विवेक कुलकर्णी
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@dilse1432
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विवेक कुलकर्णी
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दिल से ...मैत्री, मस्ती आणि शेअरचॅट 👌
https://youtube.com/watch?v=Oaw95FC8dpI&si=xe-i1SOpHuxwCv6T #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #🌿आयुर्वेदा #⚕️आरोग्य #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🎓जनरल नॉलेज
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गर्मियों में इंस्टेंट ठंडी छाछ बनाने का सबसे आसान और स्मार्ट तरीका ☀️ बस क्यूब्स डालो, पानी मिलाओ और तैयार! 📝 सामग्री 1 कप – दही ½ छोटा चम्मच – भुना जीरा पाउडर काला नमक – स्वादानुसार 1 बड़ा चम्मच – बारीक कटा पुदीना 1 बड़ा चम्मच – बारीक कटा हरा धनिया चुटकी भर – काली मिर्च पाउडर (वैकल्पिक) नोट - कुटी हरी-मिर्च और हरी धनिया भी डाल सकते है। 👩‍🍳 बनाने की विधि दही को अच्छे से फेंट लें ताकि वह स्मूद हो जाए। अब इसमें जीरा पाउडर, काला नमक, पुदीना, हरा धनिया और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएँ। तैयार मिश्रण को आइस ट्रे में भर दें। 4–5 घंटे के लिए फ्रीजर में जमने दें। सर्व करते समय 2–3 क्यूब्स एक गिलास ठंडे पानी में डालें और अच्छी तरह मिक्स करें। ✨ आपकी इंस्टेंट मसाला छाछ तैयार है! #recipe #cooking #food #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🌿आयुर्वेदा #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #⚕️आरोग्य #🎓जनरल नॉलेज
👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स - ক্ালী दही থুনা জীযা पुदीना काला मिर्च नमक पाडडर मसाला छाछ क्युबस Recipebook by Mohini Rajput ক্ালী दही থুনা জীযা पुदीना काला मिर्च नमक पाडडर मसाला छाछ क्युबस Recipebook by Mohini Rajput - ShareChat
यह रहे सभी 6 समर ड्रिंक पाउडर की डिटेल रेसिपी हिंदी में 👇 1️⃣ जलजीरा पाउडर सामग्री: ½ कप जीरा 2 बड़े चम्मच काला नमक 1 बड़ा चम्मच साधारण नमक 1 बड़ा चम्मच काली मिर्च 1 बड़ा चम्मच सूखा पुदीना 1 छोटा चम्मच हींग 1 बड़ा चम्मच अमचूर पाउडर विधि: जीरे को धीमी आंच पर सूखा भून लें। ठंडा होने पर सभी सामग्री मिलाकर मिक्सी में बारीक पीस लें। एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें। 👉 बनाने का तरीका: 2 चम्मच पाउडर + 1 गिलास ठंडा पानी + थोड़ा नींबू रस। 2️⃣ शिकंजी पाउडर सामग्री: ½ कप चीनी पाउडर 2 बड़े चम्मच काला नमक 1 छोटा चम्मच काली मिर्च 1 बड़ा चम्मच भुना जीरा पाउडर 1 बड़ा चम्मच सूखा पुदीना पाउडर 1 छोटा चम्मच सौंठ पाउडर विधि: सभी सामग्री अच्छी तरह मिलाकर पीस लें। एयरटाइट जार में स्टोर करें। 👉 बनाने का तरीका: 2 चम्मच पाउडर + 1 गिलास ठंडा पानी + ½ नींबू का रस। 3️⃣ आम पन्ना पाउडर सामग्री: ½ कप अमचूर पाउडर ½ कप चीनी पाउडर 1 बड़ा चम्मच काला नमक 1 छोटा चम्मच काली मिर्च 1 बड़ा चम्मच भुना जीरा पाउडर 1 बड़ा चम्मच पुदीना पाउडर विधि: सारी सामग्री मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें। सूखे डिब्बे में भरकर रखें। 👉 बनाने का तरीका: 2 चम्मच पाउडर + 1 गिलास ठंडा पानी। 4️⃣ बेल शरबत पाउडर सामग्री: 1 कप बेल पाउडर ½ कप चीनी पाउडर 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर विधि: सभी सामग्री मिलाकर छान लें। एयरटाइट कंटेनर में रखें। 👉 बनाने का तरीका: 2 चम्मच पाउडर + 1 गिलास ठंडा पानी। 5️⃣ गुलाब ड्रिंक पाउडर सामग्री: ½ कप सूखी गुलाब पंखुड़ी पाउडर ½ कप चीनी पाउडर 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर विधि: सूखी गुलाब पंखुड़ियों को पीस लें। बाकी सामग्री मिलाकर एयरटाइट जार में रखें। 👉 बनाने का तरीका: 2 चम्मच पाउडर + ठंडा पानी या दूध। 6️⃣ सत्तू ड्रिंक पाउडर सामग्री: 1 कप सत्तू 1 बड़ा चम्मच काला नमक 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर विधि: सभी सामग्री अच्छी तरह मिला लें। सूखे डिब्बे में स्टोर करें। 👉 बनाने का तरीका: नमकीन: 2 चम्मच पाउडर + ठंडा पानी + नींबू रस मीठा: 2 चम्मच पाउडर + पानी + चीनी #niluskitchen💁🏽‍♀️ #yum #masala #⚕️आरोग्य #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #🌿आयुर्वेदा #🎓जनरल नॉलेज
⚕️आरोग्य - C / CUUS (Kitchens शिकजी पाडडर जलजीरा पाडडर आम पन्ना पाडडर गिलास पानी சபுரி २ चम्पच + ठॅंडा पानी + पुर्दहन्ग 2ua + 1 २ चम्पच + गर्मियां आने से पहले बना ले बेल शरबत पाडडर सत्नु ड्रीक पाडडर गुलाब ड्रीक पाडडर पानी चा दूय নীভু হম गिलास पानी २ चम्पच + ठॅंडा पानी + 2a+1 2 aa + C / CUUS (Kitchens शिकजी पाडडर जलजीरा पाडडर आम पन्ना पाडडर गिलास पानी சபுரி २ चम्पच + ठॅंडा पानी + पुर्दहन्ग 2ua + 1 २ चम्पच + गर्मियां आने से पहले बना ले बेल शरबत पाडडर सत्नु ड्रीक पाडडर गुलाब ड्रीक पाडडर पानी चा दूय নীভু হম गिलास पानी २ चम्पच + ठॅंडा पानी + 2a+1 2 aa + - ShareChat
कभी मल्टीविटामिन खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आयुर्वेद में 'रस' का अर्थ केवल स्वाद नहीं, बल्कि भोजन के वे छह मौलिक गुण हैं जो हमारे शरीर, मन और दोषों (वात, पित्त, कफ) पर गहरा प्रभाव डालते हैं। यहाँ आयुर्वेद के 6 रसों (Shad Rasa) का संक्षिप्त विवरण दिया गया है: 1. मधुर (Sweet) यह पृथ्वी और जल तत्वों से बना है। यह शरीर को ऊर्जा देता है और ऊतकों (tissues) का निर्माण करता है। प्रभाव: वात और पित्त को कम करता है, कफ को बढ़ाता है। स्रोत: घी, चावल, गेहूँ, दूध, पके हुए फल, शहद। 2. अम्ल (Sour) यह पृथ्वी और अग्नि तत्वों से बना है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और लार बनाने में मदद करता है। प्रभाव: वात को कम करता है, पित्त और कफ को बढ़ाता है। स्रोत: नींबू, दही, इमली, सिरका, खमीर वाले भोजन (Fermented food)। 3. लवण (Salty) यह जल और अग्नि तत्वों से बना है। यह शरीर में जल का संतुलन बनाए रखने और पाचन में सहायक होता है। प्रभाव: वात को कम करता है, पित्त और कफ को बढ़ाता है। स्रोत: सेंधा नमक, समुद्री नमक, समुद्री शैवाल (Seaweed)। 4. कटु (Pungent/Spicy) यह वायु और अग्नि तत्वों से बना है। यह मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और शरीर के रास्तों (channels) को साफ करता है। प्रभाव: कफ को कम करता है, पित्त और वात को बढ़ाता है। स्रोत: मिर्च, अदरक, काली मिर्च, लहसुन, प्याज। 5. तिक्त (Bitter) यह वायु और आकाश तत्वों से बना है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों (toxins) को निकालने और खून को साफ करने में सबसे प्रभावी है। प्रभाव: पित्त और कफ को कम करता है, वात को बढ़ाता है। स्रोत: नीम, करेला, हल्दी, कॉफी, हरी पत्तेदार सब्जियां। 6. कषाय (Astringent) यह वायु और पृथ्वी तत्वों से बना है। यह घाव भरने और शरीर से अतिरिक्त नमी सोखने में मदद करता है। प्रभाव: पित्त और कफ को कम करता है, वात को बढ़ाता है। स्रोत: कच्चा केला, अनार, चने, बीन्स, त्रिफला। विशेष टिप: आयुर्वेद के अनुसार, एक संतुलित भोजन वही है जिसमें ये छहों रस सही मात्रा में मौजूद हों। #DrJitenderGill #ayurveda #⚕️आरोग्य #🎓जनरल नॉलेज #😇डोकं चालवा #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #🌿आयुर्वेदा
⚕️आरोग्य - कभी मल्टीविटामिन खानेकीजरूरत नहींपड़ेगी| मिथुन,  कर्क मोन 4 तुला, वृश्चिक मध्य TTTT9TT দালুন; ঈন্ आषाढ़ , श्रावण எட अपराहकाल पूर्वाहकाल अर्धरात्रिन अर्थात् aক, মাম कष्टों स्वस्वाधिक्यमृतावृतौ  ||4৩ || नित्यं   सर्वरसाभ्यासः वे प्रायः ऋतुओं में प्रतिदिन सभनी ( छहों ) रसों का सेवन करेना चाहिए तथा किप आव्विन ೫ ಳ -निर्देश   सभी  रससेवन - निर्देश दिया गया है, उस-उस ऋतु में उस-उस रस का में जिन-जिन रसों के सेवन का विशेष 6 Td सेवन करना चाहिए।। ५७ ।। समर्थन महर्षि चरक इस प्रकार कहा है॰ इसका नित्यं सर्वरसाभ्यासः जो वाग्भट ने ২4/Y০ ) সথনি वक्तव्य   ऊपर एकरसाभ्यासो दौर्बल्यकराणाम् ( च.सू॰ इन्द्रियों काबल बढ़ता है॰ इसके विपरीते कर रहे हैं ~ सर्वरसाभ्यासो बलकराणाम्न तथारः रसों का प्रतिदिन सेवन करने से देह ंतथा  विटामिनों से भरपूर हैं और इनसे ह्ोती है। आज की भाषा में ये॰ सभीररस ॰ मधुर आदि छहों पड़ता रहतो है। होती है, जिनकी प्रतिदिन शरीर को आवश्यकता সানতো ন্ধলে ম बलहानि शरौर के उन आवश्यक तत्त्वों की पूर्ति विधिस्त्याज्यः सेवनीयोडपरः क्रमात्।I ؟a ऋत्वोरन्यादिसम्ताहावृतुसन्धिरितिो  तत्र स्मृतः स्युः सहसा त्यागशीलनात्।[ sraiafiefa amna gaa aiiemnenifan  7: असात्म्यजा II 3 IL इति तृतीयोडध्यायः नाम ऋतुचर्या " सूत्रस्थाने प्रथमे का अन्तिम सप्ताह डैं। प्रथम ऋतु कभी मल्टीविटामिन खानेकीजरूरत नहींपड़ेगी| मिथुन,  कर्क मोन 4 तुला, वृश्चिक मध्य TTTT9TT দালুন; ঈন্ आषाढ़ , श्रावण எட अपराहकाल पूर्वाहकाल अर्धरात्रिन अर्थात् aক, মাম कष्टों स्वस्वाधिक्यमृतावृतौ  ||4৩ || नित्यं   सर्वरसाभ्यासः वे प्रायः ऋतुओं में प्रतिदिन सभनी ( छहों ) रसों का सेवन करेना चाहिए तथा किप आव्विन ೫ ಳ -निर्देश   सभी  रससेवन - निर्देश दिया गया है, उस-उस ऋतु में उस-उस रस का में जिन-जिन रसों के सेवन का विशेष 6 Td सेवन करना चाहिए।। ५७ ।। समर्थन महर्षि चरक इस प्रकार कहा है॰ इसका नित्यं सर्वरसाभ्यासः जो वाग्भट ने ২4/Y০ ) সথনি वक्तव्य   ऊपर एकरसाभ्यासो दौर्बल्यकराणाम् ( च.सू॰ इन्द्रियों काबल बढ़ता है॰ इसके विपरीते कर रहे हैं ~ सर्वरसाभ्यासो बलकराणाम्न तथारः रसों का प्रतिदिन सेवन करने से देह ंतथा  विटामिनों से भरपूर हैं और इनसे ह्ोती है। आज की भाषा में ये॰ सभीररस ॰ मधुर आदि छहों पड़ता रहतो है। होती है, जिनकी प्रतिदिन शरीर को आवश्यकता সানতো ন্ধলে ম बलहानि शरौर के उन आवश्यक तत्त्वों की पूर्ति विधिस्त्याज्यः सेवनीयोडपरः क्रमात्।I ؟a ऋत्वोरन्यादिसम्ताहावृतुसन्धिरितिो  तत्र स्मृतः स्युः सहसा त्यागशीलनात्।[ sraiafiefa amna gaa aiiemnenifan  7: असात्म्यजा II 3 IL इति तृतीयोडध्यायः नाम ऋतुचर्या " सूत्रस्थाने प्रथमे का अन्तिम सप्ताह डैं। प्रथम ऋतु - ShareChat
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