
Bhuvanesh
@bhuvanesh463
Jai Shri Radha Ballabh Lal Ki
Radhey Radhey......
कृष्ण त्वदीय पद पंकज पंजरांके,
अद्यैव मे विशतु मानस राजहंस:।
प्राण प्रयाण समये कफ वात पित्तै:,
कंठावरोधन विधौ स्मरणं कुतस्ते।।
#👏भगवान विष्णु😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🌹जय शिव शंकर जय भोलेनाथ 🌹🙏
कर्पूर गौरम् करुणावतारं संसारसारम् भुजगेंद्रहारम् सदा वसंतम् हृदयारविंद्रम् भवम् भवानी सहितम् नमामि🙏
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय
महेश्वराय नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मै नमःशिवाय🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👏भगवान विष्णु😇
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#जाके अधीन सदा ही सावरो,,
या बृज को सिरताज
#हमारी माई श्यामा जु को राज
🌺🌼🌺🌼🌹🙏श्री राधे कृपा केवलम 🙏🌹🌼🌺🍂
🥀💐🦚🌸🌼🌺🌞 #👏भगवान विष्णु😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👏भगवान विष्णु😇 कृष्ण त्वदीय पद पंकज पंजरांके,
अद्यैव मे विशतु मानस राजहंस:।
प्राण प्रयाण समये कफ वात पित्तै:,
कंठावरोधन विधौ स्मरणं कुतस्ते।।
हे श्रीकृष्ण ! आपके पद पंकजों के पिंजड़े में आज ही ( वर्तमान) मेरा मन रूपी राज हंस विचरण कर रहा है। किन्तु प्राण प्रयाण के समय कफ वात पित्त दोषों से ग्रसित होकर कण्ठावरुद्ध होने पर(संभव है कि आपका) स्मरण कहां हो सकेगा।
कल बल कै हरि आरि परे ।
नव रँग बिमल नवीन जलधि पर, मानहुँ द्वै ससि आनि अरे ॥
जे गिरि कमठ सुरासुर सर्पहिं धरत न मन मैं नैंकु डरे ।
ते भुज भूषन-भार परत कर गोपिनि के आधार धरे ॥
सूर स्याम दधि-भाजन-भीतर निरखत मुख मुख तैं न टरे ।
बिबि चंद्रमा मनौ मथि काढ़े, बिहँसनि मनहुँ प्रकास करे #👏भगवान विष्णु😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👏भगवान विष्णु😇
राधा सा समर्पण, मीरा सी पुकार,
कृष्ण नाम में बसता मेरा हर एक विचार।
बाँसुरी की धुन जैसे छू ले मन के तार,
मैं भी खो जाऊँ उस प्रेम में बार-बार।
जहाँ तुम हो कान्हा, वही मेरा संसार। #👏भगवान विष्णु😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🌹हरि शरणम् 🌹
सशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलं,
सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्षणम्। सहारवक्षस्स्थलशोभिकौस्तुभं,
नमामि विष्णुं शिरसा चतुर्भुजम्।।
ॐ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय
धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् ।।
कहा है.,तुलसी जाके हृदय में, हरि बसत हैं राम,।ताकें निकट न आवई, दुख दरिद्र अवगुण ग्राम॥ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👏भगवान विष्णु😇
Jai jai shri Radhey
#👏भगवान विष्णु की अद्भुत लीला😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
Jai Shri govind Damodar madhav
#👏भगवान विष्णु की अद्भुत लीला😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇






