Akhil Rokade
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#🇮🇳आम्ही भारतीय🫡 #🙂Motivation #🎭Whatsapp status
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#👍लाईफ कोट्स
👍लाईफ कोट्स - [ EkKadamSafaltakiOrr 7 7 अति के बाद क्षति तय है। & फिर चाहे आप कितने भी बड़े दिग्गज हों। एक कदम ब्स्फलता की ओळ [ EkKadamSafaltakiOrr 7 7 अति के बाद क्षति तय है। & फिर चाहे आप कितने भी बड़े दिग्गज हों। एक कदम ब्स्फलता की ओळ - ShareChat
#🌼 जय श्री कृष्ण
🌼 जय श्री कृष्ण - " EkKadamSafaltakiOrr [ 1 किसने कह दिया वो अकेला है,मैं हूँ तुमसे & उसका रखवाला , मैं हूँ सबका रखवाला एक कदम ब्स्फलता की ओळ्र EkKadamSafaltakiOrr [ 1 किसने कह दिया वो अकेला है,मैं हूँ तुमसे & उसका रखवाला , मैं हूँ सबका रखवाला एक कदम ब्स्फलता की ओळ्र - ShareChat
#🌼 जय श्री कृष्ण
🌼 जय श्री कृष्ण - | EkKadamSafaltakiOrr ( | जीवन का अंतिम अध्याय लिख रहा हूँ माधव | & या तो यहाँ से जीवन स्वर्ग बनेगा या नर्क| ब्स्फलता की ओळ एक कदम | EkKadamSafaltakiOrr ( | जीवन का अंतिम अध्याय लिख रहा हूँ माधव | & या तो यहाँ से जीवन स्वर्ग बनेगा या नर्क| ब्स्फलता की ओळ एक कदम - ShareChat
#🙏जय हनुमान💮
🙏जय हनुमान💮 - | EkKadamSafaltakiOrr | श्रीराम ने शरीर छोड़ा तब हनुमानजी पूरा कर लिया भगवान श्रीराम ने जब अपने जीवन का उद्देश्य ' तो उन्होंने शरीर त्यागने का निर्णय लिया। 3qஅன भगवान श्रीराम को लेने आना था क्योंकि यमराज मृत्यु के देवता है पर यमराज आते आते डर गए और वापस लौट हनुमानजी ने यमराज को पहले ही चेतावनी गए क्योंकि @ दे दी थी कि भूल से भी मेरे स्वामी के पास मत आ जाना|  हनुमान जी कि मौजूदगी में भगवान श्रीराम को ले जाने | अब की ताकत तीनों लोकों में किसी कि ना थी। भगवान जानते थे हनुमान को समझा पाना आसान ना होगा q भगवान ने अपनी अंगूठी पाताल में फेंक दी और हनुमानजी से बोले अंगूठी लेकर आईए। हनुमानजी गए और जब ಇ विष्णु ` ने भगवान का रूप लेकर लोट तब तक भगवान राम हनुमानजी की आँखों से अश्रु बहने शरीर छोड़ दिया था क्योंकि राम के बिना हनुमान का संसार अर्थहीन है। लगे एक कदम ब्स्फलता की ओळ | EkKadamSafaltakiOrr | श्रीराम ने शरीर छोड़ा तब हनुमानजी पूरा कर लिया भगवान श्रीराम ने जब अपने जीवन का उद्देश्य ' तो उन्होंने शरीर त्यागने का निर्णय लिया। 3qஅன भगवान श्रीराम को लेने आना था क्योंकि यमराज मृत्यु के देवता है पर यमराज आते आते डर गए और वापस लौट हनुमानजी ने यमराज को पहले ही चेतावनी गए क्योंकि @ दे दी थी कि भूल से भी मेरे स्वामी के पास मत आ जाना|  हनुमान जी कि मौजूदगी में भगवान श्रीराम को ले जाने | अब की ताकत तीनों लोकों में किसी कि ना थी। भगवान जानते थे हनुमान को समझा पाना आसान ना होगा q भगवान ने अपनी अंगूठी पाताल में फेंक दी और हनुमानजी से बोले अंगूठी लेकर आईए। हनुमानजी गए और जब ಇ विष्णु ` ने भगवान का रूप लेकर लोट तब तक भगवान राम हनुमानजी की आँखों से अश्रु बहने शरीर छोड़ दिया था क्योंकि राम के बिना हनुमान का संसार अर्थहीन है। लगे एक कदम ब्स्फलता की ओळ - ShareChat