CHETAN DADA PAWAR
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@826071382
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CHETAN DADA PAWAR
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मैत्री, मस्ती आणि शेअरचॅट 👌
#lion heart
lion heart - गनस्टीन जैसे फिलोसोफर सिर्फ लैंग्वेज एनालिसिस तक सीमित हो गए लेकिन अगर हम एक कंप्लीट थरी ढूंढ ले तो यह सिर्फ कुछ गिने चुने वैज्ञानिकों की चीज नहीं होगी सभी लोग वैज्ञानिक फिलोसोफर और आम व्यक्ति एक साथ इस पर विचार करेंगे अगर हम इस क्वेश्चन का क्यों अस्तित्व में आए आंसर पा ले कि हम और ؟٩ तो यह मानव बुध्दि की अंतिम विजय होगी एक दिन यह लिए लिए होगा ना सिर्फ वैज्ञानिकों के ज्ञान सभी के लिए बल्कि हर सामान्य व्यक्ति के भी और तब शायद तब हम अपने अस्तित्व के सबसे बड़े रहस्यों का आंसर लिए बस इतना ही हम फिर मिलेंगे पा सकेंगे आज के आपसे एक नए एपिसोड में एक नए टॉपिक के साथ খ্ন্নান गनस्टीन जैसे फिलोसोफर सिर्फ लैंग्वेज एनालिसिस तक सीमित हो गए लेकिन अगर हम एक कंप्लीट थरी ढूंढ ले तो यह सिर्फ कुछ गिने चुने वैज्ञानिकों की चीज नहीं होगी सभी लोग वैज्ञानिक फिलोसोफर और आम व्यक्ति एक साथ इस पर विचार करेंगे अगर हम इस क्वेश्चन का क्यों अस्तित्व में आए आंसर पा ले कि हम और ؟٩ तो यह मानव बुध्दि की अंतिम विजय होगी एक दिन यह लिए लिए होगा ना सिर्फ वैज्ञानिकों के ज्ञान सभी के लिए बल्कि हर सामान्य व्यक्ति के भी और तब शायद तब हम अपने अस्तित्व के सबसे बड़े रहस्यों का आंसर लिए बस इतना ही हम फिर मिलेंगे पा सकेंगे आज के आपसे एक नए एपिसोड में एक नए टॉपिक के साथ খ্ন্নান - ShareChat
#lion heart
lion heart - फोर डायमेंशन स्ट्र हो सकते हैं जो किसी बाउंड्री के बिना हो जैसे धरती का एक गोला होता हैं वैसे ही एक फोर डायमेंशन स्ट्रक्चर अंतरिक्ष का हो सकता है अगर बिल्कुल सेल्फ कंटेंड है तो क्या भगवान का ؟٩ इसमें कोई रोल है आइंस्टन ने एक बार पूछा था कि बनाने में कितनी छूट थी अगर भगवान के पास यूनिवर्स नो बाउंड्री प्रपोजल सही है तो उसके पास कोई छूट नहीं थी हो सकता है कि सिर्फ एक ही सेल्फ कंसिस्टेंट थिरी हो जो ह्यूमन जैसे बींग को समझने का अवसर देती हो एक थिरी सिर्फ एक सेट ऑफ इक्वेशन होती है लेकिन क्वेश्चन उठता है कि ये इक्वेशंस को क्यों यूनिवर्स डिस्क्राइब करते हैं क्या इनका अस्तित्व स्वतः होता है या कोई क्रिएटिव फोर्स इन्हें चलाता है और अगर एक क्रिएटर है तो उसे किसने बनाया यह वाय वाले सवाल किए साइंस में अब तक उतने एक्सप्लोर नहीं गए किए তিননা কাও বাল মনাল गए हैं एक समय था जब फिलोसोफर विज्ञान और ज्ञान के सभी क्षेत्रों में कार्य करते थे एरिस्टोटल से लेकर कांत तक सभी ने यूनिवर्स के नियम और शुरुआत पर विचार की लेकिन जैसे-जैसे विज्ञान अधिक गहन और मैथमेटिकल होता गया वैसे- वैसे फिलोसोफर पीछे छूट गए २० वीं शताब्दी में विड फोर डायमेंशन स्ट्र हो सकते हैं जो किसी बाउंड्री के बिना हो जैसे धरती का एक गोला होता हैं वैसे ही एक फोर डायमेंशन स्ट्रक्चर अंतरिक्ष का हो सकता है अगर बिल्कुल सेल्फ कंटेंड है तो क्या भगवान का ؟٩ इसमें कोई रोल है आइंस्टन ने एक बार पूछा था कि बनाने में कितनी छूट थी अगर भगवान के पास यूनिवर्स नो बाउंड्री प्रपोजल सही है तो उसके पास कोई छूट नहीं थी हो सकता है कि सिर्फ एक ही सेल्फ कंसिस्टेंट थिरी हो जो ह्यूमन जैसे बींग को समझने का अवसर देती हो एक थिरी सिर्फ एक सेट ऑफ इक्वेशन होती है लेकिन क्वेश्चन उठता है कि ये इक्वेशंस को क्यों यूनिवर्स डिस्क्राइब करते हैं क्या इनका अस्तित्व स्वतः होता है या कोई क्रिएटिव फोर्स इन्हें चलाता है और अगर एक क्रिएटर है तो उसे किसने बनाया यह वाय वाले सवाल किए साइंस में अब तक उतने एक्सप्लोर नहीं गए किए তিননা কাও বাল মনাল गए हैं एक समय था जब फिलोसोफर विज्ञान और ज्ञान के सभी क्षेत्रों में कार्य करते थे एरिस्टोटल से लेकर कांत तक सभी ने यूनिवर्स के नियम और शुरुआत पर विचार की लेकिन जैसे-जैसे विज्ञान अधिक गहन और मैथमेटिकल होता गया वैसे- वैसे फिलोसोफर पीछे छूट गए २० वीं शताब्दी में विड - ShareChat
#lion heart
lion heart - कि इस चीज को भगवान ने चुना होगा भगवान यूनिवर्स के नियम बना सकता है लेकिन उसके बीच में इंटरफेयर नहीं करता था क्वांटम मैकेनिक्स ने लेप्लेस के डिटरमिनिज्म का अंतिम अंत किया अनसर्टेटी प्रिसिंपल के अनुसार किसी भी पार्टिकल की वेलोसिटी और पोजीशन एक साथ एग्जैक्ट नहीं पता की जा सकती पार्टिकल्स किसी एक पॉइंट पर नहीं होते बल्कि वेव्स तरफ बिहेव करते हैं रेंडम एक फंडामेंटल फीचर है जो किसी भी थिरी को १००% एक्यूरेट प्रेडिक्शन करने से रोकता है यह रैंडम क्या भगवान का हस्तक्षेप है यह हो सकता है कि हम पार्टिकल्स और वेव्स के कांसेप्ट को गलत समझ रहे हैं इस बुक में ग्रेविटी के नियमों को विशेष रूप से देखा गया क्योंकि ग्रेविटी सबसे कमजोर फोर्स है फिर भी यह ब्रम्हांड के बड़े स्वरूपों को तय करती है ग्रेविटी का नियम कहता है कि यूनिवर्स स्टैटिक नहीं हो सकती वो या तो एक्सपेंड करेगी या कॉन्ट्रॅक्ट जनरल रिलेटिविटी के अनुसार एक समय ऐसा होगा पॉइंट्स जब ब्रम्हांड इनफाइकिल ऐसे हैं जहां फिजिक्स के सभी नियम फेल हो जाते हैं जब क्वांटम मैकेनिक्स और जनरल टिविटी को मिलाकर देखा गया तो एक नया विचार सामने आया समय और अंतरिक्ष एक फाइना इट कि इस चीज को भगवान ने चुना होगा भगवान यूनिवर्स के नियम बना सकता है लेकिन उसके बीच में इंटरफेयर नहीं करता था क्वांटम मैकेनिक्स ने लेप्लेस के डिटरमिनिज्म का अंतिम अंत किया अनसर्टेटी प्रिसिंपल के अनुसार किसी भी पार्टिकल की वेलोसिटी और पोजीशन एक साथ एग्जैक्ट नहीं पता की जा सकती पार्टिकल्स किसी एक पॉइंट पर नहीं होते बल्कि वेव्स तरफ बिहेव करते हैं रेंडम एक फंडामेंटल फीचर है जो किसी भी थिरी को १००% एक्यूरेट प्रेडिक्शन करने से रोकता है यह रैंडम क्या भगवान का हस्तक्षेप है यह हो सकता है कि हम पार्टिकल्स और वेव्स के कांसेप्ट को गलत समझ रहे हैं इस बुक में ग्रेविटी के नियमों को विशेष रूप से देखा गया क्योंकि ग्रेविटी सबसे कमजोर फोर्स है फिर भी यह ब्रम्हांड के बड़े स्वरूपों को तय करती है ग्रेविटी का नियम कहता है कि यूनिवर्स स्टैटिक नहीं हो सकती वो या तो एक्सपेंड करेगी या कॉन्ट्रॅक्ट जनरल रिलेटिविटी के अनुसार एक समय ऐसा होगा पॉइंट्स जब ब्रम्हांड इनफाइकिल ऐसे हैं जहां फिजिक्स के सभी नियम फेल हो जाते हैं जब क्वांटम मैकेनिक्स और जनरल टिविटी को मिलाकर देखा गया तो एक नया विचार सामने आया समय और अंतरिक्ष एक फाइना इट - ShareChat
#lion heart
lion heart - मॉडल्स को मानते हैं लेकिन कोई भी थरी तब तक एक साइंटिफिक थरी नहीं बन सकती जब तक वह प्रमाणित समय में लोगों का विश्वास था कि না ক্ী মনমী पुराने को देवता कंट्रोल करते हैं सूर्य चंद्रमा पहाड प्रकृति नदियां सब एक जीवित रुप में देखे गए इन देवताओं को fag खुश करने के य और बलि दी जाती थी लेकिन समय के साथ एक अजीब बात देखी गई सूर्य हर सुबह उगता और हर शाम को ढलता बिना किसी बलि या यज्ञ के भी चंद्रमा और ग्रह नक्षत्र एक फिकस्ड पाथ को नियमित नियमों के अनुसार चलती फॉलो करते प्रकृति यूनिवर्स एक नियम से रही यही ज्ञान की शुरुआत थी कि चल रहा है १९ वी शताब्दी तक लोगों को यह लगने लगा यूनिवर्सल लॉ होगा जो हर घटना का पता लगा कि एक सकता है लेप्लेस ने था कि अगर किसी समय पर dగT यूनिवर्स का पूरा डाटा जान लेे तो हम उसका पूरा గT भविष्य बता सकते हैं यह आइडिया था साइंटिफिक डिटरमिनिज्म का इसका मतलब था कि सब कुछ एक নালা ৯ নিনা ক্িমী ইভম ঘনো ক फिक्स तरीके से होने लेकिन इस थरी में दो बड़ी कमी थी यह नहीं बताया गया के यह नियम कहां से आए यूनिवर्स ؟٩ कि कि शुरुआत कौन सी कंडीशंस में हुई लेप्लेस ने मान लिया मॉडल्स को मानते हैं लेकिन कोई भी थरी तब तक एक साइंटिफिक थरी नहीं बन सकती जब तक वह प्रमाणित समय में लोगों का विश्वास था कि না ক্ী মনমী पुराने को देवता कंट्रोल करते हैं सूर्य चंद्रमा पहाड प्रकृति नदियां सब एक जीवित रुप में देखे गए इन देवताओं को fag खुश करने के य और बलि दी जाती थी लेकिन समय के साथ एक अजीब बात देखी गई सूर्य हर सुबह उगता और हर शाम को ढलता बिना किसी बलि या यज्ञ के भी चंद्रमा और ग्रह नक्षत्र एक फिकस्ड पाथ को नियमित नियमों के अनुसार चलती फॉलो करते प्रकृति यूनिवर्स एक नियम से रही यही ज्ञान की शुरुआत थी कि चल रहा है १९ वी शताब्दी तक लोगों को यह लगने लगा यूनिवर्सल लॉ होगा जो हर घटना का पता लगा कि एक सकता है लेप्लेस ने था कि अगर किसी समय पर dగT यूनिवर्स का पूरा डाटा जान लेे तो हम उसका पूरा గT भविष्य बता सकते हैं यह आइडिया था साइंटिफिक डिटरमिनिज्म का इसका मतलब था कि सब कुछ एक নালা ৯ নিনা ক্িমী ইভম ঘনো ক फिक्स तरीके से होने लेकिन इस थरी में दो बड़ी कमी थी यह नहीं बताया गया के यह नियम कहां से आए यूनिवर्स ؟٩ कि कि शुरुआत कौन सी कंडीशंस में हुई लेप्लेस ने मान लिया - ShareChat
#lion heart
lion heart - पूरी तरह से रैंडम और आर्बिट्रेरी है लेकिन যুনিবর্ম क्वांटम मैकेनिक्स यह प्रूव करती है कि रैंडम लिमिटे़ड है हम सब कुछ एक्यूरेटली प्रिडिक्ट नहीं कर सकते लेकिन रेंडम एक स्पेसिफिक रुल को फॉलो करती है अगर एक अल्टीमेट थोरी मिल जाए तो क्या होगा न्यूटन के समय पूरा फिजिक्स समझ सकता था आज एक आदमी एक स्पेशलिस्ट भी सिर्फ एक छोटी फील्ड समझ सकता है यूनिफाइड थ्योरी मिल गई तो स्कूल लेवल तक अगर सिंपली फाइड वर्जन सिखाया जाएगा लेकिन एक बडी कि हम थोरेट्स नहीं कर सकेंगे आएगी AI मैथमेटिकल कॉम्प्लेक्शन सिर्फ अप्रॉक्सिमेट्स के सारे नियम जान लेंगे या नए-नए लेयर्स निकलते रहेंगे आज हम जितना जानते हैं शायद वह सिर्फ एक शुरूआत है चैप्टर १२ कंक्लूजन हम एक अजीब और विचित्र जगत में जी रहे हैं ब्रम्हांड का स्वरूप क्या है हमारी इसमें क्या जगह है यह किसने बनाया और क्यों बनाया यह कैसे बना क्यों बना इसका यही स्वरुप क्यों है और कुछ और g क्यों नहीं इन क्वेश्चंस का आंसर देने के हमें एक समय में लोग धरती को वर्ल्ड पिक्चर बनाते है जैसे पहले एक बड़े कछुए के पीठ पर टिका हुआ मानते थे वैसे ही आज हम सुपर स्ट्रिंग थिरी और क्वांटम ग्रेविटी जैसे पूरी तरह से रैंडम और आर्बिट्रेरी है लेकिन যুনিবর্ম क्वांटम मैकेनिक्स यह प्रूव करती है कि रैंडम लिमिटे़ड है हम सब कुछ एक्यूरेटली प्रिडिक्ट नहीं कर सकते लेकिन रेंडम एक स्पेसिफिक रुल को फॉलो करती है अगर एक अल्टीमेट थोरी मिल जाए तो क्या होगा न्यूटन के समय पूरा फिजिक्स समझ सकता था आज एक आदमी एक स्पेशलिस्ट भी सिर्फ एक छोटी फील्ड समझ सकता है यूनिफाइड थ्योरी मिल गई तो स्कूल लेवल तक अगर सिंपली फाइड वर्जन सिखाया जाएगा लेकिन एक बडी कि हम थोरेट्स नहीं कर सकेंगे आएगी AI मैथमेटिकल कॉम्प्लेक्शन सिर्फ अप्रॉक्सिमेट्स के सारे नियम जान लेंगे या नए-नए लेयर्स निकलते रहेंगे आज हम जितना जानते हैं शायद वह सिर्फ एक शुरूआत है चैप्टर १२ कंक्लूजन हम एक अजीब और विचित्र जगत में जी रहे हैं ब्रम्हांड का स्वरूप क्या है हमारी इसमें क्या जगह है यह किसने बनाया और क्यों बनाया यह कैसे बना क्यों बना इसका यही स्वरुप क्यों है और कुछ और g क्यों नहीं इन क्वेश्चंस का आंसर देने के हमें एक समय में लोग धरती को वर्ल्ड पिक्चर बनाते है जैसे पहले एक बड़े कछुए के पीठ पर टिका हुआ मानते थे वैसे ही आज हम सुपर स्ट्रिंग थिरी और क्वांटम ग्रेविटी जैसे - ShareChat
#lion heart
lion heart - पार्टिकल्स पॉइंट लाइक थे लेकिन स्ट्रिंग थिरी में यह gc छोटे स्ट्रिंग्स हैं यह स्ट्रिंग्स वेव्स करती है जो हम पार्टिकल्स के रुप में देखते हैं स्ट्रिंग्स जुड भी सकती हैं और टूट भी सकती हैं इससे क्वांटम ग्रेविटी को भी समझा जा सकता है लेकिन स्ट्रिंग थिरी एक नई समस्या लेकर आई यह सिर्फ तब कंसिस्टेंट होती है जब स्पेस टाइम में १० या २६ डायमेंशन हो लेकिन सिर्फ चार 6# दिखती हैं तीन स्पेस और एक टाइम इसका एक समाधान दिया गया बाकी डायमेंशन बहुत छोटे हैं यानी कंपैक्टिफिकेशन होती है १ ९९४ में एक नए आईडिया ने स्ट्रिंग थरी को और मजबूत किया पार्टिकल्स जीरो ब्रेन होते हैं स्ट्रिंग्स वन ब्रेन और हायर डायमेंशन के ऑब्जेक्ट्स भी हो सकते हैं अलग-्अलग स्ट्रिंग थरी एक ही अल्टीमेट थरी के डिफरेंट एप्रोक्सीमेशन हो सकती है यह बताता है कि हमें एक ही थरी नही मिलेगी बल्कि कई थरी मिलकर एक कंप्लीट मॉडल बनाएंगी तीन संभावनाएं हो सकती हैं एक कंप्लीट यूनिफाइड थरी पॉसिबल है एक दिन हमें एक थरी मिलेगी जो सब कुछ एक्सप्लेन करेगी दूसरा एक इंफिनिट सीरीज ऑफ थरी होगी यानी नए-नए डिस्कवरीज के साथ नए लेयर्स मिलते रहेंगे और तीसरा कोई थिरी ही नहीं है यानी पार्टिकल्स पॉइंट लाइक थे लेकिन स्ट्रिंग थिरी में यह gc छोटे स्ट्रिंग्स हैं यह स्ट्रिंग्स वेव्स करती है जो हम पार्टिकल्स के रुप में देखते हैं स्ट्रिंग्स जुड भी सकती हैं और टूट भी सकती हैं इससे क्वांटम ग्रेविटी को भी समझा जा सकता है लेकिन स्ट्रिंग थिरी एक नई समस्या लेकर आई यह सिर्फ तब कंसिस्टेंट होती है जब स्पेस टाइम में १० या २६ डायमेंशन हो लेकिन सिर्फ चार 6# दिखती हैं तीन स्पेस और एक टाइम इसका एक समाधान दिया गया बाकी डायमेंशन बहुत छोटे हैं यानी कंपैक्टिफिकेशन होती है १ ९९४ में एक नए आईडिया ने स्ट्रिंग थरी को और मजबूत किया पार्टिकल्स जीरो ब्रेन होते हैं स्ट्रिंग्स वन ब्रेन और हायर डायमेंशन के ऑब्जेक्ट्स भी हो सकते हैं अलग-्अलग स्ट्रिंग थरी एक ही अल्टीमेट थरी के डिफरेंट एप्रोक्सीमेशन हो सकती है यह बताता है कि हमें एक ही थरी नही मिलेगी बल्कि कई थरी मिलकर एक कंप्लीट मॉडल बनाएंगी तीन संभावनाएं हो सकती हैं एक कंप्लीट यूनिफाइड थरी पॉसिबल है एक दिन हमें एक थरी मिलेगी जो सब कुछ एक्सप्लेन करेगी दूसरा एक इंफिनिट सीरीज ऑफ थरी होगी यानी नए-नए डिस्कवरीज के साथ नए लेयर्स मिलते रहेंगे और तीसरा कोई थिरी ही नहीं है यानी - ShareChat
#lion heart
lion heart - इन दोनों को मिलाने में दिक्कत आती हैं जब क्वांटम इफेक्ट्स को ग्रेविटी में डालने की कोशिश की गई तो एक बड़ी समस्या सामने आई इंफिनिटी प्रॉब्लम क्वांटम में वर्चुअल पार्टिकल्स हमेशा बनते और मिटते वैक्यूम रहते हैं इनका टोटल एनर्जी इंफिनिट होती है जनरल रिलेटिविटी के अनुसार यह इंफिनिट मास क्रिएट करेगा जो स्पेस टाइम को इंफिनिट कर्वेचर में ले जाएगा परंतु स्पेस को फाइना इट और स्मूथ देखते हैं यह दिखाता है कि क्वांटम मैकेनिक्स और जनरल रिलेटिविटी एक दूसरे के विरोधी हैं १९७६ में एक नया विचार आया सुपर स्पिन टू ग्रेविटी थीरी इसमें ग्रेविटी यानी के साथ स्पिन তীভা ३/२ 1 १/२ और 0 वाले पार्टिकल्स को गया यह यूनिफाइड फ्रेमवर्क देता है जो क्वांटम इफेक्ट्स को एक भी इंक्लूड करता है इसमें वर्चुअल पार्टिकल्स के नेगेटिव को कैंसिल करने के कांसेप्ट थे और पॉजिटिव एनर्जी लेकिन इसके कुछ मैथमेटिकल कैलकुलेशंस बहुत कठिन थे एक कैलकुलेशन करने में 4 साल लग जाते एक गलती हो गई तो फिर से करना पड़ता इसलिए किसी ने इसे पूरा वेरीफाई नहीं किया तब भी लोगों को लगा कि सुपर ग्रेविटी ही सही रास्ता हो सकती है १९८४ में स्ट्रिंग थिरी का विचार प्रचलित हुआ सुपर ग्रेविटी में इन दोनों को मिलाने में दिक्कत आती हैं जब क्वांटम इफेक्ट्स को ग्रेविटी में डालने की कोशिश की गई तो एक बड़ी समस्या सामने आई इंफिनिटी प्रॉब्लम क्वांटम में वर्चुअल पार्टिकल्स हमेशा बनते और मिटते वैक्यूम रहते हैं इनका टोटल एनर्जी इंफिनिट होती है जनरल रिलेटिविटी के अनुसार यह इंफिनिट मास क्रिएट करेगा जो स्पेस टाइम को इंफिनिट कर्वेचर में ले जाएगा परंतु स्पेस को फाइना इट और स्मूथ देखते हैं यह दिखाता है कि क्वांटम मैकेनिक्स और जनरल रिलेटिविटी एक दूसरे के विरोधी हैं १९७६ में एक नया विचार आया सुपर स्पिन टू ग्रेविटी थीरी इसमें ग्रेविटी यानी के साथ स्पिन তীভা ३/२ 1 १/२ और 0 वाले पार्टिकल्स को गया यह यूनिफाइड फ्रेमवर्क देता है जो क्वांटम इफेक्ट्स को एक भी इंक्लूड करता है इसमें वर्चुअल पार्टिकल्स के नेगेटिव को कैंसिल करने के कांसेप्ट थे और पॉजिटिव एनर्जी लेकिन इसके कुछ मैथमेटिकल कैलकुलेशंस बहुत कठिन थे एक कैलकुलेशन करने में 4 साल लग जाते एक गलती हो गई तो फिर से करना पड़ता इसलिए किसी ने इसे पूरा वेरीफाई नहीं किया तब भी लोगों को लगा कि सुपर ग्रेविटी ही सही रास्ता हो सकती है १९८४ में स्ट्रिंग थिरी का विचार प्रचलित हुआ सुपर ग्रेविटी में - ShareChat
#lion heart
lion heart - वक्त क्वांटम मैकेनिक्स को लेकर बहुत कम ज्ञान था आइंस्टीन क्वांटम मैकेनिक्स पर विश्वास नहीं करते थे उनके समय में सिर्फ दो ही फंडामेंटल फोर्सेस पता थी ग्रेविटी और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्स लेकिन न्यूक्लियर फोर्सेस स्ट्रांग और वीक का ज्ञान तब नहीं था आइंस्टीन g बहुत आगे कि थी लेकिन सोच उस समय के समय सही नहीं था आज हम और अधिक जानते हैं और इसलिए एकीकरण की संभावनाएं बढ़ गई है पहले भी लोग सोचते थे कि साइंस अपने अंतिम ज्ञान पर पहुंच चुका है मैक्स बर्न १९२८ उन्होंने कहा था कि 6 महीने में फिजिक्स समाप्त हो जाएगी क्योंकि डायरेक्ट का इलेक्ट्रॉन इक्वेशन आ गया था लेकिन जब और न्यूट्रॉन न्यूक्लियर फोर्सेस का पता चला तो पूरा मॉडल गिर गया आज भी हमें संभावित ग्रैंड यूनिफाइड थरी मिल सकती है लेकिन हम पूरी तरह शोर नहीं होे सकते अब तक हमने तीन फंडामेंटल फोर्सेस को क्वांटम मैकेनिक्स के साथ मिला दिया है इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्स स्ट्रांग न्यूक्लियर फोर्स और वीक न्यूक्लियर फोर्स इनका ग्रैंड यूनिफाइड थरी बन है लेकिन ग्रेविटी का समावेश चुकी इसमें नहीं हैं जनरल रिलेटिविटी एक क्लासिकल थिरी है क्वांटम मैकेनिक्स अनसर्टेनटीज पल को फॉलो करती हैं वक्त क्वांटम मैकेनिक्स को लेकर बहुत कम ज्ञान था आइंस्टीन क्वांटम मैकेनिक्स पर विश्वास नहीं करते थे उनके समय में सिर्फ दो ही फंडामेंटल फोर्सेस पता थी ग्रेविटी और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्स लेकिन न्यूक्लियर फोर्सेस स्ट्रांग और वीक का ज्ञान तब नहीं था आइंस्टीन g बहुत आगे कि थी लेकिन सोच उस समय के समय सही नहीं था आज हम और अधिक जानते हैं और इसलिए एकीकरण की संभावनाएं बढ़ गई है पहले भी लोग सोचते थे कि साइंस अपने अंतिम ज्ञान पर पहुंच चुका है मैक्स बर्न १९२८ उन्होंने कहा था कि 6 महीने में फिजिक्स समाप्त हो जाएगी क्योंकि डायरेक्ट का इलेक्ट्रॉन इक्वेशन आ गया था लेकिन जब और न्यूट्रॉन न्यूक्लियर फोर्सेस का पता चला तो पूरा मॉडल गिर गया आज भी हमें संभावित ग्रैंड यूनिफाइड थरी मिल सकती है लेकिन हम पूरी तरह शोर नहीं होे सकते अब तक हमने तीन फंडामेंटल फोर्सेस को क्वांटम मैकेनिक्स के साथ मिला दिया है इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्स स्ट्रांग न्यूक्लियर फोर्स और वीक न्यूक्लियर फोर्स इनका ग्रैंड यूनिफाइड थरी बन है लेकिन ग्रेविटी का समावेश चुकी इसमें नहीं हैं जनरल रिलेटिविटी एक क्लासिकल थिरी है क्वांटम मैकेनिक्स अनसर्टेनटीज पल को फॉलो करती हैं - ShareChat
#lion heart
lion heart - रोकती है हॉकिंग का कहना था कि अगर टाइम ट्रेवल पॉसिबल होता तो कोई फ्यूचर से आकर मुझे चैलेंज कर चुका होता वम होल्स और नेगेटिव एनर्जी डेंसिटी थरेट टाइम ट्रेवल को सपोर्ट कर सकते है लेकिन प्रैक्टिकल और लॉजिकल कांट्रडिक्शन है शायद नेचर ने खुद ही टाइम ट्रेवल को इंपॉसिबल बनाया है हमारे पास सिर्फ एक ऑप्शन है फ्यूचर का इंतजार करना चैप्टर ११ द यूनिफिकेशन ऑफ फिजिक्स ब्रम्हांड का एकीकरण क्या एक थरी सब कुछ समझा सकती है 47 পক্ল हमने देखा कि एक कंप्लीट यूनिफाइड थरी बनाना बहुत মুহিকল ক্রাম ৯ সাহস ন পাথিমিল থঠী বনাব্ধয সমনি की है जो अलग-्अलग प्रोसेसेस को एक्सप्लेन करती है जैसे केमिस्ट्री एटम्स के इंटरेक्शन को बताती है बिना न्यूक्लियस के इंटरनल स्ट्रक्चर को समझे फिजिक्स लिए अलग-्अलग फोर्सेस के अलग-्अलग थरी बनाती गई एक अंतिम थोरी ऐसी होनी चाहिए जो सभी फोर्सेस और पार्टिकल इंटरेक्शन की सके कोई भी अननोन कांस्टेंट या नंबर डालकर उसे फिट ना करना पडे़ यह द यूनिफिकेशन ऑफ फिजिक्स का मेन लक्ष्य है अल्बर्ट आइंस्टीन अपनी आखिरी जिंदगी तक एक यूनिफाइड थिरी ढूंढने में लगे रहे लेकिन सफलता नहीं मिली उस रोकती है हॉकिंग का कहना था कि अगर टाइम ट्रेवल पॉसिबल होता तो कोई फ्यूचर से आकर मुझे चैलेंज कर चुका होता वम होल्स और नेगेटिव एनर्जी डेंसिटी थरेट टाइम ट्रेवल को सपोर्ट कर सकते है लेकिन प्रैक्टिकल और लॉजिकल कांट्रडिक्शन है शायद नेचर ने खुद ही टाइम ट्रेवल को इंपॉसिबल बनाया है हमारे पास सिर्फ एक ऑप्शन है फ्यूचर का इंतजार करना चैप्टर ११ द यूनिफिकेशन ऑफ फिजिक्स ब्रम्हांड का एकीकरण क्या एक थरी सब कुछ समझा सकती है 47 পক্ল हमने देखा कि एक कंप्लीट यूनिफाइड थरी बनाना बहुत মুহিকল ক্রাম ৯ সাহস ন পাথিমিল থঠী বনাব্ধয সমনি की है जो अलग-्अलग प्रोसेसेस को एक्सप्लेन करती है जैसे केमिस्ट्री एटम्स के इंटरेक्शन को बताती है बिना न्यूक्लियस के इंटरनल स्ट्रक्चर को समझे फिजिक्स लिए अलग-्अलग फोर्सेस के अलग-्अलग थरी बनाती गई एक अंतिम थोरी ऐसी होनी चाहिए जो सभी फोर्सेस और पार्टिकल इंटरेक्शन की सके कोई भी अननोन कांस्टेंट या नंबर डालकर उसे फिट ना करना पडे़ यह द यूनिफिकेशन ऑफ फिजिक्स का मेन लक्ष्य है अल्बर्ट आइंस्टीन अपनी आखिरी जिंदगी तक एक यूनिफाइड थिरी ढूंढने में लगे रहे लेकिन सफलता नहीं मिली उस - ShareChat
#lion heart
lion heart - परदादा को मार दे तो आप पैदा ही नहीं होते अगर कोई फ्यूचर से आके नाजी को न्यूक्लियर बॉम देदे तो हिस्ट्री कैसे बदलेगी दो सोलूशंस हो सकते हैं पहला कंसिस्टेंट हिस्ट्रीज अप्रोच कि अगर आप पास्ट में गए तो आप वैसे ही करेंगे जो हिस्ट्री में लिखा है आप कुछ बदल नहीं सकेंगे अगर किसी ने ने पास में टाइम ट्रेवल किया होता तो हम ऑलरेडी उसका इफेक्ट देख चुके होते दूसरा है अल्टरनेटिव हिस्ट्री हाइपोथेसिस यानी मल्टीवर्स थरी अगर आप पास्ट में जाएंगे तो आप एक नए अल्टरनेट टाइमलाइन में होंगे आप जो बदलेंगे वह एक दूसरी हिस्ट्री बनाएगा आपका ओरिजिन वैसे का वैसा ही रहेगा इसी आईडिया पर बनी है और बैक टू द फ्यूचर # क्वांटम मैकेनिक्स में माइक्रोस्कोपिक लेवल पर टाइम ट्रेवल होता है पार्टिकल्स और एंटी पार्टिकल्स एक दूसरे को कैंसिल कर सकते हैं ब्लैक होल्स रेडिएशन एमिट कर सकते हैं क्वांटम इफेक्ट्स की वजह से लेकिन क्या माइक्रोस्कोपिक लेवल पर भी पॉसिबल होगा यह हॉकिंग का क्रोनोलॉजी प्रोटेक्शन कंजेक्चर कहता है कि डेंसिटी टाइम ट्रेवल की वजह से स्पेस टाइम की एनर्जी कि यह कोलैक्स हो जाएगा इसका 5##46 எரரி मतलब यह है कि नेचर खुद ही पास्ट में ट्रेवल होने से परदादा को मार दे तो आप पैदा ही नहीं होते अगर कोई फ्यूचर से आके नाजी को न्यूक्लियर बॉम देदे तो हिस्ट्री कैसे बदलेगी दो सोलूशंस हो सकते हैं पहला कंसिस्टेंट हिस्ट्रीज अप्रोच कि अगर आप पास्ट में गए तो आप वैसे ही करेंगे जो हिस्ट्री में लिखा है आप कुछ बदल नहीं सकेंगे अगर किसी ने ने पास में टाइम ट्रेवल किया होता तो हम ऑलरेडी उसका इफेक्ट देख चुके होते दूसरा है अल्टरनेटिव हिस्ट्री हाइपोथेसिस यानी मल्टीवर्स थरी अगर आप पास्ट में जाएंगे तो आप एक नए अल्टरनेट टाइमलाइन में होंगे आप जो बदलेंगे वह एक दूसरी हिस्ट्री बनाएगा आपका ओरिजिन वैसे का वैसा ही रहेगा इसी आईडिया पर बनी है और बैक टू द फ्यूचर # क्वांटम मैकेनिक्स में माइक्रोस्कोपिक लेवल पर टाइम ट्रेवल होता है पार्टिकल्स और एंटी पार्टिकल्स एक दूसरे को कैंसिल कर सकते हैं ब्लैक होल्स रेडिएशन एमिट कर सकते हैं क्वांटम इफेक्ट्स की वजह से लेकिन क्या माइक्रोस्कोपिक लेवल पर भी पॉसिबल होगा यह हॉकिंग का क्रोनोलॉजी प्रोटेक्शन कंजेक्चर कहता है कि डेंसिटी टाइम ट्रेवल की वजह से स्पेस टाइम की एनर्जी कि यह कोलैक्स हो जाएगा इसका 5##46 எரரி मतलब यह है कि नेचर खुद ही पास्ट में ट्रेवल होने से - ShareChat