Gurcharan singh
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@gurcharn8293
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Gurcharan singh
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ਹਰ ਘਰ ਸੁੱਖ ਹੋਵੇ
#🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ - इन्द्रियाणि मनो बुद्धिरस्याधिष्ठानमुच्यते। एतैर्विमोहयत्येष ज्ञानमावृत्य  देहिनम्।। इन्दरियाँ, मन और बुद्धि- ये सब इसके वासस्थान कहे जाते हैं। यह काम इन मन बुद्धि और इन्द्रियपों द्वारा ही ज्ञान को आच्छादित करके जीवात्मा को मोहित करता है। इन्द्रियाणि मनो बुद्धिरस्याधिष्ठानमुच्यते। एतैर्विमोहयत्येष ज्ञानमावृत्य  देहिनम्।। इन्दरियाँ, मन और बुद्धि- ये सब इसके वासस्थान कहे जाते हैं। यह काम इन मन बुद्धि और इन्द्रियपों द्वारा ही ज्ञान को आच्छादित करके जीवात्मा को मोहित करता है। - ShareChat
#📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍
📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍ - ٣٥ हम नहीं कहते ৪স 34নী ঠিঠৌ কা हिस्सा बनाए रखना बस दूर होकर भी दूरिया ना लगे इतना सा रिस्ता बनाए रखना। ('@>@)0) MORNING ٣٥ हम नहीं कहते ৪স 34নী ঠিঠৌ কা हिस्सा बनाए रखना बस दूर होकर भी दूरिया ना लगे इतना सा रिस्ता बनाए रखना। ('@>@)0) MORNING - ShareChat
#🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ
🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ - Good night दर लगेगी मगर सही होगा हमे जा चाहिए वही होगा दिन बुरे र्है जिंदगी नही॰.. युही बुरे दिन कट जायेंगे. {ು  Good night दर लगेगी मगर सही होगा हमे जा चाहिए वही होगा दिन बुरे र्है जिंदगी नही॰.. युही बुरे दिन कट जायेंगे. {ು - ShareChat
#🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ #🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ
🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ - food Ioning food Ioning - ShareChat
#🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ - आवृतं ज्ञानमेतेन ज्ञानिनो नित्यवैरिणा। कामरूपेण कौन्तेय दुषपूरेणानलेन च।। और हे अर्जुन। इस अग्नि के समान कभी न पूर्ण होने वाले काम रूप ज्ञानियों के नित्य वैरी द्वारा मनुष्प का ज्ञान ढँका हुआ है आवृतं ज्ञानमेतेन ज्ञानिनो नित्यवैरिणा। कामरूपेण कौन्तेय दुषपूरेणानलेन च।। और हे अर्जुन। इस अग्नि के समान कभी न पूर्ण होने वाले काम रूप ज्ञानियों के नित्य वैरी द्वारा मनुष्प का ज्ञान ढँका हुआ है - ShareChat
#🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ
🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ - जय (धे श्री रध कृष्ण Good night जय (धे श्री रध कृष्ण Good night - ShareChat
#🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ #🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ
🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ - Good Mrning Good Mrning - ShareChat
#🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ - धूमेनाव्रियते वह्नि्यथादर्शो मलेन च। तेनेदमावृतम्।। यथोल्बेनावृतो गर्भस्तथा जिस प्रकार धुएँ से अग्नि और मैल से दर्पण ढँका जाता है तथा जिस प्रकार जेर से गर्भ ढँका रहता है, वैसे ही उस काम द्वारा यह ज्ञान ढँका रहता है DHAN NIRANKAR JI धूमेनाव्रियते वह्नि्यथादर्शो मलेन च। तेनेदमावृतम्।। यथोल्बेनावृतो गर्भस्तथा जिस प्रकार धुएँ से अग्नि और मैल से दर्पण ढँका जाता है तथा जिस प्रकार जेर से गर्भ ढँका रहता है, वैसे ही उस काम द्वारा यह ज्ञान ढँका रहता है DHAN NIRANKAR JI - ShareChat
#🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ - सदृशं चेष्टते खस्याः प्रकृतर्ज्ञानवानपि। निग्रहः किं करिष्यति।। ٦ भूतानि प्रकृतिं सभी प्राणी प्रकृति को प्राप्त होते हैं अर्थात अपने स्वभाव के परवश हुए कर्म करते हैं| ज्ञानवान् भी अपनी प्रकृति के अनुसार चेष्टा करता है। फिर इसमें किसी का हठ क्या करेगा सदृशं चेष्टते खस्याः प्रकृतर्ज्ञानवानपि। निग्रहः किं करिष्यति।। ٦ भूतानि प्रकृतिं सभी प्राणी प्रकृति को प्राप्त होते हैं अर्थात अपने स्वभाव के परवश हुए कर्म करते हैं| ज्ञानवान् भी अपनी प्रकृति के अनुसार चेष्टा करता है। फिर इसमें किसी का हठ क्या करेगा - ShareChat
#🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ #🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ
🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ - CuJ Slooniury CuJ Slooniury - ShareChat