Gurcharan singh
ShareChat
click to see wallet page
@gurcharn8293
gurcharn8293
Gurcharan singh
@gurcharn8293
ਹਰ ਘਰ ਸੁੱਖ ਹੋਵੇ
#📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍
📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍ - सुप्रभात जिनका हाथ खुद ऊपर वाला থান লনা ট, उनकी कश्तियाँ अपने आप किनारे लग जाती सुप्रभात जिनका हाथ खुद ऊपर वाला থান লনা ট, उनकी कश्तियाँ अपने आप किनारे लग जाती - ShareChat
#🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ
🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ - God 47// Crystalar God 47// Crystalar - ShareChat
#🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ #🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ
🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ - Geeal] II Lerwwq Gud C Sue O9ou Geeal] II Lerwwq Gud C Sue O9ou - ShareChat
#🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ #🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ
🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ - Zoodl or ninu Day Nice Zoodl or ninu Day Nice - ShareChat
#🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ - इन्दरिपस्पेन्द्रिपस्यार्थे रागद्वेषौ व्यवस्थितौ। तयपोर्न वशमागच्छेत्तौ ह्यस्य परिपन्थिनौ।। इन्द्रिय इन्द्रिय के अर्थ में अर्थात प्रत्येक इन्द्रिय के विषय में राग और द्वेष छिपे हुए स्थित है। मनुष्प को उन दोनों के वश में नहों होना चाहिए क्पोंकि वे दोनों ही इसके कल्याण मार्ग में विघ्न करने वाले महान् शत्रु है इन्दरिपस्पेन्द्रिपस्यार्थे रागद्वेषौ व्यवस्थितौ। तयपोर्न वशमागच्छेत्तौ ह्यस्य परिपन्थिनौ।। इन्द्रिय इन्द्रिय के अर्थ में अर्थात प्रत्येक इन्द्रिय के विषय में राग और द्वेष छिपे हुए स्थित है। मनुष्प को उन दोनों के वश में नहों होना चाहिए क्पोंकि वे दोनों ही इसके कल्याण मार्ग में विघ्न करने वाले महान् शत्रु है - ShareChat
#📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍
📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍ - सुप्रभात आत्मविश्वास जिंदगी की सबसे खूबसूरत सुबह होती है, जो आपके पूरे दिन को खूबसूरत बनाये रखती है. . .!! सुप्रभात आत्मविश्वास जिंदगी की सबसे खूबसूरत सुबह होती है, जो आपके पूरे दिन को खूबसूरत बनाये रखती है. . .!! - ShareChat
#🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ
🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ - 0@ IIGIII Sweet Oneams ] 0@ IIGIII Sweet Oneams ] - ShareChat
#🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ #🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ
🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ - @@ Zers Nomning Cood @@ Zers Nomning Cood - ShareChat
#🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ #🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ
🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ - (u @(uniun (u @(uniun - ShareChat
#🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ - सदृशं चेष्टते खस्याः प्रकृतर्ज्ञानवानपि। निग्रहः किं करिष्यति।। ٦ भूतानि प्रकृतिं सभी प्राणी प्रकृति को प्राप्त होते हैं अर्थात अपने स्वभाव के परवश हुए कर्म करते हैं| ज्ञानवान् भी अपनी प्रकृति के अनुसार चेष्टा करता है। फिर इसमें किसी का हठ क्या करेगा सदृशं चेष्टते खस्याः प्रकृतर्ज्ञानवानपि। निग्रहः किं करिष्यति।। ٦ भूतानि प्रकृतिं सभी प्राणी प्रकृति को प्राप्त होते हैं अर्थात अपने स्वभाव के परवश हुए कर्म करते हैं| ज्ञानवान् भी अपनी प्रकृति के अनुसार चेष्टा करता है। फिर इसमें किसी का हठ क्या करेगा - ShareChat