❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
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🚩भगवा की ताकत के आगे, ब्रम्हांड भी सर झुकाता हैं,
#🚩जय श्रीराम🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸जय सिया राम #🪔दूसरा बड़ा मंगल🌸 #🔊सुन्दर कांड🕉️
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#🚩जय श्रीराम🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🔱हर हर महादेव #🙏गीता ज्ञान🛕
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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🪔दूसरा बड़ा मंगल🌸 #🚩जय श्रीराम🙏 #🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏 #🙏 देवी दर्शन🌸
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#🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏 #🙏 देवी दर्शन🌸 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🪔दूसरा बड़ा मंगल🌸 #🚩जय श्रीराम🙏
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भगवान श्री हरि का दिव्य रूप और शरणागति की महिमा ✨ क्या आपने कभी भगवान विष्णु के हाथों में सजे शंख, चक्र, गदा और पद्म के गहरे अर्थ को समझा है? आइए, आज इस अद्भुत दोहे के माध्यम से प्रभु के मनमोहक रूप और सच्ची भक्ति की शक्ति को जानें... 👇 🌺 "शंख चक्र गदा पद्म कर, पीतांबर की ओट। शरण आए जो प्रेम सों, लगे न दुख की चोट।" 🌺 🪷 पहला पद: भगवान का अलौकिक रूप प्रभु के चार हाथों में सुशोभित ये चार दिव्य आयुध केवल हथियार नहीं, बल्कि जीवन और सृष्टि के गहरे आयाम हैं: 🐚 शंख: ज्ञान और पवित्र ध्वनि का प्रतीक। ⚙️ चक्र: काल (समय) और न्याय का प्रतीक। 🛡️ गदा: असीम शक्ति और अहंकार के दमन का प्रतीक। 🌸 पद्म (कमल): पवित्रता, सौंदर्य और सृष्टि का प्रतीक। 💛 पीतांबर की ओट: भगवान विष्णु सदैव ज्ञान और पवित्रता के प्रतीक 'पीले वस्त्र' (पीतांबर) धारण करते हैं। प्रभु इसी दिव्य आभा में सुशोभित होकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। 🙏 दूसरा पद: सच्ची शरणागति और सुरक्षा शरण आए जो प्रेम सों: जब कोई व्यक्ति अपना सब कुछ छोड़कर, बिना किसी डर या दिखावे के, पूरी तरह से प्रेम और सच्चे हृदय से भगवान की शरण में आ जाता है... 🛡️ लगे न दुख की चोट: ...तो ऐसे भक्त को जीवन का कोई भी दुख, कष्ट या विपत्ति छू भी नहीं सकती! प्रभु स्वयं ढाल बनकर हर परिस्थिति में उसके रक्षक बन जाते हैं। 💡 सार (The Essence): जिस भगवान के हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म हैं, और जो दिव्य पीतांबर धारण किए हुए हैं, जो भी व्यक्ति उनके पास निश्छल प्रेम के साथ आता है, उसे जीवन में फिर कभी कोई दुःख नहीं पहुँच सकता। श्री हरि की भक्ति परम कल्याणकारी है और सभी कष्टों का अंत करने वाली है। प्रेम से बोलिए - राधे राधे 🙏🌺 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌸जय सिया राम #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌺 श्री गणेश #😇बुधवार भक्ति स्पेशल🌟 #🔱हर हर महादेव https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🌸जय सिया राम - कर शंख चक्र गढा पद्म पीतांबर की ओढा शरणा आए जौ प्रैम सौं ॰ लगै नाढुखकी चौटा राधै राधै कर शंख चक्र गढा पद्म पीतांबर की ओढा शरणा आए जौ प्रैम सौं ॰ लगै नाढुखकी चौटा राधै राधै - ShareChat
✨ उबलते तेल की सजा और भगवान के दर्शन की जिद: एक भक्त की रोंगटे खड़े कर देने वाली कथा! ✨ क्या आपने महाभारत काल के उस योद्धा की कहानी सुनी है, जिसने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए उबलते तेल के कड़ाहे में छलांग लगा दी थी? आइए, चम्पकपुरी के राजकुमार सुधन्वा की इस अद्भुत भक्ति-कथा को पढ़ें... 👇 ⚖️ १. पिता का कठोर आदेश और धर्म-संकट चम्पकपुरी के महाराजा हंसध्वज भगवान के अनन्य भक्त थे। जब पांडवों का अश्वमेध घोड़ा उनके राज्य में आया, तो राजा ने श्रीकृष्ण के दर्शन की लालसा में उसे रोक लिया। युद्ध की घोषणा हुई और राजा का सख्त आदेश था— "जो योद्धा समय पर रणभूमि में नहीं पहुंचेगा, उसे उबलते तेल के कड़ाहे में डाल दिया जाएगा।" राजा के छोटे पुत्र सुधन्वा अपनी पत्नी के आग्रह के कारण थोड़ा विलंब से पहुंचे। अनुशासन और मर्यादा के पक्के पिता ने बिना हिचकिचाहट अपने ही पुत्र को खौलते तेल में डालने का आदेश दे दिया! 🔥 २. खौलते तेल में 'हरि' नाम का चमत्कार मौत सामने थी, पर सुधन्वा तनिक भी नहीं घबराए। उन्होंने प्रभु 'हरि' का स्मरण किया और उबलते तेल के कड़ाहे में छलांग लगा दी! उनकी अटूट भक्ति के प्रताप से वह खौलता हुआ तेल एकदम शीतल हो गया। राजगुरु शंख को जब संदेह हुआ, तो उन्होंने परीक्षण के लिए तेल में एक नारियल फिंकवाया, जो भयंकर आवाज के साथ फट गया। यह देखकर गुरु को अपनी भूल का अहसास हुआ और पूरी सभा भक्त सुधन्वा के आगे नतमस्तक हो गई। ⚔️ ३. श्रीकृष्ण को बुलाने की जिद: अर्जुन से महासंग्राम कड़ाहे की अग्निपरीक्षा से सुरक्षित निकलकर सुधन्वा रणभूमि में पहुंचे। वहां उन्होंने अपने पराक्रम से पूरी पांडव सेना के छक्के छुड़ा दिए। सुधन्वा का लक्ष्य जीतना नहीं था, वे जानते थे कि यदि अर्जुन संकट में पड़ेंगे, तो उनके रक्षक साक्षात श्रीकृष्ण को आना ही पड़ेगा! और अंततः अर्जुन की रक्षा के लिए भगवान को रणभूमि में प्रकट होना पड़ा। 🏹 ४. टूट गए अर्जुन के बाण: जब टकराईं दो महान प्रतिज्ञाएं रणभूमि में क्रोधित अर्जुन ने तीन बाणों से सुधन्वा का सिर काटने की भयंकर प्रतिज्ञा कर ली। इधर, सुधन्वा ने भी संकल्प लिया कि वे उन तीनों बाणों को काट देंगे। भगवान ने स्वयं अपने पुण्यों का बल अर्जुन के बाणों को दे दिया, फिर भी सुधन्वा के 'एकपत्नीव्रत' और परम भक्ति के तेज ने अर्जुन के अचूक बाणों के भी टुकड़े-टुकड़े कर दिए! ✨ ५. प्रभु के चरणों में शीश और परम गति की प्राप्ति सुधन्वा ने बाण काटकर अपनी प्रतिज्ञा पूरी की, लेकिन तीसरे बाण के अग्रभाग में स्वयं भगवान सूक्ष्म रूप में स्थित थे, जिसने सुधन्वा का मस्तक काट दिया। सुधन्वा का कटा हुआ शीश सीधा भगवान श्रीकृष्ण के श्रीचरणों में जा गिरा। उनके मुख से एक दिव्य ज्योति निकली और साक्षात भगवान में विलीन हो गई। 💡 शिक्षा: सच्ची भक्ति में वो असीम शक्ति है जो उबलते तेल को भी चंदन सा शीतल कर सकती है। भगवान अपने भक्तों की निष्काम पुकार जरूर सुनते हैं। प्रेम से बोलिए - राधे राधे 🙏🌺 .. 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🔱हर हर महादेव #😇बुधवार भक्ति स्पेशल🌟 #🌸जय सिया राम #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌺 श्री गणेश https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🔱हर हर महादेव - SUDHANWAS TRIAL OF FAITH AND DEVOTION' VOWTO CUT ARJUNAS ARROWS THE CAULDRON TRIAL: BOILING OIL BECOMES COOL WATER ARJUNA'S VOW: THREE ARROWS FOR SUDHANWAS HEAD SUDHANWAS HEAD AT KRISHNAS LOTUS FEET: UNION WITHTHE DIVINE RADHE RADHE SUDHANWAS TRIAL OF FAITH AND DEVOTION' VOWTO CUT ARJUNAS ARROWS THE CAULDRON TRIAL: BOILING OIL BECOMES COOL WATER ARJUNA'S VOW: THREE ARROWS FOR SUDHANWAS HEAD SUDHANWAS HEAD AT KRISHNAS LOTUS FEET: UNION WITHTHE DIVINE RADHE RADHE - ShareChat
✨ सच्ची भक्ति का चमत्कार: जब दिल्ली के एक दर्जी का सिला तकिया सीधा भगवान जगन्नाथ के रथ पर पहुँच गया! ✨ भक्ति में इतनी शक्ति है कि मीलों दूर बैठा भक्त भी अपने भगवान को कुछ अर्पण करे, तो वह सीधा उनके श्रीचरणों में पहुँच जाता है। आइए, करीब 400 साल पुरानी एक अद्भुत और सत्य घटना पढ़ते हैं... 👇 🪡 १. कुरूप शरीर, लेकिन हृदय में साक्षात नारायण लगभग चार सौ वर्ष पूर्व दिल्ली में परमेष्ठी नाम के एक दर्जी रहते थे। शरीर से वे कुबड़े और कुरूप थे, लेकिन उनका हृदय भक्ति और पवित्रता से भरा था। उनकी सिलाई कला इतनी निपुण थी कि स्वयं बादशाह भी उन्हीं से वस्त्र सिलवाते थे। उनका हाथ भले ही सुई-धागे पर चलता था, पर मन हमेशा भगवान के नाम-जप में लीन रहता था। 👑 २. बादशाह का आदेश और भाव-समाधि एक बार बादशाह ने परमेष्ठी को कीमती रत्नों और मखमल से दो शानदार तकिए बनाने का आदेश दिया। जब तकिए तैयार हुए, तो परमेष्ठी को लगा— "इतनी सुंदर वस्तु तो केवल मेरे प्रभु जगन्नाथ के ही योग्य है!" उसी समय पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा चल रही थी। परमेष्ठी दिल्ली में बैठे-बैठे भाव-समाधि में चले गए और मानसिक रूप से रथयात्रा का दर्शन करने लगे। ✨ ३. एक अद्भुत चमत्कार और कालकोठरी की सजा भाव-समाधि में परमेष्ठी ने देखा कि प्रभु के रथ पर बिछा वस्त्र थोड़ा फट गया है। उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने भावावेश में आकर वह रत्नजटित तकिया प्रभु को अर्पित कर दिया। आँखें खुली तो चमत्कार हो चुका था! वह तकिया वास्तव में जगन्नाथपुरी में प्रभु के रथ पर पहुँच गया था और दिल्ली की दुकान से गायब हो गया। जब बादशाह ने तकिया माँगा, तो परमेष्ठी ने निडर होकर पूरा सच बता दिया। लेकिन अभिमानी बादशाह ने इसे चोरी समझकर परमेष्ठी को बेड़ियों में जकड़कर जेल में डाल दिया। 🛡️ ४. जब भक्त के लिए प्रभु ने काटी बेड़ियाँ! भगवान अपने सच्चे भक्त का अपमान कैसे सह सकते थे? रात के अंधेरे में कारागार में स्वयं भगवान ने दर्शन देकर परमेष्ठी की बेड़ियाँ काट दीं। उसी रात भगवान ने बादशाह को भी स्वप्न में दर्शन दिए और अपने निर्दोष भक्त को सताने के लिए उसे कड़ी फटकार लगाई। सुबह उठते ही भयभीत बादशाह दौड़ता हुआ आया, परमेष्ठी के चरणों में गिरकर क्षमा माँगी और उन्हें पूरे सम्मान के साथ आज़ाद किया। 🚶‍♂️ ५. मान-सम्मान से विरक्ति और सच्चा वैराग्य इस घटना के बाद पूरे राज्य में परमेष्ठी की जय-जयकार होने लगी। लेकिन एक सच्चे भक्त को झूठी ख्याति से क्या लेना-देना? अपनी मान-प्रतिष्ठा और जय-जयकार देखकर परमेष्ठी को ग्लानि होने लगी। दिखावे की इस दुनिया से दूर रहने के लिए उन्होंने उसी समय दिल्ली छोड़ दी और अपना शेष जीवन एकांत में प्रभु के भजन में बिता दिया। 💡 सार: ईश्वर केवल हमारे भाव के भूखे हैं। यदि हमारा प्रेम और समर्पण सच्चा है, तो भगवान हमारे हर कष्ट को हरने के लिए दौड़े चले आते हैं। प्रेम से बोलिए - राधे राधे 🙏🌺 जय जगन्नाथ! 🪷 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #😇बुधवार भक्ति स्पेशल🌟 #🌸जय सिया राम #🔱हर हर महादेव #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌺 श्री गणेश https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
😇बुधवार भक्ति स्पेशल🌟 - 'परमेष्ठी दर्जी की भक्ति कथा (Story रof Parmeshthi, the Devoted Tailor) बादशाह का आदेश और रत्जटित तकिए (The Emperor s Order & Gem studded Pillows) पुरी की रथयात्रा में चमत्कारिक अर्पण (Miraculous Offering in Puri Rath Yatra) Jaj प्रभु केवल सच्चे भाव के भूखे हैं! God only hungers for true Devotion! राधे राधे 'परमेष्ठी दर्जी की भक्ति कथा (Story रof Parmeshthi, the Devoted Tailor) बादशाह का आदेश और रत्जटित तकिए (The Emperor s Order & Gem studded Pillows) पुरी की रथयात्रा में चमत्कारिक अर्पण (Miraculous Offering in Puri Rath Yatra) Jaj प्रभु केवल सच्चे भाव के भूखे हैं! God only hungers for true Devotion! राधे राधे - ShareChat