Kalyan Singh  Chauhan "Dil"
ShareChat
click to see wallet page
@kalyan1028
kalyan1028
Kalyan Singh Chauhan "Dil"
@kalyan1028
हम कुछ नहीं, हमारा कुछ नहीं। सब मेरे प्रभु का।
#🙏प्रातः वंदन https://www.facebook.com/share/p/18LjSmnqKX/
🙏प्रातः वंदन - ShareChat
Facebook
#🙏प्रातः वंदन
🙏प्रातः वंदन - 6#R =6, प्रभु आपका अपनापन प्रति व हमारे मन में भी आपका आदरभाव हमेशा बनाएं रखें। 4 6#R =6, प्रभु आपका अपनापन प्रति व हमारे मन में भी आपका आदरभाव हमेशा बनाएं रखें। 4 - ShareChat
#🙏प्रातः वंदन https://www.facebook.com/share/p/1CP82xWPDK/
🙏प्रातः वंदन - ShareChat
Facebook
#🙏प्रातः वंदन
🙏प्रातः वंदन - बहुत छोटी सी, সম্মাভ ম पृथ्वी पर कोई देश , उस देश का पृथ्वी कोई प्रदेश , उस प्रदेश का कोई जिला, उस का कोई गांव / शहर, उस गांव का कोई घर, उस घर में मनुष्य सुई की रहने वाला कोई नोक के बराबर भी नहीं है। पर इंसान का घमंड ब्रह्मांड से लिए। भी बड़ा किस 4 बहुत छोटी सी, সম্মাভ ম पृथ्वी पर कोई देश , उस देश का पृथ्वी कोई प्रदेश , उस प्रदेश का कोई जिला, उस का कोई गांव / शहर, उस गांव का कोई घर, उस घर में मनुष्य सुई की रहने वाला कोई नोक के बराबर भी नहीं है। पर इंसान का घमंड ब्रह्मांड से लिए। भी बड़ा किस 4 - ShareChat
#🙏प्रातः वंदन https://www.facebook.com/share/p/1CLnpdQ52S/
🙏प्रातः वंदन - ShareChat
Facebook
#🙏प्रातः वंदन
🙏प्रातः वंदन - कभी खुशी, कभी दुःख, कभी बसंत बहार, कभी सुलगती चिंगारी के साथ सरल जीवन जीना भी साधना है। 4 कभी खुशी, कभी दुःख, कभी बसंत बहार, कभी सुलगती चिंगारी के साथ सरल जीवन जीना भी साधना है। 4 - ShareChat
#🙏प्रातः वंदन https://www.facebook.com/share/p/17aYwcnGws/
🙏प्रातः वंदन - ShareChat
Facebook
#🙏प्रातः वंदन
🙏प्रातः वंदन - शरीर स्वस्थ है तो, सब सुख, खुशियां आपनी हैं, वरना आती जाती श्वांशें भी बेकार। शरीर स्वस्थ है तो, सब सुख, खुशियां आपनी हैं, वरना आती जाती श्वांशें भी बेकार। - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह https://www.facebook.com/share/p/1HKSkW3is4/
📚कविता-कहानी संग्रह - ShareChat
Facebook
#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - रास्ते का पत्थर कभी रुका करो, ठहरा करो। रास्ते पर पडे़, पत्थरों के पास। कोई इन से ठोकर खाकर संभलकर चलने की कला सीख जीवन में ऊंचाइयां पा गया। कोई अपनी मौज में इन्हें ठोकर मार परेशानियों को अपने साथ ले गया। कल्याण सिंह चौहान " दिल" से रास्ते का पत्थर कभी रुका करो, ठहरा करो। रास्ते पर पडे़, पत्थरों के पास। कोई इन से ठोकर खाकर संभलकर चलने की कला सीख जीवन में ऊंचाइयां पा गया। कोई अपनी मौज में इन्हें ठोकर मार परेशानियों को अपने साथ ले गया। कल्याण सिंह चौहान " दिल" से - ShareChat