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#ishu masih hi khuda hai
ishu masih hi khuda hai - ShareChat
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#ishu masih hi khuda hai
ishu masih hi khuda hai - परमेश्वर कहते हैं : "जब तुम प्रार्थना करते हो, तो तुममें विश्वास, दृढ़ता और संकल्प होना चाहिए। अधिकतर  लोग प्रशिक्षित होना शुरू करते ही हिम्मत हार जाते हैं क्योंकि वे पवित्र आत्मा द्वारा प्रेरित  होने में विफल रहते हें। इससे काम नहीं चलेगा ! तुम्हें दृढ रहना चाहिए; तुम्हें पवित्र आत्मा द्वारा प्रेरित किए जाने का एहसास करने और खोजने व छानबीन करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कभी तुम्हारे अभ्यास का मार्ग सही नहीं होता , और कभी तुम्हारे व्यक्तिगत उद्देश्य  r तुम्हें प्रेरित  और धारणाएँ परमेश्वर के सामने टिक नहीं पातीं , और इसलिए परमेश्वर का आत्मा  करने में विफल रहता है। अन्य अवसरों पर परमेश्वर यह देखता है कि तुम वफादार हो या नहीं।   तुम्हें पता चले कि तुम अपने  संक्षेप में , प्रशिक्षण में तुम्हें ऊँची कीमत " चाहिए। अगर  चुकानी  নী বুস  के मार्ग से हट रहे हो, अपना प्रार्थना करने का तरीका बदल सकते हो। अगर  अभ्यास तुम सच्चे हृदय से खोज करते हो और प्राप्त करने के लिए लालायित रहते हो, तो पवित्र तुम्हें निश्चित रूप से इस वास्तविकता में ले जाएगा। कभी - कभी तुम सच्चे हृदय से आत्मा प्रार्थना करते हो, लेकिन ऐसा महसूस नहीं करते कि तुम विशेष रूप से प्रेरित किए गए हो।  ऐसे समय में तुम्हें आस्था पर निर्भर रहना चाहिए, इस बात पर विश्वास करना चाहिए कि परमेश्वर तुम्हारी प्रार्थनाओं को देख रहा है; तुम्हें अपनी प्रार्थनाओं में दृढ रहना चाहिए। " परमेश्वर कहते हैं : "जब तुम प्रार्थना करते हो, तो तुममें विश्वास, दृढ़ता और संकल्प होना चाहिए। अधिकतर  लोग प्रशिक्षित होना शुरू करते ही हिम्मत हार जाते हैं क्योंकि वे पवित्र आत्मा द्वारा प्रेरित  होने में विफल रहते हें। इससे काम नहीं चलेगा ! तुम्हें दृढ रहना चाहिए; तुम्हें पवित्र आत्मा द्वारा प्रेरित किए जाने का एहसास करने और खोजने व छानबीन करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कभी तुम्हारे अभ्यास का मार्ग सही नहीं होता , और कभी तुम्हारे व्यक्तिगत उद्देश्य  r तुम्हें प्रेरित  और धारणाएँ परमेश्वर के सामने टिक नहीं पातीं , और इसलिए परमेश्वर का आत्मा  करने में विफल रहता है। अन्य अवसरों पर परमेश्वर यह देखता है कि तुम वफादार हो या नहीं।   तुम्हें पता चले कि तुम अपने  संक्षेप में , प्रशिक्षण में तुम्हें ऊँची कीमत " चाहिए। अगर  चुकानी  নী বুস  के मार्ग से हट रहे हो, अपना प्रार्थना करने का तरीका बदल सकते हो। अगर  अभ्यास तुम सच्चे हृदय से खोज करते हो और प्राप्त करने के लिए लालायित रहते हो, तो पवित्र तुम्हें निश्चित रूप से इस वास्तविकता में ले जाएगा। कभी - कभी तुम सच्चे हृदय से आत्मा प्रार्थना करते हो, लेकिन ऐसा महसूस नहीं करते कि तुम विशेष रूप से प्रेरित किए गए हो।  ऐसे समय में तुम्हें आस्था पर निर्भर रहना चाहिए, इस बात पर विश्वास करना चाहिए कि परमेश्वर तुम्हारी प्रार्थनाओं को देख रहा है; तुम्हें अपनी प्रार्थनाओं में दृढ रहना चाहिए। " - ShareChat
#ishu masih hi khuda hai
ishu masih hi khuda hai - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैंः में तुम खुद पर भरोसा करते हो, और अपनी ही चीजों सभी अगर इच्छा का पालन करते हो, अगर तुम मानते हो कि तुम्हारा भाग्य में है, तो तुम खुद में ही विश्वास रखते हो। भले ही अपने 5R हाथों तुम परमेश्वर पर विश्वास करने और उसे स्वीकार करने का दावा करते हो, मगर परमेश्वर तुम्हें स्वीकार नहीं करता। तुम्हारा परमेश्वर के साथ कोई संबंध नहीं है, और इसलिए तुम अंततः परमेश्वर द्वारा तिरस्कृत किए  जाने , और उसके द्वारा निकाल दिए जाने के जाने, दंडित किए लिए नियत हो; परमेश्वर तुम जैसे लोगों को नहीं बचाता। परमेश्वर में वास्तव में विश्वास करने वाले वही लोग होते हैं, जो परमेश्वर को उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार करते हैं, जो यह स्वीकार करते हैं कि वह सत्य, मार्ग और जीवन है। वे उसके লিৎয खुद को ईमानदारी से खपाने और एक सृजित प्राणी का कर्तव्य निभाने में सक्षम होते हैं; वे परमेश्वर के कार्य का अनुभव करते हैँ, वे उसके वचनों और सत्य का अभ्यास करते हैं, वे सत्य का अनुसरण करने के मार्ग पर चलते हैंl वे ऐसे लोग होते हैं जो परमेश्वर की संप्रभुता और व्यवस्थाओं के प्रति समर्पण करते हैँ, और जौ उसकी इच्छा काा अनुसरुणा करतै हैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैंः में तुम खुद पर भरोसा करते हो, और अपनी ही चीजों सभी अगर इच्छा का पालन करते हो, अगर तुम मानते हो कि तुम्हारा भाग्य में है, तो तुम खुद में ही विश्वास रखते हो। भले ही अपने 5R हाथों तुम परमेश्वर पर विश्वास करने और उसे स्वीकार करने का दावा करते हो, मगर परमेश्वर तुम्हें स्वीकार नहीं करता। तुम्हारा परमेश्वर के साथ कोई संबंध नहीं है, और इसलिए तुम अंततः परमेश्वर द्वारा तिरस्कृत किए  जाने , और उसके द्वारा निकाल दिए जाने के जाने, दंडित किए लिए नियत हो; परमेश्वर तुम जैसे लोगों को नहीं बचाता। परमेश्वर में वास्तव में विश्वास करने वाले वही लोग होते हैं, जो परमेश्वर को उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार करते हैं, जो यह स्वीकार करते हैं कि वह सत्य, मार्ग और जीवन है। वे उसके লিৎয खुद को ईमानदारी से खपाने और एक सृजित प्राणी का कर्तव्य निभाने में सक्षम होते हैं; वे परमेश्वर के कार्य का अनुभव करते हैँ, वे उसके वचनों और सत्य का अभ्यास करते हैं, वे सत्य का अनुसरण करने के मार्ग पर चलते हैंl वे ऐसे लोग होते हैं जो परमेश्वर की संप्रभुता और व्यवस्थाओं के प्रति समर्पण करते हैँ, और जौ उसकी इच्छा काा अनुसरुणा करतै हैं - ShareChat
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#ishu masih hi khuda hai
ishu masih hi khuda hai - परमेश्वर कहते हैं : ॰परमेश्वर मानवजाति से प्रेम करता है, मानवजाति की देखभाल करता है, लिए चिंता दिखाता है, मानवजाति के साथ ही साथ लगातार और इसके लिए आपूर्तियाँ करता है। वह कभी अपने हृदय  बिना रुके मानवजाति के में यह महसूस नहीं करता कि यह एक अतिरिक्त कार्य है या जिसे ढेर सारा  श्रेय मिलना चाहिए। न ही वह यह महसूस करता है कि मानवता को f आपूर्तियाँ करना, और उन्हें सब कुछ देना , मानवजाति बचाना, उनके बहुत बड़ा योगदान है। वह मानवजाति को अपने तरीके से লিব বন্ধ के और स्वयं के सार और जो वह स्वयं है और जो उसके पास है, उसके माध्यम से बस खामोशी से एवं चुपचाप प्रदान करता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मानवजाति को उससे कितना भोजन प्रबंध एवं कितनी सहायता प्राप्त होती है, परमेश्वर इसके बारे में कभी नहीं सोचता या श्रेय लेने की कोशिश नहीं करता। यह परमेश्वर के सार द्वारा निर्धारित होता है  बिलकुल सही अभिव्यक्ति भी है।॰ और साथ ही यह परमेश्वर के स्वभाव की परमेश्वर कहते हैं : ॰परमेश्वर मानवजाति से प्रेम करता है, मानवजाति की देखभाल करता है, लिए चिंता दिखाता है, मानवजाति के साथ ही साथ लगातार और इसके लिए आपूर्तियाँ करता है। वह कभी अपने हृदय  बिना रुके मानवजाति के में यह महसूस नहीं करता कि यह एक अतिरिक्त कार्य है या जिसे ढेर सारा  श्रेय मिलना चाहिए। न ही वह यह महसूस करता है कि मानवता को f आपूर्तियाँ करना, और उन्हें सब कुछ देना , मानवजाति बचाना, उनके बहुत बड़ा योगदान है। वह मानवजाति को अपने तरीके से লিব বন্ধ के और स्वयं के सार और जो वह स्वयं है और जो उसके पास है, उसके माध्यम से बस खामोशी से एवं चुपचाप प्रदान करता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मानवजाति को उससे कितना भोजन प्रबंध एवं कितनी सहायता प्राप्त होती है, परमेश्वर इसके बारे में कभी नहीं सोचता या श्रेय लेने की कोशिश नहीं करता। यह परमेश्वर के सार द्वारा निर्धारित होता है  बिलकुल सही अभिव्यक्ति भी है।॰ और साथ ही यह परमेश्वर के स्वभाव की - ShareChat
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ishu masih hi khuda hai - परमेश्वर कहते हैं : "जब कोई व्यक्ति पीछे मुड़कर उस मार्ग को देखता है जिस पर वह चला था, जब कोई व्यक्ति अपनी यात्रा की हर अवस्था को याद करता है, तो वह देखता है कि हर कदम पर, चाहे उसकी यात्रा कठिन रही हो या आसान , परमेश्वर मार्गदर्शन कर रहा था, योजना बना रहा था।ये उसका परमेश्वर की कुशल व्यवस्थाएँ थीं, और उसकी सावधानीपूर्वक की गयी योजनाएँ थीं, जिन्होंने आज तक, व्यक्ति की जानकारी के बिना उसकी अगुवाई की है। सृजनकर्ता की संप्रभुता को स्वीकार करने , उसके उद्धार को प्राप्त करने में समर्थ होना - कितना बड़ा सौभाग्य है! )) परमेश्वर कहते हैं : "जब कोई व्यक्ति पीछे मुड़कर उस मार्ग को देखता है जिस पर वह चला था, जब कोई व्यक्ति अपनी यात्रा की हर अवस्था को याद करता है, तो वह देखता है कि हर कदम पर, चाहे उसकी यात्रा कठिन रही हो या आसान , परमेश्वर मार्गदर्शन कर रहा था, योजना बना रहा था।ये उसका परमेश्वर की कुशल व्यवस्थाएँ थीं, और उसकी सावधानीपूर्वक की गयी योजनाएँ थीं, जिन्होंने आज तक, व्यक्ति की जानकारी के बिना उसकी अगुवाई की है। सृजनकर्ता की संप्रभुता को स्वीकार करने , उसके उद्धार को प्राप्त करने में समर्थ होना - कितना बड़ा सौभाग्य है! )) - ShareChat
#ishu masih hi khuda hai
ishu masih hi khuda hai - प्रार्थना हमारे दिल की थकान दूर करने में हमारी मदद कर सकती है हमारे दुर्खों को खुशी में बदल सकती है क्या आपने आज प्रार्थना की है? प्रार्थना हमारे दिल की थकान दूर करने में हमारी मदद कर सकती है हमारे दुर्खों को खुशी में बदल सकती है क्या आपने आज प्रार्थना की है? - ShareChat
#ishu masih hi khuda hai
ishu masih hi khuda hai - परमेश्वर कहते हैं "परमेश्वर के वचन सभी चीजें पूरी कर सकते हैं और सभी चीजें बदल सकते हैं। साथ ही , लोगों को यह देखने में सक्षम होना चाहिए कि परमेश्वर के वचनों का उन पर एक और प्रभाव पडता है~सभी चीजें नष्ट हो जाएँगीं , सिर्फ परमेश्वर के वचन कभी नष्ट नहीं होंगे , और स्वयं परमेश्वर की ही तरह परमेश्वर के वचन भी हमेशा रहेंगे। " परमेश्वर कहते हैं "परमेश्वर के वचन सभी चीजें पूरी कर सकते हैं और सभी चीजें बदल सकते हैं। साथ ही , लोगों को यह देखने में सक्षम होना चाहिए कि परमेश्वर के वचनों का उन पर एक और प्रभाव पडता है~सभी चीजें नष्ट हो जाएँगीं , सिर्फ परमेश्वर के वचन कभी नष्ट नहीं होंगे , और स्वयं परमेश्वर की ही तरह परमेश्वर के वचन भी हमेशा रहेंगे। " - ShareChat
#ishu masih hi khuda hai
ishu masih hi khuda hai - परमेश्वर कहते हैं : जिन्हें तुम इस  "सभी लोगों , मामलों एवं चीज़ों के मध्य, संसार में महसूस कर सकते हो, केवल परमेश्वर की निःस्वार्थता ही वास्तविक एवं ठोस है, क्योंकि सिर्फ परमेश्वर का प्रेम ही तुम्हारे लिए बिना किसी शर्त के है और बेदाग है। परमेश्वर के अतिरिक्त, किसी भी व्यक्ति तथाकथित निःस्वार्थता झूठी , सतही एवं  अप्रामाणिक है; उसका एक उद्देश्य होता है, निश्चित होते हैं और वह परीक्षा मेँ इरादे होते हैं समझौते  नहीं ठहर सकती। तुम यह तक कह सकते हो कि यह गंदी एवं घिनौनी है। क्या तुम लोग  इन वचनों से सहमत हो? " परमेश्वर कहते हैं : जिन्हें तुम इस  "सभी लोगों , मामलों एवं चीज़ों के मध्य, संसार में महसूस कर सकते हो, केवल परमेश्वर की निःस्वार्थता ही वास्तविक एवं ठोस है, क्योंकि सिर्फ परमेश्वर का प्रेम ही तुम्हारे लिए बिना किसी शर्त के है और बेदाग है। परमेश्वर के अतिरिक्त, किसी भी व्यक्ति तथाकथित निःस्वार्थता झूठी , सतही एवं  अप्रामाणिक है; उसका एक उद्देश्य होता है, निश्चित होते हैं और वह परीक्षा मेँ इरादे होते हैं समझौते  नहीं ठहर सकती। तुम यह तक कह सकते हो कि यह गंदी एवं घिनौनी है। क्या तुम लोग  इन वचनों से सहमत हो? " - ShareChat