BRAHMA KUMARIS ODISHA
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Om shanti #😊ବାସ୍ତବିକ ଖୁସି😇 #🚩ସନାତନ ଧର୍ମ💪 #🙏ପବନପୁତ୍ର ଶ୍ରୀ ହନୁମାନ🙏🏻 #🪕ଶ୍ରୀ ଜଗନ୍ନାଥ ଭଜନ🎶 #🙏ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ 💐
😊ବାସ୍ତବିକ ଖୁସି😇 - आज की मुरली से मुख्य पॉइंट् BRAIMA KUMARIS sakarMurliEssencel و মীঠ ব্রব্জী 09.04.2026 २. सिर्फ ईश्वर व प्रभु कहने से बाप के वर्से की रसना नहीं आती। बाबा कहने से ही वर्सा याद आता है। इसलिए मुख से हमेशा बाबा-बाबा कहना चाहिए। बन गए हैं जो सारा दिन मैं-मैं २. परन्तु आसुरी मत पर चल इतने बे समझ कहते रहते, यह रॉन्ग है। वास्तव में आत्मा भूल गई है कि मैं कौन हूँ? अब समझ मिली है तो अपने को आत्मा निश्चय करो। यहाँ सभी तुमको आत्माओं को ग्रहण लगा हुआ है, काले बन गए हैं। इसलिये बाप को पुकारते हैं, हे ज्ञान सूर्य आओ- हमारा दीपक जगाओ , हमको सोझरे में ले जाओ। ३. हे आत्माएं.. अब मुझ अपने बाप को याद करो। मेरे को याद करते-करते पास आ जाएंगे। यह है याद की यात्रा अथवा योग अग्नि तुम मेरे 35R सिर पर जो पापों का बोझ है वह इस योग अग्नि से ही भस्म होगा। अपनी सतोगुणी दृष्टि द्वारा अन्य आत्माओं की दृष्टि वरदानः- वृत्ति का परिवर्तन करने वाले साक्षात्कार मूर्त भव अर्थात् स्लोगनः- पवित्रता का प्रैक्टिकल स्वरूप सत्यता दिव्यता है। आज की मुरली से मुख्य पॉइंट् BRAIMA KUMARIS sakarMurliEssencel و মীঠ ব্রব্জী 09.04.2026 २. सिर्फ ईश्वर व प्रभु कहने से बाप के वर्से की रसना नहीं आती। बाबा कहने से ही वर्सा याद आता है। इसलिए मुख से हमेशा बाबा-बाबा कहना चाहिए। बन गए हैं जो सारा दिन मैं-मैं २. परन्तु आसुरी मत पर चल इतने बे समझ कहते रहते, यह रॉन्ग है। वास्तव में आत्मा भूल गई है कि मैं कौन हूँ? अब समझ मिली है तो अपने को आत्मा निश्चय करो। यहाँ सभी तुमको आत्माओं को ग्रहण लगा हुआ है, काले बन गए हैं। इसलिये बाप को पुकारते हैं, हे ज्ञान सूर्य आओ- हमारा दीपक जगाओ , हमको सोझरे में ले जाओ। ३. हे आत्माएं.. अब मुझ अपने बाप को याद करो। मेरे को याद करते-करते पास आ जाएंगे। यह है याद की यात्रा अथवा योग अग्नि तुम मेरे 35R सिर पर जो पापों का बोझ है वह इस योग अग्नि से ही भस्म होगा। अपनी सतोगुणी दृष्टि द्वारा अन्य आत्माओं की दृष्टि वरदानः- वृत्ति का परिवर्तन करने वाले साक्षात्कार मूर्त भव अर्थात् स्लोगनः- पवित्रता का प्रैक्टिकल स्वरूप सत्यता दिव्यता है। - ShareChat
Om shanti #🙏ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ 💐 #🙏ପବନପୁତ୍ର ଶ୍ରୀ ହନୁମାନ🙏🏻 #🚩ସନାତନ ଧର୍ମ💪 #🪕ଶ୍ରୀ ଜଗନ୍ନାଥ ଭଜନ🎶 #😊ବାସ୍ତବିକ ଖୁସି😇
🙏ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ 💐 - APRIL - 9 जब हर कर्म यथार्थ और युक्तियुक्त हो योगयुक्त आत्मा।  तब कहेंगे இralma Smaris APRIL - 9 जब हर कर्म यथार्थ और युक्तियुक्त हो योगयुक्त आत्मा।  तब कहेंगे இralma Smaris - ShareChat
Om shanti #😊ବାସ୍ତବିକ ଖୁସି😇 #🙏ପବନପୁତ୍ର ଶ୍ରୀ ହନୁମାନ🙏🏻 #🚩ସନାତନ ଧର୍ମ💪 #🙏ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ 💐 #🪕ଶ୍ରୀ ଜଗନ୍ନାଥ ଭଜନ🎶
😊ବାସ୍ତବିକ ଖୁସି😇 - की मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स आज BRAHMA KUMARIS ISakarMurliEssence MIng. Educatlon MoulAu; मीठे बच्चे 06.04.2026 २. जो मातेले बच्चे होंगे वही राजधानी में आएंगे , सौतेले तो प्रजा बनेंगे। अगर बाप की राय पर नहीं चलते तो सौतेले ठहरे। अभी तुम्हें अपने पाप कर्मों को श्रीमत से जीतकर विक्रमाजीत बनना है। जितना पुरुषार्थ करेंगे उतना बाप से राजधानी का वर्सा लेंगे। २. मेरे पास जो वक्खर है वह सब डिलीवरी करने मैं संगम पर ही आता हूँ। फिर जो जितना धारण करें अथवा पुरुषार्थ करें यह उनके ऊपर है। अभी तुम देवता बन रहे हो, देवतायें कभी कीचड़ पट्टी नहीं खाते। तुम्हें तो बिल्कुल पवित्र बनना है। इसलिए परहेज बताई है। मैं भी ड्रामा 3. के वश हूं। जो ज्ञान अब तक सुनाया है वही ड्रामा में नूँध है। कल की बात  सुनाएंगे। मास्टर नॉलेजफुल, ब्लिसफुल.. यह सब वरदान बाबा आज नहीं अभी ही तुम्हें बाप द्वारा मिले हैं। यह बाप তীল মী ত্ত্ুভান रावण की 344} हैं तो ऐसे बाप को थोड़े ही भूलना चाहिए! सेवा की लगन द्वारा लौकिक को अलौकिक সবৃনি ম वरदानः- परिवर्तन करने वाले निरन्तर सेवाधारी भव स्लोगनः- अपने संस्कारों को दिव्य बनाना है तो मन-बुद्धि को बाप के आगे समर्पित कर दो। की मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स आज BRAHMA KUMARIS ISakarMurliEssence MIng. Educatlon MoulAu; मीठे बच्चे 06.04.2026 २. जो मातेले बच्चे होंगे वही राजधानी में आएंगे , सौतेले तो प्रजा बनेंगे। अगर बाप की राय पर नहीं चलते तो सौतेले ठहरे। अभी तुम्हें अपने पाप कर्मों को श्रीमत से जीतकर विक्रमाजीत बनना है। जितना पुरुषार्थ करेंगे उतना बाप से राजधानी का वर्सा लेंगे। २. मेरे पास जो वक्खर है वह सब डिलीवरी करने मैं संगम पर ही आता हूँ। फिर जो जितना धारण करें अथवा पुरुषार्थ करें यह उनके ऊपर है। अभी तुम देवता बन रहे हो, देवतायें कभी कीचड़ पट्टी नहीं खाते। तुम्हें तो बिल्कुल पवित्र बनना है। इसलिए परहेज बताई है। मैं भी ड्रामा 3. के वश हूं। जो ज्ञान अब तक सुनाया है वही ड्रामा में नूँध है। कल की बात  सुनाएंगे। मास्टर नॉलेजफुल, ब्लिसफुल.. यह सब वरदान बाबा आज नहीं अभी ही तुम्हें बाप द्वारा मिले हैं। यह बाप তীল মী ত্ত্ুভান रावण की 344} हैं तो ऐसे बाप को थोड़े ही भूलना चाहिए! सेवा की लगन द्वारा लौकिक को अलौकिक সবৃনি ম वरदानः- परिवर्तन करने वाले निरन्तर सेवाधारी भव स्लोगनः- अपने संस्कारों को दिव्य बनाना है तो मन-बुद्धि को बाप के आगे समर्पित कर दो। - ShareChat
Om shanti #🌎କୁଣ୍ଡଳୀ ଦୋଷ ଏବଂ ଉପାୟ🔯 #🚩ସନାତନ ଧର୍ମ💪 #🙏ପବନପୁତ୍ର ଶ୍ରୀ ହନୁମାନ🙏🏻 #🪕ଶ୍ରୀ ଜଗନ୍ନାଥ ଭଜନ🎶 #😊ବାସ୍ତବିକ ଖୁସି😇
🌎କୁଣ୍ଡଳୀ ଦୋଷ ଏବଂ ଉପାୟ🔯 - मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स 315 ಹ LRIKID ISakarMufiEssence = n న 8 44 03.03.2026 तुम बच्चे हो रूप - बसन्त | तुम्हे झरमुई झगमुई की बातें नहीं सुननी 1. चाहिए। नही तो सर्विस बदले डिससर्विस कर देंगे। जिन बच्चों के मुख से सदैव रत्न निकलते हैं, उनको ही रूप-्बसन्त कहा जाता है। ६३ जन्म तो एक दो को पत्थर मारते आये हो।अब तुम्हें ज्ञान विज्ञान की बातें कर सबकी दिल को खुश करना है। बातें करते हैं तो ऐसे का संग २. अगर कोई ब्राह्मण बनकर उल्टी- सुल्टी  नहीं करना चाहिए। नहीं तो अपनी भी और दूसरों की भी सत्यानाश कर 481 तुम बच्चों का काम है सर्विस करना, सबको बाप की याद दिलाना। 3. यह है महान मन्त्र, जिससे राजधानी का तिलक मिल जायेगा , बेड़ा पार हो जायेगा| शौक होना चाहिए कि हम जाकर को यह नॉलेज दें। बहुतों  वही बाप के सच्चे बच्चे हैं। के बहु  नॉलेज द्वारा रावण रूपों को जानकर उसर्की वरदानः- अट्रैक्शन से मुक्त रहने वाले हिम्मतवान भच सेवाओं में सफलता प्राप्त करना है तो स्लोगनः- निर्माणचित की विशेषता को धारण करो। मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स 315 ಹ LRIKID ISakarMufiEssence = n న 8 44 03.03.2026 तुम बच्चे हो रूप - बसन्त | तुम्हे झरमुई झगमुई की बातें नहीं सुननी 1. चाहिए। नही तो सर्विस बदले डिससर्विस कर देंगे। जिन बच्चों के मुख से सदैव रत्न निकलते हैं, उनको ही रूप-्बसन्त कहा जाता है। ६३ जन्म तो एक दो को पत्थर मारते आये हो।अब तुम्हें ज्ञान विज्ञान की बातें कर सबकी दिल को खुश करना है। बातें करते हैं तो ऐसे का संग २. अगर कोई ब्राह्मण बनकर उल्टी- सुल्टी  नहीं करना चाहिए। नहीं तो अपनी भी और दूसरों की भी सत्यानाश कर 481 तुम बच्चों का काम है सर्विस करना, सबको बाप की याद दिलाना। 3. यह है महान मन्त्र, जिससे राजधानी का तिलक मिल जायेगा , बेड़ा पार हो जायेगा| शौक होना चाहिए कि हम जाकर को यह नॉलेज दें। बहुतों  वही बाप के सच्चे बच्चे हैं। के बहु  नॉलेज द्वारा रावण रूपों को जानकर उसर्की वरदानः- अट्रैक्शन से मुक्त रहने वाले हिम्मतवान भच सेवाओं में सफलता प्राप्त करना है तो स्लोगनः- निर्माणचित की विशेषता को धारण करो। - ShareChat
Om shanti #😊ବାସ୍ତବିକ ଖୁସି😇 #🙏ପବନପୁତ୍ର ଶ୍ରୀ ହନୁମାନ🙏🏻 #🚩ସନାତନ ଧର୍ମ💪 #🪕ଶ୍ରୀ ଜଗନ୍ନାଥ ଭଜନ🎶 #🌎କୁଣ୍ଡଳୀ ଦୋଷ ଏବଂ ଉପାୟ🔯
😊ବାସ୍ତବିକ ଖୁସି😇 - आज की मुरली से मुख्य पॉइंट् BRAIMA KUMARIS ISakarMuurhassanca و मीठे बच्चे 01.04.2026 . याद करने की ऐसी प्रैक्टिस पड़ जाए जो निरंतर याद ठहर जाए, पिछाड़ी में सिर्फ यही याद रहे कि हम " आत्मा" हैं। आत्मा समझ मोस्ट बिल्चेड बाप को याद करना कोई मासी का घर नहीं है। इसमें लव चाहिए, साथ में तकदीर भी चाहिए। २. बाप की याद नही तो वह अवस्था भी नही। जो सर्विसएबल सपूत बच्चे हैं, उन्हें खुद शिवबाबा याद करते हैं। बच्चों को भी कहते हैं- मनमनाभव हो रहो, पवित्र रहो। तुम अभी स्वर्ग के मालिक, पुण्य आत्मा बन रहे हो। तो अपने से पूछो.. हमसे कोई पाप तो नहीं होता ? हम कहां तक अंधों की लाठी बने हैं? ना, इसलिए बड़ी ३. लेकिन आधाकल्प का देह-अभिमान बैठा हुआ है  लगती है। मैं जो हूं॰. उस रूप में कोई विरला ही मुझे याद करता है। #644` अगर कोई याद करे तो चेहरे पर रौनक आ जाए परंतु उस साजन को याद ही नहीं करते, इसलिए शक्ल मुरझाई रहती है | अपनी दृष्टि और वृत्ति के परिवर्तन द्वारा सृष्टि को वरदानः- बदलने वाले साक्षात्कारमूर्त भव सेवा के उमंग उत्साह के साथ, बेहद की वैराग्य स्लोगनः- वृत्ति ही सफलता का आधार है। आज की मुरली से मुख्य पॉइंट् BRAIMA KUMARIS ISakarMuurhassanca و मीठे बच्चे 01.04.2026 . याद करने की ऐसी प्रैक्टिस पड़ जाए जो निरंतर याद ठहर जाए, पिछाड़ी में सिर्फ यही याद रहे कि हम " आत्मा" हैं। आत्मा समझ मोस्ट बिल्चेड बाप को याद करना कोई मासी का घर नहीं है। इसमें लव चाहिए, साथ में तकदीर भी चाहिए। २. बाप की याद नही तो वह अवस्था भी नही। जो सर्विसएबल सपूत बच्चे हैं, उन्हें खुद शिवबाबा याद करते हैं। बच्चों को भी कहते हैं- मनमनाभव हो रहो, पवित्र रहो। तुम अभी स्वर्ग के मालिक, पुण्य आत्मा बन रहे हो। तो अपने से पूछो.. हमसे कोई पाप तो नहीं होता ? हम कहां तक अंधों की लाठी बने हैं? ना, इसलिए बड़ी ३. लेकिन आधाकल्प का देह-अभिमान बैठा हुआ है  लगती है। मैं जो हूं॰. उस रूप में कोई विरला ही मुझे याद करता है। #644` अगर कोई याद करे तो चेहरे पर रौनक आ जाए परंतु उस साजन को याद ही नहीं करते, इसलिए शक्ल मुरझाई रहती है | अपनी दृष्टि और वृत्ति के परिवर्तन द्वारा सृष्टि को वरदानः- बदलने वाले साक्षात्कारमूर्त भव सेवा के उमंग उत्साह के साथ, बेहद की वैराग्य स्लोगनः- वृत्ति ही सफलता का आधार है। - ShareChat