विवेक कुलकर्णी
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@dilse1432
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विवेक कुलकर्णी
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दिल से ...मैत्री, मस्ती आणि शेअरचॅट 👌
देसी स्वाद का खजाना है सत्तू, सेहत का ये सच्चा साथी है सत्तू। ठंडक दे तन को, ताकत दे मन को, हर घर की शान पुराना है सत्तू। 💛 📝 सामग्री: 2 कप चना (देसी काला चना) 1/2 कप जौ (वैकल्पिक) 1/2 कप गेहूं (वैकल्पिक) 👩‍🍳 बनाने की विधि: 1️⃣ चना भूनना: सबसे पहले चना साफ करके धूप में सुखा लें। कढ़ाई गरम करें और धीमी आंच पर चना लगातार चलाते हुए 15–20 मिनट तक भूनें। जब चना कुरकुरा और हल्का सुनहरा हो जाए, गैस बंद कर दें। 👉 अगर जौ और गेहूं डाल रहे हैं, तो उन्हें भी अलग-अलग इसी तरह भून लें। 2️⃣ ठंडा करना: भुने हुए चने को पूरी तरह ठंडा होने दें। 3️⃣ पीसना: मिक्सर ग्राइंडर या चक्की में भुना चना (और जौ/गेहूं) डालकर बारीक पीस लें। चाहें तो महीन छलनी से छान लें ताकि पाउडर बिल्कुल स्मूद बने। 4️⃣ स्टोर करना: तैयार सत्तू को एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें। यह 1–2 महीने तक आसानी से सुरक्षित रहता है। 🥤 सत्तू का शरबत बनाने का तरीका: नमकीन सत्तू: 2 चम्मच सत्तू 1 गिलास ठंडा पानी काला नमक, भुना जीरा पाउडर नींबू रस और बारीक कटा प्याज सबको अच्छे से मिलाएं और ठंडा-ठंडा परोसें। मीठा सत्तू: 2 चम्मच सत्तू 1 गिलास ठंडा पानी या दूध 1–2 चम्मच चीनी या गुड़ अच्छे से घोलकर सर्व करें। #fblifestylechallenge #niluskitchen #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #🌿आयुर्वेदा #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🎓जनरल नॉलेज #😇डोकं चालवा
🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 - Silus Kitchen होममेड सतू बनानो की रेसिपी Nilus Kitchen भुना हुआ चना १ किलो भुना हुआ जो 1/2 কিলী जीरा पाउडर २ बडे चम्मच अमचूर पाउडर चुना हुआ मक्का १ बडा चम्मच 1/4 কিলী 8fd काला नमक और धनिया १ बडा चम्मच 1/4 *q बारीक कटा प्याज १२ कप इस्तेमालः पानी , नमक, नींवू और प्याज के साथ Silus Kitchen होममेड सतू बनानो की रेसिपी Nilus Kitchen भुना हुआ चना १ किलो भुना हुआ जो 1/2 কিলী जीरा पाउडर २ बडे चम्मच अमचूर पाउडर चुना हुआ मक्का १ बडा चम्मच 1/4 কিলী 8fd काला नमक और धनिया १ बडा चम्मच 1/4 *q बारीक कटा प्याज १२ कप इस्तेमालः पानी , नमक, नींवू और प्याज के साथ - ShareChat
https://youtube.com/watch?v=XEg-4ASIWWo&si=IBIgNEV89Bt769mO #⚕️आरोग्य #🌿आयुर्वेदा #🎓जनरल नॉलेज #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃
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नई-नई शादी के बाद शारीरिक क्षमता (मर्दाना ताक़त) नई-नई शादी के बाद तंदरुस्त पति-पत्नी एक रात में 4 या 5 बार भी संबंध बना सकते हैं। यह बात हैरान करने वाली नहीं है। अगर शोध किया जाए तो ऐसे बहुत-से उदाहरण मिल जाएंगे। शादी के शुरुआती दिनों में कुछ समय तक रात में 2-3 बार संबंध बनाना ज़्यादातर दंपतियों के लिए सामान्य बात होती है। लेकिन जो लोग मर्दाना कमजोरी का शिकार होते हैं, उनके लिए हमने यहाँ 👉 मर्दाना कमजोरी के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज विस्तार से बताए हैं। मर्दाना कमजोरी के कारण (वजहें) मर्दाना कमजोरी होने के कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं: ज़िंदगी में ज़्यादा तनाव घर का छोटा होना, जिससे संबंध बनाते समय एकांत न मिलना आर्थिक परेशानियाँ अधूरा या गलत यौन ज्ञान मधुमेह (डायबिटीज़) बार-बार हस्तमैथुन गुप्त अंग पर चोट मोटापा संबंध बनाते समय डर या घबराहट बार-बार पेशाब आना बदहज़मी ज़्यादा शराब पीना यह बीमारी कभी मानसिक, कभी वीर्य की कमजोरी, तो कभी प्रजनन तंत्र की क्षति के कारण भी हो सकती है। मर्दाना कमजोरी के लक्षण संबंध बनाते समय लिंग में पूरा तनाव न आना उत्तेजना आते ही वीर्य का जल्दी निकल जाना पुरुष का शर्मिंदा और दुखी रहने लगना हर समय चिंताओं में डूबे रहना सिर चकराना दिल की धड़कन तेज़ हो जाना इन सब कारणों से व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान नज़र आने लगता है। फायदे ✔️ धातु रोग (जिरयान) का स्थायी इलाज ✔️ वीर्य को अत्यधिक ताक़त देता है ✔️ वीर्य की मात्रा बढ़ाकर गाढ़ापन लाता है ✔️ ज़्यादा संबंध बनाने से आई कमजोरी दूर करता है ✔️ मर्दाना कमजोरी खत्म कर जवानी बहाल करता है ✔️ संबंध के बाद कमजोरी महसूस नहीं होती ✔️ कुछ ही दिनों में असर दिखाता है ✔️ एक महीने के नियमित सेवन से खोई हुई ताक़त वापस आ जाती है सामग्री (Ingredients) गोंद सांभल / गोंद सेमल – 20 ग्राम समंदर सुख (समुंदर सोख / समुद्रफेन) – 20 ग्राम तेजसुघ / तेजसुक – 20 ग्राम बीज बंड – 20 ग्राम सफेद मूसली – 20 ग्राम काली मूसली – 20 ग्राम तालमखाना (फॉक्स नट / मखाना) – 20 ग्राम सालब मिश्री (सालम पंजा / सलप दाना) – 20 ग्राम गोंद छुहारा – 20 ग्राम सूखा सिंघाड़ा – 20 ग्राम बोपली / बबूल फल – 20 ग्राम गोंद बबूल – 20 ग्राम शतावरी – 20 ग्राम बहेमन लाल (बहेमन सुर्ख) – 20 ग्राम बहेमन सफेद – 20 ग्राम कौंच बीज (कपिकच्छु) – 20 ग्राम गोंद कतीरा – 20 ग्राम पीपल गोंद – 20 ग्राम कपास का बीज (मग़ज़ बनौला) – 20 ग्राम बनाने की विधि (तैयारी) सभी सामग्री को साफ़ करके अच्छी तरह सुखा लें फिर बारीक पीसकर चूर्ण बना लें सेवन विधि 👉 1 बड़ा चम्मच सुबह और शाम 👉 गुनगुने दूध के साथ सेवन करें ❣️ सबसे बेहतर इंसान वही है जो दूसरों को फायदा पहुँचाए ❣️ यह जानकारी सदक़ा-ए-जारिया है — नेक नीयत से आगे शेयर करें। #⚕️आरोग्य #🌿आयुर्वेदा #🎓जनरल नॉलेज #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स
⚕️आरोग्य - अब करो सेक्स UNLIMITED! संभोग का असली मजा आयेगा अबः कालीमिर्च सोफ सौफ নিলে எ अदरक सामग्रीः वैघ शक्तिवर्घक मिग्रण হামম १ चम्मच fafg: अदरक का रस - % चम्मच सथी चीज़ों को एक छोटे वाउल में तिल तेल - चुटकी भर शहद के माथ अच्छे रे मिलाएं, देशी घीं / वादाम तेल - १ चम्मच ताकि गाड़ा पेरट तेथार हो जाथे. लॉग (पाउडर) - Y४ चम्मच सेवनः कालीमिर्च पाउडर - Y४ चम्मच यह मिथण सत सोने से एक चंटे पहलेः गुनगुने हूय से लें, चम्पच लेकर इसतेमाल से मर्दाना, स्टेमिना, सेकस की तगड़ी मूख लगोगो! वेडरूग और कामेच्छा को तेजी से बढ़ाना है! अधिक जानकारी के लिए +91 9258246080 YES" लिखे अब करो सेक्स UNLIMITED! संभोग का असली मजा आयेगा अबः कालीमिर्च सोफ सौफ নিলে எ अदरक सामग्रीः वैघ शक्तिवर्घक मिग्रण হামম १ चम्मच fafg: अदरक का रस - % चम्मच सथी चीज़ों को एक छोटे वाउल में तिल तेल - चुटकी भर शहद के माथ अच्छे रे मिलाएं, देशी घीं / वादाम तेल - १ चम्मच ताकि गाड़ा पेरट तेथार हो जाथे. लॉग (पाउडर) - Y४ चम्मच सेवनः कालीमिर्च पाउडर - Y४ चम्मच यह मिथण सत सोने से एक चंटे पहलेः गुनगुने हूय से लें, चम्पच लेकर इसतेमाल से मर्दाना, स्टेमिना, सेकस की तगड़ी मूख लगोगो! वेडरूग और कामेच्छा को तेजी से बढ़ाना है! अधिक जानकारी के लिए +91 9258246080 YES" लिखे - ShareChat
गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी और मक्का की रोटी के फायदे गेहूं की रोटी गेहूं की रोटी सबसे सामान्य और पौष्टिक भोजन माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं। यह पाचन को बेहतर बनाती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। गेहूं में मौजूद आयरन और विटामिन B शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं। ज्वार की रोटी ज्वार की रोटी ग्लूटेन-फ्री होती है, इसलिए यह एलर्जी वाले लोगों के लिए अच्छी मानी जाती है। इसमें फाइबर अधिक होता है, जिससे पाचन मजबूत होता है और वजन नियंत्रित रहता है। यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में भी मदद करती है। बाजरे की रोटी बाजरे की रोटी शरीर को गर्म रखने में मदद करती है, इसलिए सर्दियों में इसे ज्यादा खाया जाता है। इसमें कैल्शियम, आयरन और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो हड्डियों और शरीर को मजबूत बनाते हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होती है। रागी की रोटी रागी कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है, जिससे हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं। इसमें आयरन और फाइबर भी होता है, जो खून बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद करता है। रागी की रोटी डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। मक्का की रोटी मक्का की रोटी फाइबर से भरपूर होती है, जिससे पाचन सही रहता है। यह शरीर को ऊर्जा देती है और आंखों की सेहत के लिए भी लाभदायक मानी जाती है। यह वजन नियंत्रित रखने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है। #gharelunuskhe #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #🎓जनरल नॉलेज #🌿आयुर्वेदा #⚕️आरोग्य
👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स - शरबू ஒஒீதசகி नुरखे गेढ़्रु की रोटी ~ 1 वदाए ! যুর্গৎ वजन वढाए, २ ज्वारकी रोटी ~ वजन कंट्रोल , राुगर कंट्रोल ! ३ वाजरे की रोटी - सर्दी से वयाए, शुगर वैलैरा करे ! रागी की रोटी - हड़डियों मजवूत करे , हारड़ BP संमाले ! मक्की की रोटी - एनर्जों वढ़ाए, ड्स्वुनिटी तुस्ट करे ! 5 वेसन की रोटी - मसल गेन के लिए वेरट ! 6 जो की रोटी - कोलेस्ट्रोल यटाए, पेट भरा रखे ! 8) গীমে কী হীর৫ী-ক লীম ম মনব্, নিল ক্কা মিনীমী ! ण से भरपूर ! मल्टीग्रेन रोटी - पावन पोसए सुथारे, 9 ०० चावल की रोटी - ग्त्वुटेन फ्री , हलकी और आसान ! कुद्रट्र की रोटी ~ व्रत मे वाकल दे, राुगर कंटोल करे ! ०२ सिंयाड़ै की रोटी ~ ठंडक दे, एसिडिटी ्मे राहत ! सोयावीन की रोटी - हा्ई प्रोटीन , मराल्ग्स केलिए वेरट ! 13 रोटी - वलड् शुगर रलो वदाए, पेट भरे ! १४ चना आटा १५ अमहरेय (राजगीरा) रोदी - आयरन र केलसिवम से भरपर शरबू ஒஒீதசகி नुरखे गेढ़्रु की रोटी ~ 1 वदाए ! যুর্গৎ वजन वढाए, २ ज्वारकी रोटी ~ वजन कंट्रोल , राुगर कंट्रोल ! ३ वाजरे की रोटी - सर्दी से वयाए, शुगर वैलैरा करे ! रागी की रोटी - हड़डियों मजवूत करे , हारड़ BP संमाले ! मक्की की रोटी - एनर्जों वढ़ाए, ड्स्वुनिटी तुस्ट करे ! 5 वेसन की रोटी - मसल गेन के लिए वेरट ! 6 जो की रोटी - कोलेस्ट्रोल यटाए, पेट भरा रखे ! 8) গীমে কী হীর৫ী-ক লীম ম মনব্, নিল ক্কা মিনীমী ! ण से भरपूर ! मल्टीग्रेन रोटी - पावन पोसए सुथारे, 9 ०० चावल की रोटी - ग्त्वुटेन फ्री , हलकी और आसान ! कुद्रट्र की रोटी ~ व्रत मे वाकल दे, राुगर कंटोल करे ! ०२ सिंयाड़ै की रोटी ~ ठंडक दे, एसिडिटी ्मे राहत ! सोयावीन की रोटी - हा्ई प्रोटीन , मराल्ग्स केलिए वेरट ! 13 रोटी - वलड् शुगर रलो वदाए, पेट भरे ! १४ चना आटा १५ अमहरेय (राजगीरा) रोदी - आयरन र केलसिवम से भरपर - ShareChat
गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी और मक्का की रोटी के फायदे गेहूं की रोटी गेहूं की रोटी सबसे सामान्य और पौष्टिक भोजन माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं। यह पाचन को बेहतर बनाती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। गेहूं में मौजूद आयरन और विटामिन B शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं। ज्वार की रोटी ज्वार की रोटी ग्लूटेन-फ्री होती है, इसलिए यह एलर्जी वाले लोगों के लिए अच्छी मानी जाती है। इसमें फाइबर अधिक होता है, जिससे पाचन मजबूत होता है और वजन नियंत्रित रहता है। यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में भी मदद करती है। बाजरे की रोटी बाजरे की रोटी शरीर को गर्म रखने में मदद करती है, इसलिए सर्दियों में इसे ज्यादा खाया जाता है। इसमें कैल्शियम, आयरन और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो हड्डियों और शरीर को मजबूत बनाते हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होती है। रागी की रोटी रागी कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है, जिससे हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं। इसमें आयरन और फाइबर भी होता है, जो खून बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद करता है। रागी की रोटी डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। मक्का की रोटी मक्का की रोटी फाइबर से भरपूर होती है, जिससे पाचन सही रहता है। यह शरीर को ऊर्जा देती है और आंखों की सेहत के लिए भी लाभदायक मानी जाती है। यह वजन नियंत्रित रखने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है। #gharelunuskhe #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🎓जनरल नॉलेज #🌿आयुर्वेदा #⚕️आरोग्य
🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 - शरबू ஒஒீதசகி नुरखे गेढ़्रु की रोटी ~ 1 वदाए ! যুর্গৎ वजन वढाए, २ ज्वारकी रोटी ~ वजन कंट्रोल , राुगर कंट्रोल ! ३ वाजरे की रोटी - सर्दी से वयाए, शुगर वैलैरा करे ! रागी की रोटी - हड़डियों मजवूत करे , हारड़ BP संमाले ! मक्की की रोटी - एनर्जों वढ़ाए, ड्स्वुनिटी तुस्ट करे ! 5 वेसन की रोटी - मसल गेन के लिए वेरट ! 6 जो की रोटी - कोलेस्ट्रोल यटाए, पेट भरा रखे ! 8) গীমে কী হীর৫ী-ক লীম ম মনব্, নিল ক্কা মিনীমী ! ण से भरपूर ! मल्टीग्रेन रोटी - पावन पोसए सुथारे, 9 ०० चावल की रोटी - ग्त्वुटेन फ्री , हलकी और आसान ! कुद्रट्र की रोटी ~ व्रत मे वाकल दे, राुगर कंटोल करे ! ०२ सिंयाड़ै की रोटी ~ ठंडक दे, एसिडिटी ्मे राहत ! सोयावीन की रोटी - हा्ई प्रोटीन , मराल्ग्स केलिए वेरट ! 13 रोटी - वलड् शुगर रलो वदाए, पेट भरे ! १४ चना आटा १५ अमहरेय (राजगीरा) रोदी - आयरन र केलसिवम से भरपर शरबू ஒஒீதசகி नुरखे गेढ़्रु की रोटी ~ 1 वदाए ! যুর্গৎ वजन वढाए, २ ज्वारकी रोटी ~ वजन कंट्रोल , राुगर कंट्रोल ! ३ वाजरे की रोटी - सर्दी से वयाए, शुगर वैलैरा करे ! रागी की रोटी - हड़डियों मजवूत करे , हारड़ BP संमाले ! मक्की की रोटी - एनर्जों वढ़ाए, ड्स्वुनिटी तुस्ट करे ! 5 वेसन की रोटी - मसल गेन के लिए वेरट ! 6 जो की रोटी - कोलेस्ट्रोल यटाए, पेट भरा रखे ! 8) গীমে কী হীর৫ী-ক লীম ম মনব্, নিল ক্কা মিনীমী ! ण से भरपूर ! मल्टीग्रेन रोटी - पावन पोसए सुथारे, 9 ०० चावल की रोटी - ग्त्वुटेन फ्री , हलकी और आसान ! कुद्रट्र की रोटी ~ व्रत मे वाकल दे, राुगर कंटोल करे ! ०२ सिंयाड़ै की रोटी ~ ठंडक दे, एसिडिटी ्मे राहत ! सोयावीन की रोटी - हा्ई प्रोटीन , मराल्ग्स केलिए वेरट ! 13 रोटी - वलड् शुगर रलो वदाए, पेट भरे ! १४ चना आटा १५ अमहरेय (राजगीरा) रोदी - आयरन र केलसिवम से भरपर - ShareChat
https://youtube.com/watch?v=sdMTVofqmNE&si=TYKonZhEJzDOWPhI #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #⚕️आरोग्य #🌿आयुर्वेदा #🎓जनरल नॉलेज #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स
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बबूल की फली हड्डियों को बज्र बनाता है टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने के लिए गठिया (अर्थराइटिस )जोड़ों का दर्द सूजन बवासीर पाचनतंत्र कमजोरी और शुगर को भी कंट्रोल करने में बहुत अच्छा काम करता है लिकोरिया को 48 घंटे में कंट्रोल करें माउथ#कैंसर में प्रयोग. बबूल का फल और नीम का फल समान मात्रा में लेकर लौंग इलायची डालकर पानी में गर्म करके गलाला करना चाहिए मुंह में गिरा कर घाव को धोना चाहिए दिन में तीन-चार बार करना चाहिए 48 घंटे में आपको राहत पता चल जाएगा इसमें उत्तम कोटि का कैल्शियम पाया जाता है बबूल के फल के कई औषधीय फायदे हैं जो आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख फायदे दिए गए हैं: 1. बवासीर (पाइल्स) में राहत*: बबूल के फल का उपयोग बवासीर के इलाज में किया जाता है। इसके फल का चूर्ण या काढ़ा बनाकर सेवन करने से बवासीर के लक्षणों में राहत मिलती है। 2. पाचन तंत्र की समस्याएं*: बबूल के फल में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह कब्ज, दस्त, और पेट दर्द जैसी समस्याओं में राहत प्रदान कर सकता है। 3. मधुमेह नियंत्रण*: बबूल के फल में #Roman्करा के स्तर को नियंत्रित करने वाले गुण होते हैं। इसका सेवन मधुमेह रोगियों के लिए लाभदायक हो सकता है। 4. त्वचा संबंधी समस्याएं*: बबूल के फल का उपयोग त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे कि एक्जिमा, मुंहासे, और घावों के इलाज में किया जा सकता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। 5. मुंह के स्वास्थ्य में सुधार*: बबूल के फल का उपयोग मुंह के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है। इसके एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद करते हैं और दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं। 6. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना*: बबूल के फल में विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं और शरीर को विभिन्न संक्रमणों से बचाते हैं। 7. महिलाओं के स्वास्थ्य में लाभ*: बबूल के फल का उपयोग महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी समस्याओं और श्वेत प्रदर जैसी समस्याओं के इलाज में किया जा सकता है। बबूल की फलियों का प्रयोग करते समय इनके बीज निकालने की आवश्यकता नहीं होती; पूरी फली को बीजों सहित ही सुखाकर चूर्ण बनाया जाता है। ​विभिन्न रोगों के लिए इसके सेवन की विधियाँ नीचे दी गई हैं: ​हड्डियों, जोड़ों और कमर दर्द: फली के बारीक चूर्ण को समान मात्रा में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम 1 चम्मच गुनगुने दूध के साथ लें। यह फ्रैक्चर जोड़ने और कैल्शियम की कमी दूर करने में रामबाण है। ​मुँह के रोग: फलियों को पानी में उबालकर उस काढ़े से कुल्ला (गरारे) करें। ​श्वेत प्रदर और स्वप्नदोष: फलियों के चूर्ण में पिसी हुई मिश्री मिलाकर ठंडे पानी या गाय के दूध के साथ नियमित सेवन करें। ​बवासीर और मधुमेह: बिना मिश्री मिलाया हुआ शुद्ध फली चूर्ण आधा चम्मच सुबह-शाम ताजे पानी के साथ लें। ​कैंसर: आयुर्वेद में इसे सहायक औषधि (Imunomodulator) के रूप में देखा जाता है, परंतु गंभीर रोगों में इसका प्रयोग केवल अनुभवी चिकित्सक की देखरेख में ही करें। सेवन करने की विधि. बबूल के फल को छाया में सुखाकर पाउडर बनाकर भी सेवन कर सकते हैं और ताजा का काढ़ा बनाकर भी सेवन कर सकते हैं लिकोरिया में ताजा फल को पीसकर मिश्री मिलाकर शर्बत बनाकर पीना चाहिए श्वेत प्रदर नष्ट हो जाता है 🌿 अगर यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो पोस्ट को लाइक,शेयर करें और हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें ताकि आप रोजाना ऐसे ही उपयोगी हेल्थ टिप्स की जानकारी पा सकें, धन्यवाद 🙏 | Dr.Satpal Singh #drsatpalsingh #viralpost2026シ #ayurvedatips #Viralシ #satpalsingh #trendingpost #viralpost #trendingviralpost #health #gharelunuskhe #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #🎓जनरल नॉलेज #🌿आयुर्वेदा #⚕️आरोग्य
🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃 - की फली है गम्भीर बबल बोमारियों का इलाज हड्डियां फौलाद बवासीर खत्म मधुमेह कैंसर रोग मुँह के रोग जोड़ों का दर्द कमर दर्द स्वपन्दोष श्वेत प्रदर DrSatpal Singh की फली है गम्भीर बबल बोमारियों का इलाज हड्डियां फौलाद बवासीर खत्म मधुमेह कैंसर रोग मुँह के रोग जोड़ों का दर्द कमर दर्द स्वपन्दोष श्वेत प्रदर DrSatpal Singh - ShareChat