-Anoop kumar gupta
ShareChat
click to see wallet page
@96661946
96661946
-Anoop kumar gupta
@96661946
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ये केंद्र और राज्य दोनों ही अलग-अलग करवाते हैं ಔೆಷಗ TET (CTET) {CC (STET) इसमें 2 पेपर होते हैं कक्षा १२५ के लिए पेपर- | क्लास ६-८ के लिए पेपर- Il कुल मार्क्सः १५० परीक्षा का समयः २ ३० घंटे EWS-60% (90 31q) अनारक्षित जनरल ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग, पूर्व सैनिक और स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित ५५% ( लगभग ८३ अंक ) शयर जुलाई के पहले सप्ताह में यूपी टेट की परीक्षा संभावित सीबीएसई ने देश भर में १३८ जिलों में अभी 7 और 8 को सीटीईटी ( केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) का फरवरी आयोजन दो-दो पालियों में कराया था। यूपी जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की मानें , तो प्रदेश के करीब ५० हजार शिक्षकों ने ये परीक्षा दी है। यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा भी जुलाई- २०२६ के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। यूपी टेट की परीक्षा भी तैयारी बड़ी संख्या में शिक्षक कर रहे हैं। ये केंद्र और राज्य दोनों ही अलग-अलग करवाते हैं ಔೆಷಗ TET (CTET) {CC (STET) इसमें 2 पेपर होते हैं कक्षा १२५ के लिए पेपर- | क्लास ६-८ के लिए पेपर- Il कुल मार्क्सः १५० परीक्षा का समयः २ ३० घंटे EWS-60% (90 31q) अनारक्षित जनरल ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग, पूर्व सैनिक और स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित ५५% ( लगभग ८३ अंक ) शयर जुलाई के पहले सप्ताह में यूपी टेट की परीक्षा संभावित सीबीएसई ने देश भर में १३८ जिलों में अभी 7 और 8 को सीटीईटी ( केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) का फरवरी आयोजन दो-दो पालियों में कराया था। यूपी जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की मानें , तो प्रदेश के करीब ५० हजार शिक्षकों ने ये परीक्षा दी है। यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा भी जुलाई- २०२६ के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। यूपी टेट की परीक्षा भी तैयारी बड़ी संख्या में शिक्षक कर रहे हैं। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - लिए तमिलनाडु सरकार ने शिक्षकों के टीईटी क्वालीफाई मार्क्स घटाए। शिवशंकर सिंह के मुताबिक, तमिलनाडु में करीब 4 लाख सरकारी और प्राइवेट शिक्षक हैं। तमिलनाडु सरकार ने भी Ra सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में पिटीशन दाखिल की 81 इसके साथ ही वह दो साल में शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को देखते हुए भी एक अध्यादेश भी लेकर आई है। इसमें सरकार ने दो साल में 6 TNTET (तमिलनाडु शिक्षक पात्रता परीक्षा) आयोजित कराने का निर्णय लिया है। किए  साथ ही क्वालीफाई मार्क्स भी कम గ్గే 4 तमिलनाडु सरकार शिक्षकों ೫ಣಕ್ के लिए अलग से TNTET आयोजित करा रही है। परीक्षा समय ढाई घंटे से बढ़ाकर का ३ घंटे किया है। वहीं, क्वालीफाई मार्क्स सामान्य वर्ग के लिए ६०%, ओबीसी ५० व एससी के लिए ४० प्रतिशत है। शिवशंकर सिंह शिक्षक नेता लिए तमिलनाडु सरकार ने शिक्षकों के टीईटी क्वालीफाई मार्क्स घटाए। शिवशंकर सिंह के मुताबिक, तमिलनाडु में करीब 4 लाख सरकारी और प्राइवेट शिक्षक हैं। तमिलनाडु सरकार ने भी Ra सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में पिटीशन दाखिल की 81 इसके साथ ही वह दो साल में शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को देखते हुए भी एक अध्यादेश भी लेकर आई है। इसमें सरकार ने दो साल में 6 TNTET (तमिलनाडु शिक्षक पात्रता परीक्षा) आयोजित कराने का निर्णय लिया है। किए  साथ ही क्वालीफाई मार्क्स भी कम గ్గే 4 तमिलनाडु सरकार शिक्षकों ೫ಣಕ್ के लिए अलग से TNTET आयोजित करा रही है। परीक्षा समय ढाई घंटे से बढ़ाकर का ३ घंटे किया है। वहीं, क्वालीफाई मार्क्स सामान्य वर्ग के लिए ६०%, ओबीसी ५० व एससी के लिए ४० प्रतिशत है। शिवशंकर सिंह शिक्षक नेता - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - शिक्षकों को राहत देने का सरकार के पास यूपी विकल्प क्या? राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवशंकर सिंह कहते २०११ से पहले भर्ती हुए हैं- हमारी लडाई सीधे २७ जुलाई, शिक्षकों को राहत दिलाने को लेकर है। शिक्षक संघों की मांग Ra पिटीशन दाखिल की है। पर ही यूपी सरकार ने Raq पिटीशन स्वीकार हो जाती है, तो सुप्रीम कोर्ट 3 46 लिए से सभी शिक्षकों के TET की अनिवार्यता पर रोक लग Ra जाएगी। अगर सुप्रीम कोर्ट पिटीशन खारिज भी करता है, तो राज्य सरकार के पास शिक्षकों को राहत देने का विकल्प है। में आती है। शिवशंकर सिंह कहते हैं- शिक्षा समवर्ती # केंद्र और राज्य दोनों सरकारें नियम बना मतलब, इस पर सकती हैं। शिक्षक संघ, योगी से मिलकर बताएंगे मुख्यमंत्री लिए तमिलनाडु की तरह शिक्षकों के TET में छूट दे 46 सकते हैं। शिक्षकों को राहत देने का सरकार के पास यूपी विकल्प क्या? राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवशंकर सिंह कहते २०११ से पहले भर्ती हुए हैं- हमारी लडाई सीधे २७ जुलाई, शिक्षकों को राहत दिलाने को लेकर है। शिक्षक संघों की मांग Ra पिटीशन दाखिल की है। पर ही यूपी सरकार ने Raq पिटीशन स्वीकार हो जाती है, तो सुप्रीम कोर्ट 3 46 लिए से सभी शिक्षकों के TET की अनिवार्यता पर रोक लग Ra जाएगी। अगर सुप्रीम कोर्ट पिटीशन खारिज भी करता है, तो राज्य सरकार के पास शिक्षकों को राहत देने का विकल्प है। में आती है। शिवशंकर सिंह कहते हैं- शिक्षा समवर्ती # केंद्र और राज्य दोनों सरकारें नियम बना मतलब, इस पर सकती हैं। शिक्षक संघ, योगी से मिलकर बताएंगे मुख्यमंत्री लिए तमिलनाडु की तरह शिक्षकों के TET में छूट दे 46 सकते हैं। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - इंटर कॉलेजों के शिक्षक भी आएंगे दायरे में यूपी प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश शर्मा कहते हैं- आरटीई २००९ एक्ट इंटर कॉलेजों में भी कक्षा- 6 से 8वीं प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या लगभग २० लागू है। तक हजार है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जद में ये भी आएंगे। तब सरकार को इंटर कॉलेजों में कक्षा- 6 से 8वीं तक पढ़ा शिक्षकों को भी TET क्वालीफाई कराना होगा। प्रदेश में बड़ी संख्या में मान्यता प्राप्त और प्राइवेट कॉलेज भी हैं। उनके g शिक्षकों के भी TET अनिवार्य होगी। यहां तक कि शिक्षामित्रों के मामले में सरकार क्या कदम उठाएगी ? क्योंकि आखिर में कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को पढ़ा तो वो भी रहे हैं। दिनेश चंद्र शर्मा कहते हैं- प्रदेश में १९९३ से शिक्षकों की भर्ती एनसीईटी ( नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) की तय गाइडलाइन के अनुसार हो रही है। वहीं , प्रदेश में शिक्षकों का प्रमोशन अध्यापक सेवा नियमावली १९८१ के तहत वरिष्ठता के आधार पर तय है। २०१७ में जब TET अनिवार्य किया गया था, तो कहा गया था कि सिर्फ २००१ के बाद भर्ती हुए अप्रशिक्षित अध्यापकों के TET अनिवार्य होगी। अब लिए शिक्षकों पर अनिवार्य 79 कर दिया गया है। इंटर कॉलेजों के शिक्षक भी आएंगे दायरे में यूपी प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश शर्मा कहते हैं- आरटीई २००९ एक्ट इंटर कॉलेजों में भी कक्षा- 6 से 8वीं प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या लगभग २० लागू है। तक हजार है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जद में ये भी आएंगे। तब सरकार को इंटर कॉलेजों में कक्षा- 6 से 8वीं तक पढ़ा शिक्षकों को भी TET क्वालीफाई कराना होगा। प्रदेश में बड़ी संख्या में मान्यता प्राप्त और प्राइवेट कॉलेज भी हैं। उनके g शिक्षकों के भी TET अनिवार्य होगी। यहां तक कि शिक्षामित्रों के मामले में सरकार क्या कदम उठाएगी ? क्योंकि आखिर में कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को पढ़ा तो वो भी रहे हैं। दिनेश चंद्र शर्मा कहते हैं- प्रदेश में १९९३ से शिक्षकों की भर्ती एनसीईटी ( नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) की तय गाइडलाइन के अनुसार हो रही है। वहीं , प्रदेश में शिक्षकों का प्रमोशन अध्यापक सेवा नियमावली १९८१ के तहत वरिष्ठता के आधार पर तय है। २०१७ में जब TET अनिवार्य किया गया था, तो कहा गया था कि सिर्फ २००१ के बाद भर्ती हुए अप्रशिक्षित अध्यापकों के TET अनिवार्य होगी। अब लिए शिक्षकों पर अनिवार्य 79 कर दिया गया है। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - प्रदेश के ५० हजार शिक्षक तो टीईटी में बैठ ही नहीं सकते प्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक 71.86 779 स्कूलों शिक्षक ऐसे हैं, जो TET पास नहीं हैं। इनमें करीब ५० लिए पात्र ही नहीं हैं। हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो TET के ೯ इसकी वजह भी है। TET के न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बीएड, ঈতুতথান ক সাথ डीएलएड है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ लखनऊ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभाकांत मिश्रा के मुताबिक, साल १९९८ तक प्राथमिक और माध्यमिक में शिक्षकों की भर्ती की न्यूनतम योग्यता स्कूलों इंटरमीडिएट और बीटीसी ही थी। तब इंटर पास करने पर ही बीटीसी का प्रावधान था। प्रदेश में इस न्यूनतम योग्यता के साथ लगभग १ ५२२० हजार शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा मृतक आश्रित के तौर पर भी १५ हजार से ज्यादा शिक्षक हैं। 5 साल की सेवा के बाद उन्हें शासनादेश मुताबिक ट्रेंड ग्रेड मिल जाता है। इसमें कई न तो ग्रेजुएट के గ్గే ক্িত और न ही बीटीसी ৯1 तीसरी श्रेणी में बीपीएड से शिक्षक की नौकरी कर रहे लोग शामिल हैं। प्रदेश में 1 ९९९ और २००४ में बीपीएड वालों की में बतौर शारीरिक शिक्षक के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों तौर पर नौकरी लगी है। ऐसे शिक्षकों की संख्या भी करीब २० గU క प्रदेश के ५० हजार शिक्षक तो टीईटी में बैठ ही नहीं सकते प्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक 71.86 779 स्कूलों शिक्षक ऐसे हैं, जो TET पास नहीं हैं। इनमें करीब ५० लिए पात्र ही नहीं हैं। हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो TET के ೯ इसकी वजह भी है। TET के न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बीएड, ঈতুতথান ক সাথ डीएलएड है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ लखनऊ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभाकांत मिश्रा के मुताबिक, साल १९९८ तक प्राथमिक और माध्यमिक में शिक्षकों की भर्ती की न्यूनतम योग्यता स्कूलों इंटरमीडिएट और बीटीसी ही थी। तब इंटर पास करने पर ही बीटीसी का प्रावधान था। प्रदेश में इस न्यूनतम योग्यता के साथ लगभग १ ५२२० हजार शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा मृतक आश्रित के तौर पर भी १५ हजार से ज्यादा शिक्षक हैं। 5 साल की सेवा के बाद उन्हें शासनादेश मुताबिक ट्रेंड ग्रेड मिल जाता है। इसमें कई न तो ग्रेजुएट के గ్గే ক্িত और न ही बीटीसी ৯1 तीसरी श्रेणी में बीपीएड से शिक्षक की नौकरी कर रहे लोग शामिल हैं। प्रदेश में 1 ९९९ और २००४ में बीपीएड वालों की में बतौर शारीरिक शिक्षक के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों तौर पर नौकरी लगी है। ऐसे शिक्षकों की संख्या भी करीब २० గU క - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - प्रदेश के ५० हजार शिक्षक तो टीईटी में बैठ ही नहीं सकते प्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक 71.86 779 स्कूलों शिक्षक ऐसे हैं, जो TET पास नहीं हैं। इनमें करीब ५० लिए पात्र ही नहीं हैं। हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो TET के ೯ इसकी वजह भी है। TET के न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बीएड, ঈতুতথান ক সাথ डीएलएड है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ लखनऊ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभाकांत मिश्रा के मुताबिक, साल १९९८ तक प्राथमिक और माध्यमिक में शिक्षकों की भर्ती की न्यूनतम योग्यता स्कूलों इंटरमीडिएट और बीटीसी ही थी। तब इंटर पास करने पर ही बीटीसी का प्रावधान था। प्रदेश में इस न्यूनतम योग्यता के साथ लगभग १ ५२२० हजार शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा मृतक आश्रित के तौर पर भी १५ हजार से ज्यादा शिक्षक हैं। 5 साल की सेवा के बाद उन्हें शासनादेश मुताबिक ट्रेंड ग्रेड मिल जाता है। इसमें कई न तो ग्रेजुएट के గ్గే ক্িত और न ही बीटीसी ৯1 तीसरी श्रेणी में बीपीएड से शिक्षक की नौकरी कर रहे लोग शामिल हैं। प्रदेश में 1 ९९९ और २००४ में बीपीएड वालों की में बतौर शारीरिक शिक्षक के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों तौर पर नौकरी लगी है। ऐसे शिक्षकों की संख्या भी करीब २० గU క प्रदेश के ५० हजार शिक्षक तो टीईटी में बैठ ही नहीं सकते प्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक 71.86 779 स्कूलों शिक्षक ऐसे हैं, जो TET पास नहीं हैं। इनमें करीब ५० लिए पात्र ही नहीं हैं। हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो TET के ೯ इसकी वजह भी है। TET के न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बीएड, ঈতুতথান ক সাথ डीएलएड है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ लखनऊ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभाकांत मिश्रा के मुताबिक, साल १९९८ तक प्राथमिक और माध्यमिक में शिक्षकों की भर्ती की न्यूनतम योग्यता स्कूलों इंटरमीडिएट और बीटीसी ही थी। तब इंटर पास करने पर ही बीटीसी का प्रावधान था। प्रदेश में इस न्यूनतम योग्यता के साथ लगभग १ ५२२० हजार शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा मृतक आश्रित के तौर पर भी १५ हजार से ज्यादा शिक्षक हैं। 5 साल की सेवा के बाद उन्हें शासनादेश मुताबिक ट्रेंड ग्रेड मिल जाता है। इसमें कई न तो ग्रेजुएट के గ్గే ক্িত और न ही बीटीसी ৯1 तीसरी श्रेणी में बीपीएड से शिक्षक की नौकरी कर रहे लोग शामिल हैं। प्रदेश में 1 ९९९ और २००४ में बीपीएड वालों की में बतौर शारीरिक शिक्षक के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों तौर पर नौकरी लगी है। ऐसे शिक्षकों की संख्या भी करीब २० గU క - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - कोर्ट के आदेश के बाद से देश भर के २१ लाख शिक्षक सुप्रीम आंदोलन कर रहे हैं। इनमें यूपी के १.८६ लाख शिक्षक भी शामिल हैं। कई शिक्षक तो २० से २५ साल से पढ़ा रहे हैं। नौकरी के बाद फिर से परीक्षा लेना उनका कहना है कि इतनी कहां तक तर्कसंगत है? शिक्षक संघों का दावा है कि इसी चुकी है। तनाव में 2 शिक्षकों की मौत भी हो शिक्षकों के आंदोलन के चलते ही यूपी सरकार ने कोर्ट सुप्रीम की डबल बेंच जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन Ra जॉर्ज मसीह के समक्ष पिटीशन दाखिल की है। इस पर अभी सुनवाई होनी है। कोर्ट के आदेश के बाद से देश भर के २१ लाख शिक्षक सुप्रीम आंदोलन कर रहे हैं। इनमें यूपी के १.८६ लाख शिक्षक भी शामिल हैं। कई शिक्षक तो २० से २५ साल से पढ़ा रहे हैं। नौकरी के बाद फिर से परीक्षा लेना उनका कहना है कि इतनी कहां तक तर्कसंगत है? शिक्षक संघों का दावा है कि इसी चुकी है। तनाव में 2 शिक्षकों की मौत भी हो शिक्षकों के आंदोलन के चलते ही यूपी सरकार ने कोर्ट सुप्रीम की डबल बेंच जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन Ra जॉर्ज मसीह के समक्ष पिटीशन दाखिल की है। इस पर अभी सुनवाई होनी है। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - कोर्ट सुप्रीम 8ಿಹ್ಯ का यह है आदेश সুলাই 2011 ক্ী RTE Act (2009) 317 NCTE ಫೆ 29 अधिसूचना के तहत, कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों (नए नियुक्ति वाले और सेवारत दोनों ) के लिए TET पास करना अनिवार्य है। नियुक्त  सेवारत शिक्षकों पर भी यह 2011 ম পমল  लागू होता है। जिन शिक्षकों की सेवा 5 साल से अधिक बाकी है उन्हें फैसले की तारीख (१ सितंबर २०२५) से 2 साल के अंदर TET पास करना होगा, वरना सेवा प्रभावित हो सकती है (जैसे प्रमोशन रुकना या सेवा समाप्ति  | जिनकी सेवा में 5 साल से कम बाकी है, उन्हें TET পাস কহল কী ৪ুc ই লকিল সমীহাল ক লিব TET जरूरी होगी। कोर्ट सुप्रीम 8ಿಹ್ಯ का यह है आदेश সুলাই 2011 ক্ী RTE Act (2009) 317 NCTE ಫೆ 29 अधिसूचना के तहत, कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों (नए नियुक्ति वाले और सेवारत दोनों ) के लिए TET पास करना अनिवार्य है। नियुक्त  सेवारत शिक्षकों पर भी यह 2011 ম পমল  लागू होता है। जिन शिक्षकों की सेवा 5 साल से अधिक बाकी है उन्हें फैसले की तारीख (१ सितंबर २०२५) से 2 साल के अंदर TET पास करना होगा, वरना सेवा प्रभावित हो सकती है (जैसे प्रमोशन रुकना या सेवा समाप्ति  | जिनकी सेवा में 5 साल से कम बाकी है, उन्हें TET পাস কহল কী ৪ুc ই লকিল সমীহাল ক লিব TET जरूरी होगी। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - कैसे टीईटी मामले में फंसा पेंच নিথুল্ और अनिवार्य बाल संसद ने 4 अगस्त, २००९ को शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE-२OO९) पारित किया। इसे अप्रैल, २०१० से देशभर में लागू किया गया इस कानून 1 के हर बच्चे को कक्षा- 1 से 8 तक का उद्देश्य 6 से १४ साल और अनिवार्य शिक्षा देना है। লিব साथ ही शिक्षकों के न्यूनतम योग्यता के रूप में टीईटी (TET) अनिवार्य किया गया। २७ जुलाई, २०१1 को आदेश जारी कर प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भर्ती के लिए TET अनिवार्य सेवा शर्त बनाई गई। सितंबर, २०२५ को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर 4 दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने बड़ा फैसला दिया। कहा- जिनकी सेवा 5 साल से ज्यादा बाकी है। ऐसे सभी शिक्षकों को 2 साल (सितंबर २०२७ तक) में TET पास करना अनिवार्य होगा। जिनकी नौकरी 5 साल से कम बची है, लिए उनको छूट तो दी गई। लेकिन, प्रमोशन के उन्हें भी TET पास करना जरूरी है। साथ में पीठ ने २०१४ के कर्नाटक के प्रमति एजुकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट फैसले पर भी सवाल उठाया। जिसमें RTE Act को अल्पसंख्यक संस्थानों ( सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त) से पूरी छूट दी गई थी। कैसे टीईटी मामले में फंसा पेंच নিথুল্ और अनिवार्य बाल संसद ने 4 अगस्त, २००९ को शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE-२OO९) पारित किया। इसे अप्रैल, २०१० से देशभर में लागू किया गया इस कानून 1 के हर बच्चे को कक्षा- 1 से 8 तक का उद्देश्य 6 से १४ साल और अनिवार्य शिक्षा देना है। লিব साथ ही शिक्षकों के न्यूनतम योग्यता के रूप में टीईटी (TET) अनिवार्य किया गया। २७ जुलाई, २०१1 को आदेश जारी कर प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भर्ती के लिए TET अनिवार्य सेवा शर्त बनाई गई। सितंबर, २०२५ को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर 4 दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने बड़ा फैसला दिया। कहा- जिनकी सेवा 5 साल से ज्यादा बाकी है। ऐसे सभी शिक्षकों को 2 साल (सितंबर २०२७ तक) में TET पास करना अनिवार्य होगा। जिनकी नौकरी 5 साल से कम बची है, लिए उनको छूट तो दी गई। लेकिन, प्रमोशन के उन्हें भी TET पास करना जरूरी है। साथ में पीठ ने २०१४ के कर्नाटक के प्रमति एजुकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट फैसले पर भी सवाल उठाया। जिसमें RTE Act को अल्पसंख्यक संस्थानों ( सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त) से पूरी छूट दी गई थी। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat