknownworld9g हिंदू धर्म में १६ संस्कारों में अंतिम मृत्यु के बाद 'तेरहवीं' का महत्व भी मृत्यु के १३वें दिन संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, 5## किए जाने वाले विधानों का अपना विशेष स्थान है, धार्मिक ग्रंथों और गरुड़ पुराण के अनुसार, जब तक तेरहवीं का संस्कार संपन्न नहीं होता, जीवात्मा प्रेत योनि में ही भटकती रहती है, माना जाता है कि मृत्यु के बाद १२ दिनों तक आत्मा अपने परिवार के बीच ही रहती है और पिंडदान व तर्पण स्वीकार करती है, १३वें दिन जब तेरहवीं का संस्कार होता है, तब उसे यमलोक की यात्रा के लिए जरूरी ऊर्जा प्राप्त होती है। तेरहवीं न हो तो क्या होगा - गरुड़ पुराण में स्पष्ट उल्लेख है कि 3বা यदि किसी मृतक का तेरहवीं संस्कार शास्त्रोक्त विधि से नहीं किया जाता, तो उस आत्मा को यमलोक की यात्रा शुरू करने की अनुमति नहीं मिलती, शास्त्रों में वर्णित कथाओं के मुताबिक, बिना तेरहवीं के आत्मा न तो स्वर्ग जा पाती है और न ही नरक। वह एक अधर की स्थिति में अटक जाती है॰ ऐसी आत्माएं 'प्रेत' बनकर अपने ही घर या परिजनों के भटकती रहती हैं, गरुड़ पुराण की मान्यताओं के अनुसार, आसपास उचित तर्पण और तेरहवीं के अभाव में आत्मा को बहुत कष्ट और प्यास का सामना करना पडता है, साथ ही, परिवार में भी अशांति या 'पितृ दोष' की स्थिति पैदा हो सकती है। पिंडदान और दान का महत्व - तेरहवीं के दिन को भोजन ब्राह्मणों कराना और दान-पुण्य करना केवल एक सामाजिक परंपरा नहीं है, इस में सुख- दिन किया गया दान सीधे तौर पर उस आत्मा को परलोक सुविधाएं प्रदान करता है, कहा ये भी जाता है कि १३वें दिन का पिंडदान आत्मा को यमलोक की ८६ हजार योजन लंबी कठिन यात्रा को सहने की शक्ति देता है, बिना इस संस्कार के, आत्मा वायु के झोंकों की तरह भटकती है और उसे मोक्ष का मार्ग नहीं मिलता। - ShareChat
#🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - बीपीपी की समस्या बड़ी इलायची की भस्म् हांडी की भस्म तो बहुत कारगर है, इसे हो बनाएं ३बार जलाएं तेयार भस्म तवे पर इलायची जलाते जलाते सफेद भस्म बनाएं ३OOmg सुवह व शाम गर्म पानी से लें १-२ महीनों में BP सामान्य ही सकता है घेरेलु उपाय सहा़यक हो सकता हे र्डोक्टर सें सहाह लें गोली दवा की जरुरत नहीं पड़ेगी BP हाईंको नांर्मल मत समझें परहेज हाटे अटेक , ब्रेन डेमरेज वीपी बढ़ने से ही होता है नमक बंद, किसी को पता नहीं यलेगा , सैंया नमक प्रयोग करैं बह्डुत वुरी बीमारी है बींपी बढना आवार, पापड, यी तेल तलो वीजें बंद रखे এইল মলাচ ল उपाय सहायक होे सकता है डोवटर से बीपीपी की समस्या बड़ी इलायची की भस्म् हांडी की भस्म तो बहुत कारगर है, इसे हो बनाएं ३बार जलाएं तेयार भस्म तवे पर इलायची जलाते जलाते सफेद भस्म बनाएं ३OOmg सुवह व शाम गर्म पानी से लें १-२ महीनों में BP सामान्य ही सकता है घेरेलु उपाय सहा़यक हो सकता हे र्डोक्टर सें सहाह लें गोली दवा की जरुरत नहीं पड़ेगी BP हाईंको नांर्मल मत समझें परहेज हाटे अटेक , ब्रेन डेमरेज वीपी बढ़ने से ही होता है नमक बंद, किसी को पता नहीं यलेगा , सैंया नमक प्रयोग करैं बह्डुत वुरी बीमारी है बींपी बढना आवार, पापड, यी तेल तलो वीजें बंद रखे এইল মলাচ ল उपाय सहायक होे सकता है डोवटर से - ShareChat
#🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - Heal थायरॉइड में दर्द कहां महसूस हो सकता हैः మ गले में सूजन या खराश, गर्दन में कसाव या भारीपन, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, खासकर कंधे और पैरों में अकड़न, पीठ या कमर में बोझिलपन और बार-बार सिरदर्द ये थायरॉइड असंतुलन के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे संकेत दिखें तो T३ T४ और TSH टेस्ट जरूर करवाएं। Heal थायरॉइड में दर्द कहां महसूस हो सकता हैः మ गले में सूजन या खराश, गर्दन में कसाव या भारीपन, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, खासकर कंधे और पैरों में अकड़न, पीठ या कमर में बोझिलपन और बार-बार सिरदर्द ये थायरॉइड असंतुलन के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे संकेत दिखें तो T३ T४ और TSH टेस्ट जरूर करवाएं। - ShareChat
#🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - 7 K 1 س U1 7 K 1 س U1 - ShareChat
#🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - फोन को कभी १००% चार्जन करें! लिथियम आयन बैटरी पर दबाव पड़ता है। बैटरी की लाइफ डबल करने के लिए ' २०-८० रूल' अपनाएं। २०% पर चार्ज लगाएं और ८०% पर हटा लें। बैटरी सालों नहीं फूलेगी! फोन को कभी १००% चार्जन करें! लिथियम आयन बैटरी पर दबाव पड़ता है। बैटरी की लाइफ डबल करने के लिए ' २०-८० रूल' अपनाएं। २०% पर चार्ज लगाएं और ८०% पर हटा लें। बैटरी सालों नहीं फूलेगी! - ShareChat
#🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - 9 केतु का क्या दें? মরান काले-्सफ़ेद faa लहसुनिया নিল ক্রূা নীল q केतु का दान काला-्सफ़ेद केला कंबल ७ प्रकार के स्वेटर अनाज q4 मंगलवार, शनिवार 5 வ +91-9910844791 9 केतु का क्या दें? মরান काले-्सफ़ेद faa लहसुनिया নিল ক্রূা নীল q केतु का दान काला-्सफ़ेद केला कंबल ७ प्रकार के स्वेटर अनाज q4 मंगलवार, शनिवार 5 வ +91-9910844791 - ShareChat
#🎄हरे पेड़
🎄हरे पेड़ - 031 HealthT कैंसर के शुरुआती संकेतः, नजरअंदाज ना क लगातार थकान, भूख में कमी, पेट भारी रहना, न भरने वाले घाव या अल्सर, और शरीर में नई गांठ या सूजन ये कैंसर के प्रारंभिक लक्षण हो TT सकते हैं। ऐसे संकेत दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। 031 HealthT कैंसर के शुरुआती संकेतः, नजरअंदाज ना क लगातार थकान, भूख में कमी, पेट भारी रहना, न भरने वाले घाव या अल्सर, और शरीर में नई गांठ या सूजन ये कैंसर के प्रारंभिक लक्षण हो TT सकते हैं। ऐसे संकेत दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। - ShareChat