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#❤️अस्सलामु अलैकुम #Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ hamare Nabi ki sunnaten l❤️🤲 mashallah subhanallah 🤲♥️ 🤲
❤️अस्सलामु अलैकुम - 999U9UU -999 C+ هكرابم ثییدح %್; ೭ ೧೫ ಪIJy ) &-,/~ ہصغ (1.ర) [ ಛಕUಿ% ಲ _ ںیھر ںیوباقوک ےصغ (೨೦ ِمْلِحْلِل ِینِدْها َّمُهّللَا -امرفاطع یرابدرپ ےجم !دللا ےا : ہمجەرت 0601 - ںیئاجو< شوماخوق ۓآ ہصغ ೬v೦೮ ییدرک لح لئاسم یک یشوماخ -< Nisar Wri 999U9UU -999 C+ هكرابم ثییدح %್; ೭ ೧೫ ಪIJy ) &-,/~ ہصغ (1.ర) [ ಛಕUಿ% ಲ _ ںیھر ںیوباقوک ےصغ (೨೦ ِمْلِحْلِل ِینِدْها َّمُهّللَا -امرفاطع یرابدرپ ےجم !دللا ےا : ہمجەرت 0601 - ںیئاجو< شوماخوق ۓآ ہصغ ೬v೦೮ ییدرک لح لئاسم یک یشوماخ -< Nisar Wri - ShareChat
#Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ #❤️अस्सलामु अलैकुम
Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ - ShareChat
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#❤️अस्सलामु अलैकुम #Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ ♥️
❤️अस्सलामु अलैकुम - ShareChat
01:51
#❤️अस्सलामु अलैकुम #Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐
❤️अस्सलामु अलैकुम - नमाज़ कबूल होने की शर्त क्या है? हम रोज़ नमाज़ पढ़ते हैं... लेकिन क्या कभी सोचा कि हमारी नमाज़ सच में कबूल हो रही है? क्या रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः " अल्लाह उस नमाज़ को कबूल नहीं करता जिसमें दिल हाज़िर न हो। " यानी सिर्फ जिस्म का खडा होना काफी नहीं, नमाज़ में दिल का जुड़ना भी जरूरी है। जब नमाज़ में दिमाग  इधर उधर भागता रहे, जल्दी जल्दी रुकू॰सज्दा हो जाए, तो नमाज़ सिर्फ एक आदत बन जाती है, इबादत नहीं। असली नमाज़ वह है जिसमें इंसान महसूस करे कि वह अपने रब के सामने खडा है और 46 उससे बात कर रहा है। इसलिए अगली नमाज़ से कोशिश करेंः धीरे पढ़़ें , समझकर पढ़़ें , और दिल को भी साथ लेकर खड़े हों। क्योंकि... कबूल वही नमाज़ होती है, जिसमें दिल भी शामिल हो। ऐ अल्लाह! हमारी नमाज़ों को कबूल फरमा और हमें दिल से नमाज़ पढ़ने की तौफ़ीक़ दे। आमीन। नमाज़ कबूल होने की शर्त क्या है? हम रोज़ नमाज़ पढ़ते हैं... लेकिन क्या कभी सोचा कि हमारी नमाज़ सच में कबूल हो रही है? क्या रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः " अल्लाह उस नमाज़ को कबूल नहीं करता जिसमें दिल हाज़िर न हो। " यानी सिर्फ जिस्म का खडा होना काफी नहीं, नमाज़ में दिल का जुड़ना भी जरूरी है। जब नमाज़ में दिमाग  इधर उधर भागता रहे, जल्दी जल्दी रुकू॰सज्दा हो जाए, तो नमाज़ सिर्फ एक आदत बन जाती है, इबादत नहीं। असली नमाज़ वह है जिसमें इंसान महसूस करे कि वह अपने रब के सामने खडा है और 46 उससे बात कर रहा है। इसलिए अगली नमाज़ से कोशिश करेंः धीरे पढ़़ें , समझकर पढ़़ें , और दिल को भी साथ लेकर खड़े हों। क्योंकि... कबूल वही नमाज़ होती है, जिसमें दिल भी शामिल हो। ऐ अल्लाह! हमारी नमाज़ों को कबूल फरमा और हमें दिल से नमाज़ पढ़ने की तौफ़ीक़ दे। आमीन। - ShareChat
#❤️अस्सलामु अलैकुम subhanallah 🤲♥️ mashallah #Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ ameen 🤲
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01:44
#❤️अस्सलामु अलैकुम #Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐
❤️अस्सलामु अलैकुम - ना उम्मीद मत हो! कमजोर मत पढ़ो! गमगीन मत हो! ये अल्फ़ाज़ कुरान के है, अगर ईमान वाले हो तो फिर क्यों घबराते हो!! अल्लाह बहुत बड़ा है, उसकी कुदरत बहुत "ತೆ೯l ना उम्मीद मत हो! कमजोर मत पढ़ो! गमगीन मत हो! ये अल्फ़ाज़ कुरान के है, अगर ईमान वाले हो तो फिर क्यों घबराते हो!! अल्लाह बहुत बड़ा है, उसकी कुदरत बहुत "ತೆ೯l - ShareChat
#❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 ameen 🤲 #Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐
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#❤️अस्सलामु अलैकुम #Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ beshak👍 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲
🕋इस्लामिक दुआ 🤲 - जिस घर में नमाज नहीं पढी जाती जंगल में सफर कर रहा था रास्ता में शैतान आदमी एक आदमी के रूप में उसके साथ हो गया , दोनों एक साथ 56 सफर करने लगे। उस आदमी ने ना বী নসাত পনী, ना असर की नमाज पड़ी , ना मगरिब की नमाज पड़ी , वह बस चलता रहा और शैतान भी चुपचाप उसके साथ चलता रहा। जब ईशा के टाइम हुआ तो शैतान भगाने ने कहा भाई पूरे दिन आप मेरे साथ थे आदमी उस লো और आब रात के टाइम आप क्यों भाग रहे हो। तो शैतान बोला भाई मैं इंसान नहीं शैतान हूं मैंने सिर्फ एक सजदा  तूने पूरे दिन  नहीं किया था तो मैं शैतान बन गया और अल्लाह को सजदा नहीं किया, डर है कहीं तुझ पर मुझे अल्लाह का अजाब नाजिल ना हो जाए इसलिए मैं तुझे छोड़कर जा रहा अल्लाह के आजाब से डरता हूं। 84 आप सोचिए जिस घर में साल के साल अल्लाह को सजदा नहीं की जाती हो उस घर में अल्लाह का अजाब नाजिल होगा या अल्लाह का रहमत ? जिस घर में नमाज नहीं पढी जाती जंगल में सफर कर रहा था रास्ता में शैतान आदमी एक आदमी के रूप में उसके साथ हो गया , दोनों एक साथ 56 सफर करने लगे। उस आदमी ने ना বী নসাত পনী, ना असर की नमाज पड़ी , ना मगरिब की नमाज पड़ी , वह बस चलता रहा और शैतान भी चुपचाप उसके साथ चलता रहा। जब ईशा के टाइम हुआ तो शैतान भगाने ने कहा भाई पूरे दिन आप मेरे साथ थे आदमी उस লো और आब रात के टाइम आप क्यों भाग रहे हो। तो शैतान बोला भाई मैं इंसान नहीं शैतान हूं मैंने सिर्फ एक सजदा  तूने पूरे दिन  नहीं किया था तो मैं शैतान बन गया और अल्लाह को सजदा नहीं किया, डर है कहीं तुझ पर मुझे अल्लाह का अजाब नाजिल ना हो जाए इसलिए मैं तुझे छोड़कर जा रहा अल्लाह के आजाब से डरता हूं। 84 आप सोचिए जिस घर में साल के साल अल्लाह को सजदा नहीं की जाती हो उस घर में अल्लाह का अजाब नाजिल होगा या अल्लाह का रहमत ? - ShareChat
#❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋माशाल्लाह सुब्हानल्लाह🕋 #Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ ameen 🤲♥️♥️♥️
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#❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋माशाल्लाह सुब्हानल्लाह🕋 🤲♥️
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