Monalisa
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motivational writer
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🙌 Never Give Up #😎 Attitude कोट्स ✍ #😎मोटिवेशनल गुरु🤘
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - हमारे रिश्तों को तुम समझ न सको तो किनारा बेहतर है तुम भले ही साथ छोड़ दो मेरे कान्हा का सहारा बेहतर है ৪য রহা মী নান ক্ষী নাং-নাং तुम्हें क्यों समझाऊँ मैं दिल हो सीने में तो समझने के अगर fa इशारा बेहतर है ज़िन्दगी में किसी को देने के लिए सलाह जरूरी नहीं है अगर रिश्तों की खूबसूरती बचानी है तो साथ दोबारा बेहतर है अगर प्यार के बदले प्यार के दो मीठे बोल नहीं दे सकते तुम किसी की मौजूदगी को मान-सम्मान का नजारा बेहतर है इस जीवन में अपने अस्तित्व की लड़ाई खुद ही लड़नी अब मुझे अकेले इस राह में कांटे जरूर आएंगे , तन्हा ही गुजारा बेहतर है श्यामा चन्द्राकर मोना रायपुर छत्तीसगढ़ हमारे रिश्तों को तुम समझ न सको तो किनारा बेहतर है तुम भले ही साथ छोड़ दो मेरे कान्हा का सहारा बेहतर है ৪য রহা মী নান ক্ষী নাং-নাং तुम्हें क्यों समझाऊँ मैं दिल हो सीने में तो समझने के अगर fa इशारा बेहतर है ज़िन्दगी में किसी को देने के लिए सलाह जरूरी नहीं है अगर रिश्तों की खूबसूरती बचानी है तो साथ दोबारा बेहतर है अगर प्यार के बदले प्यार के दो मीठे बोल नहीं दे सकते तुम किसी की मौजूदगी को मान-सम्मान का नजारा बेहतर है इस जीवन में अपने अस्तित्व की लड़ाई खुद ही लड़नी अब मुझे अकेले इस राह में कांटे जरूर आएंगे , तन्हा ही गुजारा बेहतर है श्यामा चन्द्राकर मोना रायपुर छत्तीसगढ़ - ShareChat
#🙌 Never Give Up #😎 Attitude कोट्स ✍ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🙌 Never Give Up - নিরিয়া মঠী aాaT aా माथे पर सजना बिंदिया मेरी चमचम चमके माथे पर सजना বুম নিন মুনা-মুনা লাঠী मेरा घर अंगना सिंदूरी रंग की बिंदिया लगाकर मेरे सजना तेरे मन में रम जाऊँ झूमकर सारी अंगना रंग-बिरंगी बिंदिया खूब फबे माथे पर मेरी सजना मन ही मन इतराऊँ तुम्हें रिझाऊँ बार-बार सजना है सुहाग की निशानी मेरी बिंदिया सजना মাঁসু মীলনানা মী য্ী सजी रहे बिंदिया सजना मेरी कला मेरी पहचान  श्यामा चन्द्राकर मोना रायपुर छत्तीसगढ़ নিরিয়া মঠী aాaT aా माथे पर सजना बिंदिया मेरी चमचम चमके माथे पर सजना বুম নিন মুনা-মুনা লাঠী मेरा घर अंगना सिंदूरी रंग की बिंदिया लगाकर मेरे सजना तेरे मन में रम जाऊँ झूमकर सारी अंगना रंग-बिरंगी बिंदिया खूब फबे माथे पर मेरी सजना मन ही मन इतराऊँ तुम्हें रिझाऊँ बार-बार सजना है सुहाग की निशानी मेरी बिंदिया सजना মাঁসু মীলনানা মী য্ী सजी रहे बिंदिया सजना मेरी कला मेरी पहचान  श्यामा चन्द्राकर मोना रायपुर छत्तीसगढ़ - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #😎 Attitude कोट्स ✍ #😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #🙌 Never Give Up
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - निकालने बैर रखता है ব্রংসনী ' यहां इंसान सबसे বনলন সমান ম কিমী ক সান কী अपने ही देश को बेच देता है क़ीमत नहीं है पैसों की लालच में बिक जाता है आदमी यहां ईमान की क़ीमत नहीं है सरकारी नौकरी हर दवा महंगी बिकने लगी है योग्यता हीन को रखा जाता है अब अस्पतालों में सरकारी नौकरी में दुआ के सर झुके कहां किसी पढ़े लिखे लायक भगवान की क़ीमत नहीं है विद्घान की क़ीमत नहीं है भारी रेलमपेल मची हुई पदक जीतने खेलों में फ़ालतू पैसे उड़ाते पिज्जा किसी योग्य gufoia बर्गर विदेशी खाने में बलवान की क़ीमत नहीं है ঘং স সাঁ ক মাথী নন की क़ोमत नहीं है पकवान क़ीमत नहीं है श्यामा चंद्राकर मोना , रायपुर छत्तीसगढ़ बदलते समाज का एक कटु सत्य , जहाँ इंसान , ईमान औ संबेदनाओं की क़ीमत नहीं है। निकालने बैर रखता है ব্রংসনী ' यहां इंसान सबसे বনলন সমান ম কিমী ক সান কী अपने ही देश को बेच देता है क़ीमत नहीं है पैसों की लालच में बिक जाता है आदमी यहां ईमान की क़ीमत नहीं है सरकारी नौकरी हर दवा महंगी बिकने लगी है योग्यता हीन को रखा जाता है अब अस्पतालों में सरकारी नौकरी में दुआ के सर झुके कहां किसी पढ़े लिखे लायक भगवान की क़ीमत नहीं है विद्घान की क़ीमत नहीं है भारी रेलमपेल मची हुई पदक जीतने खेलों में फ़ालतू पैसे उड़ाते पिज्जा किसी योग्य gufoia बर्गर विदेशी खाने में बलवान की क़ीमत नहीं है ঘং স সাঁ ক মাথী নন की क़ोमत नहीं है पकवान क़ीमत नहीं है श्यामा चंद्राकर मोना , रायपुर छत्तीसगढ़ बदलते समाज का एक कटु सत्य , जहाँ इंसान , ईमान औ संबेदनाओं की क़ीमत नहीं है। - ShareChat
#🙌 Never Give Up #😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #😎 Attitude कोट्स ✍ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🎄हरे पेड़
🙌 Never Give Up - विश्व पर्यावरण दिवस प्रिय पेड़, तुम बहुत याद आते हो, मैं सड़क किनारे चलती हूँ जब तुम्हारे झरे हुए पीले पत्ते जब उड़ते थे ज़मीं पर अब भी तुम याद आते हा 4 Ha थी झूलती जब छांव में बैठकर तुम्हारी थे हम सब सुस्ताते अब भी तुम याद आते हो भीषण गर्मी में सब सूख रहा है अब तुम्हारी ठंडी छांव के लिए इंसान  तड़प रहा है अब भी तुम याद आते हो शाखों में बने हुए पंछी के घॉसले तुम्हारी बहुत सुंदर लगते थे उनकी चहचहाहट কানী কী স্রিয লযলী থী भी तुम याद आते हो अब पत्तों से निकले प्राण वायु तुम्हारी हमें एक नई ऊर्जा देती थी 3i ೫ೇ ಗಾ ಗತ अब भी तुम याद आते हो श्यामा चन्द्राकर " मोना" रायपुर छत्तीसगढ़ विश्व पर्यावरण दिवस प्रिय पेड़, तुम बहुत याद आते हो, मैं सड़क किनारे चलती हूँ जब तुम्हारे झरे हुए पीले पत्ते जब उड़ते थे ज़मीं पर अब भी तुम याद आते हा 4 Ha थी झूलती जब छांव में बैठकर तुम्हारी थे हम सब सुस्ताते अब भी तुम याद आते हो भीषण गर्मी में सब सूख रहा है अब तुम्हारी ठंडी छांव के लिए इंसान  तड़प रहा है अब भी तुम याद आते हो शाखों में बने हुए पंछी के घॉसले तुम्हारी बहुत सुंदर लगते थे उनकी चहचहाहट কানী কী স্রিয লযলী থী भी तुम याद आते हो अब पत्तों से निकले प्राण वायु तुम्हारी हमें एक नई ऊर्जा देती थी 3i ೫ೇ ಗಾ ಗತ अब भी तुम याद आते हो श्यामा चन्द्राकर " मोना" रायपुर छत्तीसगढ़ - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #😎 Attitude कोट्स ✍ #🙌 Never Give Up
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - प्रिय मौसम तुम यूं ही बदलते रहना, हर तरह से अपनी কঙ্কানী ಹ೯T | एक सा जीवन मत जीना, बेरंग कभी मत रहना। के फूल खिलाना, खुशियों हमें जीवन जीना सिखाना | सद गरम बरखा बरसाना... प्रिय मौसम. 0 श्यामा चद्राकर पमोना." रायपुर, छत्तीसगढ़ प्रिय मौसम तुम यूं ही बदलते रहना, हर तरह से अपनी কঙ্কানী ಹ೯T | एक सा जीवन मत जीना, बेरंग कभी मत रहना। के फूल खिलाना, खुशियों हमें जीवन जीना सिखाना | सद गरम बरखा बरसाना... प्रिय मौसम. 0 श्यामा चद्राकर पमोना." रायपुर, छत्तीसगढ़ - ShareChat
#🙌 Never Give Up #😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #😎 Attitude कोट्स ✍ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🙌 Never Give Up - हाथों में एक छोटा सा दीप लिए, ম 3াঁধয ম যুঁ ৪ী নমী 8/ गुजरती हुई उम्मीद के बाद भी, gsir 8r अपने विश्वास की लौ संजोए रखती हूँ। राहें चाहे कितनी भी सुनसान हों, মাথ কীৎ ৪ী যা ন ৪ী হূম ভযং ম, आशाओं का दीप जलता रहे तो फिर, मिल ही जाता है सफर में। उजाला ने लाख कोशिश की मगर, নুক্চানী मेरे हौसलों को झुका न सके। मन में जो प्रेम और विश्वास जला, उसे कोई अँधेरा मिटा न सके। यह दीप केवल तेल और बाती नहीं, मेरे सपनों की पहचान है। इसकी लौ 8, मुस्कुराती जब तक तब तक जीवन भी वरदान है। যামা বল্সাকায "মীনা" रायपुर छत्तीसगढ़ हाथों में एक छोटा सा दीप लिए, ম 3াঁধয ম যুঁ ৪ী নমী 8/ गुजरती हुई उम्मीद के बाद भी, gsir 8r अपने विश्वास की लौ संजोए रखती हूँ। राहें चाहे कितनी भी सुनसान हों, মাথ কীৎ ৪ী যা ন ৪ী হূম ভযং ম, आशाओं का दीप जलता रहे तो फिर, मिल ही जाता है सफर में। उजाला ने लाख कोशिश की मगर, নুক্চানী मेरे हौसलों को झुका न सके। मन में जो प्रेम और विश्वास जला, उसे कोई अँधेरा मिटा न सके। यह दीप केवल तेल और बाती नहीं, मेरे सपनों की पहचान है। इसकी लौ 8, मुस्कुराती जब तक तब तक जीवन भी वरदान है। যামা বল্সাকায "মীনা" रायपुर छत्तीसगढ़ - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #😎 Attitude कोट्स ✍ #😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #🙌 Never Give Up
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - कच्चे धागों से बंधे रिश्ते कच्चे धागों से बंधे होते हैं आजकल के रिश्ते, ज़रा सी खींचतान में टूटकर उलझ जाते हैं। फिर उन उलझनों को सुलझाना आसान नहीं होता, कई बार उम्र भर के दर्द दे जाते हैं। इसलिए रिश्तों को प्रेम, विश्वास और अपनापन देकर निभाइए, क्योंकि स्नेह से सींचे गए संबंध ही लंबे समय तक टिक पाते हैं। कच्चे धागों से बंधे रिश्तों कों प्यार से रखना चाहिए, यही रिश्ते जीवन को खूबसूरत बनाते हैं। श्यामा चन्द्राकर *मोना  रायपुर छत्तीसगढ़ कच्चे धागों से बंधे रिश्ते कच्चे धागों से बंधे होते हैं आजकल के रिश्ते, ज़रा सी खींचतान में टूटकर उलझ जाते हैं। फिर उन उलझनों को सुलझाना आसान नहीं होता, कई बार उम्र भर के दर्द दे जाते हैं। इसलिए रिश्तों को प्रेम, विश्वास और अपनापन देकर निभाइए, क्योंकि स्नेह से सींचे गए संबंध ही लंबे समय तक टिक पाते हैं। कच्चे धागों से बंधे रिश्तों कों प्यार से रखना चाहिए, यही रिश्ते जीवन को खूबसूरत बनाते हैं। श्यामा चन्द्राकर *मोना  रायपुर छत्तीसगढ़ - ShareChat
#😎 Attitude कोट्स ✍ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
😎 Attitude कोट्स ✍ - doT GT ज़िन्दगी का सफ़र तन्हा-्तन्हा ये ज़िन्दगी का सफ़र सूनी -सूनी ये वीरान सी डगर ना मंज़िल का पता, ना राहों की खबर ना कोई साथी अपना, ना कोई हमसफ़र फिर भी बढ चली हूँ ये सोचकर शायद मिल जाए कोई सच्चा रहबर मगर अब डर सा लगता है उन लोगों से जो अपनापन जताकर 8ತ 1lಗ ೩ इन्हीं राहों पर. মুনী श्यामा चन्द्राकर *मोना"  रायपुर छत्तीसगढ़ doT GT ज़िन्दगी का सफ़र तन्हा-्तन्हा ये ज़िन्दगी का सफ़र सूनी -सूनी ये वीरान सी डगर ना मंज़िल का पता, ना राहों की खबर ना कोई साथी अपना, ना कोई हमसफ़र फिर भी बढ चली हूँ ये सोचकर शायद मिल जाए कोई सच्चा रहबर मगर अब डर सा लगता है उन लोगों से जो अपनापन जताकर 8ತ 1lಗ ೩ इन्हीं राहों पर. মুনী श्यामा चन्द्राकर *मोना"  रायपुर छत्तीसगढ़ - ShareChat
#😎 Attitude कोट्स ✍ #😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #🥰मोटिवेशन वीडियो
😎 Attitude कोट्स ✍ - মাঁ নী মাঁ মীনী ৪্ী ই, उसकी कोई तुलना संभव नहीं है किसी से। वह हमारे जीवन की पहली गुरू होती है, जो बिना कहे हमारे हर दुःख को लेती है और हमें HS सही राह दिखाती है। க बहन भी माँ समान होती है, हमें समझाती है, कुछ सिखाती है, गलत राह पर जाने से रोकती है और हर कठिन समय में साथ खडी रहती है। और अगर आपकी बेटी है, तो वो भी माँ का ही रूप है। कई बार बेटी भी एक माँ की तरह ही हमें जीवन जीने का तरीका बताती है हमें धैर्य, प्रेम और सही संस्कार सिखाती है। नारी का हर रूप अपने भीतर ममता का एक अंश लेकर चलता है- माँ , बहन, बेटी... सब प्रेम और अपनत्व की वही सुंदर छाया हैं। Tappg othes @ಯ মাঁ নী মাঁ মীনী ৪্ী ই, उसकी कोई तुलना संभव नहीं है किसी से। वह हमारे जीवन की पहली गुरू होती है, जो बिना कहे हमारे हर दुःख को लेती है और हमें HS सही राह दिखाती है। க बहन भी माँ समान होती है, हमें समझाती है, कुछ सिखाती है, गलत राह पर जाने से रोकती है और हर कठिन समय में साथ खडी रहती है। और अगर आपकी बेटी है, तो वो भी माँ का ही रूप है। कई बार बेटी भी एक माँ की तरह ही हमें जीवन जीने का तरीका बताती है हमें धैर्य, प्रेम और सही संस्कार सिखाती है। नारी का हर रूप अपने भीतर ममता का एक अंश लेकर चलता है- माँ , बहन, बेटी... सब प्रेम और अपनत्व की वही सुंदर छाया हैं। Tappg othes @ಯ - ShareChat
#😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #😎 Attitude कोट्स ✍ #🙌 Never Give Up #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
😎मोटिवेशनल गुरु🤘 - ये जो मैं बहुत हंसती रहती हूं न. इस मुस्कान के पीछे न जाने कितनी ही पीड़ाएं छुपाई हैं मैंने॰ कई बार आंखें रोना चाहती थीं, पर होंठों ने मुस्कुराना चुना। कई बार मन टूटकर बिखर गया, को संभालने के लिए दूसरों पर खुद को समेट लिया मैंने। लोगों को मेरी हंसी दिखाई देती है, ೪ पर उस हंसी के पीछे की खामोशी बहुत कम लोग समझ पाते हैं ^ मुस्कुराती हूं, फिर भी क्योंकि शायद यही हुनर सीख लिया है मैंने - अपने दर्द को अपनी मुस्कान में छुपाने কা श्यामा चन्द्राकर ' मोना' रायपुर, छत्तीसगढ़ ये जो मैं बहुत हंसती रहती हूं न. इस मुस्कान के पीछे न जाने कितनी ही पीड़ाएं छुपाई हैं मैंने॰ कई बार आंखें रोना चाहती थीं, पर होंठों ने मुस्कुराना चुना। कई बार मन टूटकर बिखर गया, को संभालने के लिए दूसरों पर खुद को समेट लिया मैंने। लोगों को मेरी हंसी दिखाई देती है, ೪ पर उस हंसी के पीछे की खामोशी बहुत कम लोग समझ पाते हैं ^ मुस्कुराती हूं, फिर भी क्योंकि शायद यही हुनर सीख लिया है मैंने - अपने दर्द को अपनी मुस्कान में छुपाने কা श्यामा चन्द्राकर ' मोना' रायपुर, छत्तीसगढ़ - ShareChat