बिनोद कुमार शर्मा
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बिनोद कुमार शर्मा
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#मां बंगलामुखी जंयती🌺🌺
मां बंगलामुखी जंयती - २४ अप्रैल मन की पवित्रता और आस्था की शक्ति का प्रतीक माँ बगल़ाूमुखी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं...! माँ की कृपा से आपके जीवन में शांति , साहस और विजय बनी रहे। 4 Binod kumar Sharma २४ अप्रैल मन की पवित्रता और आस्था की शक्ति का प्रतीक माँ बगल़ाूमुखी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं...! माँ की कृपा से आपके जीवन में शांति , साहस और विजय बनी रहे। 4 Binod kumar Sharma - ShareChat
#श्री रामलला दर्शन अयोध्या
श्री रामलला दर्शन अयोध्या - आज कै दर्शन श्री रामलला, अयोध्या धाम २४ अप्रैल २०२६ Binod kuo Shoo आज कै दर्शन श्री रामलला, अयोध्या धाम २४ अप्रैल २०२६ Binod kuo Shoo - ShareChat
#जय माँ विंध्यवासिनी🙏🏻🚩
जय माँ  विंध्यवासिनी🙏🏻🚩 - मिर्जापुर जय माँ विंध्यवासिनी धाम, *आज प्रातःकाल मां की मंगला आरती का भव्य श्रृंगार డ9TT* फ वैशाख, शुक्ल पक्ष, तिथि अष्टमी, संवत् २०८३, दिन - शुक्रवार, २४ अप्रैल २०२६७ * *जय जय मैय्या विंध्यवासिनी की* मिर्जापुर जय माँ विंध्यवासिनी धाम, *आज प्रातःकाल मां की मंगला आरती का भव्य श्रृंगार డ9TT* फ वैशाख, शुक्ल पक्ष, तिथि अष्टमी, संवत् २०८३, दिन - शुक्रवार, २४ अप्रैल २०२६७ * *जय जय मैय्या विंध्यवासिनी की* - ShareChat
*भगवान की दृष्टि में जाति का मूल्य* *दण्डकारण्य वन में शबरी नाम की एक भीलनी अपनी कुटी बनाकर रहती और प्रेमपूर्वक साधना करती थी। वह भजन के साथ-साथ ऋषियों की कुछ सेवा भी करना चाहती थी पर ऋषि उसे अछूत कह कर उसकी सेवा भी स्वीकार न करते थे। निदान शबरी ने ऋषियों के रास्तों को झाड़ बुहार कर साफ करने और ईंधन इकट्ठा करके आश्रमों के आगे जमा कर देने की सेवा करना यह सोचकर आरम्भ कर दिया कि इसमें तो उन्हें आपत्ति होगी ही नहीं। किन्तु यह भी अभिमानी ब्राह्मणों को बुरा लगा। वे उसे पकड़कर मातंग ऋषि के आश्रम ले गये।* *मातंग दयालु थे। उन्होंने उसे छुड़ा दिया। इतना ही नहीं उसकी वृद्धावस्था को देखते हुए अपने विशाल आश्रम के एक कोने में उसे भी रहने की आज्ञा दे दी। यह बात अन्य ब्राह्मणों को बहुत लगी, उन्होंने मातंग का भी बहिष्कार कर दिया।* *भगवान राम जब दंड कारण अपने वनवास काल में आये तब सबसे पहले वे शबरी के ही आश्रम में गये। शबरी आचार व्यवहार में प्रवीण न थी। उसने इकट्ठे किये हुए बेरों को चख-चख कर मीठे-मीठे रामचन्द्रजी को खिलाये। उन्होंने लक्ष्मण समेत उन बेरों को बड़े प्रेम पूर्वक खाया।* *ऋषियों ने सरोवर में कीड़े पड़ने और उसका जल रुधिर होने की बात कही तो लक्ष्मण ने कहा-मतंग ऋषि के बहिष्कार और शबरी के अपमान का यही फल है । अब शबरी यदि उस जल को स्पर्श करे तो वह जल शुद्ध हो। शबरी ने उस तालाब में प्रवेश किया और वह फिर पूर्ववत् शुद्ध हो गया।* *भगवान की दृष्टि में जाति का नहीं भावना का मूल्य है।* *-रामकृपा-* #किस्से-कहानी
#वीर कुंवर सिंह जयंती 🪔
वीर कुंवर सिंह जयंती 🪔 - 23 3lm सन् १८५७ के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह जी की जयंती पर उन्हें शत्-्शत् नमन Binod kuo Shono 23 3lm सन् १८५७ के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह जी की जयंती पर उन्हें शत्-्शत् नमन Binod kuo Shono - ShareChat