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🚩भगवा की ताकत के आगे, ब्रम्हांड भी सर झुकाता हैं,
#🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🚩जय श्रीराम🙏 #👏भगवान विष्णु😇 #🌸जय सिया राम #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 - सुंदरकांड पढ़ने के अद्युत लाभ महत्वयूर्ण नियम 3R 3 মানখানী গী সন! सुंदरकांड सुंदरकांड केवल पाठ नहीं , यह संकटमोचन हनुमान जी की कृपा को बुलाने का शक्तिशाली माध्यम है। श्रद्घा , नियम और सावधानी के साथ करने से जीवन में अद्युत परिवर्तन आते हैं। पाठ ' UNFINISHED SCIENCE सुंदरकांड पढ़ने के प्रमूख लाभ और चिंता दूर १. संकटों से रक्षा 3. কাযী ৭ মক্লনা ४. शक्ति और साहस 2. 44 जीवन के हर प्रकार के संकट সানমিক 3ং ননান 311ং शारीरिक. मानसिक ओर रुके हुए काम बनने लगते हैं॰ और बाधाओं से हनुमान जी far HHIஎள8 सफलता ओर आत्मविश्वास आध्यात्मिक शक्ति में रक्षा करते हें। मन में शांति मिलती हें। वृद्धि होती है। बढता ह। সকি ৭ বৃল্লি में सुख- और बुद्धि ७. परिवार शांति ५. ज्ञान 6, ८. आरोग्य लाभ हनुमान जी के प्रति प्रेम और एर के कलह दूर होते हैं, प्रेम बुद्धि तेज होती है॰ सही निर्णय संवंधी समस्याओं में सवार्ख्य की क्षमता बढ़ती हैं। भक्ति गहरी होतो हैं। और सामंजस्य बढता ह। आराम और लाभ मिलता है। सुंदरकांड पढ़ने के 3 नियम सावधानी रखें যময কা নিযস पाठ के दौरान नकारात्मक विचार , क्रोध, लोभ, मोह से दूर रहें। सुबह ब्रह्नमुहूर्त (४ से 6 बजे ) या शाम को स्नान करके ही पाठ करें। पाठ करते समय मोबाइल , टोवी या अन्य व्यर्थ के कायीं से दूरी रखें। शुद्धता का नियम ) पाठ करने से पहले शरीर, मन और स्यान मांस , मद्यपान , लहसुन-प्याज का सेवन की शुद्घता रखें। सात्विक आहार लें। ना करें  सात्विक भोजन करें। नियमितता का नियम 3 हनुमान जी और सुंदरकांड का हमेशा रोजाना एक निखिव समय पर पाठ करें | सम्मान करें, मज़ाक या अनादर न करें। बीच में बिना कारण पाठ न छोड़ें | सच्ची श्रद्धा , नियम और सावधानी के साथ किया गया सुंदरकांड का पाठ, हनुमान जी की असीम कृपा दिलाता है। সয ঋী যাম जय हनुमाम सुंदरकांड पढ़ने के अद्युत लाभ महत्वयूर्ण नियम 3R 3 মানখানী গী সন! सुंदरकांड सुंदरकांड केवल पाठ नहीं , यह संकटमोचन हनुमान जी की कृपा को बुलाने का शक्तिशाली माध्यम है। श्रद्घा , नियम और सावधानी के साथ करने से जीवन में अद्युत परिवर्तन आते हैं। पाठ ' UNFINISHED SCIENCE सुंदरकांड पढ़ने के प्रमूख लाभ और चिंता दूर १. संकटों से रक्षा 3. কাযী ৭ মক্লনা ४. शक्ति और साहस 2. 44 जीवन के हर प्रकार के संकट সানমিক 3ং ননান 311ং शारीरिक. मानसिक ओर रुके हुए काम बनने लगते हैं॰ और बाधाओं से हनुमान जी far HHIஎள8 सफलता ओर आत्मविश्वास आध्यात्मिक शक्ति में रक्षा करते हें। मन में शांति मिलती हें। वृद्धि होती है। बढता ह। সকি ৭ বৃল্লি में सुख- और बुद्धि ७. परिवार शांति ५. ज्ञान 6, ८. आरोग्य लाभ हनुमान जी के प्रति प्रेम और एर के कलह दूर होते हैं, प्रेम बुद्धि तेज होती है॰ सही निर्णय संवंधी समस्याओं में सवार्ख्य की क्षमता बढ़ती हैं। भक्ति गहरी होतो हैं। और सामंजस्य बढता ह। आराम और लाभ मिलता है। सुंदरकांड पढ़ने के 3 नियम सावधानी रखें যময কা নিযস पाठ के दौरान नकारात्मक विचार , क्रोध, लोभ, मोह से दूर रहें। सुबह ब्रह्नमुहूर्त (४ से 6 बजे ) या शाम को स्नान करके ही पाठ करें। पाठ करते समय मोबाइल , टोवी या अन्य व्यर्थ के कायीं से दूरी रखें। शुद्धता का नियम ) पाठ करने से पहले शरीर, मन और स्यान मांस , मद्यपान , लहसुन-प्याज का सेवन की शुद्घता रखें। सात्विक आहार लें। ना करें  सात्विक भोजन करें। नियमितता का नियम 3 हनुमान जी और सुंदरकांड का हमेशा रोजाना एक निखिव समय पर पाठ करें | सम्मान करें, मज़ाक या अनादर न करें। बीच में बिना कारण पाठ न छोड़ें | सच्ची श्रद्धा , नियम और सावधानी के साथ किया गया सुंदरकांड का पाठ, हनुमान जी की असीम कृपा दिलाता है। সয ঋী যাম जय हनुमाम - ShareChat
#🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🚩जय श्रीराम🙏 #👏भगवान विष्णु😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸जय सिया राम
🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 - हनुमान जी के 7 01 যম ৪ 1೦ १२ दिव्य नाम किसने दिए ये नाम और इनका अर्थ हनुमान जी के ये १२ नाम उनके गुण, शक्ति और भक्तों के प्रति असीम प्रेम को दर्शाते हैं। 2 आंजनेय बजरंगबली महावीर মাফনি किसने दियाः किसने दियाः কিমন নিমা: किसने दियाः देवताओं ने ऋथियों ने भक्तों ने সানা গতনা 3থ: 3থ: अर्थः अर्थः महान वीर, अदनुत अंजना माता के वज के समान शरीर वायु पुत्र पराक्रमी वाले वलशाली (पवनपुत्र) 7 हनुमान 5 8 शंकरसुबन कध्शि যামনুন पवनसुत किसने दियाः किसने दियाः কিমন নিমা: किसने दियाः ऋषियों ने श्री राम ने পনন ঐব ন भगवान शिव ने 3থ: अर्थः 3থ: 3থ: राम जी के दूत, कपियों (वानरों ) पवन देव के शंकर जी के ఫTT संदेशवाहक अंश से उत्पन पुत्र 10 9 अमितविक्रम संकटमोचन भक्तवत्सल ज्ञानगुणसागर কিমন নিমা: किसने दियाः किसने दियाः किसने दियाः संतों ने देवताओं ने ऋथियों ने भक्तों ने अर्थः अर्थः अर्थः 318: ज्ञान और गुणों के सभी संकटों को भक्तों से प्रेम करे असीम शक्ति ओर पराक़्रम वाले दूर करने वाले वाले, दयालु अथाहः सागर का महत्य इन १२ नामों का स्मरण करने से साहस , बुद्धि, शक्ति, भक्ति और संकटों से मुक्ति मिलती हैं। हनुमान जी की कृपा से जीवन में सफलता और शांति आती हैं। इन नामों का स्मरण मंत्र आंजनेयाय विग्रहे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्।। (अर्थः हम आंजनेय हनुमान जी का ध्यान करते हैं, जो वायुपुत्र हैं, वे हमारी बुद्धि को प्रेरित करें ।) हनुमान जी के 7 01 যম ৪ 1೦ १२ दिव्य नाम किसने दिए ये नाम और इनका अर्थ हनुमान जी के ये १२ नाम उनके गुण, शक्ति और भक्तों के प्रति असीम प्रेम को दर्शाते हैं। 2 आंजनेय बजरंगबली महावीर মাফনি किसने दियाः किसने दियाः কিমন নিমা: किसने दियाः देवताओं ने ऋथियों ने भक्तों ने সানা গতনা 3থ: 3থ: अर्थः अर्थः महान वीर, अदनुत अंजना माता के वज के समान शरीर वायु पुत्र पराक्रमी वाले वलशाली (पवनपुत्र) 7 हनुमान 5 8 शंकरसुबन कध्शि যামনুন पवनसुत किसने दियाः किसने दियाः কিমন নিমা: किसने दियाः ऋषियों ने श्री राम ने পনন ঐব ন भगवान शिव ने 3থ: अर्थः 3থ: 3থ: राम जी के दूत, कपियों (वानरों ) पवन देव के शंकर जी के ఫTT संदेशवाहक अंश से उत्पन पुत्र 10 9 अमितविक्रम संकटमोचन भक्तवत्सल ज्ञानगुणसागर কিমন নিমা: किसने दियाः किसने दियाः किसने दियाः संतों ने देवताओं ने ऋथियों ने भक्तों ने अर्थः अर्थः अर्थः 318: ज्ञान और गुणों के सभी संकटों को भक्तों से प्रेम करे असीम शक्ति ओर पराक़्रम वाले दूर करने वाले वाले, दयालु अथाहः सागर का महत्य इन १२ नामों का स्मरण करने से साहस , बुद्धि, शक्ति, भक्ति और संकटों से मुक्ति मिलती हैं। हनुमान जी की कृपा से जीवन में सफलता और शांति आती हैं। इन नामों का स्मरण मंत्र आंजनेयाय विग्रहे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्।। (अर्थः हम आंजनेय हनुमान जी का ध्यान करते हैं, जो वायुपुत्र हैं, वे हमारी बुद्धि को प्रेरित करें ।) - ShareChat
#🪔मोहिनी एकादशी📿 🛑 क्या आप भी बाज़ार की केमिकल वाली धूपबत्ती इस्तेमाल कर रहे हैं? जानिए असली 'धूप' के चमत्कारिक फायदे और इसे घर पर बनाने की विधि! 🌿✨ हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान धूप और दीप का विशेष महत्व है। आजकल समय की कमी के कारण हम बाज़ार से जो खुशबूदार धूप लाते हैं, उनमें अक्सर हानिकारक केमिकल और गाड़ियों का जला हुआ काला तेल इस्तेमाल होता है! आइए शास्त्रों के अनुसार जानते हैं शुद्ध धूप के प्रकार, नियम और इसे घर पर बनाने का अचूक तरीका: 👇 🙏 धूप देने के खास और अचूक नियम: यदि आप रोज धूप नहीं दे पाते हैं, तो त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या और पूर्णिमा को सुबह-शाम धूप अवश्य दें। ध्यान रखें: सुबह की धूप देवताओं के लिए और शाम की धूप पितरों के लिए होती है। घर की सफाई के बाद, पवित्र होकर ईशान कोण (North-East) में धूप दें। धूप देते समय घर में पूर्ण शांति होनी चाहिए। ✨ विभिन्न प्रकार की धूप और उनके चमत्कारी लाभ: 🔥 1. कर्पूर और लौंग: रोज सुबह-शाम जलाने से घर का वास्तुदोष खत्म होता है और धन की बरकत होती है। 🌿 2. गुग्गल की धूनी: कंडे पर रखकर हफ्ते में 1 बार धूनी देने से गृहकलह शांत होता है और मानसिक शांति मिलती है। 💛 3. पीली सरसों का चमत्कर: सूर्यास्त के समय पीली सरसों, गुग्गल, लोबान और गौघृत को कंडे पर जलाने से घर की सारी नकारात्मकता दूर हो जाती है। 🍃 4. नीम के पत्ते: सप्ताह में एक या दो बार इसकी धूनी देने से रोगाणु और वास्तुदोष दोनों नष्ट होते हैं। 🌸 5. षोडशांग और दशांग धूप: शास्त्रों में वर्णित 16 और 10 जड़ी-बूटियों (जैसे- चंदन, जटामांसी, इलायची आदि) के इस मिश्रण को जलाने से घर में परम शांति आती है और आकस्मिक दुर्घटनाएं टलती हैं। 🥣 घर पर 'शुद्ध गौमय धूपबत्ती' बनाने की विधि: बाजार की मिलावट से बचें और घर पर शुद्ध धूप बनाएं! सामग्री: गोबर (100 ग्राम), लकड़ी कोयला (125g), नागरमोथा (125g), लाल चंदन (125g), जटामासी (125g), कपूर कांचली (100g), राल (250g), देसी घी (200g), चावल का धोवन (200g) और चंदन/केवड़ा तेल (20 ml)। कैसे बनाएं? इन सभी चीजों को मिलाकर आटे की तरह खूब अच्छी तरह गूंथ लें। जितना ज्यादा गूंथेंगे, धूपबत्ती उतनी ही अच्छी और मजबूत बनेगी। फिर इसे मनचाहा आकार देकर सुखा लें। 🌟 शुद्ध धूप जलाने के अद्भुत लाभ: पर्यावरण शुद्ध होता है और वातावरण के रोगाणु नष्ट होते हैं। घर की नकारात्मक ऊर्जा और ग्रह-नक्षत्रों के बुरे प्रभाव दूर होते हैं। पितृ दोष का शमन होता है। सबसे बड़ा लाभ: गाय के गोबर (गोमय) से बनी धूप का उपयोग करने से हमारी गौशालाएं स्वावलंबी बनेंगी और गौ-माता की रक्षा होगी! 🐄🙏 प्रकृति और धर्म से जुड़ी इस अनमोल जानकारी को सिर्फ अपने तक न रखें, इसे शेयर करके दूसरों को भी जागरूक करें। कमेंट्स में "जय गौ माता" या "हर हर महादेव" जरूर लिखें! 👇🙏 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🔱हर हर महादेव #🌷शुभ सोमवार #🙏शिव पार्वती https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🪔मोहिनी एकादशी📿 - धूप बत्तीः प्रकार , लाभ और निर्माण विधि प्रकारव महत्त्व शोदशंग धूप' दशंग धूप ' जटानांसी si  गुगाल यननान गुगाल यनान गानााली जापाती সাসানী कापुर OI mm? यतमांसी గగా बणाने  সীণয যামনাম चिवन Morning Evening गुजगुतना गेदन गुतागल  Pitras | Devatas  शुद्घ धूपः आध्यात्पिक व स्वास्थ्य लाभ Peaceful Removes mind' nesative enerBy निर्माण विधि गोबर = कोयला =೫1 = जटामांसी = चंदन जितनी ज्यादा मेहनत , उतना अच्छा परिणाम! = तेल में सुखाएं அI तुलना या & मुख्य लाभ शुद्ध गौमय धूप बाज़ार की केमिकल धूप पर्नावरग्हण पुष्टिकत रहस्पारितेरर सुरुयों दस्तोर गरर्ण पूर्षूषण  मानसिक शाति মাননিক নিনস गृह शुद्धि व स्वास्थ्य रक्षण गाँऊ शाला सहपार्ट गातकार दामाय गौमय धूप अपनाएं, गौ माता की रक्षा करें! धूप बत्तीः प्रकार , लाभ और निर्माण विधि प्रकारव महत्त्व शोदशंग धूप' दशंग धूप ' जटानांसी si  गुगाल यननान गुगाल यनान गानााली जापाती সাসানী कापुर OI mm? यतमांसी గగా बणाने  সীণয যামনাম चिवन Morning Evening गुजगुतना गेदन गुतागल  Pitras | Devatas  शुद्घ धूपः आध्यात्पिक व स्वास्थ्य लाभ Peaceful Removes mind' nesative enerBy निर्माण विधि गोबर = कोयला =೫1 = जटामांसी = चंदन जितनी ज्यादा मेहनत , उतना अच्छा परिणाम! = तेल में सुखाएं அI तुलना या & मुख्य लाभ शुद्ध गौमय धूप बाज़ार की केमिकल धूप पर्नावरग्हण पुष्टिकत रहस्पारितेरर सुरुयों दस्तोर गरर्ण पूर्षूषण  मानसिक शाति মাননিক নিনস गृह शुद्धि व स्वास्थ्य रक्षण गाँऊ शाला सहपार्ट गातकार दामाय गौमय धूप अपनाएं, गौ माता की रक्षा करें! - ShareChat
#🙏शिव पार्वती 🔱 क्या आप जानते हैं भगवान शिव की हमेशा 'आधी परिक्रमा' ही क्यों की जाती है? अधिकांश लोग नहीं जानते इसके पीछे का यह गहरा रहस्य! 🙏✨ (पूरा पढ़ें और सही तरीका जानें) 👇 💧 १. सोमसूत्र क्या है? शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल जिस मार्ग (जलधारी/निर्मली) से बहकर बाहर निकलता है, उसे 'सोमसूत्र' कहा जाता है। शास्त्रों का स्पष्ट आदेश है कि शिव जी की परिक्रमा करते समय इस सोमसूत्र को कभी लांघना नहीं चाहिए। 🚫 २. सोमसूत्र को लांघना वर्जित क्यों है? इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण है: सोमसूत्र में अत्यधिक ऊर्जा (शक्ति-स्रोत) प्रवाहित होती है। जब कोई व्यक्ति इसे लांघता है, तो उसके पैरों के बीच से यह ऊर्जा टकराती है। इसका हमारे शरीर की 5 अंतस्थ वायु (विशेषकर देवदत्त और धनंजय वायु) और हमारे शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसलिए इसे पार करने से दोष लगता है। 🔄 ३. परिक्रमा करने का सही तरीका क्या है? हमेशा भगवान शिवलिंग की परिक्रमा बाईं ओर (Left side) से शुरू करें। परिक्रमा करते हुए जलाधारी (जहाँ से जल गिरता है) तक जाएँ, लेकिन उसे पार न करें। वहीं से वापस मुड़ें और विपरीत दिशा में लौटकर दूसरे सिरे तक आकर अपनी परिक्रमा पूरी करें। इसी को 'अर्ध चंद्राकार परिक्रमा' कहते हैं। 🌙 🍃 ४. क्या इसका कोई अपवाद है? शास्त्रों में उल्लेख है कि यदि सोमसूत्र किसी तिनके, लकड़ी, पत्ते, पत्थर या ईंट से ढका हुआ हो, तो उसे लांघने का दोष नहीं लगता। फिर भी, सामान्य नियम के रूप में ‘शिवस्यार्ध प्रदक्षिणा’ यानी शिव की आधी परिक्रमा का ही पालन करना श्रेष्ठ है। क्या आपको दर्शन करने का यह सही तरीका पहले से पता था? कमेंट्स में "हर हर महादेव" 🔱 लिखकर अपनी हाजिरी लगाएं! इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने परिवार और मित्रों के साथ जरूर शेयर (Share) करें ताकि सभी सही विधि से पूजा कर सकें। 🙏👇 ।। ॐ नमः शिवाय ।। ।। हर हर महादेव ।। . !! जय जय श्री महाकाल !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌷शुभ सोमवार #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🔱हर हर महादेव #🕉️सनातन धर्म🚩 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🙏शिव पार्वती - शिव की अर्ध परिक्रमाः रहस्य और विधान शिव की अर्ध परिक्रमा विधान सोमसूत्र (Som सूत्र) क्या है? सोमसूत्र (बहता जल मार्ग) शिवलिंग से निकलने वाले जल का मार्ग। হ্মী কল্পী লাঁঘনা नहीं चाहिए। क्यों नहीं लाँघते सोमसूत्र? वायु प्रवाह में ऊर्जा का प्रवाह र्क्या का एवाः रुकावट सोमसूत्र में शक्ति सोत होता शरीर व मन है, इसे लाँघने से वायु प्रवाह पर gT3RR विपरीत प्रभाव पड़ता है। aழg ५अंतस्थ (दिवदत्त , धनंजय ) परिक्रमा कैसे करें? (सही तरीका) 38 चंद्राकार मार्ग 3٤- जलधारी पर रुकें बाई ओरसे और वापस लोटें शुरू करें अर्ध परिक्रमा पूर्ण तब लाँघ सकते हैं तृण काष्ठ 7 पत्ता (अपवाद) पत्थर यदि ढका हो तो दोष नहीं $ लेकिन अर्ध प्रदक्षिणा श्रेष्ठ है। शिवस्यार्ध प्रदक्षिणा' का पालन करें। हर हर महादेव शिव की अर्ध परिक्रमाः रहस्य और विधान शिव की अर्ध परिक्रमा विधान सोमसूत्र (Som सूत्र) क्या है? सोमसूत्र (बहता जल मार्ग) शिवलिंग से निकलने वाले जल का मार्ग। হ্মী কল্পী লাঁঘনা नहीं चाहिए। क्यों नहीं लाँघते सोमसूत्र? वायु प्रवाह में ऊर्जा का प्रवाह र्क्या का एवाः रुकावट सोमसूत्र में शक्ति सोत होता शरीर व मन है, इसे लाँघने से वायु प्रवाह पर gT3RR विपरीत प्रभाव पड़ता है। aழg ५अंतस्थ (दिवदत्त , धनंजय ) परिक्रमा कैसे करें? (सही तरीका) 38 चंद्राकार मार्ग 3٤- जलधारी पर रुकें बाई ओरसे और वापस लोटें शुरू करें अर्ध परिक्रमा पूर्ण तब लाँघ सकते हैं तृण काष्ठ 7 पत्ता (अपवाद) पत्थर यदि ढका हो तो दोष नहीं $ लेकिन अर्ध प्रदक्षिणा श्रेष्ठ है। शिवस्यार्ध प्रदक्षिणा' का पालन करें। हर हर महादेव - ShareChat
#🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 🔱 महादेव के 14 अचूक और चमत्कारी उपाय, जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत! ✨ क्या आप भी स्वास्थ्य, धन, विवाह या शनि दोष जैसी समस्याओं से परेशान हैं? शिव पुराण में बताए गए ये सरल उपाय आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं। (इसे सेव जरूर कर लें) 👇 पोस्ट का मुख्य हिस्सा: १. 🤲 किस्मत बदलने का उपाय: जब भी आप महादेव का जलाभिषेक करें, तो उस दौरान शिवलिंग को अपने दोनों हाथों से अच्छी तरह रगड़ें। यह सरल उपाय आपके सोए हुए भाग्य को जगा सकता है। २. 🚗 वाहन प्राप्ति का योग: यदि आप अपना वाहन (गाड़ी) चाहते हैं, तो रोज़ शिवलिंग पर चमेली का फूल चढ़ाएं और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करें। शीघ्र ही वाहन प्राप्ति के योग बनेंगे। ३. 🪔 मनोकामना पूर्ति का उपाय: यदि आपको किसी सुनसान जगह पर भगवान शिव का मंदिर दिखे, तो वहां एक दीपक जलाकर आएं और अपनी प्रार्थना करें। आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी। ४. 🍃 शिव कृपा के लिए बिल्वपत्र: बिल्वपत्रों पर चंदन से "ॐ नमः शिवाय" लिखें और उनकी माला बनाकर भगवान शिव को अर्पित करें। (ध्यान रखें: पत्ते कहीं से भी कटे-फटे नहीं होने चाहिए।) ५. 📚 ज्ञान और विद्या में वृद्धि: एक तांबे के लोटे में कच्चा दूध और थोड़ी शक्कर मिलाकर भगवान शिव को अर्पित करें। इससे माता सरस्वती का आशीर्वाद मिलता है और ज्ञान में वृद्धि होती है। ६. ⚕️ बीमारियों से मुक्ति: लंबे समय से बीमार हैं और दवाइयां असर नहीं कर रही हैं? पानी में दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। सभी रोग और कष्ट दूर हो जाएंगे। ७. 💑 वैवाहिक जीवन की बाधाएं: केसर मिश्रित जल से शिवलिंग का जलाभिषेक करें। इससे विवाह में आ रही अड़चनें और दांपत्य जीवन की समस्याएं तुरंत दूर होती हैं। ८. 🌑 शनि दोष से राहत: अगर कुंडली में शनि दोषयुक्त है या पीड़ा दे रहा है, तो शिवलिंग पर काले तिल मिलाकर जल चढ़ाएं। इससे तुरंत शांति और राहत मिलेगी। ९. 🌿 लंबी उम्र का वरदान: दीर्घायु के लिए शिवलिंग पर दूब (दूर्वा) अर्पित करनी चाहिए। इससे भगवान शिव के साथ-साथ श्री गणेश जी की भी कृपा प्राप्त होती है। १०. 🌸 हर इच्छा होगी पूरी: नियमित रूप से आंकड़े (मदार) के फूलों की माला बनाकर शिवलिंग पर अर्पित करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ११. 🔴 मंगल दोष की शांति: पके हुए चावलों से शिवलिंग का श्रृंगार कर भगवान भोलेनाथ की पूजा करें। यह उपाय कुंडली के मंगल दोष को शांत करता है। १२. 💰 घर में स्थाई लक्ष्मी का वास: धन-समृद्धि के लिए शिवलिंग पर चावल (अक्षत) चढ़ाएं। ध्यान रखें कि चावल अखंडित हों (टूटे हुए न हों)। इससे शिवजी के साथ माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है। १३. 🛡️ अचानक आए कष्टों का निवारण: महादेव के निमित्त नियमित रूप से सवा किलो, सवा पांच किलो, 11 किलो या 21 किलो गेहूं अथवा चावल का दान करें। इससे हर प्रकार की बाधाएं और संकट टल जाते हैं। १४. 👨‍👩‍👧‍👦 संतान की सफलता: शिवलिंग पर रोज़ धतूरा चढ़ाने से घर और संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। यह उपाय संतान को उनके सभी कार्यों में सफलता दिलाता है। आप आज कौन सा उपाय आजमाने जा रहे हैं? कमेंट्स में "हर हर महादेव" 🔱 या "ॐ नमः शिवाय" लिखकर अपनी हाज़िरी ज़रूर लगाएं! 👇💬 इस लाभकारी जानकारी को अपने परिवार और मित्रों के साथ शेयर (Share) करें ताकि उन पर भी शिव जी की कृपा बनी रहे। 🔄 ।। ॐ नमः शिवाय ।। ।। हर हर महादेव ।। . !! जय जय श्री महाकाल !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌷शुभ सोमवार #🔱हर हर महादेव #🕉️सनातन धर्म🚩 #👏भगवान विष्णु😇 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 - ॰महादेव के १४ अचूक उपाय जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत!' সাদি किस्मत बदलना वाहन 1 2 ँ नमः शिवाय' जर्पें হিনলিয কী ফাই किस्मत बदलेगी सुनसान मंदिर में दीपक बिल्वपत्र माला 4 3 सुनसान शिव मंदिर 3ঁ নম: থিনায' में दीपक जलाएँ लिखे बिल्वपत्र बीमारियां दूर 5 ज्ञान वृद्धि 6 कच्चा दूध और বুধ, কাল নিল शक्कर अर्पित करें मिला जल चढ़ाएँ নিনাচ মসযযোভ शनि दोष शांत 7 8 কাল নিল মিলা কময সিঞ্সিন সল ম 3ঞ্মিঐক जल चढ़ाए ७  सभी मनोकामनाएं लंबी उम्र 9 आंकड़े के फूलों शिवलिंग पर दूब अर्पित करें की माला चढाएँ লঃসী নিনাম मंगल दोष शांत 12 पके चावलों से अखंडित चावल श्रृंगार करें (अक्षत) चढ़ाए दान कष्टों से मुक्ति संतान सफलता 14 13 गेहूं या 7 शिवलिंग पर चावल रोज़ धतूरा चढ़ाएँ का दान करें हर हर महादेव 35 নসঃথিবায ॰महादेव के १४ अचूक उपाय जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत!' সাদি किस्मत बदलना वाहन 1 2 ँ नमः शिवाय' जर्पें হিনলিয কী ফাই किस्मत बदलेगी सुनसान मंदिर में दीपक बिल्वपत्र माला 4 3 सुनसान शिव मंदिर 3ঁ নম: থিনায' में दीपक जलाएँ लिखे बिल्वपत्र बीमारियां दूर 5 ज्ञान वृद्धि 6 कच्चा दूध और বুধ, কাল নিল शक्कर अर्पित करें मिला जल चढ़ाएँ নিনাচ মসযযোভ शनि दोष शांत 7 8 কাল নিল মিলা কময সিঞ্সিন সল ম 3ঞ্মিঐক जल चढ़ाए ७  सभी मनोकामनाएं लंबी उम्र 9 आंकड़े के फूलों शिवलिंग पर दूब अर्पित करें की माला चढाएँ লঃসী নিনাম मंगल दोष शांत 12 पके चावलों से अखंडित चावल श्रृंगार करें (अक्षत) चढ़ाए दान कष्टों से मुक्ति संतान सफलता 14 13 गेहूं या 7 शिवलिंग पर चावल रोज़ धतूरा चढ़ाएँ का दान करें हर हर महादेव 35 নসঃথিবায - ShareChat
#🌷शुभ सोमवार ✨ क्या आप पूरे वैशाख महीने में पूजा या स्नान का नियम नहीं निभा पाए? निराश न हों! ✨ शास्त्रों के अनुसार, वैशाख मास की केवल अंतिम 3 तिथियां आपको पूरे महीने का पुण्य दिला सकती हैं! जानिए इन 3 चमत्कारी दिनों (पुष्करिणी) का गहरा रहस्य... 👇 पोस्ट का मुख्य हिस्सा: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तीन तिथियों (त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा) को अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। शास्त्रों में इन्हें "पुष्करिणी" कहा गया है। आइए जानते हैं इनका अद्भुत महत्व: 💧 १. पुष्करिणी तिथियों का रहस्य क्या है? पूर्वकाल में वैशाख मास की: एकादशी को समुद्र मंथन से शुभ अमृत प्रकट हुआ। द्वादशी को भगवान विष्णु ने उस अमृत की रक्षा की। त्रयोदशी को श्रीहरि ने देवताओं को अमृत-पान कराया। चतुर्दशी को देव-विरोधी दैत्यों का संहार किया गया। पूर्णिमा के दिन देवताओं को उनका साम्राज्य वापस मिल गया। इसीलिए प्रसन्न होकर देवताओं ने इन 3 तिथियों को वरदान दिया था। 🎁 २. देवताओं का विशेष वरदान: देवताओं ने वरदान दिया कि जो मनुष्य पूरे वैशाख मास में स्नान-दान या नियम नहीं कर सका, वह यदि केवल इन अंतिम तीन दिनों (त्रयोदशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा) में भी स्नान और कामनाओं का संयम कर ले, तो उसे पूरे महीने का फल प्राप्त होगा! 📖 ३. इन 3 दिनों में क्या करें और उनका फल? गीता पाठ: जो इन तीन दिनों में गीता का पाठ करता है, उसे प्रतिदिन अश्वमेघ-यज्ञ का फल मिलता है। विष्णु सहस्त्रनाम: इन तीनों दिन सहस्त्रनाम का पाठ करने वाले और पूर्णिमा को भगवान मधुसूदन को दूध से स्नान कराने वाले मनुष्य पापमुक्त होकर सीधे वैकुण्ठ धाम जाते हैं। श्रीमद्भागवत पाठ: प्रतिदिन भागवत के आधे या चौथाई श्लोक का पाठ करने से मनुष्य मोक्ष को प्राप्त होता है। वह जल में कमल के पत्ते की तरह पापों से मुक्त रहता है। 🌟 ४. मोक्ष का मार्ग: राजर्षि अम्बरीष और मिथिलापति राजा जनक जैसे महान राजाओं ने भी इन्हीं नियमों का पालन करके मोक्ष (परम गति) प्राप्त किया था। जो व्यक्ति इस कथा को सुनता, पढ़ता या अपने घर में रखता है, उसके लिए मुक्ति का मार्ग स्वयं खुल जाता है। वैशाख के इन पावन दिनों का लाभ उठाएं और स्नान, दान व भगवत्पूजन अवश्य करें! कमेंट्स में "जय श्री हरि" 🌷 या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" लिखकर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करें। इस दुर्लभ और कल्याणकारी जानकारी को अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर (Share) करके उन्हें भी पुण्य कमाने का अवसर दें। 🙏🔄 . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🙏चारधाम यात्रा🛕 #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 #🌺राधा कृष्ण💞 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/ #👏भगवान विष्णु😇
🌷शुभ सोमवार - वैशाख मास की अंतिम तीन तिथियों का महत्व' १: पुष्करिणी - पापों का नाश करने वाली तिथियाँ (तीन दिन पूरे महीने का फल) त्रयोदशी पूर्णिमा चतुर्दशी संपूर्ण मास स्नान न करने पर भी, इन 3 तिथियों में स्नान से पूर्ण फल मिलता है। ३ दिनों का प्रभाव व देवताओं का वरदान श्रीमद्भागवत श्रवणः विष्णु " गीता पाठः सहस्त्रनाम पाठः वैकुण्ठ  पापहीन जल से कमल पत्ते समान निर्लिप्त प्रतिदिन अश्वमेष यज्ञ का फल থ্রাস पूर्णिमा को सहस्त्रनाम से दूध से नहलाना भगवान को { पुत्र॰ पौत्रादि फल दें। देवताओं ने प्रसन्न होकर वर दियाः ये तिथियाँ पापों का नाश और मोक्ष व ब्रह्मत्व प्राप्ति मोक्ष स्नान, दान व भगवत्पूजन ब्रह्मज्ञान বম্মপান কী সাদ इन तिथियों के सेवन से मनुष्यों ने देवत्व , सिद्धत्व व ब्रह्मत्व प्राप्त किया। वैशाख अंतिम तीन दिन स्नान, दान और भगवत्पूजन अवश्य करें! जय श्री हरि वैशाख मास की अंतिम तीन तिथियों का महत्व' १: पुष्करिणी - पापों का नाश करने वाली तिथियाँ (तीन दिन पूरे महीने का फल) त्रयोदशी पूर्णिमा चतुर्दशी संपूर्ण मास स्नान न करने पर भी, इन 3 तिथियों में स्नान से पूर्ण फल मिलता है। ३ दिनों का प्रभाव व देवताओं का वरदान श्रीमद्भागवत श्रवणः विष्णु " गीता पाठः सहस्त्रनाम पाठः वैकुण्ठ  पापहीन जल से कमल पत्ते समान निर्लिप्त प्रतिदिन अश्वमेष यज्ञ का फल থ্রাস पूर्णिमा को सहस्त्रनाम से दूध से नहलाना भगवान को { पुत्र॰ पौत्रादि फल दें। देवताओं ने प्रसन्न होकर वर दियाः ये तिथियाँ पापों का नाश और मोक्ष व ब्रह्मत्व प्राप्ति मोक्ष स्नान, दान व भगवत्पूजन ब्रह्मज्ञान বম্মপান কী সাদ इन तिथियों के सेवन से मनुष्यों ने देवत्व , सिद्धत्व व ब्रह्मत्व प्राप्त किया। वैशाख अंतिम तीन दिन स्नान, दान और भगवत्पूजन अवश्य करें! जय श्री हरि - ShareChat
🌸 जब नन्हे कान्हा ने मुँह में रख लिया नंदबाबा का 'शालिग्राम'! जानिए इसके बाद क्या अद्भुत चमत्कार हुआ... 🌸 नंदबाबा स्नान के बाद गहरी आस्था से शालिग्राम जी की पूजा में मग्न थे। माता यशोदा ने सारी पूजन-सामग्री सजा दी थी। तभी नन्हे, नटखट कान्हा चुपके से आकर बाबा के पास बैठ गए, और बाबा को इसका तनिक भी आभास नहीं हुआ। 🤫 कान्हा की नटखट लीला: जैसे ही नंदबाबा ने ध्यान लगाने के लिए अपनी आँखें बंद कीं, बाल कृष्ण ने पूजा स्थल से शालिग्राम जी को उठाया और सीधे अपने छोटे से मुँह में रख लिया! फिर बिल्कुल मासूम और निश्छल सा मुख बनाकर चुपचाप बैठ गए। 😧 कहाँ गए शालिग्राम जी?: जब नंदबाबा ने नेत्र खोले तो देखा कि सामने से शालिग्राम जी गायब हैं! वे चकित होकर बोले- "अरे! अभी-अभी तो मैं पूजा कर रहा था, भगवान सहसा कहाँ अंतर्धान हो गए?" व्याकुल होकर उन्होंने यशोदा मैया को पुकारा। ✨ मुख में ब्रह्मांड के दर्शन: मैया की नज़र तुरंत कान्हा की रहस्यमयी मंद-मंद मुस्कान पर पड़ी। मैया को समझते देर न लगी! नंदबाबा ने प्यार से समझाते हुए कहा- "लला, तुमने शालिग्राम मुँह में क्यों रखा? ये तो भगवान हैं, इनकी पूजा की जाती है।" और जैसे ही नंदबाबा ने कान्हा का मुँह खुलवाया... वे जड़ और हतप्रभ रह गए! उस नन्हे से मुख के अंदर शालिग्राम जी नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड (तीनों लोक) दृष्टिगोचर हो रहे थे! 💖 पिता का वात्सल्य: उसी क्षण नंदबाबा को महर्षि गर्ग के वचन स्मरण हो आए। वे अवाक् रह गए और प्रेम से गदगद होकर लाडले पुत्र को तुरंत गोद में उठाकर छाती से लगा लिया। उनके नेत्रों से हर्ष के आंसू बहने लगे। मैया यशोदा भले ही यह रहस्य न समझ पाईं, लेकिन इस अलौकिक पिता-पुत्र प्रेम को देखकर उनका रोम-रोम पुलकित हो उठा। 💡 हमारे लिए अद्भुत सार: हम ईश्वर को एक छोटी सी मूर्ति में पूजते हैं और उन्हें ब्रह्मांड का रक्षक मानते हैं, लेकिन वास्तव में यह संपूर्ण ब्रह्मांड उसी परमेश्वर के भीतर समाया हुआ है। बालकृष्ण की यह लीला उनकी अनंतता और बाल-सुलभ मासूमियत का अद्भुत संगम है। राधे राधे 🙏 | जय श्री कृष्ण 🦚 👇 बालकृष्ण की इस अद्भुत लीला पर प्रेम से कमेंट्स में लिखें 'जय श्री कृष्ण'! . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌺राधा कृष्ण💞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏चारधाम यात्रा🛕 #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/ #🌷शुभ रविवार
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🏹 श्रीराम ने बालि का वध क्यों किया? और मरते समय बालि ने अंगद को कौन सी 3 जीवनदायिनी बातें बताईं? 🚩 रामायण का यह प्रसंग केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है। जब प्रभु श्रीराम के बाण से घायल होकर बालि धरती पर गिर पड़ा, तब उसने अपने पुत्र अंगद को जीवन के 3 सबसे बड़े रहस्य बताए, जो आज भी हर इंसान को बुरे समय से बचा सकते हैं: ✨ मरते समय बालि द्वारा अंगद को दी गई 3 सीख: देश, काल और परिस्थिति का ज्ञान: हमेशा समय, स्थान और हालात को समझकर ही कोई कदम उठाओ। व्यवहार कुशलता: कब, कहां और किसके साथ कैसा आचरण करना है, इसका सही निर्णय लेना सबसे जरूरी है। सहनशीलता और क्षमाभाव: जीवन में सुख-दुख और पसंद-नापसंद को समान भाव से सहना सीखो। क्षमाभाव अपनाकर सुग्रीव के साथ रहना। ⚖️ श्रीराम ने बालि को बताईं धर्म की 4 बातें: जब बालि ने श्रीराम से पूछा कि धर्म की रक्षा करने वाले प्रभु ने उसे बाण क्यों मारा, तब श्रीराम ने उसे धर्म का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाया: "अनुज बधू भगिनी सुत नारी। सुनु सठ कन्या सम ए चारी॥" (हे मूर्ख! छोटे भाई की पत्नी, अपनी बहन, पुत्र की वधू और अपनी पुत्री— ये चारों समान हैं।) प्रभु ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति इन चारों पर कुदृष्टि (बुरी नजर) डालता है, उसका वध करने में कोई पाप नहीं है। बालि ने अपने सगे भाई सुग्रीव की पत्नी को बलपूर्वक अपने पास रखा था, और यही महापाप उसके अंत का कारण बना। 🌸 तारा को परम ज्ञान: जब बालि की पत्नी तारा विलाप करने लगीं, तब श्रीराम ने उन्हें जीवन का अटल सत्य बताया— यह शरीर पंचतत्व (पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु) से बना है और नश्वर है, परंतु आत्मा अजर-अमर है। इसलिए देह त्याग पर शोक नहीं करना चाहिए। ⛰️ क्या आप जानते हैं? बालि ऋष्यमूक पर्वत पर क्यों नहीं जा सकता था? बालि ने 1000 हाथियों का बल रखने वाले पर्वत के आकार के 'दुंदुभि' नामक मायावी असुर का वध करके उसका शव हवा में फेंक दिया था। शव के रक्त की बूंदें मतंग मुनि के आश्रम में जा गिरीं, जिससे आश्रम अपवित्र हो गया। तब क्रोधित होकर मतंग मुनि ने श्राप दिया था कि यदि बालि कभी इस क्षेत्र में आया, तो उसका नाश हो जाएगा। इसी श्राप के कारण बालि वहां नहीं जा सकता था और सुग्रीव ने वहां सुरक्षित शरण ले रखी थी। 💡 सार: रामायण की यह अद्भुत कथा हमें धर्म, धैर्य, मर्यादा और कर्मों के फल का सर्वोच्च पाठ पढ़ाती है। राधे राधे 🙏 | जय श्री राम 🌺 🚩।। जय जय सियाराम ।।🚩 🚩।। जय बजरंगबली ।।🚩 . 🚩 !! जय जय श्री राम !!🚩 ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🚩जय श्रीराम🙏 #🌷शुभ रविवार #🌸जय सिया राम #🙏चारधाम यात्रा🛕 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/ #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏
🚩जय श्रीराम🙏 - रामायण कथाः श्रीराम और बालि का संवाद शश्रीराम के चार वचन' पुन्न की पली और "छोटे भाई की पत्नी , वहनः पुन्नी , ये सव समान होती हे ओर जो व्यक्ति इन्हें बुरी नजर से देखता है, उसे मारवे पें कुछ भी पाप नहीं होता है। " "तूने अपने भाई सुग़ीव की पत्नी पर बुरी नजर रखी और सुरीव को मारना चाहा। इस पाप के कारण तुझे बाण मारा है। " शिंगदको जञान की तीन वार्तः देसः काल और परिल्बिति को सबझो; किलके साथ कव कहा औीरकेसा ख्वहार करें३ सख दुःख पचद नायसठ কী মচন কযত शीमम ने तारा को ज्ञान दिया कि यह शरीर जल. अफि. आकाश ओीर वायु पृथ्वी  बालि और मतंग मुनि का श्राप से मिलकर बना ढे। बालि का शरीर तुव्हारि सानने सोबा हेः लेकिन उलकी आतमा अबर BALIAND MATANGA MUNIS GURSE हतो विलाप नईी करना चाहिए। "  दुंदुगि मारा ग्या तो "sd ননিীওনক বান কা ৪না ঐ फॅक दिवा। शवसेरक्की बूंदें बतंग बुनि के आश्रम में जा गिर्रा। मतंग यनि के आअम में आ गिर्री। कोबित होकर मुनि ने आप दिया कि जिसने बेरे आग्म को अपविन्न कियाझ चह इस रेन्न रस नआए अन्यया उसका नारा हो जाएगा। राधे राथे रामायण कथाः श्रीराम और बालि का संवाद शश्रीराम के चार वचन' पुन्न की पली और "छोटे भाई की पत्नी , वहनः पुन्नी , ये सव समान होती हे ओर जो व्यक्ति इन्हें बुरी नजर से देखता है, उसे मारवे पें कुछ भी पाप नहीं होता है। " "तूने अपने भाई सुग़ीव की पत्नी पर बुरी नजर रखी और सुरीव को मारना चाहा। इस पाप के कारण तुझे बाण मारा है। " शिंगदको जञान की तीन वार्तः देसः काल और परिल्बिति को सबझो; किलके साथ कव कहा औीरकेसा ख्वहार करें३ सख दुःख पचद नायसठ কী মচন কযত शीमम ने तारा को ज्ञान दिया कि यह शरीर जल. अफि. आकाश ओीर वायु पृथ्वी  बालि और मतंग मुनि का श्राप से मिलकर बना ढे। बालि का शरीर तुव्हारि सानने सोबा हेः लेकिन उलकी आतमा अबर BALIAND MATANGA MUNIS GURSE हतो विलाप नईी करना चाहिए। "  दुंदुगि मारा ग्या तो "sd ননিীওনক বান কা ৪না ঐ फॅक दिवा। शवसेरक्की बूंदें बतंग बुनि के आश्रम में जा गिर्रा। मतंग यनि के आअम में आ गिर्री। कोबित होकर मुनि ने आप दिया कि जिसने बेरे आग्म को अपविन्न कियाझ चह इस रेन्न रस नआए अन्यया उसका नारा हो जाएगा। राधे राथे - ShareChat
🌺 क्या भगवान भी अपने भक्त के कर्जदार हो सकते हैं? बांके बिहारी के एक निस्वार्थ भक्त की रुला देने वाली कथा! 🥺 यह कहानी एक ऐसे परम भक्त की है, जिसने जीवन भर केवल प्रभु का नाम जपा, लेकिन कभी अपने लिए एक तिनका तक नहीं मांगा। उनकी निष्काम भक्ति इतनी प्रबल थी कि एक दिन ऐसा चमत्कार हुआ जो किसी ने सोचा भी नहीं था! 😢 दर्शन न मिलने की पीड़ा: एक दिन वह भक्त बांके बिहारी मंदिर गए, लेकिन उन्हें प्रभु के दर्शन नहीं हुए। इस बात से वे इतने आहत हुए कि उन्हें लगा शायद उनके पाप बहुत बढ़ गए हैं और भगवान उनसे रूठ गए हैं। इसी भारी आत्मग्लानि में वे यमुना जी में अपने प्राण त्यागने के लिए निकल पड़े। ✨ बांके बिहारी की अद्भुत लीला: तभी अंतर्यामी भगवान ने एक लीला रची। रास्ते में एक कोढ़ी उनके पास आया और मिन्नतें करके आशीर्वाद मांगने लगा। भक्त ने खुद को 'पापी' मानते हुए अनमने और दुखी भाव से ही कह दिया- "जाओ, स्वस्थ हो जाओ।" और चमत्कार देखिए... वह कोढ़ी उसी क्षण पूरी तरह ठीक हो गया! 🦚 प्रभु का प्रकटीकरण और अद्भुत रहस्य: कोढ़ी के ठीक होते ही साक्षात् बांके बिहारी प्रकट हो गए! जब भक्त ने रोते हुए दर्शन न देने का कारण पूछा, तो प्रभु ने जो कहा, वह सुनकर आपकी भी आंखें छलक आएंगी। भगवान ने कहा- "हे भक्त! तुम्हारी निष्काम भक्ति के कारण मैं तुम्हारा 'ऋणी' (कर्जदार) हो गया था। तुम्हारे पुण्य इतने अधिक बढ़ गए थे कि मुझे तुम्हारे सामने आने में संकोच हो रहा था। कोढ़ी को आशीर्वाद देकर तुमने अपने पुण्यों का कुछ अंश खर्च कर दिया, जिससे मेरा भारी ऋण थोड़ा कम हुआ और मैं तुम्हें दर्शन दे पाया।" 💡 हमारे लिए सबसे गहरी सीख: बिना किसी स्वार्थ के की गई सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह स्वयं भगवान को भी प्रेम के बंधन में बांध लेती है। भगवान केवल भाव के भूखे हैं और अपने निष्काम भक्त के हमेशा ऋणी रहते हैं। राधे राधे 🙏 | जय बांके बिहारी लाल की 🌺 👇 क्या बांके बिहारी की इस अद्भुत लीला ने आपके भी हृदय को छू लिया? कमेंट्स में 'जय बांके बिहारी' जरूर लिखें! . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌺राधा कृष्ण💞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🚩जय श्रीराम🙏 #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 #🌷शुभ रविवार https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🌺राधा कृष्ण💞 - निस्वार्थ भक्ति और भगवान का ऋण दर्शननपाकर्यमुना भक्तने स्वयको पापी मान ्ेंप्राणत्यागने चला कोढ़ी को स्वस्थ होने का आशीर्वाद வ5 कोढ़ी स्वस्थ हुआ। 43' भगवान प्रकटहुए और रहस्य खोला। निष्काम भक्ति के कारण मैं तुम्हारा तुम्हारी ' মন সIানদ্ ম' पुण्य इतने बढ़ गए ऋणी हो कि सामने में संकोच हो रहा था। য৪ য৪ निस्वार्थ भक्ति और भगवान का ऋण दर्शननपाकर्यमुना भक्तने स्वयको पापी मान ्ेंप्राणत्यागने चला कोढ़ी को स्वस्थ होने का आशीर्वाद வ5 कोढ़ी स्वस्थ हुआ। 43' भगवान प्रकटहुए और रहस्य खोला। निष्काम भक्ति के कारण मैं तुम्हारा तुम्हारी ' মন সIানদ্ ম' पुण्य इतने बढ़ गए ऋणी हो कि सामने में संकोच हो रहा था। য৪ য৪ - ShareChat
🌺 क्या भगवान भी अपने भक्त के कर्जदार हो सकते हैं? बांके बिहारी के एक निस्वार्थ भक्त की रुला देने वाली कथा! 🥺 यह कहानी एक ऐसे परम भक्त की है, जिसने जीवन भर केवल प्रभु का नाम जपा, लेकिन कभी अपने लिए एक तिनका तक नहीं मांगा। उनकी निष्काम भक्ति इतनी प्रबल थी कि एक दिन ऐसा चमत्कार हुआ जो किसी ने सोचा भी नहीं था! 😢 दर्शन न मिलने की पीड़ा: एक दिन वह भक्त बांके बिहारी मंदिर गए, लेकिन उन्हें प्रभु के दर्शन नहीं हुए। इस बात से वे इतने आहत हुए कि उन्हें लगा शायद उनके पाप बहुत बढ़ गए हैं और भगवान उनसे रूठ गए हैं। इसी भारी आत्मग्लानि में वे यमुना जी में अपने प्राण त्यागने के लिए निकल पड़े। ✨ बांके बिहारी की अद्भुत लीला: तभी अंतर्यामी भगवान ने एक लीला रची। रास्ते में एक कोढ़ी उनके पास आया और मिन्नतें करके आशीर्वाद मांगने लगा। भक्त ने खुद को 'पापी' मानते हुए अनमने और दुखी भाव से ही कह दिया- "जाओ, स्वस्थ हो जाओ।" और चमत्कार देखिए... वह कोढ़ी उसी क्षण पूरी तरह ठीक हो गया! 🦚 प्रभु का प्रकटीकरण और अद्भुत रहस्य: कोढ़ी के ठीक होते ही साक्षात् बांके बिहारी प्रकट हो गए! जब भक्त ने रोते हुए दर्शन न देने का कारण पूछा, तो प्रभु ने जो कहा, वह सुनकर आपकी भी आंखें छलक आएंगी। भगवान ने कहा- "हे भक्त! तुम्हारी निष्काम भक्ति के कारण मैं तुम्हारा 'ऋणी' (कर्जदार) हो गया था। तुम्हारे पुण्य इतने अधिक बढ़ गए थे कि मुझे तुम्हारे सामने आने में संकोच हो रहा था। कोढ़ी को आशीर्वाद देकर तुमने अपने पुण्यों का कुछ अंश खर्च कर दिया, जिससे मेरा भारी ऋण थोड़ा कम हुआ और मैं तुम्हें दर्शन दे पाया।" 💡 हमारे लिए सबसे गहरी सीख: बिना किसी स्वार्थ के की गई सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह स्वयं भगवान को भी प्रेम के बंधन में बांध लेती है। भगवान केवल भाव के भूखे हैं और अपने निष्काम भक्त के हमेशा ऋणी रहते हैं। राधे राधे 🙏 | जय बांके बिहारी लाल की 🌺 👇 क्या बांके बिहारी की इस अद्भुत लीला ने आपके भी हृदय को छू लिया? कमेंट्स में 'जय बांके बिहारी' जरूर लिखें! . 🪷।। राधे राधे ।।🪷 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌷शुभ रविवार #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 #🌺राधा कृष्ण💞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🚩जय श्रीराम🙏 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🌷शुभ रविवार - जी महाराज  दास  ही प्रभु सेवाः = की सेवा  कथा 4 எுளித#f (ढ्ार बंद ) मोग ओर शवन युक मया की सेवा करने वाला, भगवान को सबसे अधिक प्रिय होता है। ' भक्त राधे राधे जी महाराज  दास  ही प्रभु सेवाः = की सेवा  कथा 4 எுளித#f (ढ्ार बंद ) मोग ओर शवन युक मया की सेवा करने वाला, भगवान को सबसे अधिक प्रिय होता है। ' भक्त राधे राधे - ShareChat