यह ज्ञान का रास्ता है जो तय करके सम्पूर्ण निशाने पर पहुँचना है, इसमें औरो का दोष न निकाल अन्तर्मुख हो अपनी करेक्शन करनी है। कोई की भूल को देखकर अपनी वाचा नहीं चलानी है। वाचा तो क्या बल्कि मन्सा अर्थात विचार शक्ति भी शान्त रहे। विचार को शक्ति भी कहा जाता है, कहने में आता है विचार शक्ति से काम लो। तो अगर दूसरे के स्वभाव के प्रति मन्सा में कोई विचार चलता है तो यह भी जैसे अपनी शक्ति कम कर देते हो क्योंकि व्यर्थ संकल्पो की उत्पत्ति होने से मन्सा पाॅवर कम हो जाती है #lion heart