ગોવિંદજી ઠાકોર
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ગોવિંદજી ઠાકોર
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सत् कैवल परमात्मा
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - GqScபேடுவ सव अद्वेता द्वेत नर्ख्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ न हैख़्वसेति ন্িন हुकम विना पाव धरत नही, अपने मन मेरे मुखन टुक टुक होई जाय कहन पर, -:थनुवा६: थाटेश शिवाथ भन२्वीuएो sोर्छ uएl डर्थ g२gुं नडीं. भा२ भुजथी seGा eेतूूर्वडना वथनो Gu२ Zूsड ?sst&$g. :<II: कुबेरस्वामी द्वारा बताए गएजीवन केनियर्मोंका पालन करके, प्राणिपता विधि, ध्यान और भजन विधिका कड़ाई से पालन करना चाहिए ओर पूर्ण वैराग्य धारण करना चाहिए। इसके बाद, मनको सदा परमेश्वरके चरणों के स्मरण मेंलीन रखना चाहिए। गुरुके आदेश के अलावा कोई भी कार्य मनमाने ढंग से नहीं करना चाहिए। कुबेरस्वामी के मुख सेनिकले प्रेममय ज्ञानप्रदेश के प्रति पूर्णतः समर्पित रहना चाहिए। सत् कैवल परमात्मा Govindji | GqScபேடுவ सव अद्वेता द्वेत नर्ख्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ न हैख़्वसेति ন্িন हुकम विना पाव धरत नही, अपने मन मेरे मुखन टुक टुक होई जाय कहन पर, -:थनुवा६: थाटेश शिवाथ भन२्वीuएो sोर्छ uएl डर्थ g२gुं नडीं. भा२ भुजथी seGा eेतूूर्वडना वथनो Gu२ Zूsड ?sst&$g. :<II: कुबेरस्वामी द्वारा बताए गएजीवन केनियर्मोंका पालन करके, प्राणिपता विधि, ध्यान और भजन विधिका कड़ाई से पालन करना चाहिए ओर पूर्ण वैराग्य धारण करना चाहिए। इसके बाद, मनको सदा परमेश्वरके चरणों के स्मरण मेंलीन रखना चाहिए। गुरुके आदेश के अलावा कोई भी कार्य मनमाने ढंग से नहीं करना चाहिए। कुबेरस्वामी के मुख सेनिकले प्रेममय ज्ञानप्रदेश के प्रति पूर्णतः समर्पित रहना चाहिए। सत् कैवल परमात्मा Govindji | - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - ०] कष०ष सक्रत स्वराज् कर्पेश कैवन कर्तार्त्व नमामि $l कृपपनिथि ढवाच १= {R] कछ् बहरे बाघ सह्ो है ष्वियीना पर बष्न हो స్ల్ ভ্ঁছা कौहुक्क ೩ೆ@hರಟಾಳತ ೆರತ೯ಣ ६ भावार्थ :- @@द@शीय शिद्वीदा प९ ە duel 128, 528 q2.೬ 211 ಖ[[ aqi 0252 8221 H12t2t,52+ ೬ನ2 [ 27೬ia[ 21 ? 15 ನಣ ISTi ataificussuuit तेभाने ड२यर CRq 5211 "ಖ] @N8] 21[ ஒRgeம GுOf Riaiiel s11 yS4 534 +el 43472j3 eleicl 850510310213 कैवल साहेब EG[ ೩೫ [ಳದ आपका दिन आनंदित रहे। gouuudju ०] कष०ष सक्रत स्वराज् कर्पेश कैवन कर्तार्त्व नमामि $l कृपपनिथि ढवाच १= {R] कछ् बहरे बाघ सह्ो है ष्वियीना पर बष्न हो స్ల్ ভ্ঁছা कौहुक्क ೩ೆ@hರಟಾಳತ ೆರತ೯ಣ ६ भावार्थ :- @@द@शीय शिद्वीदा प९ ە duel 128, 528 q2.೬ 211 ಖ[[ aqi 0252 8221 H12t2t,52+ ೬ನ2 [ 27೬ia[ 21 ? 15 ನಣ ISTi ataificussuuit तेभाने ड२यर CRq 5211 "ಖ] @N8] 21[ ஒRgeம GுOf Riaiiel s11 yS4 534 +el 43472j3 eleicl 850510310213 कैवल साहेब EG[ ೩೫ [ಳದ आपका दिन आनंदित रहे। gouuudju - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - टना कैवल ५९६L@३J उन्मसव अद्वैना द्वैत दर्खेद चिंतामणि घ्रीथ दिच्य पर्यप्रुच् ध्रीती लवाग लगावद नितिको धीपष३२ लूूग लगनकी कहत रहैणी ख्न जूत मत जोगा जमाकी] मैरे वचन औलगी काजको , करही न तरक तमाकीll८ ejale ~' भार साथे २५iध कँधवानी ढागएओ थ्ने కలక్ష్ holtldu 3961-8391 $కరీ २तु थजगी slछ u९t %भlqवो, भ२ s12[ sral- (er-0 82991 srd da| ؟٢؟؟ इसर्मैं बढाया गयाा हैकिकुबैरस्यायी कैसााथ प्रैमापूर्ण संबंधबनाकर एक स्थायी भक्तकौ कैसै जीवन यापन करना चाहिए। सभी भरक्तों कौ सांसारिक संबर्धौंका पूर्णतःत्यागकर वैराग्य बनाए रखना चाहिए। उन्हें धार्मिक ग्रंथौमैंवर्णितसभषी व्रतों का पूर्णतयापालन  चाहिए। उन्हेंकिसी भी ऐसे कार्यकै करना बारे्में सौचना भी नर्हीं चाहिएजो किसी व्रत काउल्लंघनकरता ह्ो[ सत् कैवल परमात्मा Gouundju टना कैवल ५९६L@३J उन्मसव अद्वैना द्वैत दर्खेद चिंतामणि घ्रीथ दिच्य पर्यप्रुच् ध्रीती लवाग लगावद नितिको धीपष३२ लूूग लगनकी कहत रहैणी ख्न जूत मत जोगा जमाकी] मैरे वचन औलगी काजको , करही न तरक तमाकीll८ ejale ~' भार साथे २५iध कँधवानी ढागएओ थ्ने కలక్ష్ holtldu 3961-8391 $కరీ २तु थजगी slछ u९t %भlqवो, भ२ s12[ sral- (er-0 82991 srd da| ؟٢؟؟ इसर्मैं बढाया गयाा हैकिकुबैरस्यायी कैसााथ प्रैमापूर्ण संबंधबनाकर एक स्थायी भक्तकौ कैसै जीवन यापन करना चाहिए। सभी भरक्तों कौ सांसारिक संबर्धौंका पूर्णतःत्यागकर वैराग्य बनाए रखना चाहिए। उन्हें धार्मिक ग्रंथौमैंवर्णितसभषी व्रतों का पूर्णतयापालन  चाहिए। उन्हेंकिसी भी ऐसे कार्यकै करना बारे्में सौचना भी नर्हीं चाहिएजो किसी व्रत काउल्लंघनकरता ह्ो[ सत् कैवल परमात्मा Gouundju - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - [[ CICCIMTGRIECRakTEEఖCN"CడRulf] [[ 'ಕಾಖಗಿೊಿತಾತ% வீப்வ तेही जीवनकु करीत करामल , गुण अवतार धरीने; एही अनहुत कर रहे दुनीमे , तेतो गये मरीने. II५II भावार्थ वि.वि.किधि.ग्रंथ.शिद्ांतः २५ ా -~ गुएना थथेदा थवताशेथे थुष्त $शने % ते छवोने प्रपंथ %ा५भi नIज्था. थे " थ{नछूत " भरेदुं थाथ२ए दुनिथाभा २डी गथुं, थर्थात %४गते ते usडी दीधुं थने %ेखो ५ोg AतावनI२ eता तेथ्ो तो भशी ५९८ गथा. ५२भगु३ श्रीभंत $२एI२Iग२ कैवल स्ाहेब <;|6[ 99T [ಹu್ आपका दिनर्मंगलमय रहेे Govindji [[ CICCIMTGRIECRakTEEఖCN"CడRulf] [[ 'ಕಾಖಗಿೊಿತಾತ% வீப்வ तेही जीवनकु करीत करामल , गुण अवतार धरीने; एही अनहुत कर रहे दुनीमे , तेतो गये मरीने. II५II भावार्थ वि.वि.किधि.ग्रंथ.शिद्ांतः २५ ా -~ गुएना थथेदा थवताशेथे थुष्त $शने % ते छवोने प्रपंथ %ा५भi नIज्था. थे " थ{नछूत " भरेदुं थाथ२ए दुनिथाभा २डी गथुं, थर्थात %४गते ते usडी दीधुं थने %ेखो ५ोg AतावनI२ eता तेथ्ो तो भशी ५९८ गथा. ५२भगु३ श्रीभंत $२एI२Iग२ कैवल स्ाहेब <;|6[ 99T [ಹu್ आपका दिनर्मंगलमय रहेे Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - सनू कैबल स्चाहेब ತಕರ ೊರರ अद्वेना द्वेत दर्खेद चिंतामणि छ्थ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंग :१२ त्यौ मैरै जन चरण हमनकै , जैही जिनु जम र्त पूगे त्यौे तिनके फल पाय तैहुनसे , हम सम लाग न लागे $l ७ ২৫]৫০৪: तेभ भा२ थ२राभा २८५ा] थनुथाथीथोने %ेनेळेशते %ेवी खIा२त %ागे तेने तgुं ६० uuurత uRg uaalIualds 4483. ्सारः यदि सकर्तासिद्धांतका पालन करने वाले स्थायी भक्त सदा केलिए परम गुरुके चरण कमर्लों से जुड़े रहें, तोजोभी अपने हृदय र्में यह इच्छा जागृत करता है, उसे इसका फल प्राप्त होता हे। परन्तुकिसी भी स्थायी भक्त को कुबेरस्वामी बनने का अहसास नर्हीं होता, क्योंकियह संभव नहीं है। सत् कैवल परमात्मा Govindji सनू कैबल स्चाहेब ತಕರ ೊರರ अद्वेना द्वेत दर्खेद चिंतामणि छ्थ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंग :१२ त्यौ मैरै जन चरण हमनकै , जैही जिनु जम र्त पूगे त्यौे तिनके फल पाय तैहुनसे , हम सम लाग न लागे $l ७ ২৫]৫০৪: तेभ भा२ थ२राभा २८५ा] थनुथाथीथोने %ेनेळेशते %ेवी खIा२त %ागे तेने तgुं ६० uuurత uRg uaalIualds 4483. ्सारः यदि सकर्तासिद्धांतका पालन करने वाले स्थायी भक्त सदा केलिए परम गुरुके चरण कमर्लों से जुड़े रहें, तोजोभी अपने हृदय र्में यह इच्छा जागृत करता है, उसे इसका फल प्राप्त होता हे। परन्तुकिसी भी स्थायी भक्त को कुबेरस्वामी बनने का अहसास नर्हीं होता, क्योंकियह संभव नहीं है। सत् कैवल परमात्मा Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - CgGGNIuaruKErGaruణడu TT I ி ಟೊಹ್ಾ; ಈ ಹರ್ಾೊ; करे केहुनसे॰ एक पतिनकी मांही॰ L८ड़ ७kू@ Cఅలః? (RRERER ద లకsulkజuntcడadల్లనల 8 teilcr) 8ug1 (Gai % 485 ug e1 ஸீ ஆeஸலஆo 03423 eleia s3gu3111] सनू केवल स्ाहेब 82 qeual क्वपका दिन धवर्नदिन चहेए Govind CgGGNIuaruKErGaruణడu TT I ி ಟೊಹ್ಾ; ಈ ಹರ್ಾೊ; करे केहुनसे॰ एक पतिनकी मांही॰ L८ड़ ७kू@ Cఅలః? (RRERER ద లకsulkజuntcడadల్లనల 8 teilcr) 8ug1 (Gai % 485 ug e1 ஸீ ஆeஸலஆo 03423 eleia s3gu3111] सनू केवल स्ाहेब 82 qeual क्वपका दिन धवर्नदिन चहेए Govind - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - &<[47&134 (c' अद्वैता द्वैत नर्र्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ कल्पतरुसे कल्पित पावत , जेही जिनके उर धरही। पण जिनमे जन कोहु न होवत , कल्पतरु सरभरहीI१६ :थनुवा६: 4ीतlनl feथभi%ठ धर्थु खोय तेवी scuनानु goseudpalwaraతి; uag dtIel . slseGaseud? 241- u8esd -el,/ =सारः जो मनुष्य कल्पतरु वृक्षकी छाया में बैठकर अपने मनर्में अपनी इच्छित वस्तुका चिंतन करता है, उसे अपने चिंतन काफल प्राप्त होता है। परन्तु केवल चिंतन करने से कोईमनुष्य कल्पतरु वृक्ष के समान नर्हीं बन सकता | सतू कैवल परमात्मा Govindit &<[47&134 (c' अद्वैता द्वैत नर्र्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ कल्पतरुसे कल्पित पावत , जेही जिनके उर धरही। पण जिनमे जन कोहु न होवत , कल्पतरु सरभरहीI१६ :थनुवा६: 4ीतlनl feथभi%ठ धर्थु खोय तेवी scuनानु goseudpalwaraతి; uag dtIel . slseGaseud? 241- u8esd -el,/ =सारः जो मनुष्य कल्पतरु वृक्षकी छाया में बैठकर अपने मनर्में अपनी इच्छित वस्तुका चिंतन करता है, उसे अपने चिंतन काफल प्राप्त होता है। परन्तु केवल चिंतन करने से कोईमनुष्य कल्पतरु वृक्ष के समान नर्हीं बन सकता | सतू कैवल परमात्मा Govindit - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ . #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - L[ ಊಔಟಷೂಟuಹದರಔದಿರರಣನೆಗಿ] [[ श्रीमत् कृपानिधि उवाचः अजागनके तीनकुम श्ृतम कूरेहुः जब अवतार धरे 39r4 ೪r भरहुः एही भवभर सबहुते IaI भावार्थ GRa iவieia:au uglgunshnishupldaRlajuen तेभशे धर्भनो थधर्भ डर्थोखने %गतना : ಅ೩[ ख%P्याडतातेभनाभi डे२डीथ %तनी@्राति@श. ५२भगु३ श्रीभंत $२आसाग२ सतू कैवल साहेब থুঞ্জ ভঙ্ आपका दिन मंगलमय रहे। Govindji L[ ಊಔಟಷೂಟuಹದರಔದಿರರಣನೆಗಿ] [[ श्रीमत् कृपानिधि उवाचः अजागनके तीनकुम श्ृतम कूरेहुः जब अवतार धरे 39r4 ೪r भरहुः एही भवभर सबहुते IaI भावार्थ GRa iவieia:au uglgunshnishupldaRlajuen तेभशे धर्भनो थधर्भ डर्थोखने %गतना : ಅ೩[ ख%P्याडतातेभनाभi डे२डीथ %तनी@्राति@श. ५२भगु३ श्रीभंत $२आसाग२ सतू कैवल साहेब থুঞ্জ ভঙ্ आपका दिन मंगलमय रहे। Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - सन केवल स्घाहेब ?{C[ अद्वेनाा द्वेत दर्खेद चिंन्रासणी छ्रीथ दिव्य परयणुल ग्रति ल्वाया लगावनको दितिको अग४१२ बहनोरहु हम तो कल्पवृक्ष तरु, अविगूत अकण उदासी। जीमकी छाय चरण चि्तॅ वरतत , तेही तिनका फल पासीlI५ :अनुवादः इसके अतिरिक्त, मैं अविभेदित औरत्यागी होकर कल्पवृक्ष वृक्ष के समान हूँ। यदिकोई अपने चरर्णों ्मेंस्थित इस स्वरूपकी छाया र्में चलकर ध्यान करे, तौ उसै इसका फल प्राप्त हौता है[ II: इसके अलावा , कुबेरस्वामी, जो एक अज्ञेय औरपरम संन्यासी हैं, कल्पवृक्ष के समान हैं, जिसे संसारमें एकदिव्य वृक्ष माना जाता हैे। जोभी मनुष्य उनके वच्नों के अनुसारकार्य  करता है और अपना मन उनके चरण कमर्लों ्में लगाता है, वहजोभी करे, उसे अपने कर्मोंका फल अवश्य प्राप्त होगा | अर्थात् उनके चरण कमर्लों में जन्म ्मृत्यु के मानवीय जीवनका भय दूरहो जाता हे। फलस्वरूप, शाश्वत मोक्ष कीप्राप्तिकी मनोकामना पूर्णहो जाती है। सतू कैवल परमात्मा Govindji सन केवल स्घाहेब ?{C[ अद्वेनाा द्वेत दर्खेद चिंन्रासणी छ्रीथ दिव्य परयणुल ग्रति ल्वाया लगावनको दितिको अग४१२ बहनोरहु हम तो कल्पवृक्ष तरु, अविगूत अकण उदासी। जीमकी छाय चरण चि्तॅ वरतत , तेही तिनका फल पासीlI५ :अनुवादः इसके अतिरिक्त, मैं अविभेदित औरत्यागी होकर कल्पवृक्ष वृक्ष के समान हूँ। यदिकोई अपने चरर्णों ्मेंस्थित इस स्वरूपकी छाया र्में चलकर ध्यान करे, तौ उसै इसका फल प्राप्त हौता है[ II: इसके अलावा , कुबेरस्वामी, जो एक अज्ञेय औरपरम संन्यासी हैं, कल्पवृक्ष के समान हैं, जिसे संसारमें एकदिव्य वृक्ष माना जाता हैे। जोभी मनुष्य उनके वच्नों के अनुसारकार्य  करता है और अपना मन उनके चरण कमर्लों ्में लगाता है, वहजोभी करे, उसे अपने कर्मोंका फल अवश्य प्राप्त होगा | अर्थात् उनके चरण कमर्लों में जन्म ्मृत्यु के मानवीय जीवनका भय दूरहो जाता हे। फलस्वरूप, शाश्वत मोक्ष कीप्राप्तिकी मनोकामना पूर्णहो जाती है। सतू कैवल परमात्मा Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - Il आध सक्रत स्वराज करूणेश कैवल क्ताँ र्व नमामि ]l [ంటక్రౌ ತ್ರಷ ಾಪಕ@ಹ5ರಾ೯ जतमतख्न ಊ೫)ತ್ಮೆತ [R[ ತರೀ एक clclleiz @anlsjaRieiagru  ؟ RRజSEfaso@aAeదiuses @ sa deleides%oauacuskeuiie8qa @dhstకsaనiCI uRwjRalడకsaguEIR टनू कैवल स्ाहैब शुभ प्रभात #్ల आपका दिनशुभ ह्रो। ೧ Govindjo Il आध सक्रत स्वराज करूणेश कैवल क्ताँ र्व नमामि ]l [ంటక్రౌ ತ್ರಷ ಾಪಕ@ಹ5ರಾ೯ जतमतख्न ಊ೫)ತ್ಮೆತ [R[ ತರೀ एक clclleiz @anlsjaRieiagru  ؟ RRజSEfaso@aAeదiuses @ sa deleides%oauacuskeuiie8qa @dhstకsaనiCI uRwjRalడకsaguEIR टनू कैवल स्ाहैब शुभ प्रभात #్ల आपका दिनशुभ ह्रो। ೧ Govindjo - ShareChat