ayesha
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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat @S97=AakashSharm कभी खुद " पर लिख पाऊँ নী লিজ্বুঁশী कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी , उन तमाम ख्वाहिशों को.. जिन्हें जीना चाहा था मैंने , I ने इज़ाज़त ही ना दी।  पर वक़्त कुछ सपने थे, जो आँखों में ही रह गए, थे, जो कदमों तक आकर मुड़ गए, कुछ रास्ते  मैं चाहती थी खुलकर आसमान छूना, ज़िम्मेदारियों के धागों में बंध कर रुक गई। पर मेरी भी ख्वाहिश थी बेवजह मुस्कुराने की, बिना डरे , बेपरवाह उड़़ जाने की, पर हर बार खुद को ही समझा लिया मैंने , और दिल को चुप कराना सीख लिया मैंने। कभी लिखूँगी उस " मैं" को, जो कहीं भीड़ में खो गई है, जो हँसती तो है हर रोज , अंदर से थोडी-सी रो गई है। पर कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी .. उस अधूरी सी कहानी को, 3l೫೫೫ _ पर मैं उसे पूरा जी ना सकी।  ShareChat @S97=AakashSharm कभी खुद " पर लिख पाऊँ নী লিজ্বুঁশী कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी , उन तमाम ख्वाहिशों को.. जिन्हें जीना चाहा था मैंने , I ने इज़ाज़त ही ना दी।  पर वक़्त कुछ सपने थे, जो आँखों में ही रह गए, थे, जो कदमों तक आकर मुड़ गए, कुछ रास्ते  मैं चाहती थी खुलकर आसमान छूना, ज़िम्मेदारियों के धागों में बंध कर रुक गई। पर मेरी भी ख्वाहिश थी बेवजह मुस्कुराने की, बिना डरे , बेपरवाह उड़़ जाने की, पर हर बार खुद को ही समझा लिया मैंने , और दिल को चुप कराना सीख लिया मैंने। कभी लिखूँगी उस " मैं" को, जो कहीं भीड़ में खो गई है, जो हँसती तो है हर रोज , अंदर से थोडी-सी रो गई है। पर कभी खुद पर लिख पाऊँ तो लिखूँगी .. उस अधूरी सी कहानी को, 3l೫೫೫ _ पर मैं उसे पूरा जी ना सकी। - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - Ijhare ishq bayan kijiy waqt rhete, apne Dilbar ke sath jilijey do pal khushike, najane kab vo daur aay jisme aap bandh jay kisike rishte me Laha/ Ijhare ishq bayan kijiy waqt rhete, apne Dilbar ke sath jilijey do pal khushike, najane kab vo daur aay jisme aap bandh jay kisike rishte me Laha/ - ShareChat
#😎मज़ेदार पोस्ट 🤩 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
😎मज़ेदार पोस्ट 🤩 - Hum kamine hain to kya hua; Aap bhi koi doodh ke dhule nahi janab Farq bas itna hai, aukaat Hum apni khul ke dikhate hain; Aur aap sharafat  ka naqaab pehente hain: Hum kamine hain to kya hua; Aap bhi koi doodh ke dhule nahi janab Farq bas itna hai, aukaat Hum apni khul ke dikhate hain; Aur aap sharafat  ka naqaab pehente hain: - ShareChat