⭐Mr.Alexnawab⭐
ShareChat
click to see wallet page
@alexnawab
alexnawab
⭐Mr.Alexnawab⭐
@alexnawab
Face smile is the best medician in the world
#📒 मेरी डायरी #✍ आदर्श कोट्स #☝ मेरे विचार #🌸 सत्य वचन #✍️ साहित्य एवं शायरी
📒 मेरी डायरी - बड़ा सा महल हो या एक छोटी सी झोपड़ी.. खुशियां तभी है जिंदगी में , जब शांत हो खोपड़ी.. बड़ा सा महल हो या एक छोटी सी झोपड़ी.. खुशियां तभी है जिंदगी में , जब शांत हो खोपड़ी.. - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #☝ मेरे विचार #🌸 सत्य वचन #📒 मेरी डायरी #✍ आदर्श कोट्स
✍️ साहित्य एवं शायरी - हम सब अपनी अपनी परेशानियों के CEO हैं ओवरथिंकिंग हमारी सबसे बड़ी कंपनी है और सब ठीक है हमारा ब्रांड स्लोगन हम सब अपनी अपनी परेशानियों के CEO हैं ओवरथिंकिंग हमारी सबसे बड़ी कंपनी है और सब ठीक है हमारा ब्रांड स्लोगन - ShareChat
#✍ आदर्श कोट्स #✍️ साहित्य एवं शायरी #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #🌸 सत्य वचन
✍ आदर्श कोट्स - युधिष्ठिर. भीम, ' अर्जून १ सब समा गये इतिहास में ..॰ पर बाले*पाशे*अब भी है. शकुनि कुछ लोगों के पास. .!! Its True Quote of Line AS' १७० युधिष्ठिर. भीम, ' अर्जून १ सब समा गये इतिहास में ..॰ पर बाले*पाशे*अब भी है. शकुनि कुछ लोगों के पास. .!! Its True Quote of Line AS' १७० - ShareChat
#💔दर्द भरी कहानियां #✍️ साहित्य एवं शायरी #☝ मेरे विचार #✍ आदर्श कोट्स #📒 मेरी डायरी
💔दर्द भरी  कहानियां - हूँ मैँ एक नए साँचे में ढल जाता  #i क़तरा क़तरा रोज़ पिघल जाता  आईना भी हैरानी में डूबा है, 8 # इतना कैसे रोज़ बदल जाता  अब ठोकर खाने का मुझ को ख़ौफ़ नहीं , गिरता हूँ तो और सँभल जाता हूँ मैं॰ हूँ मैँ एक नए साँचे में ढल जाता  #i क़तरा क़तरा रोज़ पिघल जाता  आईना भी हैरानी में डूबा है, 8 # इतना कैसे रोज़ बदल जाता  अब ठोकर खाने का मुझ को ख़ौफ़ नहीं , गिरता हूँ तो और सँभल जाता हूँ मैं॰ - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #✍️ साहित्य एवं शायरी #💔दर्द भरी कहानियां #❤️ प्यार की कहानियां
📒 मेरी डायरी - राह, तेरे ख़यालों में खो जाता हूँ, तेरी ही बातें मैं हूँ मैं तेरी तकता अक्सर तेरे लहजे में दोहराता हूँ, जब जब आती है याद तेरी.. मैं तेरे किस्से लेकर बैठ जाता हूँ, लम्हों को याद करके, ৯২ সাথ गुज़रे कभी मायूस होता हूँ, तो कभी मुस्कुराता हूँ। 4 alcx nawab राह, तेरे ख़यालों में खो जाता हूँ, तेरी ही बातें मैं हूँ मैं तेरी तकता अक्सर तेरे लहजे में दोहराता हूँ, जब जब आती है याद तेरी.. मैं तेरे किस्से लेकर बैठ जाता हूँ, लम्हों को याद करके, ৯২ সাথ गुज़रे कभी मायूस होता हूँ, तो कभी मुस्कुराता हूँ। 4 alcx nawab - ShareChat
#☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #🌸 सत्य वचन #✍ आदर्श कोट्स
☝ मेरे विचार - कोई छिड़कता है जख्मों पर नमक कोई उनका मरहम बन जाता है, कोई छोड़ देता है बीच राह हाथ. ೦೦೧ कोई मरते दम तक साथ निभाता है कोई उडाता है मजाक जज्बातों का कोई ख़ामोशी भी समझ जाता है कोई अपना होकर भी अपना नही बन पता कोई पराया होकर भी अपना बन जाता है।। कोई छिड़कता है जख्मों पर नमक कोई उनका मरहम बन जाता है, कोई छोड़ देता है बीच राह हाथ. ೦೦೧ कोई मरते दम तक साथ निभाता है कोई उडाता है मजाक जज्बातों का कोई ख़ामोशी भी समझ जाता है कोई अपना होकर भी अपना नही बन पता कोई पराया होकर भी अपना बन जाता है।। - ShareChat
#✍ आदर्श कोट्स #☝ मेरे विचार #✍️ साहित्य एवं शायरी #🌸 सत्य वचन #📒 मेरी डायरी
✍ आदर्श कोट्स - मिट्टी से भी यारी रख, दिल से दिलदारी रख. चोट न पहुंचे बातों से, इतनी समझदारी रख. पहचान हो तेरी हटकर, भीड़ में कलाकारी रख. पलभर ये जोश जवानी का, बुढ़ापे की भी तैयारी रख. दिल सबसे मिलता नहीं , फिर भी जुबान प्यारी रख. *alex nawab* मिट्टी से भी यारी रख, दिल से दिलदारी रख. चोट न पहुंचे बातों से, इतनी समझदारी रख. पहचान हो तेरी हटकर, भीड़ में कलाकारी रख. पलभर ये जोश जवानी का, बुढ़ापे की भी तैयारी रख. दिल सबसे मिलता नहीं , फिर भी जुबान प्यारी रख. *alex nawab* - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #📒 मेरी डायरी #🌸 सत्य वचन #☝ मेरे विचार #✍ आदर्श कोट्स
❤️जीवन की सीख - में ये मंज़र क्यों है.. तेरी इस दुनिया कहीं अपनापन तो कहीं पीठ पीछे खंजर क्यों है.. सुना है तू इस संसार के हर जरें में रहता है, फिर ज़मीन पर कहीं मस्जिद कहीं मंदिर क्यों है.. जब रहने वाले दुनिया के हर बन्दे तेरे हैं, फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यों है लिखता है हर किसी का मुकद्दर, फिर कोई तू ही बदनसीब, और कोई मुकद्दर का सिकंदर क्यों है ....! *alex nawab* में ये मंज़र क्यों है.. तेरी इस दुनिया कहीं अपनापन तो कहीं पीठ पीछे खंजर क्यों है.. सुना है तू इस संसार के हर जरें में रहता है, फिर ज़मीन पर कहीं मस्जिद कहीं मंदिर क्यों है.. जब रहने वाले दुनिया के हर बन्दे तेरे हैं, फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यों है लिखता है हर किसी का मुकद्दर, फिर कोई तू ही बदनसीब, और कोई मुकद्दर का सिकंदर क्यों है ....! *alex nawab* - ShareChat
#✍ आदर्श कोट्स #❤️जीवन की सीख #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #🌸 सत्य वचन
✍ आदर्श कोट्स - एक नए साँचे में ढल जाता हूँ मैं, क़तरा क़तरा रोज़ पिघल जाता हूँ मैं। आईना भी हैरानी में डूबा है, इतना कैसे रोज़ ٤٩١ बदल जाता अब ठोकर खाने का मुझ को ख़ौफ़ नहीं, गिरता हूँ तो और सँभल जाता हूँ मैं। alex nawab* एक नए साँचे में ढल जाता हूँ मैं, क़तरा क़तरा रोज़ पिघल जाता हूँ मैं। आईना भी हैरानी में डूबा है, इतना कैसे रोज़ ٤٩١ बदल जाता अब ठोकर खाने का मुझ को ख़ौफ़ नहीं, गिरता हूँ तो और सँभल जाता हूँ मैं। alex nawab* - ShareChat
#🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #📒 मेरी डायरी #✍ आदर्श कोट्स #☝ मेरे विचार
🌸 सत्य वचन - ঔণমান কা इकलौता जवाब 8; दूरी न बहस करें, न कोई THT9TI ps 0 बस वहां से अपनी मौजूदगी हटा लें और खामोशी से आगे बढ़ें। हर युद्ध लड़़ना जरूरी नहीं होता, कुछ जीतें मौन से भी मिलती हैं। ঔণমান কা इकलौता जवाब 8; दूरी न बहस करें, न कोई THT9TI ps 0 बस वहां से अपनी मौजूदगी हटा लें और खामोशी से आगे बढ़ें। हर युद्ध लड़़ना जरूरी नहीं होता, कुछ जीतें मौन से भी मिलती हैं। - ShareChat