जै जै श्री वृषभानुजा, नंद सुवन पद कंज।
रसिक जनन के मनन कों, करत रहो रस रंज ॥
वृषभानु दुलारी श्रीराधा और नंदनंदन श्रीकृष्ण के चरण-कमलों की जय-जयकार हो, जो रसिक जनों के मन को निरंतर प्रेम-रस में रंगते रहते हैं। #😊कृष्ण कथाएं #🌸 बोलो राधे राधे #🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏 राधा रानी