प्रेम तो भाव है जो शब्दों में बंधता ही नहीं है इसलिए प्रेम जितना गहरा होगा
उतना ही वो निःशब्द होगा
कहना चाहेगे बहुत कुछ
पर कह न पायेगे...
प्रेम ऐसी असहाय अवस्था है कि
शब्द ही नहीं बनते
आंसू झरक़र शायद कह पाएं
लेकिन कुछ कह नहीं पाते क्योंकि
प्रेम मै शब्दों पर हमारा बड़ा भरोसा है
और उन्हीं के सहारे हम जीते हैं
प्रेम तो नयनो की भाषा है
जिसे हम होठो से सुनना चाहते हैं।
प्रेम तो सदा से अनकहा हैं..!!
🩷🩵_____________💚💛____________💜❤️
#📽️रविवार शायरी✍️