वैद मुआ रोगी मुआ, मुआ सकल संसार।एक कबीरा ना मुआ, जेहि के राम अधार॥अर्थ:कबीर दास जी कहते हैं कि इलाज करने वाला वैद्य (डॉक्टर) भी मर गया, इलाज कराने वाला रोगी भी मर गया, और यह सारा संसार भी मर जाता है (अर्थात सब नश्वर हैं)। केवल कबीर (भक्त) नहीं मरता, यानी जिसने राम (ईश्वर) को अपना आधार बना लिया है, वह अमर हो जाता है क्योंकि उसका अहंकार और सांसारिक मोह नष्ट हो जाता है। #🙏गुरु महिमा😇