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एक कदम सत्य पहचान की ओर....
#😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👌रियलिटी शो
😎मोटिवेशनल गुरु🤘 - <H, नाजुक चीज़ किसी दूसरे के हवाले वापस तुम्हें थोड़े मिलेंगे. pT <H, नाजुक चीज़ किसी दूसरे के हवाले वापस तुम्हें थोड़े मिलेंगे. pT - ShareChat
#😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👌रियलिटी शो
😎मोटिवेशनल गुरु🤘 - मैं तो अपना काम कर रहा. तू कब से अपना काम करेगा. E मैं तो अपना काम कर रहा. तू कब से अपना काम करेगा. E - ShareChat
#😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #👌रियलिटी शो #✍मेरे पसंदीदा लेखक
😎मोटिवेशनल गुरु🤘 - अभी तक बस इतना सीखा, कभी भी अपने रास्ते से मत भटकना, [ चाहे कितना भी करीबी कोइ क्यूँ न हो, अगर भटकेगा तो, वो दिखावे वाले अपने , कहीं का नहीं छोड़ेंगे ! নুদ্ক अभी तक बस इतना सीखा, कभी भी अपने रास्ते से मत भटकना, [ चाहे कितना भी करीबी कोइ क्यूँ न हो, अगर भटकेगा तो, वो दिखावे वाले अपने , कहीं का नहीं छोड़ेंगे ! নুদ্ক - ShareChat
#😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👌रियलिटी शो
😎मोटिवेशनल गुरु🤘 - तूमसे अगर फायदे रहेंगे , तो तुम्हारी खूबियाँ गिनाई जायेगी, और जब फायदे खत्म , चारों तरफ करेंगे , तो भर-भर के बुराइयाँ  तूमसे अगर फायदे रहेंगे , तो तुम्हारी खूबियाँ गिनाई जायेगी, और जब फायदे खत्म , चारों तरफ करेंगे , तो भर-भर के बुराइयाँ - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #👌रियलिटी शो
✍मेरे पसंदीदा लेखक - इस धरती पर लोग, क़रीबी बनेंगे जरूर ___ लेकिन जब तक फायदे रहे तब तक, जब उससे ज्यादा कहीं फायदे दिखे , तो ऐसे रास्ते बदलेंगे और इल्ज़ाम भर-भर के लगाएंगे इस धरती पर लोग, क़रीबी बनेंगे जरूर ___ लेकिन जब तक फायदे रहे तब तक, जब उससे ज्यादा कहीं फायदे दिखे , तो ऐसे रास्ते बदलेंगे और इल्ज़ाम भर-भर के लगाएंगे - ShareChat
#😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👌रियलिटी शो
😎मोटिवेशनल गुरु🤘 - तुम्हारी मजबूरियाँ तो सुनेंगे लोग, लेकिन कम नहीं बल्की और बढा देंगे ! 0T तुम्हारी मजबूरियाँ तो सुनेंगे लोग, लेकिन कम नहीं बल्की और बढा देंगे ! 0T - ShareChat
#😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👌रियलिटी शो
😎मोटिवेशनल गुरु🤘 - ক্িষী ক বলন নুস, भी क्यूँ न जाओ, लेकिन बात अगर फायदे की हो, तो पहले फायदे देखेंगे बाद में जनाज़ा! ক্িষী ক বলন নুস, भी क्यूँ न जाओ, लेकिन बात अगर फायदे की हो, तो पहले फायदे देखेंगे बाद में जनाज़ा! - ShareChat
विदित है कि गांधी जी का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था और चूँकि उनके पिता दीवान थे, इसलिये उन्हें अन्य धर्मों के लोगों से मिलने का भी काफी अवसर मिला, उनके कई इसाई और मुस्लिम दोस्त थे। साथ ही गांधी जी अपनी युवा अवस्था में जैन धर्म से भी काफी प्रभावित थे। कई विश्लेषकों का मानना है कि गांधी जी ने ‘सत्याग्रह’ की अवधारणा हेतु जैन धर्म के प्रचलित सिद्धांत ‘अहिंसा’ से प्रेरणा ली थी। गांधी जी ने ‘भगवान’ को ‘सत्य’ के रूप में उल्लेखित किया था। उनका कहना था कि “मैं लकीर का फकीर नहीं हूँ।” वे संसार के सभी धर्मों को सत्य और अहिंसा की कसौटी पर कसकर देखते थे, जो भी उसमें खरा नहीं उतरता वे उसे अस्वीकार कर देते और जो उसमें खरा उतरता वे उसे स्वीकार कर लेते थे। गांधी जी के अनुसार, हमने धर्म को केवल खानपान का विषय बनाकर उसकी प्रतिष्ठा कम कर दी है। वे चाहते थे कि सभी धर्म के लोग अपने धर्म के साथ-साथ दूसरे धर्म के ग्रंथों और उनके अनुयायियों का भी आदर करें। #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👌रियलिटी शो
✍मेरे पसंदीदा लेखक - आजादी का कोई अर्थ नहीं है, यदि उसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हो. महात्मा गांधी आजादी का कोई अर्थ नहीं है, यदि उसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हो. महात्मा गांधी - ShareChat
महात्मा गांधी के सत्याग्रह को युद्ध के नैतिक विकल्प के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने आम जन को यह सिखाया कि सत्याग्रह का प्रयोग समस्या तथा संघर्ष के समाधान हेतु किस प्रकार किया जाता है। गांधी का सत्याग्रह राजनीतिक मुद्दों के निवारण हेतु एक प्रभावी साधन साबित हुआ है। युद्ध और शांति, आतंकवाद, मानवाधिकार, सतत विकास, जलवायु परिवर्तन, सामाजिक-राजनीतिक अशांति और राजनीतिक-प्रशासनिक भ्रष्टाचार से संबंधित समकालीन चुनौतियों में से कई को गांधीवादी तरीके से हल किया जा सकता है। अतः 21वीं सदी के लोगों के पास अभी भी गांधीवाद से सीखने के लिये बहुत कुछ सीखना बाकी है। #✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - एक सभ्य और आदर्श परिवार से बढ़कर कोई और विद्यालय नहीं है। एक अच्छे अभिभावक जैसा कोई अन्य शिक्षक नहीं हो सकता है। महात्मा गांधी एक सभ्य और आदर्श परिवार से बढ़कर कोई और विद्यालय नहीं है। एक अच्छे अभिभावक जैसा कोई अन्य शिक्षक नहीं हो सकता है। महात्मा गांधी - ShareChat
गांधी और सत्याग्रह गांधी जी ने अपनी संपूर्ण अहिंसक कार्य पद्धति को ‘सत्याग्रह’ का नाम दिया। उनके लिये सत्याग्रह का अर्थ सभी प्रकार के अन्याय, अत्याचार और शोषण के खिलाफ शुद्ध आत्मबल का प्रयोग करने से था। गांधी जी का कहना था कि सत्याग्रह को कोई भी अपना सकता है, उनके विचारों में सत्याग्रह उस बरगद के वृक्ष के समान था जिसकी असंख्य शाखाएँ होती हैं। चंपारण और बारदोली सत्याग्रह गांधी जी द्वारा केवल लोगों के लिये भौतिक लाभ प्राप्त करने हेतु नहीं किये गए थे, बल्कि तत्कालीन ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण रवैये का विरोध करने हेतु किये गए थे। सविनय अवज्ञा आंदोलन, दांडी सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन ऐसे प्रमुख उदाहरण थे जिनमें गांधी जी ने आत्मबल को सत्याग्रह के हथियार के रूप में प्रयोग किया। #👌रियलिटी शो #✍मेरे पसंदीदा लेखक
👌रियलिटी शो - cdd-cda भाषणों से कहीं अधिक मूल्यवान है इंच भर ChGd GIGI6ITI cdd-cda भाषणों से कहीं अधिक मूल्यवान है इंच भर ChGd GIGI6ITI - ShareChat