Devkanya  Taware
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#🥗स्वादिष्ट खाना रेसिपी #🍱 भारतीय खान-पान
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#🥑हेल्दी फूड #🥗स्वादिष्ट खाना रेसिपी
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https://youtube.com/shorts/4vUKaLDiV50?si=i2tLM4i4eYduFiJb #🍱 भारतीय खान-पान #🥑हेल्दी फूड
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#❤️जीवन की सीख #☝ मेरे विचार
❤️जीवन की सीख - चुकीला `वकील' आणि स्वतःच्या इतरांच्या चुकीला ` न्यायाधीश' होणाऱ्या माणसाशी हुज्जत घालण्यापेक्षा, तुझंच खरं' म्हणून संपवलेला विषय हा कधीही आपल्यासाठी चांगलाच असतो! चुकीला `वकील' आणि स्वतःच्या इतरांच्या चुकीला ` न्यायाधीश' होणाऱ्या माणसाशी हुज्जत घालण्यापेक्षा, तुझंच खरं' म्हणून संपवलेला विषय हा कधीही आपल्यासाठी चांगलाच असतो! - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - ** धन्यवाद ** माझ्या वाढदिवसानिमित्ताने आपण सर्वांनी प्रत्यक्ष ٩٤ ,फोन व्हॉट्सअप, फेसबुक , इंन्स्टाग्रामच्या शुभेच्छांचा दिल्या.आपल्या शुभेच्छा माध्यमातून मनापासून स्वीकार करते आणि आपल्यासारखे मिञ परिवार बहिण भाऊ नातेवाईक मिळाले हे माझे भाग्य समजते आणि पुन्हा एकदा सर्वांना थन्यवक JI ** धन्यवाद ** माझ्या वाढदिवसानिमित्ताने आपण सर्वांनी प्रत्यक्ष ٩٤ ,फोन व्हॉट्सअप, फेसबुक , इंन्स्टाग्रामच्या शुभेच्छांचा दिल्या.आपल्या शुभेच्छा माध्यमातून मनापासून स्वीकार करते आणि आपल्यासारखे मिञ परिवार बहिण भाऊ नातेवाईक मिळाले हे माझे भाग्य समजते आणि पुन्हा एकदा सर्वांना थन्यवक JI - ShareChat
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - रामायण चौपाईः "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।"  सरल लेकिन गहरी व्याख्याः इस चौपाई का अर्थहै  जैसी हमारी सोच होती है, वैसी ही हमें दुनिया दिखाई देती है। रामायण में कई पात्रों ने श्रीराम को अलग अलग रूप में देखाः भक्त ने उन्हें भगवान माना शत्रु ने उन्हें सामान्य मनुष्य समझा ज्ञानी ने उन्हें धर्म का साक्षात् स्वरूप जाना जीवन से संबंधः अगर मन में क्रोध , ईर्ष्या या नकारात्मकता है॰ तो हर इंसान गलत लगेगा | शुद्ध है, तो कठिन परिस्थिति में भी 3iR 3TRTT ईश्वर की कृपा दिखाई देगी। समस्या बाहर नहीं, हमारी भावना के भीतर होती है। आत्मसंयम का असली अर्थहै। 46 रामायण चौपाईः "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।"  सरल लेकिन गहरी व्याख्याः इस चौपाई का अर्थहै  जैसी हमारी सोच होती है, वैसी ही हमें दुनिया दिखाई देती है। रामायण में कई पात्रों ने श्रीराम को अलग अलग रूप में देखाः भक्त ने उन्हें भगवान माना शत्रु ने उन्हें सामान्य मनुष्य समझा ज्ञानी ने उन्हें धर्म का साक्षात् स्वरूप जाना जीवन से संबंधः अगर मन में क्रोध , ईर्ष्या या नकारात्मकता है॰ तो हर इंसान गलत लगेगा | शुद्ध है, तो कठिन परिस्थिति में भी 3iR 3TRTT ईश्वर की कृपा दिखाई देगी। समस्या बाहर नहीं, हमारी भावना के भीतर होती है। आत्मसंयम का असली अर्थहै। 46 - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #☝ मेरे विचार
❤️जीवन की सीख - परेशानी जिंदगी का हिस्सा है, अगर नहीं तो इंसान आएगी निखरेगा कैसे. क्योंकि ये परेशानियां ही तो हैं जो इंसान को जिंदगी जीने का सही समझाती हैं মনলন परेशानी जिंदगी का हिस्सा है, अगर नहीं तो इंसान आएगी निखरेगा कैसे. क्योंकि ये परेशानियां ही तो हैं जो इंसान को जिंदगी जीने का सही समझाती हैं মনলন - ShareChat