Gurcharan singh
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@gurcharn8293
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Gurcharan singh
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ਹਰ ਘਰ ਸੁੱਖ ਹੋਵੇ
#📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍
📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍ - की र्सतृुष्टि कै लिएक३ ६्मन ६अच्छे कामा करते रहना चाहिएक ६लोग चा्हे तारीफ करें द करेंफ 693 ಜ೯ಳಾಣ ಊಿಟ ६तलाशतै रहनै हैँl ಟgಳ @ 2٥ ٨ की र्सतृुष्टि कै लिएक३ ६्मन ६अच्छे कामा करते रहना चाहिएक ६लोग चा्हे तारीफ करें द करेंफ 693 ಜ೯ಳಾಣ ಊಿಟ ६तलाशतै रहनै हैँl ಟgಳ @ 2٥ ٨ - ShareChat
#🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ #🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ
🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ - 0000 NORNING 0000 NORNING - ShareChat
#🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ #🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ
🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ - IIlulilll {00 IIlulilll {00 - ShareChat
#🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ
🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ - Good Night Good Night - ShareChat
#🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ - # ರ್ಾತಾ சfசசிwர் m Hg & घऱ्यो्ट्टीभां # ರ್ಾತಾ சfசசிwர் m Hg & घऱ्यो्ट्टीभां - ShareChat
#🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ - पज्ञार्थात्कर्मणोजन्यत्र लोकोण्यं कर्मबंधनः | तदर्थ कर्म कौन्तेप मुक्तसंगः समाचर।| पज्ञ के निमित्त किए जाने वाले कर्मों से अतिरिक्त दूसरे कर्मो में लगा हुआ ही पह मुनष्प समुदाय कर्मों से बँधता है। इसलिए हे अर्जुन। तू आसक्ति से रहित होकर उस यज्ञ के निमित्त ही भलीभाति कर्तव्य कर्म कर पज्ञार्थात्कर्मणोजन्यत्र लोकोण्यं कर्मबंधनः | तदर्थ कर्म कौन्तेप मुक्तसंगः समाचर।| पज्ञ के निमित्त किए जाने वाले कर्मों से अतिरिक्त दूसरे कर्मो में लगा हुआ ही पह मुनष्प समुदाय कर्मों से बँधता है। इसलिए हे अर्जुन। तू आसक्ति से रहित होकर उस यज्ञ के निमित्त ही भलीभाति कर्तव्य कर्म कर - ShareChat
#📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍
📝 ਅੱਜ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ✍ - एक ताज़गी, एक एहसास. खूबसूरती, एक आस. एक (ಘು  विश्वास. एक आस्था, एक यही है एक अच्छे दिन की शुरुआत... सुप्रभात Good Morning एक ताज़गी, एक एहसास. खूबसूरती, एक आस. एक (ಘು  विश्वास. एक आस्था, एक यही है एक अच्छे दिन की शुरुआत... सुप्रभात Good Morning - ShareChat
#🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ #🌞ਸਵੇਰ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤੀ
🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ - Vi Clerning ( Vi Clerning ( - ShareChat
#🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ
🌙 ਗੁੱਡ ਨਾਇਟ - GOOD NIG HT GOOD NIG HT - ShareChat
#🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ - निपत कुरु कर्मचं कर्म ज्यापो : हयकमणः | शरीरपात्रापि च ते न प्रसिद्धपेदकर्मणः | त शस्त्रविहित कर्तवयकर्म कर व्पोकि कर्म न करने की अपेक्षा कर्म करना श्रेष्ठ है तथा कर्म 7 करने से तेर शरीर निर्वाह भी नहीं सिद्ध होगा निपत कुरु कर्मचं कर्म ज्यापो : हयकमणः | शरीरपात्रापि च ते न प्रसिद्धपेदकर्मणः | त शस्त्रविहित कर्तवयकर्म कर व्पोकि कर्म न करने की अपेक्षा कर्म करना श्रेष्ठ है तथा कर्म 7 करने से तेर शरीर निर्वाह भी नहीं सिद्ध होगा - ShareChat