B.D.Pandey.
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#🙏रामायण🕉
🙏रामायण🕉 - रामायण चौपाई |l अब कछु नाथ न चाहिअ मोरें। दीन दयाल अनुग्रह तोरें।। फिरती बार मोहि जो देबा Il सो प्रसादु में सिर धरि लेबाIl अर्थ : जब प्रभु श्री राम केवट को उतराई देते हैं तब केवट हाथ जोड़कर प्रभु से कहता हैः हे नाथ, आज मैंने क्या नहीं पाया, आपकी कृपा से मेरे सारे दोष, दुख समाप्त हो गये हैं। हे दीनदयाल, मुझे कुछ नहीं चाहिए, लोँटते समय आपने जो कुछ भी देंने मैं अब उसे प्रसाद समझ सिर चढा लूंगा। Hari Govind Shukla रामायण चौपाई |l अब कछु नाथ न चाहिअ मोरें। दीन दयाल अनुग्रह तोरें।। फिरती बार मोहि जो देबा Il सो प्रसादु में सिर धरि लेबाIl अर्थ : जब प्रभु श्री राम केवट को उतराई देते हैं तब केवट हाथ जोड़कर प्रभु से कहता हैः हे नाथ, आज मैंने क्या नहीं पाया, आपकी कृपा से मेरे सारे दोष, दुख समाप्त हो गये हैं। हे दीनदयाल, मुझे कुछ नहीं चाहिए, लोँटते समय आपने जो कुछ भी देंने मैं अब उसे प्रसाद समझ सिर चढा लूंगा। Hari Govind Shukla - ShareChat
#🙏रामायण🕉
🙏रामायण🕉 - ऊँ सुन्दरकाण्ड ऊँ दोहा - 6 --- कही सब राम कथा निज नाम| हनुमंत q सुमिरि गुन सुनत जुगल तन पुलक मन मगन স্লাম | |6 | | हनुमानजी ने श्री रामचंद्रजी की सारी कथा कहकर अपना नाम तब ही दोनों के शरीर पुलकित हो गए और श्री रामजी के सुनते dII का स्मरण करके दोनों के मन (प्रेम और आनंद में ) मग्न हो समूहों  गुण 7ழII6II Subscribe & Follow Now GhoomarAnchal ऊँ सुन्दरकाण्ड ऊँ दोहा - 6 --- कही सब राम कथा निज नाम| हनुमंत q सुमिरि गुन सुनत जुगल तन पुलक मन मगन স্লাম | |6 | | हनुमानजी ने श्री रामचंद्रजी की सारी कथा कहकर अपना नाम तब ही दोनों के शरीर पुलकित हो गए और श्री रामजी के सुनते dII का स्मरण करके दोनों के मन (प्रेम और आनंद में ) मग्न हो समूहों  गुण 7ழII6II Subscribe & Follow Now GhoomarAnchal - ShareChat
#🙏रामायण🕉
🙏रामायण🕉 - जय श्री राम |। प्रातकाल उठि कै रघुनाथा | मातु पिता गुरु नावहिं माथा Il आयसु मागि करहिं पुर काजा। देखि चरित हरषइ मन राजा Il रघुनाथजी प्रातःकाल उठकर माता-पिता और श्री गुरु को मस्तक नवाते हैं और आज्ञा लेकर नगर का काम करते हैं। उनके चरित्र देखनदेखकर राजा मन में बड़े हर्षित होते हैं Il (श्रीरामचरितमानस / बालकाण्ड/ २०४ ४) दैेवप्रगति : Devppagat जय श्री राम |। प्रातकाल उठि कै रघुनाथा | मातु पिता गुरु नावहिं माथा Il आयसु मागि करहिं पुर काजा। देखि चरित हरषइ मन राजा Il रघुनाथजी प्रातःकाल उठकर माता-पिता और श्री गुरु को मस्तक नवाते हैं और आज्ञा लेकर नगर का काम करते हैं। उनके चरित्र देखनदेखकर राजा मन में बड़े हर्षित होते हैं Il (श्रीरामचरितमानस / बालकाण्ड/ २०४ ४) दैेवप्रगति : Devppagat - ShareChat
#🙏रामायण🕉
🙏रामायण🕉 - ऊँ श्री परमात्मने नमः मूक होइ बाचाल पंगु चढइ गिरिबर गहन। सो दयाल द्रवउ सकल कलि मल दहन। | कृपाँ जासु भावार्थ- जिनकी कृपा से गूँगा बहुत सुंदर बोलने वाला हो जाता है और लँगड़ा लूला दुर्गम पहाड़ पर चढ़ जाता है, वे कलियुग के सब पापों को जला डालने वाले दयालु (भगवान) मुझ पर द्रवित हों (दया करें) II LIKE SHARE FOLLOW @LUCKY VERMA ऊँ श्री परमात्मने नमः मूक होइ बाचाल पंगु चढइ गिरिबर गहन। सो दयाल द्रवउ सकल कलि मल दहन। | कृपाँ जासु भावार्थ- जिनकी कृपा से गूँगा बहुत सुंदर बोलने वाला हो जाता है और लँगड़ा लूला दुर्गम पहाड़ पर चढ़ जाता है, वे कलियुग के सब पापों को जला डालने वाले दयालु (भगवान) मुझ पर द्रवित हों (दया करें) II LIKE SHARE FOLLOW @LUCKY VERMA - ShareChat
#🙏रामायण🕉
🙏रामायण🕉 - चौपाई श्रीरामचरितमानस dari Govind Shu कवन सो काज कठिन जग माही। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाही। राम काज लगि तव अवतारा। सुनतहिं भयउ पर्वताकारा।। भावार्थ जगत में कौन सा ऐसा कठिन काम है जो हे तात! तुमसे न हो सके। श्री राम जी के कार्य के लिए ही तो तुम्हारा अवतार हुआ है। ही हनुमान जी पर्वत के आकार के (अत्यंत সুনন 46 विशालकाय) हो गए।। चौपाई श्रीरामचरितमानस dari Govind Shu कवन सो काज कठिन जग माही। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाही। राम काज लगि तव अवतारा। सुनतहिं भयउ पर्वताकारा।। भावार्थ जगत में कौन सा ऐसा कठिन काम है जो हे तात! तुमसे न हो सके। श्री राम जी के कार्य के लिए ही तो तुम्हारा अवतार हुआ है। ही हनुमान जी पर्वत के आकार के (अत्यंत সুনন 46 विशालकाय) हो गए।। - ShareChat
#🙏रामायण🕉
🙏रामायण🕉 - श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन हरण भव भय दारुणम् । % नवकंज लोचन कंज मुख्र कर कंज पद कंजारुणम् II नीरद  कन्दर्प अगणित अमित छवि नवनील सुन्दरम् पट पीत मानहु तड्ित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरम् II ೬ भजु दीनबन्धु दिनेश दानव दैत्य वंश निकन्दनम् 5 रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल चन्द दशरथ नन्दनम् II = विभूषणम्  सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अंग आजानुमुज शर चाप श्वर संग्राम जित खरदूषणम् II श्रीराम ।I M u-ltir.Fr:isr श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन हरण भव भय दारुणम् । % नवकंज लोचन कंज मुख्र कर कंज पद कंजारुणम् II नीरद  कन्दर्प अगणित अमित छवि नवनील सुन्दरम् पट पीत मानहु तड्ित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरम् II ೬ भजु दीनबन्धु दिनेश दानव दैत्य वंश निकन्दनम् 5 रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल चन्द दशरथ नन्दनम् II = विभूषणम्  सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अंग आजानुमुज शर चाप श्वर संग्राम जित खरदूषणम् II श्रीराम ।I M u-ltir.Fr:isr - ShareChat
#🌸शुभ शुक्रवार🙏
🌸शुभ शुक्रवार🙏 - ShareChat @Sunil Kumar yadav  शुभ शुक्रवार महालक्ष्मी जी की कृपा आपके कारोबार और कार्यों में नई प्रगति নিলভ ShareChat @Sunil Kumar yadav  शुभ शुक्रवार महालक्ष्मी जी की कृपा आपके कारोबार और कार्यों में नई प्रगति নিলভ - ShareChat
#🌸शुभ शुक्रवार🙏
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00:19
#🌸शुभ शुक्रवार🙏
🌸शुभ शुक्रवार🙏 - )8aarTREECIR Dharmgyan @dharm0s 80eaerieri7:| &ॅघह्यलक्ष्मीदमी दमष&३विष्ग्नुप्रियायदमी दमष ٥٤٢ ननन्यैदमीनमष 6440488 Dnarmgyan ক্রীক্রত্রা से आप सभी के माता लक्ष्मी जी जीवन में सुखशांति एवं समृद्धि का वासहो )8aarTREECIR Dharmgyan @dharm0s 80eaerieri7:| &ॅघह्यलक्ष्मीदमी दमष&३विष्ग्नुप्रियायदमी दमष ٥٤٢ ननन्यैदमीनमष 6440488 Dnarmgyan ক্রীক্রত্রা से आप सभी के माता लक्ष्मी जी जीवन में सुखशांति एवं समृद्धि का वासहो - ShareChat
#🌸शुभ शुक्रवार🙏
🌸शुभ शुक्रवार🙏 - माता र्नी की कृपा आपके और आपके पखारपर மஎளி 8 शुभ शुक्रवार ऊँश्री महालूक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु ] @a धीमहि तन्मो प्रचोदयात Kepanae3 लुक्षमी आता जय ब्रम्ह दत्त पाण्डेय माता र्नी की कृपा आपके और आपके पखारपर மஎளி 8 शुभ शुक्रवार ऊँश्री महालूक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु ] @a धीमहि तन्मो प्रचोदयात Kepanae3 लुक्षमी आता जय ब्रम्ह दत्त पाण्डेय - ShareChat