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🔥प्रामाणिक राहायला इमानदारी रक्तात असावी लागते🔥
*-‖ 💖⃝👀 ꯭ग꯭ण⃝꯭प꯭ती꯭ 🥰 ꯭बा꯭प्पा⃝꯭🫶 ꯭मो⃝꯭र꯭या꯭ 🌍⃝💫 ‖-* #☀️गुड मॉर्निंग☀️
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#माँ का आसमान...! #💖Love You Maa💖
माँ का आसमान...! - का आासमान बेशक उसने संपूर्ण जीवन दहलीज़ 3 312ా fHTT గ सपनों की पर उसके 3కTT कभी सीमाओं में नहीं बंधी। चौखटों में सिमट गरई a <4 ப< 31 7 बसाए रखती रही आसमान अपने हिस्से की धूप औलाद 3 नाम लिखती रही। उसने अपने पख खुद ही समेट लिए॰ पर बच्चों के लिए हवाओं से भी सीखा RTI लडना दीवारों में कैेद नहीं, ঘ২ ন্ররী चो उन दीवारों को बाटक बनाती रही, 4 कोने में ٤ सजाती रही। अपना प्यार उसकी থল SFT दहलीज़ तक सीमित रही हो, पर उसकी सोच आगे जाती है। fafasT q ಖ1 ٤٣٦٢٤ ٦ खुद चाहे ತ್1i तक रहे ঔপন बच्चों के fಘ हमेशा खुला आसमान देखती है। Jaswinder chahal का आासमान बेशक उसने संपूर्ण जीवन दहलीज़ 3 312ా fHTT గ सपनों की पर उसके 3కTT कभी सीमाओं में नहीं बंधी। चौखटों में सिमट गरई a <4 ப< 31 7 बसाए रखती रही आसमान अपने हिस्से की धूप औलाद 3 नाम लिखती रही। उसने अपने पख खुद ही समेट लिए॰ पर बच्चों के लिए हवाओं से भी सीखा RTI लडना दीवारों में कैेद नहीं, ঘ২ ন্ররী चो उन दीवारों को बाटक बनाती रही, 4 कोने में ٤ सजाती रही। अपना प्यार उसकी থল SFT दहलीज़ तक सीमित रही हो, पर उसकी सोच आगे जाती है। fafasT q ಖ1 ٤٣٦٢٤ ٦ खुद चाहे ತ್1i तक रहे ঔপন बच्चों के fಘ हमेशा खुला आसमान देखती है। Jaswinder chahal - ShareChat
. > *~- ≛⃝ ૦ श्री 🫶🏻🙏🏻 ! -~* >          *~- ❥ ≛⃝स्वामी 🍃🌍 ! -~* >                   *~❥≛⃝समर्थ ☘️🍂~* #☀️गुड मॉर्निंग☀️
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> ~*- 🙇🏻‍♂️.श्री स्वामी समर्थ .. 🙏🏻❣️ -*~ > ~*⏤★͙≛͙⃝͙🙏_🌺_🌸⃝⃪🙌🏻🌍°. -*~ #☀️गुड मॉर्निंग☀️
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~*-‖ 💖⃝👀 ꯭ग꯭ण⃝꯭प꯭ती꯭ 🥰 ꯭बा꯭प्पा⃝꯭🫶 ꯭मो⃝꯭र꯭या꯭ 🌍⃝💫 ‖-*~ #🌺गणपती बाप्पा मोरया✨
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#😎आपला स्टेट्स #💖Love You Maa💖 #🧚‍♀️माझी आई
😎आपला स्टेट्स - मैं छोटा सा इक बच्चा था तेरी ऊँगली थाम के चलता था तू दूर नजर से होती थी मैं आंसू  आंसू रोता था.. इक ख्वाबों का रोशन बस्ता तू रोज मुझे पहनाती थी था मैं रातों में जब डरता मेरी माँ तू अपने साथ सुलाती थी.. माँ तुने कितने बरसों तक इस फूल को सींचा हाथों से जीवन के गहरे भेदों को मैं समझा तेरी बातों से.. मैं तेरे हाथ के तकिए पर भी रात को सोता हूँ अब माँ मैं छोटा सा इक बच्चा तेरी याद में अब भी रोता हूँ॰. मैं छोटा सा इक बच्चा था तेरी ऊँगली थाम के चलता था तू दूर नजर से होती थी मैं आंसू  आंसू रोता था.. इक ख्वाबों का रोशन बस्ता तू रोज मुझे पहनाती थी था मैं रातों में जब डरता मेरी माँ तू अपने साथ सुलाती थी.. माँ तुने कितने बरसों तक इस फूल को सींचा हाथों से जीवन के गहरे भेदों को मैं समझा तेरी बातों से.. मैं तेरे हाथ के तकिए पर भी रात को सोता हूँ अब माँ मैं छोटा सा इक बच्चा तेरी याद में अब भी रोता हूँ॰. - ShareChat