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👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 - बीकानेर 28-02-2026 दैनिम भास्कर शारीरिक शिक्षकों सहित अन्य कार्मिकों को महात्मा गांधी में पदस्थापन का इंतजार स्कूलों  पीटीआई सहित चयनित दो सेशन,  एक अप्रैल से नया हजार कार्मिकों को 8 माह बाद भी नहीं मिली पोस्टिंग प्रथम चरण में ११५७६ शिक्षकों মএবন-এাবনব সন্ एजुकेशन रिपोर्टर | बीकानेर  কুলী : को मिली पोस्टिंग गतिविधियां प्रभावित राज्य के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कला मं पदस्थापन के लिए आयोजित चयन पराक्षा शिक्षा विभाग का ओर से प्रथम चरण म कवल शिक्षकों और कामिकों को इस कमी से महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पठन-पाठन और उत्तीर्ण करने वाले पोटीआई कम्प्यूटर अनुदेशक तृतोय श्रेणी शिक्षक, वरिष्ठ अध्यपकः व्याख्याता प्रयोगशाला सहायक लाइब्रेरियन सहित विभिन्न अन्य गतिविधिया प्रभावित हो रहो हे। विशेष और प्रधानाचार्य का हो पदस्थापन गहात्मा गांधी रूप से पोटीआई और कम्प्यूटर अनुदेशकों की कैडर के करीब दोहजार कार्मिकों को आठ माह अंग्रेजो माच्यम स्कलों में किया गया। इनमें लगभग  अनुपस्थिति से विद्यार्थियों के शारीरिक शिक्षा और  बाद भी॰ पदस्थापन नहीं किया गया। जिसका ७१ हजार ५७६ रिक्त पदों पर शिक्षकों का पोस्टिंग नुकसान इन स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को मिली। वहों॰ तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षकों सहित तकनीकी ज्ञान पर सीधा असर पड़ रहा है। अन्य गैर शेक्षणिक पदों पर चयनित अभ्यर्थी अव उठाना पड़ रहा हे। अप्रैल से शुरू होने जा रहा  चयन परीक्षा में न्यनतम प्रतिशत से अधिक বন্ধ পবম্থোপন স নবিন ট1 নযা ঘািমা মন্গ ক্ষে अंक अर्जित करने वाले च्यनित अनेक शिक्षक है। सरकार को चाहिए कि महात्मा गांधी अंग्रेजी नियुक्त आदेश को प्रतीक्षा कर रहे है। कर रहे हॅ। राज्य के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम 31  में चयनित शेष शिक्षकों को नए কুিলা माध्यम स्कूलों में पदस्थापन के लिए हुई चयन परीक्षा में सत्र से पर्वं पदस्थापन दिया जाए। जिससे इन इन स्कलों में चयन के लिए माध्यमिक शिक्षा स्कूलों में नामांकन वृद्धि हो सकें एवं इन स्कूलों निदेशालय की ओर से २५ अगस्त २०२४ को निर्धारित अंक हासिल करने के बाद भी पोटोआई चयन परीक्षा आयोजित को गई थो। परीक्षा मे में पढ रहे विद्यार्थियों को शिक्षक मिल सके। सहित कम्प्यूटर अनुदेशक , प्रयोगशाला सरायक  मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष   शिक्षक संघ रसरा  सफल अभ्यर्थियों से २१ जून तक ऑनलइन लाइबेरियन और तृतीय श्रेणी शिक्षक लेवल सेकंड  चिकल्प भी मांगे गए। लेकिन पदस्थापन प्रक्रिया में हिदी और सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षकों मिला  8| मे विलब के कारण पात्र अभ्यर्थी अबभी इंतजार  को आठ माह से अधिक का समय होने के बावजूद भी पदस्थापन नही पाया बीकानेर 28-02-2026 दैनिम भास्कर शारीरिक शिक्षकों सहित अन्य कार्मिकों को महात्मा गांधी में पदस्थापन का इंतजार स्कूलों  पीटीआई सहित चयनित दो सेशन,  एक अप्रैल से नया हजार कार्मिकों को 8 माह बाद भी नहीं मिली पोस्टिंग प्रथम चरण में ११५७६ शिक्षकों মএবন-এাবনব সন্ एजुकेशन रिपोर्टर | बीकानेर  কুলী : को मिली पोस्टिंग गतिविधियां प्रभावित राज्य के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कला मं पदस्थापन के लिए आयोजित चयन पराक्षा शिक्षा विभाग का ओर से प्रथम चरण म कवल शिक्षकों और कामिकों को इस कमी से महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पठन-पाठन और उत्तीर्ण करने वाले पोटीआई कम्प्यूटर अनुदेशक तृतोय श्रेणी शिक्षक, वरिष्ठ अध्यपकः व्याख्याता प्रयोगशाला सहायक लाइब्रेरियन सहित विभिन्न अन्य गतिविधिया प्रभावित हो रहो हे। विशेष और प्रधानाचार्य का हो पदस्थापन गहात्मा गांधी रूप से पोटीआई और कम्प्यूटर अनुदेशकों की कैडर के करीब दोहजार कार्मिकों को आठ माह अंग्रेजो माच्यम स्कलों में किया गया। इनमें लगभग  अनुपस्थिति से विद्यार्थियों के शारीरिक शिक्षा और  बाद भी॰ पदस्थापन नहीं किया गया। जिसका ७१ हजार ५७६ रिक्त पदों पर शिक्षकों का पोस्टिंग नुकसान इन स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को मिली। वहों॰ तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षकों सहित तकनीकी ज्ञान पर सीधा असर पड़ रहा है। अन्य गैर शेक्षणिक पदों पर चयनित अभ्यर्थी अव उठाना पड़ रहा हे। अप्रैल से शुरू होने जा रहा  चयन परीक्षा में न्यनतम प्रतिशत से अधिक বন্ধ পবম্থোপন স নবিন ট1 নযা ঘািমা মন্গ ক্ষে अंक अर्जित करने वाले च्यनित अनेक शिक्षक है। सरकार को चाहिए कि महात्मा गांधी अंग्रेजी नियुक्त आदेश को प्रतीक्षा कर रहे है। कर रहे हॅ। राज्य के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम 31  में चयनित शेष शिक्षकों को नए কুিলা माध्यम स्कूलों में पदस्थापन के लिए हुई चयन परीक्षा में सत्र से पर्वं पदस्थापन दिया जाए। जिससे इन इन स्कलों में चयन के लिए माध्यमिक शिक्षा स्कूलों में नामांकन वृद्धि हो सकें एवं इन स्कूलों निदेशालय की ओर से २५ अगस्त २०२४ को निर्धारित अंक हासिल करने के बाद भी पोटोआई चयन परीक्षा आयोजित को गई थो। परीक्षा मे में पढ रहे विद्यार्थियों को शिक्षक मिल सके। सहित कम्प्यूटर अनुदेशक , प्रयोगशाला सरायक  मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष   शिक्षक संघ रसरा  सफल अभ्यर्थियों से २१ जून तक ऑनलइन लाइबेरियन और तृतीय श्रेणी शिक्षक लेवल सेकंड  चिकल्प भी मांगे गए। लेकिन पदस्थापन प्रक्रिया में हिदी और सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षकों मिला  8| मे विलब के कारण पात्र अभ्यर्थी अबभी इंतजार  को आठ माह से अधिक का समय होने के बावजूद भी पदस्थापन नही पाया - ShareChat
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👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 - 28-02-2026 जयपुर ச মামক২ विज्ञात B कक्षा 8 में रिप्रोडक्शन विषय नहीं पढ़ा रहे शिक्षक. 3151 यौन शिक्षा; जिज्ञासु बच्चों को सही जवाब चाहिए शिक्षक असहज क्यों? गलत दिशा में जा रहे बच्चे सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पढ़ाने में ज्यादा  उदिषा पारीक | जयपुर एक्सपर्ट व्यू- झिझक तोड़नी होगी झिझक, नीट में भी केवल 3 प्रतिशत ही वेटेज को एजुकेशन स्कूलों में अलग क्लास हो व्यापक यौन शिक्षा का सासे जरूरा सजय पाराशा , सिटी कोऑर्डिनेटर सीयोएसई  के 5 विषय हे रिग्रोडवशन यानी प्रजनन। 8वों Tಗೆಸ್ನೇ; प्रधानाध्यापकों ने कक्षा में यह विषय है॰ क्योकि शारीरक २०१२ मे सीबोएसई ने एंसीलरी  बताया- शिक्षक इसे विषय को पढाने ' के बीच किशोर-किशोरिया मे मे असहज हे। महिला शिक्षक चैप्टर  एजुकेशन शुरू को। बच्चों को बदलावा होने वाली जिज्ञासा को सही दिशा में बीच में छोड़ देती हैं। पुरुष शिक्षक  शारीरिक बदलावां के बारे में बताया जाता है। लाइफ स्किल फिजिकल समझाया जा सके। लेकिन किताव का পনা না ননাঁ স ওাহলীল নান কনে पाठ किशोरवय स्ट्रूडेंट्स को टेक से के आरोप लगते हे। उधर   नीट में ३%  एजुकेशन दिया जाता है। नई शिक्षा पढ़ाया नही जा रहा। शर्म सामाजिक प्रश्न हो रिप्रोडक्शन से जुड़े रोते हैं। नीति के तहत यह पाठ पोपोटी , संकोच और पारपरिक सोच बच्च को ऐसे में अकादमिक स्तर पर भी इस  एनिमेटेड वीडियो॰. ग्राफिक के जरिए जिज्ञासा को रोक रहो है, उन्हें गल़त ट्रैक  चिषय को सोमित महत्व मिल पाता हे। भी पढा सकते है। सह शिक्षा (कोन एजुकेशन ) स्कूलों में इसे अधिक से अधूरो या गल़त जानकारी लेने पर 8वीं के बच्चों की बात सुनिए- मैम सवाल करने से रोकती हैं संवेदनशीलता सहजता से पढ़ाने के मजवूर कर रहो है। नतोजा- किशोखय के साथ यौन अपराध या यौन समस्याए। कुसुम : मैम ने क्लास में थोड़ा  बोली - बडे़े होकर समझोगे। लिए छात्र छात्राओं को अलग कक्षाएं ली जा सकती हे॰ ताकि विद्यार्थी बिना भास्कर ने २० सीबीएसई और सरकारी  तुहानी : टॉपिक कटवा दिया समझाया | कटानघरपरपढना। स्कूलं के कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों से अमित : मैम ने टापिक इस बार नहीं आएगा, प्लांट झिझक प्रश्न पूछ सकें और विषय को रीड किया। सवाल पूछने पर  बातचीत की। शेष | पेज 6 रिप्रोडक्शन पढ़ाया ह। बेहतर ढंग से समझ सकें। 28-02-2026 जयपुर ச মামক২ विज्ञात B कक्षा 8 में रिप्रोडक्शन विषय नहीं पढ़ा रहे शिक्षक. 3151 यौन शिक्षा; जिज्ञासु बच्चों को सही जवाब चाहिए शिक्षक असहज क्यों? गलत दिशा में जा रहे बच्चे सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पढ़ाने में ज्यादा  उदिषा पारीक | जयपुर एक्सपर्ट व्यू- झिझक तोड़नी होगी झिझक, नीट में भी केवल 3 प्रतिशत ही वेटेज को एजुकेशन स्कूलों में अलग क्लास हो व्यापक यौन शिक्षा का सासे जरूरा सजय पाराशा , सिटी कोऑर्डिनेटर सीयोएसई  के 5 विषय हे रिग्रोडवशन यानी प्रजनन। 8वों Tಗೆಸ್ನೇ; प्रधानाध्यापकों ने कक्षा में यह विषय है॰ क्योकि शारीरक २०१२ मे सीबोएसई ने एंसीलरी  बताया- शिक्षक इसे विषय को पढाने ' के बीच किशोर-किशोरिया मे मे असहज हे। महिला शिक्षक चैप्टर  एजुकेशन शुरू को। बच्चों को बदलावा होने वाली जिज्ञासा को सही दिशा में बीच में छोड़ देती हैं। पुरुष शिक्षक  शारीरिक बदलावां के बारे में बताया जाता है। लाइफ स्किल फिजिकल समझाया जा सके। लेकिन किताव का পনা না ননাঁ স ওাহলীল নান কনে पाठ किशोरवय स्ट्रूडेंट्स को टेक से के आरोप लगते हे। उधर   नीट में ३%  एजुकेशन दिया जाता है। नई शिक्षा पढ़ाया नही जा रहा। शर्म सामाजिक प्रश्न हो रिप्रोडक्शन से जुड़े रोते हैं। नीति के तहत यह पाठ पोपोटी , संकोच और पारपरिक सोच बच्च को ऐसे में अकादमिक स्तर पर भी इस  एनिमेटेड वीडियो॰. ग्राफिक के जरिए जिज्ञासा को रोक रहो है, उन्हें गल़त ट्रैक  चिषय को सोमित महत्व मिल पाता हे। भी पढा सकते है। सह शिक्षा (कोन एजुकेशन ) स्कूलों में इसे अधिक से अधूरो या गल़त जानकारी लेने पर 8वीं के बच्चों की बात सुनिए- मैम सवाल करने से रोकती हैं संवेदनशीलता सहजता से पढ़ाने के मजवूर कर रहो है। नतोजा- किशोखय के साथ यौन अपराध या यौन समस्याए। कुसुम : मैम ने क्लास में थोड़ा  बोली - बडे़े होकर समझोगे। लिए छात्र छात्राओं को अलग कक्षाएं ली जा सकती हे॰ ताकि विद्यार्थी बिना भास्कर ने २० सीबीएसई और सरकारी  तुहानी : टॉपिक कटवा दिया समझाया | कटानघरपरपढना। स्कूलं के कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों से अमित : मैम ने टापिक इस बार नहीं आएगा, प्लांट झिझक प्रश्न पूछ सकें और विषय को रीड किया। सवाल पूछने पर  बातचीत की। शेष | पेज 6 रिप्रोडक्शन पढ़ाया ह। बेहतर ढंग से समझ सकें। - ShareChat
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💼सरकारी सेवा और योजना 👷 - फैसला : रेलवे और भारतीय सेना का ` सहयोग ढांचा' शुरू बडा सैनिकों और अग्निवीरों को मिलेगा पूर्व रेलवे की नौकरी में विशेष आरक्षण १४,७८८ पद अधिसूचित पत्रिका ब्यूरो इतना मिलेगा आरक्षण patrika com वर्ष २०२४ और २०२५ में रेलवे की नई दिल्ली॰ भारतीय रेलवे और रिक्तियों में पूर्व सैनिकों के लिए कुल ০ পুর্ব মনিকী ঠ লিৎ भारतीय सेना ने पूर्व सैनिकों और अधिसूचित किए गए 14,788 46 अग्निवीरों के लिए सेवानिवृत्ति के লপল-1 20% जिनमें लेवल 1 के ६ ४८५ और बाद रोजगार के अवसर बढ़ाने के लेवल 2 व उससे ऊपर 10% लेवल 2 व उससे ऊपर के 8,३०३ उद्देश्य से एक नया  सहयोग ढांचा  पूर्व अग्निवीरों के लिए 2 पद शामिल हैं । इन पदों पर भर्ती  सैूिककै औरहै पूरईॅसके नदीरा ক্কী रेलवे भर्ती केंद्र ( आरआरसी) और लेवल 1 10% और पूर्व अग्निवीरों रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) के लेवल २ व उससे ऊपर 5% आरक्षण मिलेगा। चार साल के माध्यम से की जाती है। कार्यकाल के बाद सेना से छोड़ने ५,००० से अधिक पदों पर त्वरित भर्ती सेना   से নাল अग्निवीरों নথা सेवानिवृत होने वाले सैनिकों के रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ೯ लिए अच्छी खबर 46 रेलवे ने नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी पोस्ट में रेलवे ने बताया कि काफी 3ரளர் = 47 44 ಕ್ होने तक संविदा आधार पर पूर्व  संख्या में सैनिक नाविक और कार्यकाल इस वर्ष समाप्त वायुवैनिक अपेक्षाकृत कम उम्र में सैनिकों को पॉइंट्समैन के रूप में वाला है और इसे देखते हुए सेना " नियुक्त " करने का फैसला किया है।  पर्याप्त अनुभव और प्रबंधकीय क्षमता सेँवानिवृत्त होते हैं। सेवानिवृत्त  तथा रेलवे की यह पहल उन्हे राहत वर्तमान में ५ ००० से अधिक पदों पर के साथ देने वाली है। सेना ने सोशल कर्मियों का कल्याण भारतीय रेल की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। नौ मंडलों ने मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी। नीतियों का अहम हिस्सा है। इसके लिए सेना संगठनों के साथ फैसला : रेलवे और भारतीय सेना का ` सहयोग ढांचा' शुरू बडा सैनिकों और अग्निवीरों को मिलेगा पूर्व रेलवे की नौकरी में विशेष आरक्षण १४,७८८ पद अधिसूचित पत्रिका ब्यूरो इतना मिलेगा आरक्षण patrika com वर्ष २०२४ और २०२५ में रेलवे की नई दिल्ली॰ भारतीय रेलवे और रिक्तियों में पूर्व सैनिकों के लिए कुल ০ পুর্ব মনিকী ঠ লিৎ भारतीय सेना ने पूर्व सैनिकों और अधिसूचित किए गए 14,788 46 अग्निवीरों के लिए सेवानिवृत्ति के লপল-1 20% जिनमें लेवल 1 के ६ ४८५ और बाद रोजगार के अवसर बढ़ाने के लेवल 2 व उससे ऊपर 10% लेवल 2 व उससे ऊपर के 8,३०३ उद्देश्य से एक नया  सहयोग ढांचा  पूर्व अग्निवीरों के लिए 2 पद शामिल हैं । इन पदों पर भर्ती  सैूिककै औरहै पूरईॅसके नदीरा ক্কী रेलवे भर्ती केंद्र ( आरआरसी) और लेवल 1 10% और पूर्व अग्निवीरों रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) के लेवल २ व उससे ऊपर 5% आरक्षण मिलेगा। चार साल के माध्यम से की जाती है। कार्यकाल के बाद सेना से छोड़ने ५,००० से अधिक पदों पर त्वरित भर्ती सेना   से নাল अग्निवीरों নথা सेवानिवृत होने वाले सैनिकों के रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ೯ लिए अच्छी खबर 46 रेलवे ने नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी पोस्ट में रेलवे ने बताया कि काफी 3ரளர் = 47 44 ಕ್ होने तक संविदा आधार पर पूर्व  संख्या में सैनिक नाविक और कार्यकाल इस वर्ष समाप्त वायुवैनिक अपेक्षाकृत कम उम्र में सैनिकों को पॉइंट्समैन के रूप में वाला है और इसे देखते हुए सेना " नियुक्त " करने का फैसला किया है।  पर्याप्त अनुभव और प्रबंधकीय क्षमता सेँवानिवृत्त होते हैं। सेवानिवृत्त  तथा रेलवे की यह पहल उन्हे राहत वर्तमान में ५ ००० से अधिक पदों पर के साथ देने वाली है। सेना ने सोशल कर्मियों का कल्याण भारतीय रेल की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। नौ मंडलों ने मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी। नीतियों का अहम हिस्सा है। इसके लिए सेना संगठनों के साथ - ShareChat
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💼सरकारी सेवा और योजना 👷 - তরনিক 28-02-2026 जयपुर भास्कर ई२० पेट्रोल के साथ रॉन ९५ क्यों जरूरी बना, क्या फायदे होंगे? देशभर में 1 अप्रैल से ई२० पेट्रोल को नई दिल्ली आपूर्ति नए गुणवत्ता मानक रॉन १५ के साथ शुरू होने जा रही है। सरकार ने २०% एथनॉल वाले पेट्रोल के साथ रॉन १५ को अनिवार्य कर दिया है। जानते हैं कि॰ फैसला क्यों लिया गया और इसका आम वाहन 0 चालका पर क्या असर पडेगा ? ई२० पेट्रोल क्या है ? ई२० पेट्रोल में २०% एथरनोल और ८०% पेट्रोल होता  है। एथनॉल गन्ने या अनाज से बना बायो॰फ्यूल है जिससे कच्चे तेल का आयात व प्रदूषण कम होता है। रॉन-१५ का मतलब क्या होता है ? रॉन यानी रिसर्च ऑक्टेन नंबर। यह बताता है कि पेट्रोल इंजन में नकिंग ( झटके ) के खिलाफ कितना मजबूत है। रॉन जितना ज्यादा होता है, इंधन उतना बेहतर और नियंत्रित तरीके से जलता है। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स  के मुताबिक भारत में लंबे समय से रॉन-९१ पेट्रोल इस्तेमाल हुआ है। जब उसी बेस पर ई२० शुरू किया  तो कुछ बीएस४ और  बीएस॰ गाड़ियों शुरुआती  गया में माइलेज कम हुआ। इंजन में झटके महसूस हुए।  इसको वजह कम ऑक्टेन ओर ज्यादा एथनॉल था। रॉन १५ से समस्या कैेसे सुलझेगी ? इंजन विशेषज्ञ बताते हैं कि हाई ऑक्टेन फ्यूल में नॉकिंग कम होती है। इससे इंजन को इग्निशन टाइमिंग " पोछे नहीं करनी पडती। इससे स्मूद बेहतर எள் माइलेज और इंजन पर कम दबाव पड़ता है। यानी एथनॉल से होने वाला माइलेज लॉस अब कम होगा। अंतरराष्ट्रीय मानक से जुड़ा है ? কমলা নথা য हा। अमेरिका, यूरोप और ब्राजील जैसे देशों में एथनॉल  ब्लेंडिंग हाई ऑक्टेन पेट्रोल के साथ होती है। भारत अब उसी दिशा में बढ़ रहा है। सरकार क्या कहती है? पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार , ई२०  और रॉनन१५ से इंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।  माइलेज बढ़ेगा। वाहन चालकों का भरोसा बढ़ेगा। वाहन चालकों के लिए इसका अर्थ क्या है ? नई गा़ड़ियों में बेहतर परफॉर्मेस, माइलेज की शिकायतें कम होंगो। भविष्य के हाइब्रिड और टर्बो इंजन के लिए तैयार इधन उपलब्ध होगा। हाई ऑक्टेन से इंजन लाइफ बेहतर होती है। তরনিক 28-02-2026 जयपुर भास्कर ई२० पेट्रोल के साथ रॉन ९५ क्यों जरूरी बना, क्या फायदे होंगे? देशभर में 1 अप्रैल से ई२० पेट्रोल को नई दिल्ली आपूर्ति नए गुणवत्ता मानक रॉन १५ के साथ शुरू होने जा रही है। सरकार ने २०% एथनॉल वाले पेट्रोल के साथ रॉन १५ को अनिवार्य कर दिया है। जानते हैं कि॰ फैसला क्यों लिया गया और इसका आम वाहन 0 चालका पर क्या असर पडेगा ? ई२० पेट्रोल क्या है ? ई२० पेट्रोल में २०% एथरनोल और ८०% पेट्रोल होता  है। एथनॉल गन्ने या अनाज से बना बायो॰फ्यूल है जिससे कच्चे तेल का आयात व प्रदूषण कम होता है। रॉन-१५ का मतलब क्या होता है ? रॉन यानी रिसर्च ऑक्टेन नंबर। यह बताता है कि पेट्रोल इंजन में नकिंग ( झटके ) के खिलाफ कितना मजबूत है। रॉन जितना ज्यादा होता है, इंधन उतना बेहतर और नियंत्रित तरीके से जलता है। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स  के मुताबिक भारत में लंबे समय से रॉन-९१ पेट्रोल इस्तेमाल हुआ है। जब उसी बेस पर ई२० शुरू किया  तो कुछ बीएस४ और  बीएस॰ गाड़ियों शुरुआती  गया में माइलेज कम हुआ। इंजन में झटके महसूस हुए।  इसको वजह कम ऑक्टेन ओर ज्यादा एथनॉल था। रॉन १५ से समस्या कैेसे सुलझेगी ? इंजन विशेषज्ञ बताते हैं कि हाई ऑक्टेन फ्यूल में नॉकिंग कम होती है। इससे इंजन को इग्निशन टाइमिंग " पोछे नहीं करनी पडती। इससे स्मूद बेहतर எள் माइलेज और इंजन पर कम दबाव पड़ता है। यानी एथनॉल से होने वाला माइलेज लॉस अब कम होगा। अंतरराष्ट्रीय मानक से जुड़ा है ? কমলা নথা য हा। अमेरिका, यूरोप और ब्राजील जैसे देशों में एथनॉल  ब्लेंडिंग हाई ऑक्टेन पेट्रोल के साथ होती है। भारत अब उसी दिशा में बढ़ रहा है। सरकार क्या कहती है? पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार , ई२०  और रॉनन१५ से इंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।  माइलेज बढ़ेगा। वाहन चालकों का भरोसा बढ़ेगा। वाहन चालकों के लिए इसका अर्थ क्या है ? नई गा़ड़ियों में बेहतर परफॉर्मेस, माइलेज की शिकायतें कम होंगो। भविष्य के हाइब्रिड और टर्बो इंजन के लिए तैयार इधन उपलब्ध होगा। हाई ऑक्टेन से इंजन लाइफ बेहतर होती है। - ShareChat
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