Sunil Bishnoi
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@836119027
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Sunil Bishnoi
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हुस्न वालों से गुजारिश है. इश्क़ वालों पे रहम खाये
मोहब्बत कोई बड़ी कहानी नहीं होती,वो बस दो दिलों का धीरे-धीरे एक-दूसरे में घर बना लेना होता है। किसी की आदत बन जाना,उसकी आवाज़ में सुकून ढूँढ लेना,उसकी खामोशियों तक को समझने लगना शायद यही प्रेम का सबसे सच्चा रूप है। मोहब्बत हमेशा बड़े इज़हारों में नहीं मिलती, कभी-कभी वो रोज़ की छोटी-छोटी बातों में छुपी होती है।जैसे बिना वजह एक-दूसरे को याद कर लेना, थके हुए दिन के बाद सिर्फ़ एक आवाज़ सुनकर सुकून मिल जाना या फिर भीड़ भरी दुनिया में सिर्फ़ एक इंसान के पास दिल का ठहर जाना।धीरे-धीरे जब किसी की मौजूदगी दुआ जैसी लगने लगे,जब उसके बिना हर खुशी थोड़ी अधूरी लगे,तब समझ लेना मोहब्बत हो चुकी है क्योंकि प्रेम शोर नहीं करता, वो चुपचाप दो आत्माओं के बीच अपना घर बना लेता है। #💞जीवनसाथी #🏘 म्हारो राजस्थान🙏 #💃 राजस्थानी स्टाइल #✍शायरी #👌म्हाखो मारवाड़
#✍शायरी #🏘 म्हारो राजस्थान🙏 #👌म्हाखो मारवाड़ #💃 राजस्थानी स्टाइल #💞जीवनसाथी
✍शायरी - सुण भंवरा भंवरी कहै, जरद पीठ पर क्यूंह | बरछी लागी प्रेम री, हळदी लागी ज्यूंह। | भ्रमरी कहती है, भ्रमर, सुन, तेरी पीठ पर यह पीला रंग क्यों ? भ्रमर बोला, प्रेम की बर्छी लगी है इसलिये घाव पर हल्दी लगाई है। सुण भंवरा भंवरी कहै, जरद पीठ पर क्यूंह | बरछी लागी प्रेम री, हळदी लागी ज्यूंह। | भ्रमरी कहती है, भ्रमर, सुन, तेरी पीठ पर यह पीला रंग क्यों ? भ्रमर बोला, प्रेम की बर्छी लगी है इसलिये घाव पर हल्दी लगाई है। - ShareChat
#💃 राजस्थानी स्टाइल #🏘 म्हारो राजस्थान🙏 #💞जीवनसाथी #👌म्हाखो मारवाड़ #✍शायरी
💃 राजस्थानी स्टाइल - ढळतां आधी रातड़ी , जागै और न लोग। कै तो जागै संत जन, कै तिय पिया वियोग। | ढल चुकी है, ऐसे समय और कोई नहीं जागता।| आधी रात या तो संत जन जागते रहते हैं या फिर पिया के वियोग में विरहिणी स्त्री| ढळतां आधी रातड़ी , जागै और न लोग। कै तो जागै संत जन, कै तिय पिया वियोग। | ढल चुकी है, ऐसे समय और कोई नहीं जागता।| आधी रात या तो संत जन जागते रहते हैं या फिर पिया के वियोग में विरहिणी स्त्री| - ShareChat
स्त्री के होंठों को चूमना तभी आध्यात्मिक हो सकता है, जब उसमें वासना नहीं, प्रेम, सम्मान और पूर्ण सजगता हो। सिर्फ होंठों का स्पर्श आध्यात्मिक नहीं होता। यदि मन वासना, अधिकार, लालच या उपयोग की भावना से भरा है, तो वह केवल शारीरिक क्रिया रह जाती है। लेकिन यदि दो व्यक्ति प्रेम में हों, एक-दूसरे का सम्मान करते हों, और उनके बीच सहमति, संवेदनशीलता तथा मौन की गहराई हो — तब वही स्पर्श ध्यान का द्वार बन सकता है। ओशो के अनुसार, प्रेम जब जागरूकता से जुड़ता है तो साधना बन जाता है। जब तुम किसी को चूमो और उस क्षण पूर्णतः उपस्थित हो — न अतीत, न भविष्य, न कल्पना, न जल्दबाज़ी — तब वह क्षण साधारण नहीं रहता। उसमें ऊर्जा, मौन और एकत्व की झलक मिल सकती है। लेकिन याद रखो — आध्यात्मिकता शरीर के किसी एक अंग में नहीं, चेतना में है। होंठ केवल माध्यम हैं, सत्य नहीं। यदि भीतर प्रेम नहीं, तो चुंबन भी खाली है। यदि भीतर प्रेम है, तो एक स्पर्श भी प्रार्थना बन सकता है। सच्चा चुंबन वह है जिसमें किसी पर अधिकार नहीं, केवल समर्पण हो। जिसमें हिंसा नहीं, कोमलता हो। जिसमें उपयोग नहीं, आदर हो। जिसमें जल्दबाज़ी नहीं, धैर्य हो। ऐसे क्षण में दो लोग केवल शरीर से नहीं, हृदय से मिलते हैं। इसलिए कहना अधिक सही होगा: स्त्री के होंठों को चूमना अपने-आप में आध्यात्मिक नहीं है; प्रेम, सहमति, सम्मान और जागरूकता उसे आध्यात्मिक बना सकते हैं। जहाँ प्रेम है, वहाँ परमात्मा की संभावना है। जहाँ सम्मान है, वहाँ पवित्रता है। जहाँ सजगता है, वहाँ ध्यान है। #✍शायरी #💞जीवनसाथी #🏘 म्हारो राजस्थान🙏 #👌म्हाखो मारवाड़ #💃 राजस्थानी स्टाइल
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👌म्हाखो मारवाड़ - मीठी मनुहारा करता थकां सुगन सगळा जोय छाय जमानो जोरको , अमृत | वर्षा सुख समृद्वि घर में होवे , घुळ मिळ सगळा रेय हाळी अमावस ऐड़ा सुगन, आप सब ने देय |। अमावस री सगळा नै घणी घणी सुभकामनावां " எனி मीठी मनुहारा करता थकां सुगन सगळा जोय छाय जमानो जोरको , अमृत | वर्षा सुख समृद्वि घर में होवे , घुळ मिळ सगळा रेय हाळी अमावस ऐड़ा सुगन, आप सब ने देय |। अमावस री सगळा नै घणी घणी सुभकामनावां " எனி - ShareChat
#💃 राजस्थानी स्टाइल #💞जीवनसाथी #✍शायरी #🏘 म्हारो राजस्थान🙏 #👌म्हाखो मारवाड़
💃 राजस्थानी स्टाइल - तू लाख खूबसूरत ही सही , तो कुछ भी नही। पर वफादार नही तू लाख खूबसूरत ही सही , तो कुछ भी नही। पर वफादार नही - ShareChat
#🏘 म्हारो राजस्थान🙏 #👌म्हाखो मारवाड़ #✍शायरी #💞जीवनसाथी #💃 राजस्थानी स्टाइल
🏘 म्हारो राजस्थान🙏 - दो दोहा.. माँ जायां भीड़ पडी , लड़र्या लेय वकील। लोग तमासा देखर्या , कोर्ट मिले अपील।। बूढिया, हिलमिल रहता सीर। सम्प राखता भीड़ पड्या जा ऊभता , कहता डर मत बीर।। दो दोहा.. माँ जायां भीड़ पडी , लड़र्या लेय वकील। लोग तमासा देखर्या , कोर्ट मिले अपील।। बूढिया, हिलमिल रहता सीर। सम्प राखता भीड़ पड्या जा ऊभता , कहता डर मत बीर।। - ShareChat
#✍शायरी #👌म्हाखो मारवाड़ #💃 राजस्थानी स्टाइल #💞जीवनसाथी #🏘 म्हारो राजस्थान🙏
✍शायरी - बाप डुबाई गौरड़ी , आछो देख्यो छैल। ओ है काळो कागलो , तू है II फुटरी है सोवणी , कोजो काळो बीन। तू कतरी फोटो खांचे रातने होजा ओ अनसीन II म्हारी होज्या मेनकी , देऊं दोहा मांड| बांध सेवरो आवयो, सरकारी मैं सांडI। साथै फेरा खावले , बेठ चंवरी तीर। कराद्यूँ बावळी " सा जागीर।। দ্কাহী নাম बाप डुबाई गौरड़ी , आछो देख्यो छैल। ओ है काळो कागलो , तू है II फुटरी है सोवणी , कोजो काळो बीन। तू कतरी फोटो खांचे रातने होजा ओ अनसीन II म्हारी होज्या मेनकी , देऊं दोहा मांड| बांध सेवरो आवयो, सरकारी मैं सांडI। साथै फेरा खावले , बेठ चंवरी तीर। कराद्यूँ बावळी " सा जागीर।। দ্কাহী নাম - ShareChat
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💞जीवनसाथी - फागण मांही फूटरी ,लागै गजबण गोर। छळगारो में छैल हूं॰ ल्यूँ ला जोबन चोर II निकळी गजबण गोर। झूमळी  झूमका रसिया भूलग्या रासतो , कई कुटाया मोर Il रस मळाइ रस भरी , फागण लगे सुवाद| घर आयो है बालमो , तीन बरस के बाद।l फागण मांही फूटरी ,लागै गजबण गोर। छळगारो में छैल हूं॰ ल्यूँ ला जोबन चोर II निकळी गजबण गोर। झूमळी  झूमका रसिया भूलग्या रासतो , कई कुटाया मोर Il रस मळाइ रस भरी , फागण लगे सुवाद| घर आयो है बालमो , तीन बरस के बाद।l - ShareChat