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#🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸जय सिया राम #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏
🕉️सनातन धर्म🚩 - श्री रामचरितमानस बालकाण्ड बचन बज्र जेहि सदा पिआरा। सहस नयन पर दोष निहारा।। वे हजार आँखों से खल लोगों को कठोर वचन ही प्रियलगते हैं और अर्थ दूसरों के दोषों को देखते रहते हैं। Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna श्री रामचरितमानस बालकाण्ड बचन बज्र जेहि सदा पिआरा। सहस नयन पर दोष निहारा।। वे हजार आँखों से खल लोगों को कठोर वचन ही प्रियलगते हैं और अर्थ दूसरों के दोषों को देखते रहते हैं। Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸जय सिया राम
🕉️सनातन धर्म🚩 - श्री रामचरितमानस ~ बालकाण्ड सज्जनों की सेवा और देवहित बहुरि सक्र सुम बिनवऊँ तेही। सुंतत सुरानीक हित जेही।। अर्थ : मैं उन सज्जनों को भी प्रणाम करता हूँ, जो इन्द्र के समान निरंतर देवताओं और सज्जनों के हित में लगे रहते हैं। 2025 Bhakti Bhavna Powered by Bablu_dwivedi418 श्री रामचरितमानस ~ बालकाण्ड सज्जनों की सेवा और देवहित बहुरि सक्र सुम बिनवऊँ तेही। सुंतत सुरानीक हित जेही।। अर्थ : मैं उन सज्जनों को भी प्रणाम करता हूँ, जो इन्द्र के समान निरंतर देवताओं और सज्जनों के हित में लगे रहते हैं। 2025 Bhakti Bhavna Powered by Bablu_dwivedi418 - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸जय सिया राम #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏
🕉️सनातन धर्म🚩 - श्री रामचरितमानस - बालकाण्ड पुनि प्रनवउँ पृथुराज समाना। पर अघ सुनइ सहस दस काना।। अर्थ : मैं उन खल लोगों को भी प्रणाम करता हूँ, जो राजा पृथु के समान हजार कानों से दूर्रों के पाप और दोष सुनने में लगे रहते हैं। 2025 Bhakti Bhavnal Powered by @Bablu_dwivedi418 श्री रामचरितमानस - बालकाण्ड पुनि प्रनवउँ पृथुराज समाना। पर अघ सुनइ सहस दस काना।। अर्थ : मैं उन खल लोगों को भी प्रणाम करता हूँ, जो राजा पृथु के समान हजार कानों से दूर्रों के पाप और दोष सुनने में लगे रहते हैं। 2025 Bhakti Bhavnal Powered by @Bablu_dwivedi418 - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸जय सिया राम
🕉️सनातन धर्म🚩 - ण्मचरितुमानस - श्री बालकाण्ड बंदऊँ खल जस सेष सरोषा। सहस बदन बरनइ पर दोषा।। अर्थ : मैं उन खल लोगों को भी प्रणाम करता हूँ, जो क्रोधित होकर शेषनाग के दूसरों के दोषों का वर्णन करते रहते हैं।  समान हजार मुखों से Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna ण्मचरितुमानस - श्री बालकाण्ड बंदऊँ खल जस सेष सरोषा। सहस बदन बरनइ पर दोषा।। अर्थ : मैं उन खल लोगों को भी प्रणाम करता हूँ, जो क्रोधित होकर शेषनाग के दूसरों के दोषों का वर्णन करते रहते हैं।  समान हजार मुखों से Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna - ShareChat
#🌸जय सिया राम #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩
🌸जय सिया राम - श्री रामचरितमानस बालकाण्ड మ पर अकाजु लगि तनु परिहरहीं| जिमि हिम उपल दलि गरहीं।। कृषी का कार्य बिगाड़ने के लिए स्वयं का भी नाश कर लेते हैंँ अर्थ : खल लोग दूसरों जैसे ओले खेतों को नष्ट करते हुए स्वयं भी गल जाते हैं। Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna श्री रामचरितमानस बालकाण्ड మ पर अकाजु लगि तनु परिहरहीं| जिमि हिम उपल दलि गरहीं।। कृषी का कार्य बिगाड़ने के लिए स्वयं का भी नाश कर लेते हैंँ अर्थ : खल लोग दूसरों जैसे ओले खेतों को नष्ट करते हुए स्वयं भी गल जाते हैं। Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna - ShareChat
#🌸जय सिया राम #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏
🌸जय सिया राम - श्री रामचरितमानस बालकाण्ड {  के अहित में प्रसन्नता दूसरों खल स्वभाव - उदय केत सम हित सबही के। कुंभकरन सम सोवत नीके।। लोग दूसरों के अहित में धूमकेतु की तरह प्रकट होते हैं अर्थ खल और अच्छे कार्यो के समय कुंभकर्ण की तरह सोए रहते हैं। Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna श्री रामचरितमानस बालकाण्ड {  के अहित में प्रसन्नता दूसरों खल स्वभाव - उदय केत सम हित सबही के। कुंभकरन सम सोवत नीके।। लोग दूसरों के अहित में धूमकेतु की तरह प्रकट होते हैं अर्थ खल और अच्छे कार्यो के समय कुंभकर्ण की तरह सोए रहते हैं। Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸जय सिया राम
🕉️सनातन धर्म🚩 - श्री रामचरितमानस बालकाण्ड के अहित में प्रसन्नता दूसरों दुष्ट स्वभाव पर हित हानि लाभ जिन्ह केरें। उजरें हरष बिषाद बसेरें ।I हित में हानि और दूसरों के नष्ट होने में अर्थ : जिन लोगों को दूसरों के چچ:ق होता है, वही दुष्ट स्वभाव वाले होते हैं। प्रसन्नता तथा उनके बसने 2025 Bhakti Bhavnal Powered by @Bablu_dwivedi418 श्री रामचरितमानस बालकाण्ड के अहित में प्रसन्नता दूसरों दुष्ट स्वभाव पर हित हानि लाभ जिन्ह केरें। उजरें हरष बिषाद बसेरें ।I हित में हानि और दूसरों के नष्ट होने में अर्थ : जिन लोगों को दूसरों के چچ:ق होता है, वही दुष्ट स्वभाव वाले होते हैं। प्रसन्नता तथा उनके बसने 2025 Bhakti Bhavnal Powered by @Bablu_dwivedi418 - ShareChat
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🕉️सनातन धर्म🚩 - श्री रामचरितमानस बालकाण्ड వ बहुरि बंदि खल गन सतिभाएँ। दाहिनेहु बाएँ।। fag তী काज अर्थ : मैं उन दुष्ट लोगों को भी प्रणाम करता हूँ, जो बिना किसी कारण भी अच्छे कार्यो में बाधा डालते और विपरीत आचरण करते हैं। Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna श्री रामचरितमानस बालकाण्ड వ बहुरि बंदि खल गन सतिभाएँ। दाहिनेहु बाएँ।। fag তী काज अर्थ : मैं उन दुष्ट लोगों को भी प्रणाम करता हूँ, जो बिना किसी कारण भी अच्छे कार्यो में बाधा डालते और विपरीत आचरण करते हैं। Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavna - ShareChat
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🌸जय सिया राम - भक्तिभावना के विस्तारकेलिए आप्र सभी के सहयोगकी आवश्युकताहै 0 २० शहयोगदेकर आपभीभक्तिसीवा केभागी वनिए० आपक स्हुयीग = हुमारीभक्तिकी शक्तिवनेग० Pay Using PhonePe App Scan & BABLU PRASAD DWIVEDI भावपूर्ण भक्ति फोटो औरवीडियो बनाने हेतु सॉफ्टवेयरख़रीदने कीआवश्यकता है। भक्तिभावना के विस्तारकेलिए आप्र सभी के सहयोगकी आवश्युकताहै 0 २० शहयोगदेकर आपभीभक्तिसीवा केभागी वनिए० आपक स्हुयीग = हुमारीभक्तिकी शक्तिवनेग० Pay Using PhonePe App Scan & BABLU PRASAD DWIVEDI भावपूर्ण भक्ति फोटो औरवीडियो बनाने हेतु सॉफ्टवेयरख़रीदने कीआवश्यकता है। - ShareChat